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जहानाबाद : 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा दरधा और मोरहर का जलस्तर
Published / 2026-09-02 14:16:23
जहानाबाद : 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा दरधा और मोरहर का जलस्तर

जहानाबाद में उफान पर दरधा और मोरहर नदियां: 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा जलस्तरएबीएन न्यूज नेटवर्क, जहानाबाद। जिले में लगातार बारिश के बाद दरधा और मोरहर नदी उफान पर हैं। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों का जलस्तर छह फीट से अधिक बढ़ गया है। शहर के कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। जाफरगंज और एसएस कॉलेज पुल पर तेज बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जबकि कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है।24 घंटे में छह फीट से ज्यादा बढ़ा जलस्तरलगातार हो रही बारिश के कारण जहानाबाद जिले में दरधा और मोरहर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में छह फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।जाफरगंज पुल पर तीन फीट पानी, फिर भी आवाजाही जारी शहर को जाफरगंज, गोरक्षनी और धनगामा से जोड़ने वाले जाफरगंज पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के बावजूद लोग पुल पार करने को मजबूर हैं। कोई पानी के बीच से गुजर रहा है तो कोई पुल की रेलिंग पकड़कर दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोग नदी में जमा जलकुंभी के सहारे भी निकलते दिखाई दिए, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालजाफरगंज पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद अब तक न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल पुल पर आवाजाही रोकनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानीदरधा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जाफरगंज के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया, जिसके बाद लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कुछ परिवार अपने घरों की ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं।एसएस कॉलेज पुल भी डूबा, स्कूल जाने का रास्ता बंदश्याम नगर के पास दरधा नदी पर बने एसएस कॉलेज पुल के ऊपर भी करीब ढाई फीट पानी बह रहा है। इसके कारण एसएस कॉलेज, डीएवी स्कूल, अंबेडकर छात्रावास और साईं मंदिर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। अब लोगों को करीब 10 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।स्कूली बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी चिंताशहर और स्टेशन क्षेत्र के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एसएस कॉलेज और डीएवी स्कूल आते-जाते हैं। दोनों प्रमुख पुलों पर पानी चढ़ने से उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है और बच्चों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।गोरक्षनी मंदिर जाने में भी बढ़ी परेशानीठाकुरबाड़ी स्थित दरधा-जमुना संगम घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है। गोरक्षनी इलाके के कई घरों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। संगम घाट का पैदल पुल पहले ही हटाया जा चुका था। अब जाफरगंज पुल पर पानी चढ़ जाने के कारण श्रद्धालुओं को गोरक्षनी देवी मंदिर पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

दो साल की सेवा-संभाल के बाद शंभू यादव को मिला अपना परिवार
Published / 2026-08-21 21:00:43
दो साल की सेवा-संभाल के बाद शंभू यादव को मिला अपना परिवार

सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम ने सम्मानपूर्वक भेजा पैतृक घर टीम एबीएन, रांची। मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है-इस भाव को चरितार्थ करते हुए परमहंस संत डॉ. सदानंद महाराज जी के पावन सान्निध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम, पुंदाग, रांची निराश्रित, दिव्यांग एवं जरूरतमंद प्रभुजनों के लिए सेवा और आश्रय का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2024 से आश्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।वर्तमान में यहां 47 निराश्रित प्रभुजन आश्रय लेकर रह रहे हैं, जिनकी भोजन, आवास, चिकित्सा एवं देखभाल की जिम्मेदारी आश्रम द्वारा पूरी श्रद्धा और सेवा भावना के साथ निभायी जा रही है। इसी सेवा यात्रा में आश्रम के लिए एक भावुक और संतोषजनक अवसर उस समय आया, जब शंभू यादव को उनकी खोयी हुई याददाश्त वापस आने के बाद उनके पैतृक घर दिवारी लक्ष्मी नगर दरभंगा, बिहार पूरे सम्मान के साथ भेजा गया। शंभू यादव को दो वर्ष पूर्व 16 जून 2024 को वाराणसी से रेस्क्यू करके आश्रम लाया गया था। उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वे अपना नाम-पता तथा परिवार संबंधी जानकारी भी ठीक से बता पाने की स्थिति में नहीं थे। आश्रम की टीम उन्हें वहां से सुरक्षित लाकर अपना घर आश्रम में ले आयी। आश्रम में पिछले दो वर्षों के दौरान शंभू यादव की नियमित देखभाल, भोजन, रहने की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा एवं आत्मीय सेवा की गयी।निरंतर देखभाल और उपचार के बाद धीरे-धीरे उनकी स्मरणशक्ति वापस आने लगी और उन्हें अपने परिवार एवं पैतृक घर की जानकारी याद आने लगी। इसके बाद आश्रम प्रबंधन ने उनके परिवार से संपर्क कर उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था की। शंभू यादव को लेने के लिए उनकी मां, भाई एवं परिवार के अन्य सदस्य आश्रम पहुंचे। परिजनों ने बताया कि शंभू यादव लगभग छह वर्ष पूर्व घर से लापता हो गये थे। लंबे समय बाद उन्हें सकुशल देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गयी और भावुक परिजनों ने आश्रम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं था कि शंभू एक दिन उन्हें वापस मिल जायेंगे। उन्होंने सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम की सेवा भावना के लिए साधुवाद दिया। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि आश्रम का उद्देश्य केवल निराश्रितों को आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार जैसा स्नेह, सम्मान, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। किसी निराश्रित व्यक्ति का अपने परिवार से पुनर्मिलन आश्रम की सेवा यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। इस आश्रम में सत्यनारायण पोद्दार चैरिटेबल ट्रस्ट बाबूलाल प्रेमसंस ग्रुप का पूर्ण सहयोग निरंतर मिलता है। इस अवसर पर पुंदाग थाना प्रभारी संजीव कुमार, चैरिटेबल ट्रस्ट के निदेशक पंकज पोद्दार, कृष्ण प्रणामी ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, अंजनी अग्रवाल, पुजारी अरविंद पांडेय, संजय सर्राफ, सुरेश भगत, पवन पोद्दार, ज्ञान प्रकाश शर्मा, बुलेट गोराई, निर्मल महतो, अभिषेक कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। आश्रम परिवार ने शंभू यादव को उनके परिवार के साथ सुखमय एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं।

