टीम एबीएन, रांची। शहर के रांची नगर निगम की तकनीक आधारित शहरी प्रशासनिक पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत शहरी सुधार के लिए झारखंड राज्य को 5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गयी है।
यह उपलब्धि रांची नगर निगम द्वारा नगर निगम परिसंपत्तियों की जीआईएस आधारित मैपिंग एवं शहरी क्षेत्रों में सरकारी भूमि की डिजिटल इन्वेंट्री तैयार करने के कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किये जाने के परिणामस्वरूप हासिल हुई है। रांची नगर निगम ने यह महत्वपूर्ण कार्य तकनीकी सहयोग से पूरा किया।
इसके अंतर्गत निगम की विभिन्न परिसंपत्तियों, भवनों, बाजारों, कार्यालयों, बस टर्मिनलों, सामुदायिक भवनों, पार्कों एवं अन्य शहरी संपत्तियों को जीआईएस प्लेटफॉर्म पर डिजिटल रूप से चिन्हित एवं मैप किया गया। इस प्रक्रिया के तहत शहर की सार्वजनिक संपत्तियों का विस्तृत डिजिटल डेटा तैयार किया गया, जिससे भविष्य में उनके बेहतर प्रबंधन और निगरानी में मदद मिलेगी।
भारत सरकार द्वारा किये गये मूल्यांकन में रांची नगर निगम की इस पहल को सराहा गया। इसी आधार पर झारखंड राज्य को 5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि के लिए पात्र माना गया। यह राशि नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार को प्राप्त होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार जीआईएस आधारित एसेट मैपिंग शहरी प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे नगर निगम को अपनी परिसंपत्तियों की वास्तविक स्थिति, उपयोगिता और रखरखाव से जुड़ी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। साथ ही इससे राजस्व संग्रहण, योजना निर्माण, अवैध अतिक्रमण की पहचान और शहरी विकास परियोजनाओं की निगरानी में भी सहूलियत मिलेगी।
इसको लेकर अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि रांची नगर निगम लगातार तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जीआईएस आधारित एसेट मैपिंग से निगम की परिसंपत्तियों का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन संभव हो सकेगा। जिससे भविष्य की विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह जीआईएस डेटा भविष्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, डिजिटल गवर्नेंस और शहरी विकास योजनाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगा। रांची नगर निगम ने इस उपलब्धि के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, जेएसएसी तथा इस परियोजना से जुड़े सभी पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
टीम एबीएन, रांची। नगर निगम क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था के लिए नगर विकास विभाग की ओर से शहरी नगर निकायों को सरकार नागरिक सुविधा मद में राशि मुहैया कराती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में नागरिक सुविधा मद की राशि दिये जाने पर रांची नगर निगम ने भेदभाव का आरोप लगाया है। मेयर रोशनी खलखो ने मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से इस पर पुनर्विचार करने की गुहार लगायी है।
रांची मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि सरकार की ओर से रांची नगर निगम (जिसमें 53 वार्ड है) को नागरिक सुविधा मद में सिर्फ एक करोड़ की राशि दी गयी है। जबकि चास (35 वार्ड) और गिरिडीह (36 वार्ड) को नागरिक सुविधा मद से 10 करोड़ की राशि दी गयी है।
रोशनी खलखो ने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि राजधानी का नगर निगम क्षेत्र पूरे राज्य के नगर निकायों के आईना होता है। राजधानी रांची की झलक आईने में तब चमकेगा जब आईना साफ होगा। 53 वार्ड में जनसुविधा बढ़ाने के लिए 1 करोड़ की राशि को कैसे खर्च करें, यह समझ से परे है।
मीडियाकर्मियों ने जब रांची के मेयर रोशनी खलखो से पूछा कि वह भाजपा से हैं, इसलिए रांची नगर निगम को जनसुविधा मद में गिरिडीह-चास से कम राशि मिली है। इस पर मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि यह सवाल राज्य के मुखिया और नगर विकास मंत्री से करें।
उन्होंने कहा कि वह अपने नगर निगम क्षेत्र की जनता की सुविधा बढ़ाने के लिए जनसुविधा मद की राशि बढ़ाने का आग्रह सरकार से कर रही है। मेयर ने जेएमएम पर इशारों में तंज कसते हुए बोला कि असम और बंगाल की विधानसभा चुनाव में अपनी भागीदारी निभा ली, अब झारखंड और रांची के लिए सोचिये।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को उनके कार्यालय कक्ष में राज्य के सभी सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, विभाग के अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, डीआईसी डॉ सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला सहित विभाग के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक की शुरुआत हाल में विभिन्न जिलों में हुई घटनाओं की समीक्षा से हुई। सरायकेला में मां-बेटी की मौत के मामले पर वहां की सिविल सर्जन से जानकारी ली गई। सिविल सर्जन ने बताया कि मामले की जांच जारी है। वहीं गोड्डा की घटना पर संबंधित सिविल सर्जन ने बताया कि दोषी ममता वाहन चालक, मरीज को ले जाने वाले सहिया तथा संबंधित अस्पताल संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा सहिया की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बचाया न जाए।
