कानून व्यवस्था

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Published / 2026-02-03 21:17:20
दावा: पीएफ के नये नियमों से टैक्स का झंझट खत्म, अब निवेश व रिटर्न पाना होगा और आसान

ईपीएफओ ने कहा कि बजट में सरकार के बदलाव कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए फायदेमंद होंगे, क्योंकि अब नियम एक जैसे हैं, जिसे समझने में भी आसान होगी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने केंद्रीय बजट 2026-27 में पीएफ से जुड़े टैक्स नियमों को आसान और सरल बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। मंगलवार को जारी बयान में कहा गया कि ये बदलाव कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए फायदेमंद होंगे, क्योंकि अब नियम एक जैसे और समझने में आसान हो जायेंगे। 

पहले इनकम टैक्स के नियम और कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 में काफी फर्क था। खासकर प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट्स के लिए टैक्स छूट की पात्रता, निवेश के तरीके और एम्प्लॉयर के योगदान की सीमा अलग-अलग थी। इस वजह से कंपनियों और कर्मचारियों को काफी उलझन होती थी और कई बार अनावश्यक कानूनी झंझट भी बढ़ जाते थे। 

छूट के नियम अब एक जैसे होंगे 

बजट में अब नियम ये हैं कि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की स्केड्यूल क के तहत मान्यता पाने वाले प्रोविडेंट फंड्स को केवल तभी मान्यता मिलेगी जब उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम की धारा 17 के तहत छूट हासिल कर ली हो। धारा 17 के तहत कंपनियां मासिक ईपीएफ रिटर्न फाइल करने और कर्मचारियों के खातों को मेंटेन करने से छूट मांग सकती हैं। इसका मतलब है कि अब टैक्स छूट और कानूनी छूट एक ही आधार पर मिलेगी, जिससे दोहरी व्यवस्था खत्म हो जायेगी। 

निवेश के नियम ईपीएफाओ के अनुसार होंगे 

पहले इनकम टैक्स के नियमों में पीएफ फंड्स के निवेश का तरीका अलग था और सरकारी सिक्योरिटीज में 50% की सख्त सीमा लगी थी। अब ये सीमा हटा दी गई है। आगे निवेश के नियम पूरी तरह ईपीएफओ के फ्रेमवर्क और उससे जुड़े नियमों के हिसाब से होंगे। इससे पीएफ फंड्स को ज्यादा लचीलापन मिलेगा और वे बेहतर रिटर्न के लिए सही जगह निवेश कर सकेंगे। 

एम्प्लॉयर के योगदान पर नयी सीमा 

अब एम्प्लॉयर का पीएफ में योगदान सालाना 7.5 लाख रुपये तक सीमित रहेगा। इस सीमा तक का योगदान टैक्स-फ्री होगा, लेकिन इससे ज्यादा होने पर अतिरिक्त राशि पर टैक्स लगेगा और उसे परक्विजिट माना जायेगा। पहले योगदान पर कुछ प्रतिशत वाली सीमाएं और एम्प्लॉयी-एम्प्लॉयर के बराबर योगदान की शर्तें थीं, जो अब हटा दी गई हैं। 

ईपीएफओ ने कहा है कि बजट के इन बदलावों से पीएफ से जुड़े नियम अब पूरी तरह कानून के अनुसार हो गये हैं। इससे कर्मचारियों, कंपनियों और ट्रस्ट्स को राहत मिलेगी और झंझट कम होंगे। यह कदम रिटायरमेंट सेविंग्स को मजबूत और आसान बनाने के लिए बहुत अहम है।

Published / 2026-01-31 18:11:13
रांची : सड़क पर शोर मचाने वाले यंत्रों को किया गया नष्ट

रांची में मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर चला पुलिस का रोड रोलर, लोगों के लिए सख्त संदेश 

टीम एबीएन, रांची। रांची की सड़कों पर मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के जरिए लोगों को परेशान करने वालों पर रांची पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों से जब्त किये गये सैकड़ों मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न को प्रशासन ने रोड रोलर चलाकर नष्ट कर दिया। 

मॉडिफाइड साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न लगाना मोटर वाहन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन 

