एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।
राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था।
अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।
बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।
पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था।
राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
एबीएन न्यूज, नेटवर्क, हुसैनाबाद पलामू। शहर के जेपी चौक स्थित तिवारी कॉम्प्लेक्स कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव सह प्रदेश प्रतिनिधि धनंजय कुमार तिवारी की अगुवाई में एक शोक सभा आयोजित की गई।
बैठक में बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में बुलाई गई थी। बैठक में स्व. भरत तिवारी के याद 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।मौके पर कांग्रेस नेता धनंजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्व. भरत तिवारी गरीब, शोषित और वंचितों की आवाज थे।
वे अपने क्षेत्र के विकास व जनता के प्रति चिंतित रहते थे धीरे-धीरे उनकी छवि एक क्रांतिकारी नौजवान के रूप में बन गई थी। श्री तिवारी ने बताया कि स्व. भरत तिवारी जमनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में पुल निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। पुल न होने से हर साल बाढ़ से कई गांव प्रभावित होते थे।
उन्होंने सरकार को कई बार आगाह किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे काफी क्षुब्ध थे। धनंजय तिवारी का आरोप है कि भरत तिवारी की बढ़ती लोकप्रियता और क्रांतिकारी छवि बिहार प्रशासन व सरकार को रास नहीं आई। अंततः एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या कर दी गई।
बैठक में सुदामा तिवारी, विपुल तिवारी, शंभू तिवारी, जयप्रकाश उपाध्याय, मनोज वैद्य, रंजन तिवारी, जगन्नाथ गिरी, अशोक पाठक, कृपानंद पाठक, अश्वनी तिवारी, संतोष कुमार पांडेय, धनंजय पाठक, राजकुमार पांडेय, कामाख्या नारायण पाठक, अभिषेक पाठक, अनिल पाठक, राजेश तिवारी सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
टीम एबीएन, रांची। आरा के बिलौटी गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिले जदयू नेताओं ने निष्पक्ष जांच एवं न्याय की मांग की। जनता दल (यूनाइटेड) झारखंड प्रदेश के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के आरा जिला अंतर्गत बिलौटी गांव पहुंचकर बिहार पुलिस द्वारा हत्या किए गए मृत भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। कहा कि आपका बेटा शहीद हुआ है। जनहित के कार्यों को करके आज समाज और देश की जनता उसके साथ है जनता जागी है गलत का विरोध करने।
प्रतिनिधिमंडल ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए इस दुःख की घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मृत्यु अत्यंत दुखद एवं चिंताजनक है।
परिजनों, ग्राम वासियों एवं जनता जनार्दन ने बताया पुलिस प्रशासन ने उनकी हत्या की है भरत जनहित के कार्य के लिए हमेशा आवाज उठाते थे भ्रष्ट पदाधिकारियों की नज़रे इन पर थी। इनके द्वारा विरोध करने से भ्रष्ट लोग परेशान थे। सरेंडर करने के पश्चात गोली मारी गई और एंबुलेंस में निर्मम हत्या की गयी।
समाज में कोई व्यक्ति हत्या करता है तो उसको सजा मिलती है इसी तरह भक्षक थानेदार, डीएसपी, एसपी, एसडीम सबके ऊपर हत्या का केस सरकार करें और इन प्राधिकारियों को निलंबित करके जेल में डालें तभी जनता का विश्वास लोकतंत्र में न्याय पर बना रहेगा। सरकार परिवार के भरण पोषण के लिए एक व्यक्ति को नौकरी दे और मुआवजा मुख्यमंत्री को जाकर देना चाहिए क्योंकि सरकारीतन्त्र की गलती है।
उन्होंने कहा कि कानून के राज में प्रत्येक नागरिक को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) झारखंड प्रदेश पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। पार्टी इस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है तथा आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के समक्ष भी अपनी बात रखेगी।
प्रतिनिधिमंडल में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश सचिव दिलीप पांडेय, पलामू जिला अध्यक्ष मनोज कुमार दुबे, जमशेदपुर जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी झारखंड प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी (9431115714) ने दी।
नोट- निवेदन शहीद भारत भूषण तिवारी की मां सुमन देवी का हम सभी बैंक अकाउंट नंबर और स्कैनर भी भेज रहे हैं जो चाहे कुछ भी परिवार को सहयोग कर सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं।
मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।
बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है।
इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।
मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।
ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है।
भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। ...और देखते ही देखते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी वादा पूरी करते हुए कि सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनायेंगे, दिल्ली कूच कर गये... ...सम्राट चौधरी के पिताजी स्वर्गीय शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।
राजद, कांग्रेस, जदयू और हिंदुस्तानी आवाम पार्टी (हम) में सक्रिय रहते हुए बिहार के तारापुर से विधायक और खगड़िया से सांसद रहे। सम्राट चौधरी ने भी राजद, जदयू और अब भारतीय जनता पार्टी में कार्य करते हुए परिवारवाद को आगे बढ़ाया; अब तो शानदार मुख्यमंत्री...।
भारतीय राजनीति में जब परिवारवाद के तथाकथित नैतिक प्रचलन जो शुद्ध रूप से राजतंत्र का ही प्रयाय है, स्वीकृति प्राप्त हो ऐसे मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौता बेटा निशांत कुमार ने एक अलग ही नजीर पेश किया है और उन्होंने अनुकूल परिवेश होते हुए भी उपमुख्यमंत्री बनना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह अभी किसी सदन के सदस्य नहीं हैं और इसलिए उपमुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।
एनडीए के घटक दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा का बेटा मंत्री बन गये जबकि वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। हिंदुस्तान आवाम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी तो परिवारवाद के माल वाहक ट्रक ही चला रहे हैं। परिवारवाद के इंजन लालू प्रसाद यादव की गाड़ी राजनीति के पटरी में सबसे लंबी है। राजनीति में परिवारवाद के इतिहास का किताब नेहरू गांधी परिवार का सबसे मोटा है जो वर्तमान तक यथावत चला आ रहा है।
दक्षिण भारतीय राजनीति का तो आधार ही परिवारवाद रहा है। बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह.. अब तो प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के राजनीति में परिवारवाद का करिश्मा देखने का सौभाग्य एवं शुभ अवसर प्राप्त हो रहा है। सब प्रकार से अनुकूल परिस्थिति और कूवत होते हुए भी श्रीमान नीतीश कुमार तथा उनके पुत्र श्रीमान निशांत कुमार ने जो आदर्श प्रस्तुत किया है उसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।
टीम एबीएन, पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने बिहारवासियों के नाम भावुक संदेश लिखा है।
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, आप जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं।
सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो- सभी के लिए काम किया गया है। हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है।
राज्यसभा सांसद ने आगे लिखा, इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अगले पांच वर्षों यानि 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है। इससे और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा।
बिहार के विकास में केंद्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नमन करते हैं। बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जायेगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
नीतीश कुमार ने कहा, हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है। इतने दिनों से हमने लगातार लोगों की सेवा की है। हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और इसलिए आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया।
अब नयी सरकार यहां का काम देखेगी। नयी सरकार को मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा तथा बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं तथा शुभकामनाएं देता हूं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा।
मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये।
दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया।
प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं।
समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में रविवार को भव्य अभिनंदन किया गया। पटना से उनके साथ राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, विधायक ओसामा शाहाब, पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड प्रभारी जयप्रकाश यादव, भोला यादव, झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, महिला राजद की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि प्रकाश, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, उपाध्यक्ष अनिता यादव सहित सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष, जिला सचिव और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अभिनंदन समारोह में गद्गद हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पार्टी को फिर से राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजद केरल में तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहा है और वहां लेफ्ट अलायंस के साथ गठबंधन में है। तेजस्वी ने कहा, देश में जहां-जहां हमारी ताकत है, वहां-वहां हम चुनाव लड़ेंगे। पार्टी को बढ़ाना, विस्तार करना और मजबूत करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
झारखंड के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से उन्होंने आह्वान किया कि हर जिले और हर विधानसभा की एक-एक बूथ पर मजबूत तैयारी करें। तेजस्वी यादव बोले, आप सभी 81 विधानसभा सीटों पर तैयारी रखें। जब गठबंधन की बात होगी, तब देखा जाएगा. पिछली बार हमें सात सीटें मिलीं, जिनमें से दो पर फ्रेंडली फाइट हुई। पांच में से चार पर हम जीते। अगर ज्यादा सीटें मिलती तो और बेहतर प्रदर्शन होता।
तेजस्वी यादव ने कहा कि देश और राज्य में फिर्कापरस्त ताकतों को रोकना राजद की पहली प्राथमिकता है। बिरसा मुंडा की जमीन पर भाजपा को रोकने में झामुमो, कांग्रेस और माले के साथ राजद की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्यकर्ता ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहते हैं, लेकिन गठबंधन में समझौता भी करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि झारखंड में संगठन को मजबूत करेंगे तो सहयोगी दलों से ज्यादा सीटों की मांग भी कर पाएंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव में हार का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, हम जनता के वोट से नहीं हारे, बल्कि मशीन तंत्र और धनतंत्र की वजह से हारे। उन्होंने बताया कि राजद को 2025 के चुनाव में 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले, जो 2020 से 20 लाख ज्यादा हैं। महिलाओं को 10 हजार रुपये देने के बावजूद वोट बढ़ा। तेजस्वी ने कहा, जितना भी छल-बेमानी कर लें, सच सामने आएगा। बिहार की जनता ने हमें पूरा प्यार दिया। हमारा समय कमजोर था, हम नहीं।
तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि राजद लालू प्रसाद यादव की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है। किसी में इतना दम नहीं कि राजद को तोड़ दे। अन्नपूर्णा देवी के पार्टी छोड़ने का कोई फर्क नहीं पड़ा। ईडी-सीबीआई जैसे मामलों के बावजूद राजद कमबैक करेगी और बिहार व केंद्र में सत्ता में आएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हर दिन कम से कम एक घंटा पार्टी को सशक्त बनाने में लगाएं। पार्टी में सबको बराबरी का मौका मिले और सभी विंग मजबूत हों।
तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में लड़ रहे हैं, जबकि हम केरल में लड़ रहे हैं। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन का आदर-सम्मान व्यक्त किया। परिसीमन के बाद बढ़ने वाली सीटों के लिए अभी से जिला स्तर पर तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।
राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा कि देश में दो धाराएं हैं एक आरक्षण और संविधान खत्म करने की, दूसरी बाबा साहेब अंबेडकर के अरमानों को बचाने की। तेजस्वी यादव केरल से परचम लहराकर आए हैं। अगले चुनाव नई परिसीमन पर होंगे।
झारखंड में विधानसभा सीटें बढ़कर 120 और लोकसभा 20 हो जाएंगी। एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, इसलिए महिलाओं को सक्रिय करें। बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर संगठन मजबूत करें अकेला लड़ने जैसी तैयारी रखें।
वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता यादव ने कहा यूजीसी संशोधन जरूरी है। शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों का शोषण रोकें। SIR के दौरान सजग रहें ताकि किसी का नाम न कटे।
राजद के राष्ट्रीय महासचि अभय सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव हैं। बूथ जीतो कार्यक्रम में संगठन की कमजोरी हार की वजह बनी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि झारखंड राजद बिहार के साथ कदम मिलाकर चलेगा और पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने संगठन विस्तार, बूथ स्तर की तैयारी और आगामी चुनावों (परिसीमन के बाद) पर जोर दिया। यह कार्यक्रम राजद को झारखंड में मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse