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Published / 2026-06-21 17:39:36
योग से स्वस्थ जीवन का संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में विशेष योग शिविर आयोजित 

टीम एबीएन, रांची। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर परम पूज्य डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के पावन सान्निध्य में एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम का उद्देश्य निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निवास कर रहे 50 से अधिक निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद प्रभुजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 

योग प्रशिक्षक अरविंद पांडेय ने सभी को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया तथा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। योग सत्र के उपरांत सभी आश्रमवासियों को जूस एवं पौष्टिक आहार वितरित किया गया। 

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी तथा ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम का माध्यम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित तथा आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने का सशक्त माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता एवं अनेक बीमारियों से बचाव संभव है तथा व्यक्ति स्वस्थ, प्रसन्न और ऊजार्वान बना रहता है। 

ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निवासरत निराश्रितों एवं जरूरतमंद प्रभुजनों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिदिन प्रात:काल नियमित रूप से योग एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा के साथ-साथ स्वस्थ एवं संस्कारित जीवन का निर्माण भी ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है। 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस विशेष आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया कि योग स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन का आधार है तथा इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र भी सशक्त एवं समृद्ध बन सकता है। उक्त जानकारी श्री कृष्णा प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2026-06-18 21:59:08
दो वर्षों मे 1 लाख 40 हजार से भी अधिक आश्रम में निराश्रितों को कराया गया भोजन

जरूरतमंदों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची अराधना : संजय सर्राफ  

टीम एबीएन, रांची। परमहंस डा० संत शिरोमणी श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य मे एम.आर.एस.श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची के द्वारा संचालित विगत 2 वर्षों से चल रहे पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ स्थल श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग के प्रांगण में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) रांची में आश्रम में रह रहे 48 मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रहकर उनकी सेवा करने वाले सेवादार साथियों के बीच विभिन्न व्यंजनों के साथ अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसादी का विधिवत आश्रम के किचन में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन बनवाकर भोजन खिलाया जा रहा है। 

सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि 1 जून से 18 जून तक 18 दिनों मे 3990 निराश्रित प्रभुजी एवं उनकी देखभाल करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसाद का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि विगत 2 वर्षों में 1 लाख 40 हजार से भी अधिक आश्रम में निराश्रितों को भोजन कराया गया। 

इस सेवा में कई लोगों ने सहयोग देते हुए स्वयं भोजन सेवा का दायित्व निभाया, इसके अलावे कई लोगों द्वारा आश्रम में रह रहे  निराश्रितो, मंदबुद्धि, दीनबंधुओं के लिए खाद्य सामग्री एवं जरूरत के समान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों को समाज के हर वर्ग का सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव प्रभु सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। जरूरतमंदों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची अराधना है। 

अन्नपूर्णा सेवा के पुनीत कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज कुमार चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुजारी अरविंद पांडे, पुरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल,सुरेश अग्रवाल, नन्द किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार,मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, सुरेश चौधरी, अरविंद अग्रवाल, सुरेश भगत,पवन पोद्दार सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

Published / 2026-06-17 21:45:30
आरएसएस कार्यालय पर हमला के दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई : मिथिलेश्वर मिश्र

टीम एबीएन, रांची। निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यालय में विगत रात्रि पेट्रोल बम से किये गये हमले की विश्व हिंदू परिषद कड़ी निंदा करती है तथा सरकार एवं प्रशासन से हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करती है। 

विश्व हिंदू परिषद के झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने कहा विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन जो राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा हुआ है उस पर इस प्रकार का हमला अत्यंत चिंता जनक है। यह छोटी घटना नहीं है इस घटना के पीछे राष्ट्रविरोधी शक्तियों का हाथ हो सकता है जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

प्रांत कार्यालय में प्रशासन द्वारा स्थायी सुरक्षा व्यवस्था रहनी चाहिए जिससे इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

Published / 2026-06-17 18:20:19
समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल सम्मानित

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अंगवस्त्र, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया सम्मानित 

टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रांची के सांसद सह केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिष्ठित समाजसेवी हस्तियों को सम्मानित किया गया।

