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Published / 2026-02-07 23:19:00
सोनाहातु की बेटी अमृता कुमारी ने यूजीसी नेट में रचा इतिहास

  • सोनाहातु की बेटी अमृता कुमारी ने यूजीसी नेट में रचा इतिहास

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सोनाहातु। सोनाहातु प्रखंड अंतर्गत बांकू गांव की होनहार बेटी अमृता कुमारी ने यूजीसी नेट दिसंबर 2025 की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अमृता कुमारी ने जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा कुड़माली  विषय में जेआरएफ  प्राप्त करते हुए 178 अंक और 99.17 परसेंटाइल स्कोर अर्जित किया है।

उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल सोनाहातु प्रखंड बल्कि पूरे पंचपरगना क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता हासिल करना क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।

अमृता कुमारी की सफलता को कुड़माली भाषा और आदिवासी-क्षेत्रीय अध्ययन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनकी इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं में भी शोध और उच्च शिक्षा की अपार संभावनाएं हैं।

अमृता की इस उपलब्धि पर अमृता के किसान पिता चन्द्र कांत महतो एवं माता सुभद्रा देवी जो आंगनबाड़ी सेविका है के साथ ही शिक्षकों, बुद्धिजीवियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Published / 2026-02-07 23:14:59
छात्र आजसू की डोरंडा महाविद्यालय की बैठक डोरंडा महाविद्यालय में सम्पन्न

  • छात्र आजसू की डोरंडा महाविद्यालय की बैठक डोरंडा महाविद्यालय में सम्पन्न

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 7/2/2026 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) बैठक डोरंडा महाविद्यालय प्रांगण में सम्पन्न हुई ।बैठक में कॉलेज की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया साथ ही बैठक में संगठन के मजबूती , आगामी , कार्यक्रमो एवं नए सदस्य को संगठन से जोड़ने हेतु सदस्यता अभियान महाविद्यालय में चलाने पर जोर दिया गया ।

साथ ही डोरंडा महाविद्यालय के प्रिंसिपल से मिलकर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने  बधाई , शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद लिया और कॉलेज की समस्याओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया और अभिलम्ब सभी समस्याओं को समाधान करने की पहल करने की आजसू ने बात कही अन्यथा महाविद्यालयों में चरणबद्ध आंदोलन की बात कही।

इस बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शहदेव,अमन साहू, कॉलेज अध्यक्ष अविनाश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक कुमार महतो, उदय महतो, रौनक कुमार, साहिल, अभय, अब्दुल, काजल, अंकित, अंश, प्रशांत महतो, रवि रोशन एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

Published / 2026-02-07 23:10:47
छात्र आजसू की डोरंडा महाविद्यालय की बैठक डोरंडा महाविद्यालय में सम्पन्न

  • छात्र आजसू की डोरंडा महाविद्यालय की बैठक डोरंडा महाविद्यालय में सम्पन्न

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 7/2/2026 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) बैठक डोरंडा महाविद्यालय प्रांगण में सम्पन्न हुई ।बैठक में कॉलेज की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया साथ ही बैठक में संगठन के मजबूती , आगामी , कार्यक्रमो एवं नए सदस्य को संगठन से जोड़ने हेतु सदस्यता अभियान महाविद्यालय में चलाने पर जोर दिया गया ।

साथ ही डोरंडा महाविद्यालय के प्रिंसिपल से मिलकर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने  बधाई , शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद लिया और कॉलेज की समस्याओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया और अभिलम्ब सभी समस्याओं को समाधान करने की पहल करने की आजसू ने बात कही अन्यथा महाविद्यालयों में चरणबद्ध आंदोलन की बात कही।

इस बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शहदेव,अमन साहू, कॉलेज अध्यक्ष अविनाश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक कुमार महतो, उदय महतो, रौनक कुमार, साहिल, अभय, अब्दुल, काजल, अंकित, अंश, प्रशांत महतो, रवि रोशन एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

Published / 2026-02-05 21:32:15
आत्मविश्वास, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता को भी सुदृढ़ बनाता है खेल : कल्पना सोरेन