रांची में मरीज की मौत के मामले में सिविल सर्जन ने बताया कि मरीज को बचाने का प्रयास किया गया था, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मामले की जांच जारी है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को अपने स्तर से जांच कर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक में हजारीबाग में बिना सामान आपूर्ति किये भुगतान कर दिये जाने का मामला भी उठा। संबंधित सिविल सर्जन ने बताया कि मामला पुराना है, लेकिन हालिया जांच में सामने आया है। अपर मुख्य सचिव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सप्लायर को ब्लैकलिस्ट करने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रोक्योरमेंट-2024 लागू हो चुका है, इसलिए सभी सिविल सर्जन पिछले दो वर्षों का आॅडिट कर कमियों को दूर करें।
मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे स्वयं सीएचसी और पीएचसी स्तर तक जाकर निरीक्षण करें तथा अस्पतालों की वास्तविक स्थिति की तस्वीरें अपलोड करें। उन्होंने आईसीयू, सीसीयू, इमरजेंसी और बेड की स्थिति का भी आकलन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस वर्ष की राशि सभी जिलों को उपलब्ध करा दी गई है और कहीं से भी शिकायत नहीं आनी चाहिए।
एनएचएम अंतर्गत पारा मेडिकल स्टाफ और तकनीशियन की बहाली पर उन्होंने कहा कि जिला वार सूची भेज दी गई है तथा दो माह के भीतर सभी रिक्त पद भरने होंगे। डीआईसी को राज्य स्तर से जेएसएससी को रिक्विजिशन भेजने का निर्देश दिया गया।
देवघर और गुमला में वेतन भुगतान संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई। देवघर में गलत भुगतान की जांच जारी रहने की जानकारी दी गई, जबकि गुमला की सिविल सर्जन ने बताया कि पीएचसी और सीएचसी के मर्ज होने के कारण पोर्टल पर तकनीकी त्रुटि के चलते गलतफहमी उत्पन्न हुई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने बीड श्रेणी के डॉक्टरों की उपस्थिति को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर अपने निर्धारित स्थान पर कार्य नहीं कर रहे हैं, उनकी तत्काल रिपोर्ट की जाए ताकि कार्रवाई हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी डॉक्टर को मनमाने तरीके से अन्यत्र ट्रांसफर नहीं किया जाए।
पलामू में एक प्रभारी के वेतन से कटौती का मामला सामने आने पर उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित सिविल सर्जन पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई बीड श्रेणी का डॉक्टर दो बार नियुक्ति के बाद इस्तीफा देता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जायेगा, ताकि वह भविष्य में पुन: आवेदन न कर सके।
तकनीशियन की नियुक्ति के संबंध में उन्होंने कहा कि आउटसोर्स एजेंसी पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही नियुक्ति करे और आवश्यकता होने पर ही किसी को रखा जाए। बिना सत्यापन किसी का भुगतान नहीं किया जाए। बैठक के दौरान अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना और एबीडीएम की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य की सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है।
प्रत्येक जिले में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा तथा राज्य स्तर पर भी एक केंद्रीय कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से सभी जिलों की निगरानी की जा सकेगी। उन्होंने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सीसीटीवी लगाने की तैयारी पूरी करने को कहा तथा स्पष्ट किया कि ओटी में कैमरे नहीं लगाये जायेंगे और मरीजों की प्राइवेसी का विशेष ध्यान रखा जायेगा।
उन्होंने बताया कि सभी सीएचसी और पीएचसी में कंप्यूटर लगाए जाएंगे तथा एआई आधारित इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। डीबीडीएमएस के तहत सी-डैक से ऐसा सिस्टम विकसित करने को कहा गया, जिससे दवाओं की एक्सपायरी की निगरानी हो सके।
विभाग की संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन जिलों में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां शीघ्र काम शुरू कराया जाए तथा उपायुक्त स्तर पर लंबित प्रस्तावों को तत्काल स्वीकृत कराया जाए।