इसी क्रम में रांची के कांके रोड स्थित भुवालका हाउस में आयोजित एक गरिमामय सम्मान समारोह में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के उपाध्यक्ष, प्रख्यात समाजसेवी एवं व्यवसायी राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान एवं मानव सेवा के क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। 

समारोह के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को अंगवस्त्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा स्मृति-चिह्न एवं विशेष पुस्तिका भेंट कर उनके सामाजिक कार्यों की सराहना की। 

इस अवसर पर श्री सेठ ने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले समाजसेवी राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे व्यक्तित्वों का सम्मान करना न केवल उनके कार्यों का गौरव बढ़ाता है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी सेवा एवं समर्पण के लिए प्रेरित करता है। 

ज्ञात हो कि राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल लंबे समय से सामाजिक, धार्मिक एवं मानवीय सेवा कार्यों से जुड़े हुए हैं। वे श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट तथा सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के माध्यम से निराश्रित, दिव्यांग, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व एवं सहयोग से विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे समाज के अनेक लोगों को लाभ मिल रहा है।

 इस सम्मान समारोह में पूर्व सांसद अजय मारू, पार्षद नकुल तिर्की, भगवती भुवालका, मुकेश काबरा, संजय सर्राफ, कैलाश सिंघानिया, रविंद्र मोदी, जयंत शाहदेव, पुष्पा भुवालका, आदित्य भुवालका सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे। 

Published / 2026-06-16 19:11:15
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस

  • वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस
  • रानी लक्ष्मीबाई का जीवन और बलिदान भारतीय नारी शक्ति की महान पहचान : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का नाम अदम्य साहस, देशभक्ति और आत्मसम्मान के प्रतीक के रूप में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। 

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस प्रतिवर्ष 18 जून को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1858 में अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका बलिदान भारतीय इतिहास की सबसे प्रेरणादायक घटनाओं में से एक माना जाता है। महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था, जिन्हें प्यार से मनु कहा जाता था। विवाह के पश्चात वे झांसी की महारानी बनीं। 

जब अंग्रेजों ने हड़प नीति के तहत झांसी को अपने अधीन करने का प्रयास किया, तब रानी लक्ष्मीबाई ने इसका डटकर विरोध किया। वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व किया और वीरता की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की, जो आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।18 जून 1858 को ग्वालियर के निकट कोटा-की-सराय में अंग्रेजी सेना से युद्ध करते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं। 

अंतिम समय तक उन्होंने अपने साहस और रणकौशल का परिचय दिया। उनका प्रसिद्ध कथन-मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी, आज भी देशभक्ति की भावना को प्रज्ज्वलित करता है। रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, आत्मसम्मान, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों से परिचित कराना है।

यह दिवस हमें यह संदेश देता है कि देश की स्वतंत्रता, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर नागरिक को सदैव तत्पर रहना चाहिए। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न संगठनों ने इस अवसर पर संगोष्ठियों, निबंध प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाता है। 

रानी लक्ष्मीबाई का जीवन और बलिदान भारतीय नारी शक्ति की महान पहचान है। उनका संघर्ष यह सिद्ध करता है कि दृढ़ संकल्प, साहस और देशभक्ति के बल पर असंभव प्रतीत होने वाली चुनौतियों का भी सामना किया जा सकता है। उनका बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

Published / 2026-06-15 20:28:29
मनुष्य को वही करना चाहिए जिससे सबका हित हो : संतोष कुमार संगम

रांची : नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ व पावन प्रज्ञा पुराण कथामृतम कार्यक्रम का आज पांचवां दिन रहा 

एबीएन सोशल डेस्क। यज्ञीय अनुष्ठान विधान में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधिमंडल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार पाठ व जयघोष विधान से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। आज भी गायत्री महामंत्र का गुरु दीक्षा संस्कार 60 जनों ने ली।  साथ ही दर्जनों ने जन्मदिन संस्कार, पुंसवन संस्कार, नामकरण संस्कार, विद्यारंभ संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार अधिकाधिक ने लिये। यज्ञ स्थल पर आज भी बीपी, नेत्र जांच, चिकित्सा शिविर का भी आयोजन नि: शुल्क रहा।