दिल्ली पब्लिक स्कूल के एनुअल स्पोर्ट्स डे में शामिल हुर्इं विधायक कल्पना सोरेन 

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी सह विधायक कल्पना सोरेन आज रांची स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के एनुअल स्पोर्ट्स डे में शामिल हुई। बच्चों का उत्साह, अनुशासन और खेल भावना देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हो गया। 

इस अवसर पर बच्चों को बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास तक सीमित नहीं होते, बल्कि आत्मविश्वास, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता को भी सुदृढ़ करते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी बच्चे आगे चलकर खेल और जीवन, दोनों क्षेत्रों में देश और झारखंड का नाम रोशन करेंगे।

Published / 2026-02-05 21:31:15
बीआईटी लालपुर में औरोरा 26 का शानदार शुभारंभ

एबीएन कैरियर डेस्क। चार दिवसीय औरोरा 26 का आज कला संस्कृति समारोह का शुभारंभ सुपरिडेंट आॅफ पुलिस एटीएस ऋषभ कुमार झा के हाथों फीता काटकर और गुब्बारे उड़ा कर किया गया। मौके पर शिक्षकों के मामलों के डीन डॉ अशोक शरण सेंटर के प्रभारी डॉ विजय कुमार झा कंप्यूटर विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ अविजीत मुस्तफी, डॉ वंदना भट्टाचार्य की गरिमामयी उपस्थिति में हजारों की संख्या में उपस्थित छात्रों के बीच किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम सभी संकायों के विद्यार्थियों को एक मंच प्रदान किया गया, जहां से वह अपने हुनर को मंच दे सकते हैं। 

छात्र अपने कौशल विकास का हर मंच में अपनी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं एक तरफ कचौड़ी चाट मसाला तो दूसरी तरफ बिल्कुल झारखंडी जायके वाले बारा ढुस्का पिजा बर्गर से लेकर पानी पूरी के स्टॉल लगा कर अपने मोहनी व्यवहार से अपनी मैनजेमेंट की बारीकियों का खुला मंच में प्रदर्शन कर रहे हैं। 

दूसरे तरफ खेल के मैदान में लड़कियों और लड़कों का बाहुबल का प्रदर्शन देखा जा सकता है। कबडी का फाइनल मुकाबला कल खेला जायेगा। आज के इस कार्यक्रम के शुभारंभ में बोलते हुए मुख्य अतिथि ऋषभ कुमार झा ने छात्रों खुले मंच से विद्यार्थियों को नशा मुक्त युवाओं की फौज खड़ी करने के लिए छात्रों को आह्वान किया। 

उन्होंने नशा कर रहे युवाओं को तत्काल ही ड्रग्स शराब से दूरी बना इसी तरह की कला संस्कृति और खेलो से जोड़ने की बात कही। उन्होंने अरोरा के संयोजक डॉ आशुतोष मिश्रा जी को इस प्रकार के आयोजन कर युवाओं को मंच देने पर बधाई देते हुए भविष्य में इसी तरह के और कार्यक्रम करने की बात कही। 

डीन डॉ अशोक शरण ने औरोरा के इस मंच में खड़ा होते ही उस उमंग जोश को महसूस कर रहा हूं, जो कॉलेज के दिनों की यादे करा रहे हैं। केंद्र के निदेशक डॉ विजय कुमार झा ने चार दिवसीय इस औरोरा 26 के हर कार्यक्रम के बारे में बातें रखी। उन्होंने बताया कि आज के विद्यार्थियों को इस प्रकार के कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि आने वाले भविष्य के उलझनों को आप शांत और खुशियों से लड़ सकें। 

उन्होंने मंच का सम्मान हम अतिथियों से नहीं आप जैसे युवाओं के इस उत्साह से गौरव बढ़ाया है। डॉ अविजीत मुस्तफी और डॉ वंदना भट्टाचार्य ने कबड्डी के मैदान में उपस्थित होकर खेल रहे प्रतिभागियों को हौसला बढ़ाया और इस प्रकार के अवसरों से अपने को जोड़े रखने की बात कही। 