डीआईसी डॉ सिद्धार्थ सान्याल ने आईसीयू निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में न्यूनतम 2000 वर्गफीट स्थान उपलब्ध होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कुछ जिलों ने केवल 600 से 900 वर्गफीट जमीन उपलब्ध कराने की सूचना दी है, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने वेंटिलेटर छोड़कर अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभिम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कई जिलों में लैब निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने पुराने लैब भवनों को मॉडिफाई कर शीघ्र कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।
टीम एबीएन, रांची। धुर्वा स्थित शालिमार बाजार में झास्को फिश द्वारा संचालित हाइजेनिक फिश मार्केट एवं फिश फीड मिल का औचक निरीक्षण मंगलवार को विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया। यह बाजार रांची समेत आसपास के क्षेत्रों के मत्स्य उपभोक्ताओं के लिए खास केंद्र है। यहां हर दिन बड़ी मात्रा में ताजी मछलियों की आपूर्ति होती है।
निरीक्षण के दौरान विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पाया कि बाजार से उपभोक्ताओं को लाभ तो मिल रहा है लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है। अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिये।
विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने संचालन प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए एक स्पष्ट स्टैंडर्ड आॅपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करने का निर्देश दिया। इसमें विशेष रूप से रेंटल एग्रीमेंट, किराया निर्धारण तथा दुकानदारों को उपलब्ध करायी जाने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के हर जिले में इस प्रकार के आधुनिक एवं सुव्यवस्थित मत्स्य बाजार विकसित किये जायें, ताकि मत्स्य किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को सीधा लाभ मिल सके। मौके पर हर जिले में मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज अधिकारियों के साथ राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था के सुदृढ़ संधारण को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय भूमिका में रहे। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार से कोई कोताही न बरती जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राज्य के भीतर कानून व्यवस्था की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को चिन्हित कर उन मामलों की नियमित मानीटरिंग की जाय।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में लापता बच्चों और महिलाओं से संबंधित मामलों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि लापता बच्चों एवं महिलाओं के जितने भी मामले हैं उन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आम जनों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि नशीले पदार्थों के आदान-प्रदान के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ मुहिम चला कर उनके सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) पर अविलंब रोक लगाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन जगहों को अवश्य चिन्हित करें जहां पर नशीले पदार्थ की खरीद-बिक्री होती है। जो अपराधी नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े हैं उन पर शख्स कानूनी-कार्रवाई सुनिश्चित करें। स्कूल, कॉलेज एवं वैसे विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों वाले संस्थान जहां पर अधिक संख्या में युवा वर्ग की भीड़ होती है वैसे जगहों पर नशीले पदार्थ सप्लायरों पर पैनी नजर रखी जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर अफीम की खेती को हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने खूंटी, चतरा एवं रांची जिले में विशेष तत्परता बरतें जाने का निदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अफीम की खेती के खिलाफ निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए आम लोगों को भी जागरूक किया जाए ।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित एसपी, डीएसपी एवं प्रभारी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर आम जनता के साथ निरंतर संवाद करते रहें तथा उनकी समस्याओं को सुनते हुए उन समस्याओं का त्वरित गति से निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र का भी आवश्यक दौरा करें और वहां आम जनता के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें। ग्रामीण क्षेत्र का औचक निरीक्षण होने से पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास और ज्यादा बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर संगठित अपराध के मामले में सख्ती से निपटा जाना चाहिए। राज्य सरकार संगठित अपराध को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को पूरी सुविधा और व्यवस्था प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों के प्रभारी अधिकारियों को भूमि संबंधित विवादों से निपटने समय अत्यंत सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस अधिकारी की ओर से किसी भी कीमत पर भू-माफिया को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय में अक्सर शहरों से सटे क्षेत्रों में भूमि संबंधित अपराधों की खबरें देखने और सुनने को मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद संबंधित मामलों पर पुलिस प्रशासन कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी। अतः हरेक स्तर पर संवेदनशील होने की जरूरत है।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी तथा सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
