टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वावधान में हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन के बहुउद्देशीय सभागार में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले कुल 145 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की उभरती प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करना तथा युवाओं को शिक्षा एवं संस्कार के प्रति प्रेरित करना था। समारोह की अध्यक्षता रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा भगवान श्री गणेश के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार तथा महामंत्री विनोद कुमार जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। अनुशासन, परिश्रम, विनम्रता,आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ संकल्प ही जीवन में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और अन्य छात्रों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। विशिष्ट अतिथि एवं समाजसेवी अधिवक्ता आनंद पासारी ने सभी सम्मानित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि शिक्षा और संस्कार ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
प्रतिभा सम्मान समारोह में सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड की वर्ष 2026 की दसवीं एवं बारहवीं परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 125 छात्र-छात्राओं को प्रतिभा प्रोत्साहन सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न व्यावसायिक एवं उच्च शिक्षा क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने वाले 20 प्रतिभाशाली युवाओं को भी सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में एमबीए की डिग्री प्राप्त करने वाली सृष्टि सर्राफ, राधिका शर्मा एवं विशाखा शर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंसी में सफलता प्राप्त करने वाले ऋषि चितलांगिया, शिखा सुरेखा, हर्ष राज मित्तल, अंकित बंका, निशा गोयनका, आकांक्षा खोवाल, आकांक्षा पोद्दार, वेदांत ड्रोलिया, विधि कुमारी अग्रवाल, पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले मयंक पराशर, जेईटी में सफलता प्राप्त करने वाले वैभव विजय, तथा एशवी वशिष्ठ एवं वृश वशिष्ठ शामिल रहे। इसके अतिरिक्त खेल एवं योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अंश पोद्दार (कराटे), प्रसन्ना पटवारी (कुश्ती) एवं सीकृत अग्रवाल (योगा) को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
सभी प्रतिभाओं को मोमेंटो, प्रशस्ति-पत्र, पुस्तक एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा संचालित विभिन्न जनसेवा, शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि समाज की नयी पीढ़ी को प्रोत्साहित करना सम्मेलन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत सम्मेलन के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री निर्मल कुमार बुधिया एवं कार्यक्रम संयोजक विशाल पाड़िया ने किया। तथा धन्यवाद- ज्ञापन कोषाध्यक्ष कमलेश संचेती ने की। कार्यक्रम संयोजक अमित बजाज ने बताया कि इस आयोजन के प्रायोजक मेसर्स बाबूलाल प्रेम कुमार थे।
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर-कमल केडिया, पवन शर्मा, विनोद जैन, नंदकिशोर पाटोदिया, रमन वोडा, विश्वनाथ नारसरिया, मनोज चौधरी, किशन साबू, नरेंद्र लखोटिया, राजेंद्र केडिया, प्रमोद अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रवि शंकर शर्मा, संजय सर्राफ, राजेंद्र अग्रवाल, प्रदीप बाकलीवाल, अशोक पुरोहित, डूंगरमल अग्रवाल, अशोक लाठ,कौशल राजगढ़िया राजेश कौशिक, जितेंद्र जैन, किशन शर्मा, सुनील पोद्दार, नरेश बंका, विजय कुमार खोवाल, विकास अग्रवाल, अमर अग्रवाल, नारायण विजयवर्गीय, कमल शर्मा, सहित सम्मेलन के अनेक पदाधिकारी, सदस्यगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे समारोह का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और गौरव से ओत-प्रोत रहा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने कर्मठ, जुझारू, ईमानदार एवं साहसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश कुमार अग्रवाल को तमिलनाडु राज्य का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, महामंत्री विनोद कुमार जैन तथा संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने संयुक्त रूप से शुभकामना देते हुए कहा कि श्री महेश कुमार अग्रवाल का पुलिस सेवा में लंबा,उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायक कार्यकाल रहा है।