पटना : बिहार बंद का व्यापक असर, हाई अलर्ट
Published / 2026-07-25 13:34:23
पटना : बिहार बंद का व्यापक असर, हाई अलर्ट

नीट पेपर लीक मामले में विपक्षी दलों के बिहार बंद का व्यापक असर, हाई अलर्ट घोषितएबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीट पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे बिहार में बंद का व्यापक असर देखने को मिला।राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, आरा, बेगूसराय, पूर्णिया, छपरा और सासाराम समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि कई जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद रखने और इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया।

बिहार : नदी में डुबने से दो बच्चियों की मौत
Published / 2026-07-22 21:09:18
बिहार : नदी में डुबने से दो बच्चियों की मौत

चारा काटने गई थीं दो छात्राएं, पैर फिसलते ही नदी में डूबींगांव में मातम; SDRF की देरी से फूटा गुस्साएबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम चंपारण। जिले के मझौलिया प्रखंड के ओझा मठिया गांव में अकड़ाहा नदी में डूबने से दो छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं, ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृतक छात्राओं की पहचान 13 वर्षीय राधा कुमारी और 12 वर्षीय गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। दोनों सहेलियां अन्य बच्चों के साथ पुरैना सरेह में चारा काटने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारा काटने के दौरान नदी किनारे उनका पैर फिसल गया, जिससे दोनों गहरे पानी में चली गईं। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी। ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एसडीआरएफ टीम काफी देर से घटनास्थल पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो दोनों बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में दोनों बच्चियों के शव नदी से बरामद किए गए। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिए गए। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने की मांग की है।

बिहार : शराबबंदी के बीच पकड़ी गयी भारी मात्रा में शराब
Published / 2026-07-16 21:23:26
बिहार : शराबबंदी के बीच पकड़ी गयी भारी मात्रा में शराब

बिहार : शराबबंदी के बीच पकड़ी गयी भारी मात्रा में शराबबिहार में शराबबंदी... और झारखंड के रास्ते सप्लाई हो रही थी 50 लाख की दारू, पुलिस ने बीच रास्ते बिगाड़ा तस्करों का खेलएबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। जिले के बगोदर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर राष्ट्रीय उच्च पथ पर संतुरपी के पास से भारी मात्रा में शराब और बीयर लदा एक ट्रक जब्त किया है। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपये बतायी जा रही है। एसडीपीओ धनंजय कुमार राम ने बताया कि गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार को सूचना मिली थी कि धनबाद से बिहार की ओर अवैध शराब की खेप भेजी जा रही है। सूचना पर जीटी रोड पर वाहन जांच अभियान चलाया गया, जिसके दौरान संतुरपी के पास संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गयी। जांच में ट्रक से भारी मात्रा में शराब और बीयर की पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने ट्रक समेत पूरी खेप जब्त कर थाने ले आयी है। बरामद शराब की गिनती और मिलान किया जा रहा है। पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी
Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित
Published / 2026-06-23 13:21:38
बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित

बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजितबिहार सरकार ने सुनियोजित तरीके  षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या  कराई हैं:धनंजय तिवारीएबीएन न्यूज, नेटवर्क, हुसैनाबाद पलामू। शहर के जेपी चौक स्थित तिवारी कॉम्प्लेक्स कांग्रेस कार्यालय में  प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव सह प्रदेश प्रतिनिधि धनंजय कुमार तिवारी की अगुवाई में एक शोक सभा आयोजित की गई। बैठक में बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में बुलाई गई थी। बैठक में स्व. भरत तिवारी के याद 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।मौके पर कांग्रेस नेता धनंजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्व. भरत तिवारी गरीब, शोषित और वंचितों की आवाज थे। वे अपने क्षेत्र के विकास व जनता के प्रति चिंतित रहते थे धीरे-धीरे उनकी छवि एक क्रांतिकारी नौजवान के रूप में बन गई थी। श्री तिवारी ने बताया कि स्व. भरत तिवारी जमनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में पुल निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। पुल न होने से हर साल बाढ़ से कई गांव प्रभावित होते थे। उन्होंने सरकार को कई बार आगाह किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे काफी क्षुब्ध थे। धनंजय तिवारी का आरोप है कि भरत तिवारी की बढ़ती लोकप्रियता और क्रांतिकारी छवि बिहार प्रशासन व सरकार को रास नहीं आई। अंततः एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या कर दी गई। बैठक में सुदामा तिवारी, विपुल तिवारी, शंभू तिवारी, जयप्रकाश उपाध्याय, मनोज वैद्य, रंजन तिवारी, जगन्नाथ गिरी, अशोक पाठक, कृपानंद पाठक, अश्वनी तिवारी, संतोष कुमार पांडेय, धनंजय पाठक, राजकुमार पांडेय, कामाख्या नारायण पाठक, अभिषेक पाठक, अनिल पाठक, राजेश तिवारी सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

भरत तिवारी के परिजनों से मिले जेडीयू नेता, मदद की अपील
Published / 2026-06-22 16:55:38
भरत तिवारी के परिजनों से मिले जेडीयू नेता, मदद की अपील

भरत तिवारी के परिजनों से मिले जेडीयू नेता, मदद की अपीलटीम एबीएन, रांची। आरा के बिलौटी गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिले जदयू नेताओं ने निष्पक्ष जांच एवं न्याय की मांग की। जनता दल (यूनाइटेड) झारखंड प्रदेश के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के आरा जिला अंतर्गत बिलौटी गांव पहुंचकर बिहार पुलिस द्वारा हत्या किए गए मृत भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। कहा कि आपका बेटा शहीद हुआ है। जनहित के कार्यों को करके आज समाज और देश की जनता उसके साथ है जनता जागी है गलत का विरोध करने।प्रतिनिधिमंडल ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए इस दुःख की घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मृत्यु अत्यंत दुखद एवं चिंताजनक है।परिजनों, ग्राम वासियों एवं जनता जनार्दन ने बताया पुलिस प्रशासन ने उनकी हत्या की है भरत जनहित के कार्य के लिए हमेशा आवाज उठाते थे भ्रष्ट पदाधिकारियों की नज़रे इन पर थी। इनके द्वारा विरोध करने से भ्रष्ट लोग परेशान थे। सरेंडर करने के पश्चात गोली मारी गई और एंबुलेंस में निर्मम हत्या की गयी।समाज में कोई व्यक्ति हत्या करता है तो उसको सजा मिलती है इसी तरह भक्षक थानेदार, डीएसपी, एसपी, एसडीम सबके ऊपर हत्या का केस सरकार करें और इन प्राधिकारियों को निलंबित करके जेल में डालें तभी जनता का विश्वास लोकतंत्र में न्याय पर बना रहेगा। सरकार परिवार के भरण पोषण के लिए एक व्यक्ति को नौकरी दे और मुआवजा मुख्यमंत्री को जाकर देना चाहिए क्योंकि सरकारीतन्त्र की गलती है। उन्होंने कहा कि कानून के राज में प्रत्येक नागरिक को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) झारखंड प्रदेश पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। पार्टी इस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है तथा आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के समक्ष भी अपनी बात रखेगी।प्रतिनिधिमंडल में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश सचिव दिलीप पांडेय, पलामू जिला अध्यक्ष मनोज कुमार दुबे, जमशेदपुर जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी झारखंड प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी (9431115714) ने दी।नोट- निवेदन शहीद भारत भूषण तिवारी की मां सुमन देवी का हम सभी बैंक अकाउंट नंबर और स्कैनर भी भेज रहे हैं जो चाहे कुछ भी परिवार को सहयोग कर सकते हैं। सुमन देवीयूको बैंक अकाउंट नंबर 211932 11033851 आईएफएससी कोडUCBA 00002119 मोबाइल 93414 34529 इस मोबाइल नंबर पर भी पेमेंट कर सकते हैं

गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार
Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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