Featured

View All

विज्ञापन

देश

झारखंड

खेल समाचार

करियर

समाज

मनोरंजन

वर्ल्ड

हेल्थ

कानून व्यवस्था

ज्ञान विज्ञान

वन और पर्यावरण

राज काज

विचार

झारखंड

View All
Published / 2026-06-21 17:43:59
एसआर डीएवी पुंदाग में बारहवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह

टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में धूमधाम से 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह मनाया गया। मौके पर खेल शिक्षक राजेश कुमार सिन्हा तथा आशीष जायसवाल के मार्गदर्शन में योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस का थीम योग फॉर एजिंग अर्थात बढ़ती उम्र के लिए योग रखा गया था। 

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने वरिष्ठ शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संदेश में विद्यार्थियों को न केवल योग अपनाने की प्रेरणा दी, बल्कि योग को प्रचारित-प्रसारित करने की भी सलाह दी। 

उन्होंने विद्यार्थियों को इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के थीम बढ़ती उम्र के लिए योग के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष में एक दिन योग करना काफी नहीं है,बल्कि नियमित रूप से योगाभ्यास करने से हम स्वस्थ रहेंगे। हम पर बढ़ती उम्र का दुष्प्रभाव कम पड़ेगा। हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। 

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा दर्शायी गयी योग की विभिन्न मुद्राएं थीं। उन्होंने मिलकर सहज योग के विभिन्न आसन किये। विद्यालय परिसर में योग की धूम रही। योगासन अभ्यास के इस सत्र में विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी भाग लिया। शांतिपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Published / 2026-06-21 17:43:08
हिंडाल्को के ट्रक में बैठे यमराज ने तीन नहीं चार की हत्या की : सूरज अग्रवाल

  • हिंडाल्को के ट्रक में बैठे यमराज ने तीन नहीं चार की हत्या की : सूरज अग्रवाल

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले में दिनांक 19/6/26 को रात्रि करीब 9:30 बजे मिशन चौक के समीप एक ही परिवार के तीन सदस्यों के साथ एक हत्या और की गई। जो बच्चा अभी जन्म तक नहीं लिया था, उसे गर्भ में ही हिंडालको ने हत्या कर दी।

इस हत्या के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिस ट्रक के द्वारा लोगों को कुचला गया, वह ट्रक 32 वर्ष पुराना था। तो हिंडालको कंपनी किस नियम के तहत इस ट्रक को चला रही थी। इस ट्रक को परमिट देने के लिए कितने पैसे हिंडाल्को के अधिकारियों ने लिया था, यह जांच का विषय है। 

हिंडालको कंपनी बड़ी-बड़ी बात करती है। सड़क सुरक्षा खान सुरक्षा आदि तरह-तरह के सिर्फ सरकारी कोरम को पूरा करती है। ताकि सरकार को धोखा दिया जा सके लेकिन एक कहावत है हाथी का दांत खाने का अलग और दिखाने का अलग।

हिंडालको चरितार्थ कर रही है इस पर कार्रवाई होनी चाहिए और हिंडाल्को के अधिकारियों के ऊपर प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। ताकि इस दुर्घटना में अपने परिवार को खोने वाले लोगों को न्याय मिल सके। बिहार से लोहरदगा के हिंडाल्को में आकर बैठे हुए पूर्णिया। 

गया और डेहरी के अधिकारी लाटसाहबी छोड़कर लोगों के तकलीफ के बारे में सोचे जिस तरह से हिंडालको कंपनी स्थानीय लोगों को दरकिनार कर बाहरी लोगों को कंपनी के कार्यालय से लेकर कंपनी के कार्यों में भी दाखिला दे रही है। यह अत्यंत चिंतनीय है। दुखद है क्योंकि स्थानीय लोग ही स्थानीय का दुख पीड़ा को समझ पाएंगे। यह बाहरी लोग यहां सिर्फ पैसे की उगाही करने आए हैं।

लोहरदगा के जनप्रतिनिधि स्थानीय डोमिसाइल को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। भौकाल मचाते रहते हैं। ऐसे जनप्रतिनिधियों को भी हिंडाल्को के खिलाफ आवाज बुलंद करना चाहिए। नहीं तो जनता सब देख रही है आने वाले समय में जनता सबक सिखाएगी। 

बिहार

View All
Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse