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Published / 2026-06-18 22:00:19
योग बच्चों की सुषुप्त प्रतिभा को उजागर करता है और वृद्धावस्था के रोगों को रोकता है : स्वामी मुक्तरथ

उपनयन एक वैज्ञानिक प्रयोग है जिसका मूल मंत्र है सूर्यनमस्कार, नाड़ीशोधन और गायत्री मन्त्र : स्वामी मुक्तरथ 

योग भारत की पहचान है जिसे सदियों पूर्व दुनिया ने स्वीकार किया है : प्रदीप कुमार झा, प्राचार्य, डीएवी गांधीनगर 

टीम एबीएन, रांची। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम अब पूरे देश में शुरू हो गयी है। राजधानी में भी योग के आचार्यों द्वारा जगह जगह पर योग की कार्यशाला आयोजित हो रही है। इस कड़ी में सत्यानन्द योग मिशन के प्रमुख स्वामी मुक्तरथ आज सीसीएल रांची के डीएवी गांधीनगर में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों को ध्यान और  योगाभ्यास कराये। विद्यालय के प्राचार्य प्रदीप कुमार झा और कई शिक्षक भी छात्र-छत्राओं के साथ मेडिटेशन किये।

प्राचार्य श्री झा स्वामी मुक्तरथ जी को शॉल और पौधे भेंट देकर स्वागत किये तथा बच्चों को संबोधित करते हुए बताये कि योग भारत की पहचान है। योग बहुत काल पहले भी था जो दुनिया में बहुत दूर-दूर तक फैला हुआ था और आज भी दुनिया को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। विश्व का ध्यान भारत की ओर है जहां वो योग सीखने हर वर्ष यहां के आश्रमों में आते रहते हैं। योग अध्यात्म नही है यह विज्ञान है।  

स्वामी मुक्तरथ ने कहा कि योग कोई साधारण विद्या नही है। यह योग बच्चों के मस्तिष्क में छिपे सुषुप्त शक्ति के केन्द्रों को जागृत करता है और वृद्धावस्था में आने वाले रोग को रोकता है। 

इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस का थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग रखा है। जहां हम बच्चों के हार्मोन को देखते हुए उपनयन पद्धति का विकास किये थे वहीं बहुत सारी बीमारियों से बचाव के लिये भी योग को अपनाते रहे हैं। उपनयन संस्कार में योग की तीन मुख्य साधना बताई जाती थी, सूर्यनमस्कार, नाड़ीशोधन प्राणायाम और गायत्री मंत्र का जप जो बढ़ते उम्र में हार्मोनल असंतुलन को रोक देता है ताकि बच्चे उपद्रवी न हों, उनका मानसिक संतुलन बिगड़े नहीं। 

वृद्धावस्था को यदि देखा जाये तो उनके हिसाब से योग की जरूरत इस उम्र में बहुत है। रक्तचाप, थाईराइड,अनिद्रा, गठिया, कब्ज तथा बढ़ती उम्र में चिन्ता ये आम बीमारियां हैं जिसे योग काफी हद तक रोक सकता है या इसके प्रभाव को काफी कम कर सकता है। इसके लिए सरल योग के अभ्यास हैं।

पवनमुक्तासन ग्रुप-एक, नौका चालन, चक्की चालन, भुजंगासन, सर्पासन, सुप्त उदराकर्षन, नाड़ीशोधन, उज्यायी और भ्रामरी जैसी क्रिया। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ वृद्धावस्था का नारा दिया है जो इन्हीं अभ्यासों से सफल होगा। 21 जून, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्वामी मुक्तरथ का मुख्य कार्यक्रम झारखण्ड उच्च न्यायालय, धुर्वा, रांची में होगा।

Published / 2026-06-15 20:27:28
नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय, होचर कांके, रांची की इंटरमीडिएट टॉप 3 अंशु कुमारी सम्मानित

टीम एबीएन, रांची। नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय होचर, कांके, रांची की 2024 की मैट्रिक परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी अंशु कुमारी ने प्रोजेक्ट प्लस टू विद्यालय, सदमा ओरमांझी,रांची से इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर इंटरमीडिएट परीक्षा 2024 में टॉप 3 की लिस्ट में आकर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन की। 