टीम एबीएन, रांची। राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मां और पुत्री की मौत के मामले में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी चिकित्सक डॉ. शिवलाल कुंकल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मामले के मीडिया में प्रमुखता से सामने आने के बाद की गयी है।
इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री छवि रंजन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मां-बेटी की मौत जैसी गंभीर घटना को विभाग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जायेगा।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान डॉ. कुंकल का मुख्यालय चाईबासा निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। साथ ही उन्हें स्व-घोषणा पत्र देना होगा कि वे कहीं अन्यत्र कार्यरत नहीं हैं और किसी प्रकार का व्यवसाय नहीं कर रहे हैं। निदेर्शों के अनुपालन के बाद ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि राज्य के सभी सीएचसी को मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना के तहत प्रति वर्ष 10 लाख रुपये उपलब्ध कराये जाते हैं, ताकि अस्पतालों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित हो सके। इसके बावजूद इस तरह की घटना सामने आना अत्यंत दुखद और गंभीर है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की संभावना जतायी जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। आज अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त झारखंड अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी, जिसमें ऊर्जा विभाग के सचिव के. निवासन एवं उनके मुख्य अभियंता सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान श्री सिंह ने राज्य के सभी सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में निर्बाध एवं 24 गुणा 7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाये, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों तक बिजली आपूर्ति के लिए अंडरग्राउंड केबल के माध्यम से सीधी लाइन बिछायी जाये, जिससे तूफान या अन्य प्राकृतिक कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही सभी सदर अस्पतालों में दो अलग-अलग फीडर से विद्युत आपूर्ति किये जाने हेतु आवश्यक निर्देश दिये, ताकि किसी एक फीडर में समस्या आने पर दूसरा फीडर तुरंत बिजली आपूर्ति जारी रख सके।
अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि सभी अस्पतालों में 5 वर्षों का वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध (एएमसी) सुनिश्चित किया जाये, जिससे आपात स्थिति में जनरेटर के माध्यम से तुरंत बिजली बहाल की जा सके।
इसके अतिरिक्त आॅपरेशन थिएटर, इमरजेंसी, आईसीयू, पीसीयू एवं एसएनसीयू जैसे संवेदनशील विभागों में अलग-अलग यूपीएस आधारित बैकअप व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ओटी के लिए अलग यूपीएस होगा, जबकि अन्य विभागों के लिए पृथक यूपीएस की व्यवस्था की जायेगी, ताकि किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सेवाओं में बाधा न आए और किसी प्रकार की जनहानि की आशंका समाप्त हो सके। बैठक में सभी संबंधित विभागों को इन निर्देशों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
टीम एबीएन, रांची। आड्रे हाउस में तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का समापन रविवार को हो गया। मेला 1 मई से आड्रे हाउस में शुरू हुआ। मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उनका अभिनंदन स्वागत अंग वस्त्र, मोमेंटो देकर किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम अद्भुत अलौकिक पर श्री मेघवाल ने खुशी जाहिर करते हुए बच्चों को बधाई, शुभकामनाएं दी एवम प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्कुल के कलाकारों के बीच पुरस्कार का वितरण किया।
पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी ओर मीरा बाई के चरित्र का वर्णन करते हुए भजनों की प्रस्तुति दी। प्रभु मेरे अवगुण चित ना धरो पर श्री मेघवाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के दिन महोत्सव प्रारंभ हुआ। आज समापन उत्सव हम मना रहे हैं। लेकिन कल भी हम उत्सव मनायेंगे व कल का दिन उत्सव का दिन रहेगा।
उन्होंने सफल आयोजन के लिए सांसद रक्षा राज्य मंत्री सहित सभी लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों के संग लोगों के लिए प्रेरणा का स्तंभ बनेगा। झारखंड के प्रथम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला के आयोजन में शामिल हुए।
उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन पर सांसद केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को बधाई और शुभकामनाएं दी उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सचमुच बहुत ही अच्छा कार्यक्रम है आने वाले समय मे एक उदाहरण कायम करेगा। इस आयोजन के जरिये घरेलू उत्पाद को बढ़ावा मिलेगा एवम उत्पादों को लोकल बाजार में जगह मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को जीवन में उतरना होगा। हम सभी कोशिश करे कि मोटे अनाज का सेवन करें।
इस अवसर पर भाजपा के संगठन मंत्री कर्मवीर, महापौर रोशनी खलको, उपमहापौर नीरज कुमार, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, पूर्व राज्य सभा सांसद अजय मारू भी मौजूद थे। तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव स्वदेशी मेला के समापन अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया की 125 स्टॉल लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है, जो पूर्णत स्वदेशी को समर्पित है।
उन्होंने कहा झारखंड की संस्कृति, पहचान, विविधता, परंपरा, लोक कला साथ ही यहां के लोक नृत्य संगीत को एक ही छत के नीचे कला संस्कृति के माध्यम से उनका संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने का वृहद अलौकिक, सुंदर कार्य सांसद सांस्कृतिक महोत्सव स्वदेशी मेला के माध्यम से किया गया है, जो हमारे स्वदेशी कला संस्कृति और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी है। तीन दिनों में हजारों लोगों ने सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेले का आनंद लिया।
महिलाओं के द्वारा निर्मित पापड़, खजला, बड़ी, मंगोड़ी, विभिन्न प्रकार के अचार, ब्लैक राइस, रेड राइस, एनर्जी चॉकलेट मडुवा के लड्डू, रागी की कुकीज, चॉकलेट सहित कई उत्पाद की लोगों ने खरीददारी की। इसी के साथ हर्बल मसाला, घरेलू दवा, मेटल की तस्वीर, जूट बैग, ऊन से बने हैंडमेड फ्लावर, लिपिन आर्ट, ब्लू कार्ड पेंटिंग की तस्वीर आदि भी विक्रय के लिए सही मूल्य पर मिल रही थी।
श्री अन्न आहार कुटीर में झारखंड के पारंपरिक वयन्जनो सहित मोटे अनाज से बने मड़वा समोसा, मड़वा चोप, निमकी, भुजिया चॉकलेट, बिस्किट जैसे खाद्य पदार्थ को लोगों ने आनंद उठाया। रांची के ईशान सिंह ने तैरने का 10 घंटे का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। श्रीलंका से भारत की धनुष कोटि तक तैरने का रिकॉर्ड बनाया, जो अपने आप में अद्भुत है। होनहार बच्चे को समिति द्वारा 1 लाख 1 हजार रुपिया चेक द्वारा पुरस्कार दिया गया।
आॅपरेशन सिंदूर पर रांची के बच्चों के द्वारा बनायी गयी 400 पेंटिंग की भी प्रदर्शनी लगायी गयी। बच्चों ने आॅपरेशन सिंदूर के शौर्यगाथा को कैनवास पर उतारने का कार्य किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत 70 से भी ज्यादा स्कूलों एवम महाविद्यालय के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी, जिसमें देश भक्ति, शिव तांडव, वंदे मातरम, छउ नृत्य, कथक एवं यहां के पारंपरिक लोक नृत्य के संग हजारों बच्चों एवं बच्चों ने सामूहिक अपनी प्रस्तुति दी। बच्चों एवं बच्चियों सहित स्कूल व एकेडमी सहित संस्था को सांसद ने सर्टिफिकेट व मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
देशभर के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा अद्भुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गरबा नृत्य, डालखाई, झूमर, पाईका नृत्य, कथक नृत्य ने सांस्कृतिक महोत्सव की शोभा बढ़ाई वही जनजातीय नृत्य, सामूहिक नृत्य, लघु नाटिका, शास्त्रीय संगीत व नृत्य, असम का बिहू नाच गौरैया नाच सहित उलगुलान नाटक की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक महोत्सव में लोगों को आनंदित किया।
आयोजन को सफल बनाने में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, अजय मारू, अजय मलकानी, मुकेश काबरा, ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यव्रत, पूनम आनंद, रविंद्र कुमार, शंकर दुबे, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, बलराम, कमलजीत सिंह, नीतू सिंह, संजीव साहू, विजय यादव, आनंद, नयन मयूर परमार, ललन श्रीवास्तव, रवि वर्मा, संजय गोयल, प्रदीप रवि, भीष्म सिंह, मनोज कुमार, गौरव मित्तल, राजू रजक, राजीव सहाय, अमित चौधरी, राहुल सिन्हा चंकी, एचडी सिंह, सतीश सिन्हा, शंकर पाठक, रतन अग्रवाल सहित काफी संख्या में लगे हैं।
स्वदेशी मेला में लोगों ने सांस्कृतिक आयोजन के संग श्री अन्न आहार कुटीर में झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया। साथ ही यहां से बने उत्पादों सहित मोटे अनाज रागी, ज्वार, बाजरा, मड़वा से बनी चीजों की खरीदारी की। उक्त जानकारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।
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