टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में साई बालाजी धन्वंतरि पंचकर्म आयुर्वेदिक चिकित्सालय, मोराबादी के सौजन्य से एक दिवसीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करना एवं निःशुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना था। स्वास्थ्य शिविर में क्षेत्र के लगभग 100 लोगों ने भाग लिया।
शिविर में विभिन्न प्रकार के रोगों जैसे जोड़ों का दर्द, गैस, अपच, मधुमेह, रक्तचाप, त्वचा रोग, मोटापा, सिरदर्द एवं मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जाँच कर उन्हें आयुर्वेदिक उपचार एवं उचित परामर्श प्रदान किया गया। रोगियों को आयुर्वेदिक जीवनशैली, खान-पान एवं दिनचर्या संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये गये।
शिविर के मुख्य चिकित्सक डॉ. ऋषि कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार नहीं करता, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने बताया कि सही दिनचर्या, संतुलित आहार एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से रासायनिक दवाओं के अंधाधुंध प्रयोग से बचने एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा को अपनाने की अपील की।
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने साई बालाजी धन्वंतरि पंचकर्म आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है। भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का निरंतर आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा शिविर में सहायक के रूप में सुजन, सीमा, सरस्वती, पूजा, मनोज, अमोज, प्रशांत, रामप्रसाद कृष्ण कुमार, निशांत, कमलेश का सराहनीय योगदान रहा। उक्त जानकारी ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। भारत का मिडिल क्लास सबसे ज़्यादा मेहनत करता है, सबसे ज़्यादा टैक्स देता है और सबसे ज़्यादा सपने देखता है। लेकिन दुर्भाग्य से वित्तीय योजना (Financial Planning) के अभाव में वही मिडिल क्लास जीवन भर पैसों की चिंता में फंसा रहता है।
अच्छी बात यह है कि अमीर बनने के लिए बहुत ज़्यादा कमाना ज़रूरी नहीं, सही प्लानिंग और सही डिसिप्लिन ज़्यादा ज़रूरी है। इस लेख में मैं मिडिल क्लास व्यक्ति के लिए कुछ सरल Thumb Rules साझा कर रहा हूँ, जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बना सकता है।
अमीर दिखना नहीं, अमीर बनना ज़रूरी है।
Thumb Rule 8: रिटायरमेंट सबसे ज़रूरी लक्ष्य है। बच्चों की पढ़ाई लोन से हो सकती है। बच्चों की शादी समझौते से हो सकती है ।लेकिन रिटायरमेंट पर कोई लोन नहीं देता। रिटायरमेंट के लिए SIP + NPS + इक्विटी अनिवार्य है।
मिडिल क्लास व्यक्ति के लिए वित्तीय योजना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। ज़रूरत है सिर्फ़ सही जानकारी, सही सलाह और लंबी अवधि का धैर्य अगर आप आज सही कदम उठाते हैं, तो आने वाले 15–20 साल में आपका भविष्य सुरक्षित, सम्मानजनक और तनावमुक्त हो सकता है। (लेखक योगेन्द्र साहू रांची, झारखंड के प्रख्यात वित्तीय कोच और निवेश सलाहकार हैं।)
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में बसंत पंचमी का विशेष स्थान है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यही कारण है कि इसे बसंत पंचमी कहा जाता है। इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाया जायेगा, इस दिन विद्या, बुद्धि, वाणी, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है, इसलिए इसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है।
यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और जीवन में नवचेतना के आगमन का संदेश भी देता है। माघ शुक्ल पंचमी से ऋतु परिवर्तन का संकेत मिलता है। शीत ऋतु का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और बसंत ऋतु का आगमन होता है। खेतों में सरसों के पीले फूल लहराने लगते हैं, आम के पेड़ों पर बौर आने लगते हैं और प्रकृति नवजीवन से भर उठती है। इसी उल्लास और सौंदर्य के स्वागत में बसंत पंचमी मनायी जाती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इसलिए यह दिन ज्ञान, शिक्षा और रचनात्मकता के आरंभ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, सृष्टि की रचना के समय चारों ओर नीरवता थी। भगवान ब्रह्मा ने देखा कि संसार में जीवन तो है, परंतु उसमें वाणी, ज्ञान और चेतना का अभाव है। तब उन्होंने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ।
मां सरस्वती ने वीणा के मधुर स्वर से संपूर्ण सृष्टि को वाणी, बुद्धि और संगीत प्रदान किया। यह दिव्य घटना माघ शुक्ल पंचमी को घटित हुई, इसलिए यह तिथि मां सरस्वती को समर्पित हो गयी। बसंत पंचमी का सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक महत्व अत्यंत व्यापक है। इस दिन सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
छोटे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी इसी दिन कराया जाता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। पीला रंग इस पर्व का प्रमुख प्रतीक है, जो ऊर्जा, ज्ञान और समृद्धि का संकेत देता है। लोग पीले वस्त्र धारण करते हैं, पीले पुष्प अर्पित करते हैं और केसरिया या पीले रंग के व्यंजन जैसे खीर, हलवा आदि बनाते हैं।बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति में रचनात्मकता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है।
कवि, लेखक, कलाकार और संगीतज्ञ इस दिन विशेष साधना करते हैं। ऐतिहासिक रूप से भी यह दिन वीरता और प्रेरणा से जुड़ा रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसी दिन महान क्रांतिकारी लाला लाजपत राय को अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष में बलिदान मिला था।
बसंत पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, सौंदर्य, संस्कृति और जीवन में आशा के संचार का उत्सव है। यह हमें अज्ञान के अंधकार से निकलकर विद्या के प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। मां सरस्वती की कृपा से जीवन में विवेक, सृजनशीलता और सद्भाव बना रहे-यही बसंत पंचमी का सच्चा संदेश है।
टीम एबीएन, रांची। हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव में आरबीएल थायरोकेयर, भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल एवं मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल साकेत न्यू दिल्ली के सौजन्य से तीन दिनों तक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में तीन दिनों में लगभग 300 लोगो का ब्लड शुगर जांच, ब्लड प्रेशर, ईसीजी, पल्स आक्सीजन, वजन, हार्ड एवं हड्डी का जांच डॉ अतुल कुमार, डॉ अंकुश शर्मा, तथा डॉ मुकेश कुमार, डॉ शंकर नाथ एवं सहयोगी के रूप में वेद प्रकाश सिंह, बादल कुमार, रविकांत कुमार, प्रेम शिला, मुकुंद मिश्रा, शीलवंती ने मरीजों की जांच की।
स्वास्थ्य जांच शिविर में स्वास्थ्य की जांच कराकर लोग बहुत ही संतुष्ट नजर आए। शिविर के सफल आयोजन में संस्था के सुरेश चंद्र अग्रवाल, पवन शर्मा, विनोद कुमार जैन, ललित कुमार पोद्दार,भरत बगड़िया, अरुण भरतीया, मनोज चौधरी, कौशल राजगढ़िया, सज्जन पाड़िया, किशन पोद्दार, संजय सर्राफ, तथा अन्य सदस्यों ने सहयोग किया। उक्त जानकारी प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। सनातन एकता मंच केंद्रीय समिति ने आज नगड़ी के हरहि गांव में संगठन के सक्रिय राम भक्त संजू सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें सनातन एकता मंच के केंद्रीय समिति के पदाधिकारीगण जिसमें सनातन एकता मंच के महिला प्रकोष्ठ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बड़ी दीदी आदरणीय ममता सिंह दीदी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
उन्होंने आयोजनकर्ता संजू सिंह राजपूत को इतने भव्य आयोजन करने के लिए सबसे पहले उनका और उनकी टीम का धन्यवाद किया। मंच के संस्थापक/केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं 15 वर्षों से हिंदू समाज को संगठित और जागरूक करने का कार्य कर रहा हूं। इन 15 वर्षों में किसी ने भी ये नहीं कहा कि रोहित जी मै आपके कार्यक्रम में सहयोग करूंगा। हर कार्यक्रम में मै बढ़ कर तैयारी करूंगा।