आज विद्यालय के कार्यालय में अंशु कुमारी को विद्यालय के निदेशक डॉ बिरेन्द्र साहु के द्वारा सॉल ओढ़ाकर एवं प्रधानाचार्य शिव प्रसाद साहू के द्वारा अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर निदेशक डॉ बिरेन्द्र साहु ने बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें देते हुए कहा आज विद्यालय के लिए गर्व का विषय है जहां एक ओर मैट्रिक परीक्षा 2026 में विद्यालय की छात्रा आंचल कुमारी ने 97% अंक लाकर झारखंड टॉप12 में आई, वहीं इसी विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रा अंशु कुमारी ने इंटरमीडिएट 2026 की परीक्षा में 94.2% अंक लाकर श्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। 

डॉ साहू ने कहा शिक्षा वह माध्यम है जिससे अपनी श्रेष्ठता दिखाने का अनुपम अवसर होता है। ग्रामीण समाज की बेटियां जो अभाव में पल-बढ़ रही है परंतु आज हर क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही है। 

डॉ साहू ने बताया नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय की पूर्व छात्रा रही मीणा टोप्पो अभी प्रोजेक्ट प्लस टू विद्यालय, सदमा में पढ़ा रही है। इसी विद्यालय में अंशु कुमारी पढ़कर झारखंड टॉप 3 बनी है। यह तीसरी पीढ़ी की सफलता है। 

प्रधानाचार्य शिवप्रसाद साहू ने कहा शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने की कोई उम्र नहीं होता है। अंशु कुमारी ने विद्यालय के मैट्रिक परीक्षा में मात्र 80% लाई थी परंतु अथक मेहनत व परिश्रम के फलस्वरुप उन्होंने इंटरमीडिएट में 94.6 % लाकर झारखंड के टॉप 3 में आई, जो अन्य बच्चों के लिए अनुकरणीय हैं। 

इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकायें एवं बच्चे उपस्थित थे जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किये एवं बधाई दी। उक्त जानकारी प्रधानाचार्य शिवप्रसाद साहू (+919835347725) ने दी।

Published / 2026-06-14 17:37:28
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (एबीकेएम) ने किया मेधा सम्मान 2026

  • अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (एबीकेएम) की ओर से मेधा सम्मान 2026 का आयोजन
  • सम्मानित हुए चित्रांश समाज के झारखंडभर के दसवीं और बारहवीं के छात्र

टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, झारखंड की ओर से 14 जून ( रविवार ) को कायस्थ मेधा सम्मान 2026 का भव्य आयोजन किया गया। पुरानी विधानसभा सभागार, धुर्वा में आयोजित समारोह में झारखंड के सभी जिलों से आए 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शानदार सफलता के लिए ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम का आरंभ गणेश वंदना व चित्रगुप्त महाराज की आरती के साथ किया गया। इस दौरान रागरंग की ओर से रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। इस अवसर पर बतौर उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद तथा महासभा के केन्द्रीय अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने चित्रांश बच्चों के बीच जोश का बिगुल फूंका। श्री सहाय ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आपलोग ही देश का भविष्य हैं इसलिए आपको निखारना हमारा नैतिक जिम्मेदारी है।

मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि मौज़ूद भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व सांसद दीपक प्रकाश ने बच्चों के साथ बातचीत कर उनके सपने व अरमानों के बारे में जाना। कार्यक्रम में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सी बी सहाय ने  यशस्वी भव का आशीष देकर बच्चों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेज से आई टीम ने छात्रों की करियर काउंसिलिंग की। 

इस अवसर पर डॉक्टर एच पी नारायण, डॉक्टर राघव शरण, दयाशंकर वर्मा, महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारी मुकेश कुमार, विवेक अखौरी, राजेश शरण तथा प्रांतीय पदाधिकारी डॉ. सी.बी. सहाय, सुशील कुमार लाल, सजल सहाय, राजेश सिन्हा, सुजीत सिन्हा, रवि कुमार, अनल सिन्हा, राकेश रंजन, बिट्टू , गुप्तेश्वर शंकर, सत्या वर्मा, स्मिता, प्रीति सिन्हा, आरती सिन्हा, रंगोली सिन्हा, इंदु श्रीवास्तव, उमा सिन्हा, रेणुबाला धार, अनुपमा, हर्षिता, प्रियता, रजनीश सिन्हा, आनंद गौरव एवं विशाल समर आदि ने सक्रिय योगदान दिया। 

कार्यक्रम का संचालन महासभा के वरीय पदाधिकारी राजेश सिन्हा  व सुजीत कुमार ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन वंदना राय ने किया।

Published / 2026-06-13 21:56:47
एनसीपी-2026 के अंतर्गत राज्य स्तरीय अनिवार्य जजेज कोर्स का आयोजन जुलाई के द्वितीय सप्ताह में रांची में