अपनी निष्ठा कर्तव्यपरायणता, प्रशासनिक दक्षता तथा निर्भीक नेतृत्व क्षमता के बल पर उन्होंने पुलिस विभाग में विशिष्ट पहचान बनाई है। पदाधिकारियों ने कहा कि तमिलनाडु जैसे महत्वपूर्ण राज्य के पुलिस महानिदेशक पद पर उनकी नियुक्ति न केवल उनकी योग्यता और कार्यकुशलता का सम्मान है, बल्कि संपूर्ण अग्रवाल एवं मारवाड़ी समाज के लिए भी गौरव का विषय है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री अग्रवाल अपने अनुभव, दूरदर्शिता एवं नेतृत्व क्षमता से राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा पुलिस प्रशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। सम्मेलन के पदाधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफल कार्यकाल की मंगलकामनाएं करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्तासं जय सर्राफ ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। हे गायत्री माता तेरी महिमा अपरम्पार है, यह अद्भुत अति सुन्दर तेरा रचा हुआ संसार है। कार्यक्रम प्रारंभ में प्रज्ञागीत गायन कर गायत्री महिला मंडल प्रतिनिधित्व में निष्ठावान परिवार मध्य चुटिया में गायत्री महामंत्र का अखंड जप-अनुष्ठान अखंड ज्योति एवं गुरुमाता जन्म शताब्दी वर्ष अनुयाज कार्यक्रम क्रम में तीन दिवसीय किया गया।
प्रथम दिन संध्याकाल संध्या वंदन में संकल्पित होकर षटकर्म, कलश पूजन, अखंड दीप ज्योति प्रज्ज्वलन कर गायत्री चालीसा पाठ, दूसरे दिन बारह घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान, सायंकाल गायत्री दीपयज्ञ तथा तीसरे चरण में आज सुबह गायत्री हवन-यज्ञ विधान में विशिष्ट मंत्रों से अग्निहोत्र कर मनोरथपूर्ण पूर्णाहुति सोल्लास संपन्न किया।
इस अवसर पर गायत्रीपरिवार संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव की लिखित गायत्री महामंत्र की महिमा और गायत्री महाविज्ञान पुस्तक पर अनेक विषयगत चर्चा की गई। यज्ञीय पुरोहित ने बताया कि इसे वेदमाता, देवमाता, विश्वमाता सर्वकामधुक् ( सभी श्रेष्ठ कामनाओं को पूरा करने वाली) कहा गया है। किन्तु यह गुह्य विद्या है।
आचार्य श्रीराम शर्मा पूज्य ने इस युग में मनुष्य मात्र को दुर्बुद्धि के चंगुल में जकड़ते, पीसते देखा तो सद्बुद्धि, सद्वभाव, सद्विचार, सद्ज्ञान प्रदायिनी, सन्मार्ग, सत्पथ गामिनी गुह्य गायत्री महाविद्या को जन-जन तक पहुंचाए जाने और जन सुलभ बनाने का भागीरथी तपोबल और अपने संकल्प बल का पुरुषार्थ सार्थक किया। इस पुण्य प्रसाद को जन-जन के लिए पुरुषार्थ स्वरूप गायत्री महाविद्या का युगानुरुप सफल प्रयोग कर गायत्री महाविज्ञान का सृजन व प्रकाशन किया।
इससे शिष्य जिज्ञासुओं एवं विशिष्ट साधकों की रूचि बढ़ती गई और समस्याओं के समाधान, निराकरण करते गये। गुरुवर श्रीपूज्यवर ने बताया है कि गायत्री महामंत्र की महिमा एक ऐसा तत्व है, उदाहरण व दृष्टांत हैं,जिसे सभी महापुरूषों एवं ऋषि महर्षियों ने एक मत से स्वीकार किया है।
गुरुवरश्री ने बताया है कि गायत्री ही ब्रह्म की सर्वोत्कृष्ट चेतना है, गायत्री उपासना साधना सर्वदा हितकारी, शुभकारी और लाभकारी है। श्रद्धापूर्वक गायत्री माता का आंचल पकड़ने का परिणाम सदा कल्याणकारक होता है।गायत्री मंत्र को भारतीय संस्कृति में सबसे श्रेष्ठ मंत्र माना गया है। नवरात्र महापर्व काल में गायत्री महामंत्र का जप-अनुष्ठान आत्म विकास में एक स्वर्णिम अवसर माना गया है।
परम पूज्य श्रीगुरुदेव ने इसमें साधना संबंधित कुछ भ्रांतियों के निवारण का भी जिक्र किया है।यजमान ने देव दक्षिणा में एक दुर्गुण का त्याग और एक सद्गुण ग्रहण का संकल्प सहित पूर्णाहुति सोल्लास संपन्न किया।इस कार्यक्रम में अपर चुटिया, मकचून्द टोली और रेलवे कॉलोनी महिला मंडल प्रतिनिधियों ने पूरा सहयोग किया। उक्त जानकारी जय नारायण प्रसाद और बैद्यनाथ केशरी ने दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले में गुरुवार को बजरंग दल लोहरदगा के नगर सहसंयोजक अनुभव कुमार समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य कर रहे हैं। जिसकी लोग प्रशंसा भी करते है जैसे ही उन्हें किसी जरूरतमंद मरीज को रक्त की आवश्यकता होने की सूचना मिलती है।
वे अपने मित्रों एवं युवाओं से संपर्क कर रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं। उनके प्रयास से कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो रहा है। बता दें कि बजरंग दल का गठन वर्ष 1984 में युवा संगठन के रूप बजरंग दल का गठन किया गया।
संगठन का मूल उद्देश्य सेवा, सुरक्षा और संस्कार के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं धर्म के प्रति जागरूक करना है। संगठन समय-समय पर रक्तदान शिविर राहत कार्य, गौ सेवा, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ-साथ जरूरतमंदों की सहायता के लिए भी कार्य करता है।