कार्यक्रम सयोंजक डॉ आशुतोष मिश्रा ने कार्यक्रम के संचालन में सहायक सभी युवाओं को धन्यवाद दिया। मौके पर डॉ अभय रंजन, डॉ प्रदीप मुंडा डॉ मानसी, अमृता प्रियम, डॉ अनीश हैदर, डॉ प्रदीप मुंडा, डॉ सोमनाथ सहित सभी विभागों के शिक्षक और छात्रों ने चार दिवसीय इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में शामिल रहे।

Published / 2026-02-04 21:21:09
परीक्षा का डर नहीं, समझ और संतुलन की आवश्यकता

बोर्ड परीक्षा के समय विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य में योग, प्राणायाम और ध्यान की वैज्ञानिक भूमिका : योगाचार्य महेश पाल  

एबीएन कैरियर डेस्क। बोर्ड परीक्षा केवल प्रश्नपत्रों की परीक्षा नहीं होती, यह विद्यार्थियों के मन, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन की भी परीक्षा होती है। योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती है, वैसे-वैसे बच्चों के चेहरे से मुस्कान गायब होने लगती है, नींद कम हो जाती है, मन हर समय डर और आशंका से भरा रहता है। अगर नंबर कम आ गए तो क्या होगा? अगर पेपर खराब हो गया तो? सब मुझसे आगे निकल गए तो? ऐसे विचार धीरे-धीरे बच्चे के मन पर हावी होने लगते हैं। 

यही स्थिति आगे चलकर तनाव, घबराहट, अवसाद और कई शारीरिक समस्याओं का कारण बनती है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो परीक्षा के डर की स्थिति में बच्चे का मस्तिष्क लगातार फाइट ओर फ्लाइट मोड में चला जाता है। इस अवस्था में शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रिनेलाइन जैसे तनाव हार्मोन अधिक मात्रा में निकलने लगते हैं। इन हार्मोन का सीधा प्रभाव बच्चे की याददाश्त, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। 

यही कारण है कि कई बार बच्चा घर पर सब कुछ याद होने के बावजूद परीक्षा कक्ष में जाकर भूल जाता है। दरअसल, यह भूलना नहीं होता, बल्कि तनाव के कारण मस्तिष्क का सही ढंग से कार्य न कर पाना होता है। आज की शिक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या यह है कि परीक्षा को सफलता या असफलता का अंतिम पैमाना मान लिया गया है। बच्चा यह मानने लगता है कि उसके पूरे जीवन का मूल्यांकन कुछ घंटों की परीक्षा से हो जाएगा। 

यही सोच धीरे-धीरे उसके आत्मविश्वास को कमजोर करती है। लगातार बना रहने वाला मानसिक दबाव सिरदर्द, पेट दर्द, उल्टी, भूख न लगना, नींद न आना, चिड़चिड़ापन और कई बार गंभीर मानसिक रोगों को जन्म देता है। डब्ल्यूएचओ भी यह मानता है कि लंबे समय तक रहने वाला तनाव बच्चों के मानसिक विकास में बाधा बन सकता है। 

ऐसे समय में योग, प्राणायाम और ध्यान केवल परंपरागत अभ्यास नहीं रह जाते, बल्कि यह एक वैज्ञानिक उपचार पद्धति के रूप में सामने आते हैं। योग शरीर और मस्तिष्क के बीच संतुलन स्थापित करता है। जब बच्चा नियमित रूप से योगासन करता है, तो उसकी रीढ़ सीधी होती है, श्वसन प्रणाली बेहतर होती है और मस्तिष्क तक आक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है। इससे मस्तिष्क के वे हिस्से सक्रिय होते हैं जो एकाग्रता और स्मरण शक्ति से जुड़े होते हैं। 

प्राणायाम का प्रभाव इससे भी गहरा होता है। जब बच्चा अनुलोम-विलोम या गहरी श्वास-प्रश्वास करता है, तो मस्तिष्क के दोनों हिस्सों तार्किक और भावनात्मक के बीच संतुलन बनता है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नाड़ीशोधन और भ्रामरी प्राणायाम से पैरासिम्पेथैटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है, जो शरीर को शांत अवस्था में लाता है। इससे हृदय गति नियंत्रित होती है, रक्तचाप संतुलित रहता है और मन स्थिर होने लगता है। 