टीम एबीएन, रांची। भारतीय जिम्नास्टिक्स महासंघ द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों तथा नेशनल कॉम्पिटिशन पाथवे (एनसीपी)-2026 के अंतर्गत झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन, रांची द्वारा राज्य स्तरीय अनिवार्य जजेज कोर्स (स्टेट लेवल कम्पल्सरी जजेज कोर्स) का आयोजन जुलाई 2026 के द्वितीय सप्ताह में रांची में किया जायेगा। 

यह कोर्स पुरुष कलात्मक जिम्नास्टिक्स (एमएजी) एवं महिला कलात्मक जिम्नास्टिक्स (डब्ल्यूएजी) के ग्रेड-4 से ग्रेड-7 तक के जजों, प्रशिक्षकों तथा तकनीकी अधिकारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। कोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य में तकनीकी अधिकारियों की दक्षता एवं क्षमता का विकास करना तथा एनसीपी-2026 के अनुरूप प्रतियोगिताओं के सफल संचालन हेतु प्रशिक्षित एवं योग्य जजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 

कोर्स का संचालन भारतीय जिम्नास्टिक्स महासंघ द्वारा नामित तकनीकी विशेषज्ञों एवं फैकल्टी सदस्यों के मार्गदर्शन में किया जायेगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकी नियमों, जजिंग प्रक्रियाओं तथा प्रतियोगिता संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया जायेगा। कोर्स में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतिभागी से 1,000 (एक हजार रुपये मात्र) का पंजीकरण शुल्क लिया जायेगा। 

इस शुल्क के अंतर्गत प्रतिभागियों को कोर्स सामग्री, स्टेशनरी तथा स्मृति-स्वरूप टी-शर्ट उपलब्ध करायी जायेगी। झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन ने राज्य के सभी जिला जिम्नास्टिक्स संघों से अनुरोध किया है कि वे इस कोर्स हेतु कम-से-कम दो पात्र प्रतिभागियों का नामांकन सुनिश्चित करें। 

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिभागियों को अपने यात्रा, आवास एवं भोजन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। वहीं, कोर्स के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन द्वारा उपलब्ध करायी जायेंगी। 

कोर्स की विस्तृत तिथि, कार्यक्रम, पंजीकरण प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश शीघ्र ही जारी किये जायेंगे। झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन ने राज्य के सभी जिम्नास्टिक्स प्रशिक्षकों, जजों एवं तकनीकी अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा अपनी तकनीकी योग्यता को अद्यतन करने का आग्रह किया है। उक्त जानकारी झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन के सचिव तूलिका श्रीवास्तव ने दी। 

पंजीकरण एवं प्रविष्टि हेतु संपर्क 

  1. डॉ दीपक कुमार गुप्ता            6205523640 
  2. दीप कुमारी मांझी                 6204649850

Published / 2026-06-13 19:01:18
एनसीपी-2026 के अंतर्गत राज्य स्तरीय अनिवार्य जजेज कोर्स का आयोजन जुलाई के द्वितीय सप्ताह में रांची में

टीम एबीएन, रांची। भारतीय जिम्नास्टिक्स महासंघ द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों तथा नेशनल कॉम्पिटिशन पाथवे (एनसीपी)-2026 के अंतर्गत झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन, रांची द्वारा राज्य स्तरीय अनिवार्य जजेज कोर्स (स्टेट लेवल कम्पल्सरी जजेज कोर्स) का आयोजन जुलाई 2026 के द्वितीय सप्ताह में रांची में किया जायेगा। 

यह कोर्स पुरुष कलात्मक जिम्नास्टिक्स (एमएजी) एवं महिला कलात्मक जिम्नास्टिक्स (डब्ल्यूएजी) के ग्रेड-4 से ग्रेड-7 तक के जजों, प्रशिक्षकों तथा तकनीकी अधिकारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। कोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य में तकनीकी अधिकारियों की दक्षता एवं क्षमता का विकास करना तथा एनसीपी-2026 के अनुरूप प्रतियोगिताओं के सफल संचालन हेतु प्रशिक्षित एवं योग्य जजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 

कोर्स का संचालन भारतीय जिम्नास्टिक्स महासंघ द्वारा नामित तकनीकी विशेषज्ञों एवं फैकल्टी सदस्यों के मार्गदर्शन में किया जायेगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकी नियमों, जजिंग प्रक्रियाओं तथा प्रतियोगिता संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया जायेगा। कोर्स में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतिभागी से 1,000 (एक हजार रुपये मात्र) का पंजीकरण शुल्क लिया जायेगा। 