रोहित सनातनी ने संजू सिंह राजपूत से खुश होकर सनातन एकता मंच झारखंड प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संजू सिंह राजपूत को घोषित कर दिया और एक महीना तैयारी करने के बाद एक भव्य समारोह फिर से आयोजन किया जायेगा जो कि हरहि गांव नगड़ी, रांची में होगा तिथि आप सभी को सूचित किया जायेगा कार्यक्रम से पहले।
इस कार्यक्रम में संजू सिंह राजपूत की पूरी टीम को सनातन एकता मंच केंद्रीय उपाध्यक्ष श्याम किशोर सिंह भैया ने कहा कि एक महीने बाद यहां पर फिर से एक भव्य समारोह होगा और इस कार्यक्रम में राष्ट्रीयवादी रोहित नगड़ी की पूरी टीम ने जो निस्वार्थ भाव से समर्पण समाज के प्रति जगजाहिर किया है वो काबीले तारीफ है।
मंच के प्रदेश मंत्री महिपाल महतो ने कहा कि बहुत जल्द पूरे बिहार में भी सनातन एकता मंच के कमिटी का गठन किया जायेगा। मंच के प्रदेश कोषाध्यक्ष धनराज केशरी (गोलू) के कहा कि 19 मार्च के कार्यक्रम के बाद पूरे झारखंड प्रदेश में हिंदू बहनों को लव जिहाद के विषय में पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाया जायेगा।
संगठन के द्वारा एक पुस्तक जारी किया जायेगा, जिसमें सिर्फ लव जिहाद के विषय में जानकारी रहेगी। इस सम्मेलन में अखंड भारत के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजेश सिंह ने कहा कि पूरे झारखंड प्रदेश में बहुत जल्द सदस्यता अभियान चलाया जायेगा।
इस कार्यक्रम में समीर सिंह, संजय सिन्हा, शुभम, भीम शर्मा, जितेंद्र राय, गौतम प्रसाद (बबलू), विकास जायसवाल, दीपेश पाठक बाबा, राजेश, सोनू गिरी, सुशांत सनातनी, अजय जी, दिनेश सिंह, ठाकुर उत्तम सिंह, अनिल कुमार, उमेश गोप, राजवीर दस, गलेश्वर शाही, विशेश्वर शाही, कर्मदेव शाही, इसेश शाही, अमन शाही, राकेश शाही, विनय शाही, विजय शाही, मुकेश जी, बिकी जी, राहुल जी, राजकिशन जी, राजू जी, पिंटू साहू, प्रेम जी, सुमित गोप, गौरव घोष, अभय राज, अमन श्री, राजकुमार जी, रौनक जी, पिंटू जी, सोनू जी, बबलू जी, प्रकाश जी, बाकी श्री राम सेना हरहि के पूरे सदस्यगण इस कार्यक्रम में अपनी पूरी मेहनत से इस कार्यक्रम को सफल बनाया।
टीम एबीएन, रांची। रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची ने ग्राम- छापर, प्रखंड- बुढ़मू, जिला- रांची में नि:शुल्क चिकित्सा एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 79 रोगियों को नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श के साथ दवा बांटा गया।
शिविर का शुभारंभ परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं परमपूज्य बाबा गुरुपद संभव राम जी की तस्वीरों की विधिवत आरती-पूजन के साथ किया गया।
उसके उपरांत शिविर में रोगियों को एलोपैथिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सीय सुविधा प्रदान की गयी। साथ ही नि:शुल्क दवाई भी प्रदान किया गया।
शिविर में डॉ एसएन सिन्हा, डॉ शंकर रंजन, डॉ कृष्ण मुरारी सिंह, डॉ रविंद्र कुमार अंबष्ट एवं डॉ स्वीटी रानी ने चिकित्सीय सेवा प्रदान किया।
चिकित्सा शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर एवं हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा भी दी गयी, जिसमें सीएचसी लापुंग से शहनवाज आलम, ललिता कुमारी, बसंती कुमारी, मनीष गोप एवं मनोज भगत ने सेवा प्रदान किया।
शिविर में जरूरतमंद लोगों के बीच कम्बल एवं वस्त्र वितरण भी किया गया। शिविर के सफल आयोजन में धर्मेंद्र सिंह, मुरसिंग लाल मांझी, महाबीर लोहरा, राज टुड्डू, रोहित राज, संजय सिंह, बंटी कुमारी एवं कुदरत अंसारी ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची की ओर से राधेश्याम सिंह, आशुतोष कुमार, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, पवन कुमार, सुनील सिंह, राधा मोहन मिश्रा, प्रशांत सिन्हा, अंजनी सिंह, सौरभ राज, दक्ष कुमार, बालदेव उरांव, सुधीर साहु, रौशन गोप, ऋषभ सिंह, पवन साहु इत्यादि सम्मिलित हुए।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वावधान में मारवाड़ी भवन में चल रहे तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव के दूसरे दिन भी अच्छी भीड़ उमड़ी। लोगों को राजसी परंपराएं, जीवंत संस्कृति मारवाड़ी गौरव का भव्य संगम देखने को मिल रहा है। राजस्थान से पधारे 40 राजस्थानी कलाकारों द्वारा लोक कला, लोकगीत, नृत्य, कठपुतली नृत्य, हास्य और पारंपरिक रंग तथा राजस्थान की समृद्ध संस्कृति एवं स्वादिष्ट व्यंजनों की भरपूर आनंद दे रहे हैं तथा महोत्सव में लोग राजस्थानी व्यंजन चोखी धाणी में 30 से भी अधिक राजस्थानी स्वादिष्ट व्यंजन का लुत्फ उठा रहे हैं।