बीते कुछ दिनों से रांची पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ट्रैफिक जागरूकता अभियान के तहत ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जा रही थी, जिनमें प्रेशर हॉर्न और मोडिफाइड साइलेंसर लगाये गये थे। कार्रवाई के दौरान जब्त किये गये इन उपकरणों को शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से नष्ट किया गया, ताकि नियम तोड़ने वालों को कड़ा संदेश दिया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शौक और स्टाइल के नाम पर वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की जा रही थी, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 

खासकर तेज और कर्कश आवाज वाले साइलेंसर और हॉर्न से शहर का माहौल प्रभावित हो रहा था। ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाना मोटर वाहन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसे उपकरणों से अत्यधिक डेसीबल की आवाज निकलती है, जो न केवल परेशान करने वाली होती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक है। 

वे इस तरह के साइलेंसर और हॉर्न का इस्तेमाल न करें 

पुष्कर ने लोगों से अपील की कि वे इस तरह के साइलेंसर और हॉर्न का इस्तेमाल न करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। वहीं, रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में खासकर युवा वर्ग द्वारा प्रेशर हॉर्न और मोडिफाइड साइलेंसर का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा था। यह न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों को भी काफी दिक्कत होती है। 

इसी को लेकर लगातार अभियान चलाया गया, जिसमें सैकड़ों साइलेंसर और हॉर्न जब्त किये गये। ट्रैफिक एसपी ने बताया कि आज डेमोंस्ट्रेशन के तौर पर इन सभी जब्त सामानों को नष्ट किया गया, ताकि यह साफ संदेश दिया जा सके कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

Published / 2026-01-06 19:24:03
अब मार्च तक रांची-लोहरदगा-टोरी रेल मार्ग पर नहीं चलेगी ट्रेन

कोयल नदी रेल पुल के पिलरों में आयी दरार, रांची-लोहरदगा-टोरी रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन मार्च तक बंद; यात्री बेहाल 

टीम  एबीएन, रांची। रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर स्थित कोयल नदी रेलवे पुल संख्या 115 में आयी तकनीकी खामी के बाद इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन फिलहाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुल के पिलर संख्या चार और पांच में दरार पाये जाने के बाद सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया।

मंगलवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्र ने तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के साथ पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। महाप्रबंधक विशेष निरीक्षण यान (स्पीक कोच) से लोहरदगा पहुंचे और कोयल नदी पुल पर करीब दो घंटे तक स्थिति का जायजा लिया।             

15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग का कार्य पूरा होगा 

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले पिलर संख्या पांच की मरम्मत को प्राथमिकता दी जायेगी। इसके बाद पिलर संख्या छह और सात को भी दुरुस्त किया जायेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग का कार्य पूरा कर लिया जायेगा, ताकि मरम्मत कार्य में किसी तरह की तकनीकी कमी न रह जाये।    

मेमू ट्रेन इरगांव तक चलेगी     

रेलवे का लक्ष्य है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक सीमित रूप में ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाये, जबकि पुल की संपूर्ण मरम्मत और मजबूती का कार्य मई 2026 तक पूरा किया जायेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा की है। 

लोहरदगा स्टेशन से करीब सात किलोमीटर दूर इरगांव हॉल्ट तक मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन किया जायेगा। वहीं लोहरदगा से इरगांव तक यात्रियों के लिए बस सेवा उपलब्ध करायी जायेगी। इसके साथ ही लोहरदगा से टोरी के लिए कनेक्टिंग ट्रेन की व्यवस्था भी की जायेगी।  

ट्रेनों का परिचालन फिलहाल मार्च तक सस्पेंड        

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रांची से लोहरदगा के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन फिलहाल मार्च तक सस्पेंड रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मरम्मत कार्य के दौरान किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाया जायेगा। 

पुल की मरम्मत के लिए तीन से चार तकनीकी टीमें 24 घंटे लगातार काम करेंगी। साथ ही भविष्य में कोयल नदी पर नये पुल के निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

Published / 2026-01-05 19:25:42
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लातेहार ने की नशा मुक्त भारत अभियान में न्यायपालिका की पहल

जीवन को हां कहें, नशे को ना कहें : शेष नाथ सिंह 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। नालसा एवं झालसा के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेष नाथ सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लातेहार ने नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत सोमवार को प्रभात फेरी के साथ की। 

प्रभात फेरी के दौरान जीवन को हां कहें-नशे को न कहें, नशा छोड़ो-जीवन जोड़ो, नशा मुक्त युवा-सशक्त भारत जैसे जागरूकता नारों के माध्यम से आमजन को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। बैनर और तख्तियों के जरिए नशे के दुष्परिणामों तथा स्वस्थ जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। 

कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेष नाथ सिंह ने कहा कि नशा समाज और राष्ट्र दोनों के लिए घातक है। इससे युवा पीढ़ी का भविष्य प्रभावित होता है। नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य लोगों को जागरूक कर नशे की लत से बाहर निकालना तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण करना है। 

श्री सिंह ने कहा कि डालसा लातेहार लोगों को नषे के खिलाफ जागरूक एक बेहतर समाज का निर्माण कर नषा मुक्त झारखंड एवं नषा मुक्त भारत बनाने में अग्रीम भूमिका निभायेगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम का समापन नशा न करने की शपथ के साथ किया गया।  

ये हुए शामिल 

मौके पर पीडीजे सह डालसा अध्यक्ष शेष नाथ सिंह, उपायुक्त सह डालसा उपाध्यक्ष उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक सह डालसा सदस्य कुमार गौरव, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय सैयद सलीम फातमी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीष प्रथम दिनेश कुमार मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार दुबे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सुनिल दत्त द्विवेदी, सीजेएम विक्रम आनंद, एसीजेएम कुमारी जीव, सीनियर सिविल जज तृतीय सह न्यायिक दंडाधिकारी मीनाक्षी मिश्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रणव कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सह प्रभारी न्यायाधीश उत्कर्ष जैन, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शाहदेव, बार के सचिव संजय कुमार, मुख्यालय डीएसपी संजीव कुमार मिश्रा के अलावा बार एसोसिएशन के सदस्य, पैनल अधिवक्ता, मध्यस्थकर्ता, लीगल ऐड डिफेंस कांसिल के अधिवक्ता, पारा लीगल वालंटियर्स, व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी सहित जिला प्रसाशन के अधिकारी शामिल हुए।  उक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लातेहार के सचिव ने दी।

Published / 2025-12-29 22:19:36
नये साल में बदल रहे हैं ये नियम, यहां जानें...

  • नये साल में बदल रहे हैं ये नियम, यहां जानें...
  • 8वें वेतन आयोग से पैन-आधार तक, नये साल में बदलने वाले हैं ये बड़े नियम
  • 1 जनवरी 2026 से टैक्स, बैंकिंग, ईपीएफओ, राशन कार्ड और वेतन आयोग के कई नियम बदलेंगे
  •  जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।

एबीएन सेंट्रल डेस्क। नया साल 2026 कई अहम बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। 1 जनवरी से टैक्स, बैंकिंग, ईपीएफओ, राशन कार्ड और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। ये बदलाव आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और खर्चों पर सीधा असर डालेंगे।

पैन और आधार लिंक न होने पर बढ़ेगी परेशानी

अगर 31 दिसंबर 2025 तक पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कराया गया, तो 1 जनवरी 2026 से पैन कार्ड निष्क्रिय हो सकता है। इसके बाद बैंकिंग, इनकम टैक्स रिटर्न, लोन, निवेश और बड़े लेनदेन में दिक्कत आ सकती है। साथ ही जुमार्ना भी देना पड़ सकता है।

इनकम टैक्स से जुड़े नये नियम

नये साल में टैक्सपेयर्स के लिए राहत की उम्मीद है। सरकार नये इनकम टैक्स बिल के तहत टैक्स स्लैब और नियमों में बदलाव कर सकती है। इससे सैलरीड कर्मचारियों, छोटे कारोबारियों और आम करदाताओं को फायदा मिलने की संभावना है।

बैंकिंग और क्रेडिट सिस्टम में बदलाव

1 जनवरी 2026 से बैंकिंग सेक्टर में भी नए नियम लागू हो सकते हैं। अब क्रेडिट स्कोर हर हफ्ते अपडेट होगा, जो पहले 15 दिन में होता था। इसके अलावा एसबीआई, पीएनबी और एचडीएफसी जैसे बैंकों ने लोन और एफडी की ब्याज दरों में बदलाव किये हैं, जिनका असर नये साल से दिखेगा।