इस शुल्क के अंतर्गत प्रतिभागियों को कोर्स सामग्री, स्टेशनरी तथा स्मृति-स्वरूप टी-शर्ट उपलब्ध करायी जायेगी। झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन ने राज्य के सभी जिला जिम्नास्टिक्स संघों से अनुरोध किया है कि वे इस कोर्स हेतु कम-से-कम दो पात्र प्रतिभागियों का नामांकन सुनिश्चित करें। 

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिभागियों को अपने यात्रा, आवास एवं भोजन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। वहीं, कोर्स के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन द्वारा उपलब्ध करायी जायेंगी। 

कोर्स की विस्तृत तिथि, कार्यक्रम, पंजीकरण प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश शीघ्र ही जारी किये जायेंगे। झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन ने राज्य के सभी जिम्नास्टिक्स प्रशिक्षकों, जजों एवं तकनीकी अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा अपनी तकनीकी योग्यता को अद्यतन करने का आग्रह किया है। उक्त जानकारी झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन के सचिव तूलिका श्रीवास्तव ने दी। 

पंजीकरण एवं प्रविष्टि हेतु संपर्क 

  1. डॉ दीपक कुमार गुप्ता            6205523640 
  2. दीप कुमारी मांझी                 6204649850

Published / 2026-06-10 18:55:13
रिम्स में जल्द बढ़ायी जायेंगी मेडिकल की सीटें

रिम्स में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की बड़ी पहल 

यूजी, पीजी एवं सुपर स्पेशियलिटी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से रिम्स, रांची में स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) तथा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में व्यापक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स निदेशक को पत्र भेजकर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।  

पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा संचालित एक केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में यूजी, पीजी एवं सुपर स्पेशियलिटी सीटों की वृद्धि के लिए प्रति अतिरिक्त सीट लगभग 1.5 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। इस योजना में कुल लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार तथा 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। 

विभाग ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पहले ही महात्मा गांधी मेमोरियल चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, जमशेदपुर में यूजी सीटों को 150 से बढ़ाकर 250 तथा पीजी सीटों को 49 से बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसी प्रकार शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, धनबाद में यूजी सीटों को 100 से बढ़ाकर 250 तथा पीजी सीटों को 19 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव को भी भारत सरकार द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है।  

इसी क्रम में अब रिम्स, रांची के लिए भी महत्वाकांक्षी विस्तार योजना तैयार की जा रही है। प्रस्तावित योजना के अनुसार यूजी सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250, पीजी सीटों की संख्या 176 से बढ़ाकर 275 तथा सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या 11 से बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए रिम्स प्रशासन को आवश्यक अधोसंरचना, भवन, उपकरण एवं अन्य संसाधनों का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासी परिषद की स्वीकृति के बाद राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रस्ताव को भारत सरकार को अग्रसारित किया जा सके।  

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सीटों की वृद्धि के लिए पुराने भवनों के जीर्णोद्धार, जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों को ध्वस्त कर नये भवनों का निर्माण तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त अधोसंरचना विकसित करने के प्रस्ताव भी शामिल किये जा सकते हैं।  

इसके अतिरिक्त प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के अंतर्गत छात्रावास निर्माण को लेकर भी नई रणनीति अपनाने की तैयारी है। राज्य सरकार ने सिद्धांतत: निर्णय लिया है कि छात्रावासों का निर्माण प्रत्यक्ष सरकारी व्यय के बजाय पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर कराया जाए। 

इसके लिए भारत सरकार के वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) से अनुदान प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा तथा छात्रावासों के संचालन, रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी।  

पत्र में रिम्स परिसर में पहले से निर्मित छात्रावासों के उन्नयन, रखरखाव तथा भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन कर नये छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया है। इस प्रस्ताव को शासी परिषद के एजेंडे में शामिल कर अनुमोदन प्राप्त करने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी। 

इस पहल के सफल क्रियान्वयन से रिम्स न केवल पूर्वी भारत के प्रमुख चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा, बल्कि झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा राज्य के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

Published / 2026-06-07 21:20:25
रांची विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर शिक्षा के केंद्रीकरण का निर्णय विद्यार्थियों के हितों के विरुद्ध : आजसू

एबीएन कैरिया डेस्क (रांची)। रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई बंद कर केवल विश्वविद्यालय के विभागों में संचालित करने की खबर ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच गंभीर चिंता उत्पन्न कर दी है। प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने कहा कि समाचारों के अनुसार विश्वविद्यालय से संबद्ध अनेक महाविद्यालयों में पीजी की सीटों का आवंटन शून्य कर दिया गया है तथा अब स्नातकोत्तर अध्ययन केवल विश्वविद्यालय परिसर के विभागों में संचालित किए जाने की तैयारी है।  

यह निर्णय झारखंड की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों की अनदेखी करता प्रतीत होता है। झारखंड का एक बड़ा भाग ग्रामीण, आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित है, जहां से हजारों विद्यार्थी वर्षों से अपने निकटवर्ती महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करते रहे हैं। यदि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए केवल रांची या विश्वविद्यालय मुख्यालयों पर निर्भर होना पड़ेगा, तो आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना अत्यंत कठिन हो जाएगा। 

वर्तमान समय में झारखंड उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पहले से अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। सकल नामांकन अनुपात, आधारभूत संरचना, शिक्षकों की उपलब्धता तथा उच्च शिक्षा तक पहुंच जैसे मुद्दों पर राज्य को अभी लंबी दूरी तय करनी है। ऐसी स्थिति में महाविद्यालयों से पीजी शिक्षा समाप्त करना उच्च शिक्षा के विस्तार के बजाय उसके संकुचन की दिशा में उठाया गया कदम प्रतीत होता है। 

यह समझ से परे है कि जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति  उच्च शिक्षा के विस्तार, पहुंच और समावेशिता की बात करती है, तब विद्यार्थियों को उनके स्थानीय महाविद्यालयों से वंचित करने वाली व्यवस्था क्यों लागू की जा रही है। इससे छात्राओं, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों तथा दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अनेक विद्यार्थी अतिरिक्त आवास, परिवहन एवं अन्य खर्च वहन करने में सक्षम नहीं होंगे, जिसके कारण ड्रॉपआउट दर में वृद्धि की आशंका है। 

झारखंड की परिस्थितियों को महानगरों या विकसित राज्यों के दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता। यहां की भौगोलिक विषमताएं, परिवहन की सीमाएं तथा सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताएं अलग हैं। एसी कमरों में बैठकर बनायी गयी नीतियां तब तक सफल नहीं हो सकतीं, जब तक वे जमीनी हकीकतों को ध्यान में न रखें। उच्च शिक्षा किसी प्रयोगशाला का विषय नहीं है, जहां विद्यार्थियों के भविष्य को दांव पर लगाकर लगातार नये प्रयोग किये जायें। 

हम रांची विश्वविद्यालय, झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा संबंधित नीति-निर्माताओं से आग्रह करते हैं कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करें। विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ महाविद्यालयों में संचालित पीजी पाठ्यक्रमों को भी जारी रखा जाये, ताकि शिक्षा का विकेंद्रीकरण, समान अवसर और सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके। 

उच्च शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों तक पहुंच होनी चाहिए, न कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा तक पहुंचना कठिन बनाना। झारखंड के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय की व्यापक समीक्षा समय की मांग है। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने दी।

Published / 2026-06-04 20:54:49
आजसू ने मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए पाठ्यक्रम बंद करने के प्रस्ताव/ निर्णय का विरोध में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष रांची विश्विद्यालय को ज्ञापन सौंपा

एबीएन कैरियर डेस्क। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू छात्र संघ) की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल ने मारवाड़ी कॉलेज में संचालित बीसीए पाठ्यक्रम को बंद करने के निर्णय/ प्रस्ताव की ओर आकृष्ट डीएसडब्ल्यू को कराया। 

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए पाठ्यक्रम वर्षों से संचालित है तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ इस पाठ्यक्रम के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी एवं कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आजसू छात्र संघ इस निर्णय का जोरदार विरोध करता है। 

वर्तमान समय में आईटी एवं कंप्यूटर शिक्षा की मांग निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में बीसीए जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक पाठ्यक्रम को बंद करना छात्रों के हितों के विरुद्ध होगा। इससे हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर सीमित हो जायेगा। 

आजसू आग्रह  करती है कि मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए पाठ्यक्रम को बंद करने संबंधी किसी भी निर्णय को तत्काल निरस्त किया जाए तथा आगामी सत्रों में नियमित रूप से नामांकन एवं पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। यदि छात्रों के हितों की अनदेखी कर इस निर्णय को लागू किया जाता है तो आजसू छात्र संघ छात्रहित में लोकतांत्रिक आंदोलन एवं व्यापक विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। 

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव सौरभ शर्मा, राजेश सिंह, सक्षम झा, अब्दुल खान एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश सचिव सक्षम झा ने दी।

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