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में घूमर नृत्य, कालबेलिया, लोकगीत, लोकनाट्य महोत्सव में राजस्थान की जीवित परंपराओं को जीवंत कर दिया है। साथ ही साथ मेहंदी रचनी-पारंपरिक डिजाइनों से सजे हाथ, अपनी संस्कृति ने जाणो-मारवाड़ी परंपरा और विरासत की प्रस्तुति, मारवाड़ री मंच-लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रंग भरो राजस्थान- रंगीली और रंगों की रचनात्मक छंटा, घूमर डांस- राजस्थानी लोक नृत्य की शान, कुण है फुतारो-पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, अपणी माटी रो गीत- मिट्टी से जुड़े मधुर लोकगीत, पगड़ी रो पेंच-मारवाड़ी शान और पगड़ी बांधने की कला, हंस लो सा-हास्य से भरपूर मनोरंजन, के साथ-साथ हुक्का, कुएं में पानी का सेल्फी प्वाइंट, भाग्य बताते तोता पंडित, निशानेबाजी, बैलून फोड़ना, कठपुतली डांस से जीवंतता प्रदान करने का प्रयास, जयपुर से आये सुनील भट्ट की 24 सदस्य टीम ने ढोलक की थाप से लोकगीत, कलाकारों द्वारा मारवाड़ी वेशभूषा में नृत्य संगीत गीत की अलग-अलग अनूठे अंदाज में प्रस्तुत कर लोगों को खूब झुमाया।
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि मारवाड़ी भवन में राजस्थान की खुशबू रांची में देर रात तक चला तथा मारवाड़ महोत्सव में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, महामंत्री विनोद कुमार जैन, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, आयोजन समिति के अरुण भरतीया,अनुज अग्रवाल, विकास मोदी, अभिषेक झाझरिया, डॉली केजरीवाल, शशांक बजाज, मोनिका अग्रवाल, विनीता सिंघानिया, कुणाल जालान, शैलेश अग्रवाल, निकुंज पोद्दार, रमन बोड़ा, अशोक नारसरिया, मनोज चौधरी,कौशल राजगढ़िया, सज्जन पाड़िया, निर्मल बुधिया, अनिल अग्रवाल, किशन पोद्दार,संजय सर्राफ, सुनील पोद्दार, अमर अग्रवाल, नारायण विजयवर्गीय, भरत बगड़िया, कमल शर्मा एवं दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों एंव सदस्यगण अहम भूमिका निभा रहे हैं। अंतिम दिन 18 जनवरी रविवार को शाम 5 से बजे से नानी बाई को मायरो का जीवंत नृत्य नाटिका का भव्य आयोजन किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए झारखंड चित्रांश विचार मंच ट्रस्ट के सौजन्य से आज हरमू हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, रांची को एक मर्चरी फ्रीजर बॉक्स प्रदान की गयी। यह मर्चरी फ्रीजर बॉक्स अस्पताल में मृतकों के पार्थिव शरीर के संरक्षण हेतु अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जिससे शोकाकुल परिजनों को आवश्यक समय और सुविधा मिल सकेगी।
उक्त जानकारी मंच की ओर से देते हुए राजीव सहाय ने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत यह सहयोग समाज के प्रति संस्था की संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। ट्रस्ट का मानना है कि कठिन समय में परिवारों को गरिमा और सुविधा प्रदान करना भी समाज सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मंच द्वारा भविष्य में भी जनहित में ऐसे कार्य निरंतर किये जाते रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर कोई भी व्यक्ति अस्पताल के नंबर (90310 56363/0651-2245544) पर संपर्क करके यह मर्चरी फ्रीजर बॉक्स उपयोग में ले सकता है।
इस मानवीय पहल में जिन प्रमुख लोगों का योगदान रहा, उनमें राजीव सहाय, डॉ. सुहाष तेतरवे, प्रखर जयपुरियार, संजय पिपरवाल, अमरेश श्रीवास्तव, डॉ अनल सिन्हा, श्रीकांत शरण, आनंद श्रीवास्तव, साकेत बिहारी शरण प्रमुख हैं। अस्पताल प्रबंधन ने झारखंड चित्रांश विचार मंच ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा अस्पताल की सेवाओं को और अधिक मानवीय एवं व्यवस्थित बनायेगी। उक्त जानकारी राजीव सहाय ने दी।
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