बजरंग दल के कार्यकर्ता सामाजिक समरसता और मानव सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इसी कड़ी में कुछ दिनों से बीमार चल रहे धनेश्वर महतो को रक्त की आवश्यकता होने पर अनुभव कुमार ने युवाओं से संपर्क किया। सूचना मिलते ही युवा ऋतिक गोयल ने आगे बढ़कर एक यूनिट रक्तदान किया और मानवता की मिसाल पेश की।
मौके पर समाजसेवी सचिन कुमार साहू ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा और रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की है।
इस अवसर पर हर्ष कुमार, आयुष तमेड़ा, अनुभव कुमार सहित अन्य युवा उपस्थित थे। सभी ने रक्तदाता ऋतिक गोयल के इस नेक कार्य की सराहना की और कहा कि आने वाले दिनों में भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए इसी तरह सेवा कार्य जारी रहेंगे। युवाओं की यह पहल समाज में मानवता और सेवा भाव का सकारात्मक संदेश दे रही है।
एबीएन सोशल डेस्क। पुरुषोत्तम मास पूर्णिमा के पावन अवसर पर रांची लालपुर चौक स्थित साकेत सर्राफ के आवास में भक्ति और श्रद्धा के अद्भुत रंगों से सराबोर हो उठा, जब श्री धोली सती दादी महिला समिति द्वारा श्री धोली सती दादी जी उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।
पूरे वातावरण में भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि, दीप-प्रकाश की ज्योति और भक्तिमय आस्था की सौंधी सुगंध व्याप्त रही। कार्यक्रम की शुरुआत दादी जी के विशेष श्रृंगार के साथ हुई। आकर्षक फूलों से सजे दादी के दिव्य स्वरूप का दर्शन करते ही श्रद्धालुओं के चेहरों पर उमंग और भक्ति झलक उठी।
इसके बाद सामूहिक मंगल पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने पूरी निष्ठा के साथ दादी जी की महिमा का गुणगान किया। समिति की सक्रिय सदस्या शशि सर्राफ एवं सविता सर्राफ सहित अन्य महिलाओं ने अपनी मधुर आवाज में कई भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किए। इन भजनों ने वातावरण में आध्यात्मिक उत्साह को और भी दैदीप्यमान कर दिया।
गाए गए कुछ प्रमुख भजनों में दादी जी के दर पर आए, मन को मिला विश्राम, धोली सती मैया, कर दो सबका बेड़ा पार, आज पूर्णिमा के दिन दादी, तुम घर-घर दीप जलाओ... भजनों की सुरीली लहरों के बीच उपस्थित महिलाओं ने दादी जी के श्रीचरणों में आराधना एवं वंदन करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।
भजन-कीर्तन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का समापन दादी जी की आरती और सभी के उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण की प्रार्थना के साथ हुआ। दादी जी का महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सबों के हृदय में अविस्मरणीय स्मृतियां छोड़ गया।
इस अवसर पर शशि सर्राफ, सविता सर्राफ, करुणा बागला, कविता सर्राफ,मधु सर्राफ, श्वेता सर्राफ, रेनू सर्राफ, ममता सर्राफ, संजीता सर्राफ, मंगला बागला, शशि, अनुराधा, रीना, विनीता, निधि, सावित्री, दीप्ति, सपना, माया, सीतू के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
श्री धोली सती दादी प्रचार समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि धोली सती दादी जी नारी शक्ति, साहस और संरक्षण की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से परिवार में शांति, सुख और समृद्धि का वास होता है।
एबीएन, न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को चुनाव लड़ने और राजनीति में भाग लेने का अधिकार है। यह अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन जब राजनीति का उद्देश्य समाज सेवा, समुदाय की एकता और जनहित के बजाय केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा, पद प्राप्ति या राजनीतिक पहचान बनाना रह जाता है, तब उसके नकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ने लगते हैं। विशेष रूप से सरना समाज जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील समुदायों को इसका अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
आज कई बार देखा जाता है कि कुछ लोग चुनावी लाभ, लोकप्रियता या वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसे बयान दे देते हैं जिनके दूरगामी परिणामों पर पर्याप्त विचार नहीं किया जाता। सार्वजनिक जीवन में बोले गये शब्द केवल व्यक्तिगत विचार नहीं रह जाते, बल्कि वे समाज के भीतर भ्रम, मतभेद और विभाजन का कारण भी बन सकते हैं।
यदि कोई व्यक्ति बिना तथ्यों की जांच किए, बिना सामाजिक प्रभावों को समझे या बिना समुदाय के व्यापक हितों को ध्यान में रखे बयान देता है, तो उसका असर आने वाले वर्षों तक दिखाई दे सकता है। सरना समाज की पहचान उसकी परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं, सामुदायिक एकता और पूर्वजों से प्राप्त सांस्कृतिक विरासत में निहित है।
