एबीएन सेंट्रल डेस्क। ऐतिहासिक भारत अमेरिका टैरिफ डील के ऐलान के बाद आज एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान किया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने एनडीए की ओर से पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता भारत की आर्थिक शक्ति, कूटनीतिक क्षमता और वैश्विक प्रभाव का प्रमाण है। उन्होंने इसे नये युग की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी करार दिया।
वहीं एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए हाल ही में हुई भारत अमेरिका ट्रेड डील को बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से देश के लिए एक बेहद सकारात्मक माहौल बना है। पीएम ने कहा कि आलोचनाओं के बावजूद सरकार ने धैर्य रखा और धैर्य का ही परिणाम है कि आज यह ऐतिहासिक डील संभव हो पायी।
बैठक में पीएम मोदी ने अनुशासन और संसद में सक्रिय उपस्थिति पर जोर देते हुए कहा कि सभी एनडीए सांसद हर दिन सदन में मौजूद रहें और चर्चा में पूरी भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार की जवाबदेही नहीं, बल्कि सांसदों की भी जिम्मेदारी है कि वे विधायी प्रक्रिया को मजबूत बनायें।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाएं और बजट की उपलब्धियों और लाभों को जनता तक पहुंचायें। उन्होंने कहा कि यह समय है जब आम लोगों को बताया जाये कि बजट में किन उपायों से उनके जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
ट्रेड डील का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी निर्माण क्षमता मजबूत करनी होगी। उन्होंने कहा- मैन्युफैक्चरिंग बढ़े और देश में क्वालिटी प्रोडक्ट बनें यह समय की सबसे बड़ी मांग है। देश को अब मेड इन इंडिया की गुणवत्ता दुनिया के सामने रखनी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बीते कुछ समय में भारत ने दुनिया के कई अहम देशों के साथ महत्वपूर्ण ट्रेड डील्स की हैं। उन्होंने सूची गिनाते हुए कहा-
रिजिजू ने कहा कि यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि दुनिया में भारत का कद निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इतने देशों का भारत के साथ साझेदारी आगे बढ़ाने की इच्छा दिखाना हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व की सफलता है। उनके अनुसार, इन ट्रेड डील्स से भारत को आने वाले वर्षों में बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
बता दें कि सोमवार रात वर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर बड़ा ऐलान किया। ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया, जिसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद की, जिसके बाद उन्होंने लिखा कि यह फैसला दोस्ती और सम्मान के आधार पर लिया गया है।
यह कटौती तुरंत प्रभाव से लागू होगी, और इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिका में स्पष्ट प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। खासतौर पर चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे एशियाई निर्यात प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले, जिन पर अब भी कहीं अधिक शुल्क लगता है।
टैरिफ में कमी के साथ ही अमेरिका ने वह 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी हटाया है जो भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर लगाया गया था। ट्रंप प्रशासन ने पुष्टि की कि भारत ने अब रूसी तेल खरीद रोकने और अमेरिकी ऊर्जा सहित कई श्रेणियों में बड़े पैमाने पर आयात बढ़ाने पर सहमति दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम एक बड़े आर्थिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल व्यापारिक अनिश्चितताओं को दूर करता है, बल्कि भारत अमेरिका रिश्तों में नये चरण की शुरुआत भी दर्शाता है। इस फैसले से भारतीय बाजार भावना सुधरी है और निर्यात उन्मुख उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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