भ्रामरी और नाड़ी शोधन प्राणायाम विशेष रूप से परीक्षा भय और घबराहट को कम करने में सहायक माना गया है, क्योंकि इससे मस्तिष्क में शांति से जुड़े रसायनों का स्राव बढ़ता है। ध्यान का महत्व परीक्षा काल में और भी अधिक हो जाता है। ध्यान के समय मस्तिष्क में अल्फा ब्रेन वेव्स उत्पन्न होती हैं, जो गहन एकाग्रता और मानसिक स्थिरता से जुड़ी होती हैं। नियमित ध्यान करने वाला बच्चा नकारात्मक विचारों से जल्दी बाहर निकल पाता है। 

उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह परिस्थितियों को अधिक सकारात्मक दृष्टि से देखने लगता है। कई अंतरराष्ट्रीय शोध यह सिद्ध कर चुके हैं कि ध्यान करने वाले विद्यार्थियों में तनाव का स्तर कम होता है और परीक्षा प्रदर्शन बेहतर होता है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि न्यूरो-साइंस आधारित मानसिक प्रशिक्षण है। परीक्षा के समय कुछ महत्वपूर्ण योगिक अभ्यास जिसमें  और प्राणायाम के बारे में जिसमें ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन यह अभ्यास रीढ़ को सीधा रखते हैं, मस्तिष्क में आक्सीजन सप्लाई बढ़ाते हैं, नाड़ी शोधन प्राणायाम मस्तिष्क के दोनों भागों (लेफ्ट-राईट हेमिसफेयर) में संतुलन याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाता है, भ्रामरी प्राणायाम एंक्सिटी और फियर को कम करता है। 

हर्ट रेट को नियंत्रित करता है, आज्ञाचक्र पर ध्यान सवासन और योगनिद्रा ध्यान करने से अल्फा बे्रन वेव्स सक्रिय होती हैं। नकारात्मक विचार कम होते हैं,आत्मविश्वास बढ़ता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार नियमित ध्यान से तनाव में 40% तक कमी देखी गयी। 5 मिनट की परीक्षा से पूर्व योग अभ्यास मे 1 मिनट गहरी श्वास-प्रश्वास, 2 मिनट अनुलोम-विलोम 1 मिनट भ्रामरी, 1 मिनट सकारात्मक संकल्प मैं शांत हूं, मैं सक्षम हूं, मैं सफल हूं, परीक्षा जीवन का मूल्यांकन नहीं, बल्कि ज्ञान की अभिव्यक्ति है। 

योग, प्राणायाम ध्यान और व्यवस्थित दिनचर्या पर्याप्त नींद संतुलित और सात्विक आहारचार्य  के माध्यम से विद्यार्थी न केवल परीक्षा का सामना आत्मविश्वास से कर सकते हैं, बल्कि जीवनभर के लिए मानसिक संतुलन और स्वास्थ्य भी पा सकते हैं। यह भी समझना आवश्यक है  बच्चों को अनजाने में कहे गए वाक्य पड़ोसी के बच्चे ने इतना स्कोर किया, इस बार तो अच्छे नंबर लाने ही होंगे बच्चे के मन पर गहरा असर डालते हैं। जबकि आवश्यकता इस बात की है कि बच्चे को यह महसूस कराया जाये कि उसकी मेहनत, उसका प्रयास सबसे महत्वपूर्ण है, केवल अंक नहीं। 

यदि परीक्षा के समय बच्चों को रोज कुछ समय योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए दिया जाए, यदि उन्हें यह समझाया जाये कि परीक्षा डरने की चीज नहीं बल्कि अपने ज्ञान को व्यक्त करने का माध्यम है, तो निश्चित रूप से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। ऐसा बच्चा न केवल परीक्षा बेहतर ढंग से दे पायेगा, बल्कि जीवन की हर चुनौती का सामना भी आत्मविश्वास से कर सकेगा।

अंतत: यह कहा जा सकता है कि स्वस्थ मन के बिना स्वस्थ भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती। बोर्ड परीक्षा के समय योग, प्राणायाम और ध्यान को अपनाना कोई अतिरिक्त कार्य नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक आवश्यक कदम है।

Published / 2026-02-04 21:15:06
औरोरा 26 में कल से पूरा प्रांगण विद्यार्थियों से रहेगा गुलजार