ईपीएफओ के नियम होंगे ज्यादा सरल

नौकरीपेशा लोगों के लिए ईपीएफओ ने विड्रॉल नियमों को आसान कर दिया है। अब निकासी को तीन कैटेगरी में बांटा गया है : जरूरी जरूरतें, घर से जुड़ी जरूरतें और खास परिस्थितियां। इससे कर्मचारियों को यह समझना आसान होगा कि कब और कितना पैसा निकाला जा सकता है।

राशन कार्ड से जुड़े काम होंगे आनलाइन

1 जनवरी के बाद राशन कार्ड से जुड़ी सुविधाएं पूरी तरह आनलाइन हो सकती हैं। नया राशन कार्ड बनवाना, नाम जोड़ना या हटाना और सुधार कराना अब घर बैठे किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

8वें वेतन आयोग से सैलरी बढ़ने की उम्मीद

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 2026 खुशखबरी ला सकता है। उम्मीद है कि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू किया जा सकता है। शुरूआती अनुमानों के अनुसार, सैलरी और पेंशन में 20 से 35 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभव है।

(नोट: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। सभी बदलाव सरकार की अंतिम अधिसूचना और आधिकारिक ऐलान पर निर्भर करेंगे।)

Published / 2025-12-28 21:42:13
रांची : अवैध व्यवसाय और निर्माण पर नगर निगम सख्त

  • अनाधिकृत निर्माण और अवैध व्यवसाय पर नगर निगम सख्त, कई भवनों की जांच-नोटिस जारी

टीम एबीएन, रांची। शहर में अनाधिकृत निर्माण, अतिक्रमण और बिना वैधानिक अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ रांची नगर निगम ने सख्ती तेज कर दी है। प्रशासक के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में रविवार को वार्ड संख्या–01 के कांके रोड, जवाहर नगर और मिशन गली क्षेत्र में तीन भवनों का भौतिक निरीक्षण किया गया, जहां नियमों के उल्लंघन के गंभीर मामले सामने आये।

निगम ने कहा कि बिना नक्शा पारित कराए किसी भी प्रकार का भवन निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके साथ ही रेजिडेंशियल होल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन भी नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर निर्माण और व्यवसाय संचालित किये जा रहे हैं, जिस पर अब नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है।

निरीक्षण के दौरान पहले भवन में Innovative Retail Concept Pvt. Ltd. द्वारा व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन पाया गया। लेकिन जांच के दौरान स्वीकृत भवन प्लान प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि संबंधित भवन वैधानिक अनुमति के आधार पर संचालित है या नहीं।

दूसरे भवन में हीरामनी देवी द्वारा सड़क मार्ग पर अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। जांच में यह भी पाया गया कि उक्त निर्माण के लिए कोई वैध नक्शा या अन्य आवश्यक वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। नगर निगम ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है, क्योंकि अतिक्रमण से न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा भी प्रभावित होती है।

तीसरा भवन लेक कैसल बिल्डिंग में बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के होटल का संचालन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान यहां भी स्वीकृत भवन प्लान और वैध ट्रेड लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराया गया। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति होटल या किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संचालन पूरी तरह गैरकानूनी है।

नगर निगम की टीम ने जांच के दौरान यह स्पष्ट किया कि संबंधित भवनों में संचालित गतिविधियां कमर्शियल होल्डिंग, स्वीकृत भवन प्लान और वैध ट्रेड लाइसेंस के आधार पर हैं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इसको लेकर सभी संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। 

नोटिस में 24 घंटे के भीतर सभी आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के साथ रांची नगर निगम कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम ने साफ किया है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है या आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं। 

झारखंड नगरपालिका अधिनियम–2011 और झारखंड भवन उपविधि–2016 के तहत विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित भवनों को सील करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। रांची नगर निगम ने अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गैरकानूनी व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने की बात दोहराई है।

निगम प्रशासन का कहना है कि शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और कानूनसम्मत बनाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नगर निगम ने आम नागरिकों और भवन स्वामियों से नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई से बचा जा सके।