श्रद्धालुओं ने इस सेवा का खूब लाभ उठाया। पर्यावरण संरक्षण हेतु महायज्ञ में आयें हुए सभी आज भी श्रद्धालुओं को एक-एक वृक्ष भेंट के रूप में गायत्री परिवार के भाई-बहन ने प्रदान किया। संध्याकालीन सत्र में गायत्री दीपयज्ञ विधान हुआ। दीपयज्ञ के महत्वपूर्ण सूत्रों के अर्थ के भावार्थ में संतोष कुमार संगम ने बताया कि मनुष्य को वही करना चाहिए जिससे सबका हित हो। 

कहा कि विचारों को संयमित करने के लिए उन्हें किसी उद्देश्य से जोड़ देने चाहिए। मनुष्य का जीवन ही प्रत्यक्ष देवता है। जीवन देवता की उपासना का फल इसी लोक में मिल जाता है। आगे प्रज्ञा पुराण कथामृतम अंतर्गत संयमशीलता, कर्तव्य परायणता और उदार भक्ति भावना प्रकरण आदि अनेक विषय पर प्रकाश  विस्तार से प्रकाश डाला। 

युग निर्माण योजना, विचार क्रांति के प्रणेता सृजेता परमपूज्य श्रीगुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के अच्छे विचारों से बुरे विचारों के काट, इस युग के वैचारिक प्रदूषण और उनसे उपजी समस्याओं के समाधान व निपटान  अंतर्गत, ग्राम तीर्थ योजना अंतर्गत व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज कल्याण व राष्ट्रीय कल्याण के साथ याज्ञवल्क्य ऋषि यज्ञीय विधान के ज्ञान विज्ञान पर, परम पूज्य के लेखन गायत्री महाविज्ञान और कथन भारतीय संस्कृति के निर्माता यज्ञ पिता गायत्री माता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथाएं मानव जीवन को बहुत प्रभावित करती हैं। 

अंत में आरती उपरांत शांति-पाठ व सर्व मंगलाय वंदना सहित जयघोष कर समापन हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार महिला मंडल शाखा हरमू हाउसिंग कॉलोनी, रांची  के जय नारायण प्रसाद और कुणाल कुमार ने दी।

Published / 2026-06-15 20:26:38
सोमवती अमावस्या पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

270 वें अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद 

टीम एबीएन, रांची। परम पूज्य डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में सोमवती अमावस्या का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। 

इस अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर आध्यात्मिक वातावरण बना रहा तथा हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पर्व के अवसर पर ट्रस्ट की ओर से 270वें श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर श्री राधा रानी का नवीन दिव्य वस्त्रों एवं आकर्षक आभूषणों से भव्य अलौकिक श्रृंगार किया गया। 

मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर हो उठा। दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ लड्डू, फल, पेड़ा, चूरमा, खिचड़ी एवं मेवा सहित विविध प्रकार के महाप्रसाद का विधिवत भोग भगवान को अर्पित किया। 

इसके उपरांत श्रद्धालुओं के बीच मसालेदार वेजिटेबल खिचड़ी, शीतल जलजीरा शर्बत तथा सत्तू पानी का वितरण किया गया। मंदिर परिसर में उपस्थित दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया। संध्या बेला में आयोजित भजन-संध्या कार्यक्रम ने पूरे आयोजन को और अधिक भक्तिमय बना दिया। 

ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी ने प्रभु श्याम एवं श्री राधा-कृष्ण की महिमा पर आधारित सुमधुर एवं मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। राधे-राधे और जय श्री कृष्ण के जयघोषों से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महाआरती में भाग लेकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। 

ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि सोमवती अमावस्या के अवसर पर प्रात:काल से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और दिनभर में पांच हजार से अधिक भक्तों ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अन्नपूर्णा सेवा के अंतर्गत वेजिटेबल खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया जाता है, जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। 

इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल, विजय अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज चौधरी, सज्जन पाड़िया, निर्मल छावनिका, सुरेश अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, नंदकिशोर चौधरी, संजय सर्राफ, अनूप अग्रवाल, सुनील पोद्दार, अरविंद अग्रवाल, विष्णु सोनी, पवन पोद्दार, सुरेश भगत सहित ट्रस्ट के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Published / 2026-06-14 20:39:19
प्रज्ञा पुराण कथामृतम युग स्रष्टा ऋषि की अमृत वाणी : संतोष कुमार संगम

  • दिनांक 11.06 से 15.06.2026 तक पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ रांची शहर के हरमू हाउसिंग कॉलोनी के मदर टेरेसा पार्क में कार्यक्रम का आज चौथा दिन रहा
  • प्रज्ञा पुराण कथामृतम युग स्रष्टा  ऋषि की अमृत वाणी है : संतोष कुमार संगम

एबीएन सोशल डेस्क। रविवार को सुबह यज्ञीय अनुष्ठान विधान में संगतिकरण, सामाजिक समरसता,पर्यावरण की शुद्धि, उत्तम मानसिक स्वास्थ्य,श्रेष्ठ व्यक्तित्व आदि हेतु, शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि टीम द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार व गुरुवंदना पाठ से शुभारंभ हुआ। यज्ञ में करीब तीन सौ श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, दो पाली में आहुति प्रदान की गई।

परिजनों में जन्मदिन, पुंसवन नामकरण संस्कार, एक दर्जन से ज्यादा बच्चों के विद्यारंभ संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, दो दर्जन गायत्री महामंत्र दीक्षा संस्कार आदि हुए। आज भी नेत्र जांच व चिकित्सा शिविर का आयोजन नि: शुल्क रखा गया था, जिसमें सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ उठायें।

पर्यावरण संवर्धन हेतु महायज्ञ में आयें हुए सभीश्रद्धालुओं को एक-एक वृक्ष पौधे भेंट रूप में गायत्री परिवार के भाई-बहन द्वारा प्रदान किया गया। गायत्री परिवार के सौजन्य से बीपी एवं शुगर चेकअप कैंप और होम्योपैथी चिकित्सा शिविर नि:शुल्क लगाया गया था। साहित्य पटल पर युग साहित्य की खरीद में अच्छी तादाद रही।

कार्यक्रम में शाम 5 बजे से 9 बजे तक संगीतमय पावन प्रज्ञा पुराण की कथा का चौथा दिन था। महामनीषी समाधानी पिप्पलाद व श्वेतकेतु संवाद अंतर्गत विचार संयम, विचार क्रांति पर  आज कथामृतम आयोजन में परम्पराओं की तुलना में  विवेक का प्रयोग, साधना,स्वाध्याय, संयम सेवा तथा गुरुवरश्रीपूज्यवर द्वारा सन्1958 का प्रथम हजार कुण्डीय महायज्ञ संपन्न में शिष्यों को किस तरह का निमंत्रण पत्र भेजकर बुलाया , चर्चा हुई।

प्रज्ञा पुराण कथामृतम अध्याय में अजस्र अनुदान उपलब्धि, तत्व चिन्तन,परिवार खण्ड, परिवार निर्माण व गृहस्थ जीवन, वसुधैव कुटुंबकम, आस्था संकट स्थिति, निकृष्ट चिन्तन-निवारण पर प्रकाश डाला गया।साथ ही एक बार गुरुदेव श्री व देवराहा बाबा का एक रहस्यमय संवाद पर गहन चर्चा, सदगुरु, सद्ज्ञान, सद्भाव, संवेदना, सद्विचार, सदग्रंथ पर, देव दक्षिणा में एक बुराई छोड़ने व एक अच्छाई ग्रहण का संकल्प, अंशदान समयदान, उपासना साधना के नियम संयम और स्वस्थ-सुखद जीवन विषय रहे। उक्त जानकारी प्रज्ञा पुराण कथा एवं नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजक मंडल, अखिल विश्व गायत्री परिवार गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-२ धुर्वा रांची के जय नारायण प्रसाद और कुणाल कुमार ने दी। 

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