टीम एबीएन, रांची। बीआईटी मेसरा लालपुर के तत्वावधान में चार दिवसीय खेल प्रतियोगिता के रस्सा कसी मुकाबले का आज फाइनल मुकाबला खेला गया। लड़कियों के मुकाबला मैनेजमेंट वारियर्स ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते अपने प्रतिद्वंद्वी डार्क एक्लिप्स को हरा कर टग आफ वार की चैंपियन बनी। वही लड़को का मुकाबला बहुत ही रोमांचक रहा डोमिनेटर ने टीम सिम्बा को बहुत ही संघर्ष के बाद जीतकर फाइनल जीत लिया।

चार दिनों तक चलने वाले औरोरा 26 में कल से पूरा प्रांगण विद्यार्थियों के द्वारा आयोजित कार्यक्रम से गुलजार होने जा रहा है इसकी तैयारियां पूरी तरह से अपने परवान पर है औरोरा के संयोजक डॉ आशुतोष मिश्र ने बताया की खेल के अलावे भी बच्चों का हुनर का प्रदर्शन का यह अवसर को छात्रों के द्वारा आयोजित कर हम पढ़ाई के दौरान ही उनके कला को हम मंच प्रदान करते है।

इस आयोजन में बच्चे अपने हाथों से पेंटिंग डांसिंग कबड्डी के अलावे बहुत प्रकार के झारखंड के खाद्य सामग्री का स्टॉल लगा कर प्रदर्शन करेंगे। कल से लड़को और लड़कियों के बीच कबड्डी लीग मैच की भी शुरुआत होनी है। आज फाइनल मुकाबले में विजेताओं को निदेशक डॉ विजय कुमार झा ने बधाई देते हुए उनके बेहतर भविष्य का आशीर्वाद दिया। 

मौके पर डॉ संदीप नाथ शाहदेव, डॉ अनीश हैदर, डॉ प्रशांत, मयंक परासर, शांतनु सिन्हा, मनोज कुमार पार्थो सारथी विष्णु श्रीमती श्रावणी मुखोपाध्याय, अमृता प्रियम, ऐलिस टोप्पो, मिनी दुबे, सरिता तिग्गा सोनी कुमारी सहित काफी संख्या में छात्रों और शिक्षकों कर्मचारियों ने खेलने मैदान में उतरे प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया।

Published / 2026-02-03 18:22:44
जैक 2026 परीक्षा : 7.48 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल

जैक मैट्रिक-इंटर की परीक्षा शुरू, 7.48 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल 

एबीएन कैरियर डेस्क। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से वर्ष 2026 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। राज्यभर में 3 फरवरी यानी आज से परीक्षाएं शुरू होने जा रही है, जिनमें कुल 7 लाख 48 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त कराने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त किया गया है। 

जैक की ओर से राज्य के सभी जिलों को परीक्षा सामग्री भेज दी गयी है। साथ ही प्रश्न-पत्रों की कोषागार से लेकर परीक्षा केंद्र तक की पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गयी है। 

मैट्रिक के लिए 1232 और इंटर के लिए 757 केंद्र 

इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में 4,23,861 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे, जिनके लिए राज्यभर में 1232 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। वहीं, इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए 3,24,321 परीक्षार्थियों ने आवेदन दिया है, जिनके लिए 757 केंद्र निर्धारित किये गये हैं। इस तरह कुल 1989 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित होंगी। 

इंटरमीडिएट परीक्षा में संकायवार आंकड़ों की बात करें तो विज्ञान संकाय से 90,579, वाणिज्य संकाय से 21,195 और कला संकाय से 2,12,547 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जैक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मैट्रिक और इंटर दोनों परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की संख्या में कमी आयी है। 

मैट्रिक में गिरिडीह जिले से सबसे अधिक 40,827 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जबकि खूंटी जिले से सबसे कम 6,097 छात्र परीक्षा देंगे। इंटरमीडिएट में भी गिरिडीह जिला परीक्षार्थियों की संख्या के मामले में शीर्ष पर है। इस संबंध में झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सचिव जयंत कुमार मिश्र ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा संचालन तक किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जायेगा। कदाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जायेगी। जैक ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें, प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।

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