Published / 2025-12-25 21:18:44
नो ड्यूज सर्टिफिकेट के बिना नहीं लड़ सकेंगे नगर निकाय चुनाव

नगर निकाय चुनाव : अगर नहीं किया ये काम तो प्रत्याशी नहीं लड़ पायेंगे चुनाव, आयोग ने जारी किया सख्त निर्देश 

टीम एबीएन, रांची। अगर आप नगर निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये काम जरूर कर लें। नहीं तो आपकी उम्मीदवारी रद हो सकती है। दरअसल, चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किया है। इसके तहत अगर आपके नाम पर उस क्षेत्र में नगर निगम या जिला प्रशासन के द्वारा अधिरोपित कोई टैक्स बकाया है, तो उसे समय पर चुका दें और नो ड्यूज सर्टिफिकेट ले लें। नहीं तो नगर निगम चुनाव के लिए आपकी उम्मीदवारी रद कर दी जायेगी। 

राज्य चुनाव आयोग ने आने वाले नगर निगम चुनावों को लेकर सभी जिलों को साफ निर्देश जारी किये हैं। आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद के अनुसार, जिस भी उम्मीदवार पर होल्डिंग टैक्स या किसी भी तरह का कोई और टैक्स बकाया है, उसे बकाया चुकाना आवश्यक है। सभी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय इस संबंध में एक शपथ पत्र देना करना होगा, यह अनिवार्य है। 

इन शहरी नगर निकाय क्षेत्रों में होना है चुनाव 

  1. नगर निगम - रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो। 
  2. नगर परिषद - गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम। 
  3. नगर पंचायत - बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया। 

जनवरी के दूसरे सप्ताह तक चुनाव की घोषणा होने की है संभावना 

काफी जद्दोजहद के बाद राज्य में नगर निकाय चुनाव का रास्ता साफ होता हुआ दिख रहा है। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जनवरी के दूसरे सप्ताह तक इसकी अधिकारी घोषणा होने की संभावना है। बैलेट पेपर के जरिए राज्य में पहली बार शहर की सरकार चुनी जायेगी। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग तैयारी पूरी करने में जुटी है। 

संभावना है कि फरवरी में चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कर ली जाये। राज्य में 48 शहरी निकाय क्षेत्र हैं, जिसके तहत नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों का चुनाव कराया जाना है। वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही आयोग के द्वारा अध्यक्ष और मेयर जैसे पदों के लिए आरक्षण को अंतिम रूप दिया जायेगा।

Published / 2025-12-25 21:15:31
हजारीबाग : रिश्वतखोर पंचायत सचिव दबोचा गया

हजारीबाग में पीएम आवास में रिश्वतखोरी, एसीबी ने पंचायत सचिव को दबोचा 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार की गरीबों के लिए महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास में भी भ्रष्टाचार होने लगी है। ताजा मामला झारखंड के हजारीबाग का है। यहां पर हुवाग पंचायत के सचिव प्रभु नारायण सिंह को पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी के आरोप में एसीबी की तीन में गिरफ्तार किया है। 

पंचायत सचिव की गिरफ्तारी उस व्यक्त हुई, जब इस योजना में लाभुक से पहली किश्त जारी करने के बदले रिश्वत की रकम ले रहा था। लाभुक की शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और पंचायत सचिव को दबोचने में कामयाब हुए। इस कार्रवाई के बाद सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गये हैं। 

जानकारी के मुताबिक हुवाग गांव निवासी मो. अलीजान अंसारी को पीएम आवास स्वीकृत हुआ था। इस योजना में कई लभुकों को पहली किश्त मिल चुकी थी। लेकिन मो. अलीजान अंसारी को पहली किश्त देने में टालमटोल किया जा रहा था। पंचायत सचिव ने कहा कि बगैर सेटिंग के कैसे भुगतान होगा। तय योजना के अनुसार जैसे ही पंचायत सचिव ने 2500 रुपये की रकम ली, एसीबी की टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।   

गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं एसीबी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगायी जा सके। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं में लभुकों को हो रही शिकायत पर हमलोग जांच करते हैं और योजना बना के संबंधित घुसखोर पर कार्रवाई करते हैं।

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