ऐसे में यदि व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण समाज को विभिन्न गुटों में बांटने, एक-दूसरे के विरुद्ध खड़ा करने या सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया जाता है, तो इससे समाज की सामूहिक शक्ति कमजोर होती है। समाज की ऊर्जा अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा में लगने के बजाय आंतरिक विवादों में खर्च होने लगती है।
किसी भी समाज का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता या राजनीतिक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल वर्तमान की राजनीति तक सीमित नहीं होती। उनके शब्द और निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उदाहरण बनते हैं। इसलिए किसी भी विषय पर बोलने से पहले उसके सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक परिणामों का गंभीरता से मूल्यांकन करना आवश्यक है।
एक असावधान बयान या निर्णय समाज में अविश्वास, भ्रम और अनावश्यक विवाद को जन्म दे सकता है। सरना समाज को आज एकता, जागरूकता और दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता है। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं तब तक उचित हैं जब तक वे समाज के हितों के साथ जुड़ी हों। लेकिन यदि व्यक्तिगत लाभ को समाज के सामूहिक हित से ऊपर रखा जाता है, तो इसका नुकसान पूरे समुदाय को उठाना पड़ता है।
इसलिए आवश्यक है कि समाज के सभी जिम्मेदार व्यक्ति, चाहे वे राजनीतिक क्षेत्र में हों या सामाजिक क्षेत्र में, अपने विचारों और कार्यों में संयम, जिम्मेदारी और दूरदर्शिता का परिचय दें। समाज का हित, एकता और सांस्कृतिक अस्तित्व किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा से बड़ा होता है। इसलिए हर निर्णय और हर वक्तव्य समाज के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर ही दिया जाना चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 31.5.26 दिन रविवार प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से रांची रेलवे-स्टेशन कॉलोनी चुटिया कृष्णा पुरी में काली मंदिर, हनुमान मंदिर रोड नंबर 1 से रोड नं 11 होकर नशा निषेध दिवस कार्यक्रम चलाया गया।
जिसमें बड़ी संख्या में मोहल्ला निवासी एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा हर्षोल्लास के साथ बैनर, दफ्ती पोस्टर तले गीत संगीत, वादन गायन व जयघोष करते नशा मुक्ति कार्यक्रम का शानदार उदाहरण पेश किए।इस कार्यक्रम मे हमारे स्थानीय व ऊपरी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।व्यसन विनाश का सोपान और नशाखोरी अभिशाप के समान है।
रैली अभियान के संचालक मंडल प्रतिनिधियों, सहायकों ने शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में बहुत सुन्दर सराहनीय संदेश दिये। संदेश में व्यसन से नशा से होने वाले शारीरिक नुकसान, पारिवारिक परेशानी, सामाजिक हानि और राष्ट्रीय मानवीय गरिमा गिरावट पर अनेकानेक सद्विचार प्रकट किये।
गीतों के मधुर स्वरों में भी संदेश दिया कि तनिक सोचो भैया बहिन थोड़ा थोड़ा सोचो, हजार बार सोचो आप गुटखा खाते हो, क्या पाते हो, नशा नाश की जड़ है भाई। इससे सदा दूर रहो, यह है बहुत दुखदाई।सभी जानते हैं कि नशा नुकसान दायक है। इससे दूर रहने का संकल्प और शक्ति का प्रयोग करने तथा नशा छोड़ने का अचूक उपाय सुझाये गये।
अंत में गीत संगीत व गायन वादन व उद्घोष माध्यम से जीवन को व्यसन से नशा से बचाइए और नवसृजन में लगाइए का संदेश नशेबाजों को ध्यान से पढ़ने, पढ़ाने, समझाने व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत के महा अभियान की पुस्तिका तथा नशा निषेध अभियान का पम्पलेट प्रचारक पत्र जन-जन तक पहुंचाए जाने के लिए वितरित किये गये।
कार्यक्रम आयोजन की शुरुआत स्थानीय नगर निगम पार्षद के मंत्रोच्चारण व जयघोष से तथा समापन शान्ति से किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के कार्यकर्ता प्रचारक जय नारायण प्रसाद और अभय शंकर सिंह ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 31/05/ 2026 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर 36 अज्ञात शवों का पूरे विधि विधान से अंतिम संस्कार किया गया।
मुक्ति संस्था के सदस्यों ने रिम्स के मोर्चरी गृह से अज्ञात शवों को निकालकर पैक कर जुमार नदी के तट पर लेकर गए इस दौरान संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने अज्ञात शवों को मुखाग्नि दी।
संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने बताया कि मुक्ति संस्था द्वारा अबतक कुल 2189अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। अंतिम अरदास परमजीत सिंह टिंकू ने किया। मौके पर संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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