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Published / 2026-04-29 21:06:26
झारखंड : कई जिलों में बारिश के बाद बदला मौसम का मिजाज

  • झारखंड : कई जिलों में बारिश के बाद बदला मौसम का मिजाज
  • झारखंड में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट; जानें अगले 5 दिनों का हाल

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम केंद्र, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

सुबह होते ही रांची में इसका असर देखने को मिला, जहां बादल छाये रहे, तेज हवा चली और सुबह 7 से 8 बजे के बीच कई इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गयी। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। मध्य झारखंड के जिलों-बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद-में आज मौसम बदला हुआ रहेगा।

 दक्षिणी इलाकों जैसे पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भी बारिश के आसार हैं। वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्सों-पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार-में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जतायी गयी है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। 

मौसम विभाग का येलो अलर्ट

मौसम केंद्र, रांची ने येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि अन्य इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 

साथ ही वज्रपात का भी खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। आने वाले दिनों में भी मौसम का यह रुख जारी रहेगा। 29 अप्रैल से 1 मई तक आंशिक बादल छाये रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी।

 वहीं 2 और 3 मई को भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट आयेगी और अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

Published / 2026-04-29 21:03:53
तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला की तैयारी जोरों पर

  • तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला की तैयारी जोरों पर
  • प्रवेश नि:शुल्क प्रात: 9 बजे से रात्रि 10 बजे तक
  • स्टॉल धारकों को बुलाकर उन्हें स्टॉल नंबर के साथ कई सुझाव व दिशा-निर्देश दिया गया
  • 125 स्टॉल में स्वदेशी उत्पाद, लोक संस्कृति,  खान पान, झारखंड की कलाकृति का दिखेगा संगम

टीम एबीएन, रांची। वंदे मातरम के 150 सौ वर्ष पूर्ण होने पर सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला -2026 का तीन दिवसीय आयोजन 1 मई से 3 मई तक आड्रे हाउस में होने जा रहा है।

आयोजन की सफलता के लिए सांसद सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित प्रभारी संयोजक एवं आयोजन समिति के सदस्य अपने अपने कार्यो को बेहतर ढंग से संपादित करने के लिए आयोजन स्थल में लगे हुए है। स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और झारखंड के खान-पान को प्रोत्साहित करने के लिए 125 से भी ज्यादा स्टॉल  नि:शुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं। सभी स्टॉल धारकों के संग आज आड्रे हाउस में बैठक बुलाकर उन्हें स्टाल की जानकारी दी गयी। स्टॉल धारकों को दिशा निर्देश भी दिया गया। प्रवेश प्रात: 9 बजे से रात्रि 10 बजे तक नि:शुल्क रहेगा। 

प्रात: 9 बजे से चलने वाले कई कार्यक्रम के अलावा सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक झारखंड सहित देश भर के विशेष कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से कलाकार अपनी प्रतिभाओं के संग प्रस्तुति देंगे, जिसमें झारखंड के प्रतिभावान बच्चों को मंच के साथ प्रोत्साहित और प्रेरित भी किया जायेगा। वोकल फॉर लोकल सहित आत्मनिर्भर भारत  के सपने को साकार करने के लिए स्वदेशी वस्त्र, जनजातीय नृत्य, सामूहिक नृत्य, लघु नाटिका, शास्त्रीय संगीत, पश्च्यात सामूहिक संगीत सहित पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियां भी कलाकारों के माध्यम से रखी जायेगी।

मौके पर शिवराज सिंह चौहान कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री सहित गजेंद्र सिंह शेखावत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, भारत सरकार सहित कई केंद्रीय मंत्री एवं विशिष्ट कलाकारों का आगमन होगा। कार्यक्रम की तैयारी जोरो से चल रही है। स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक अजय मलकानी, मेला प्रबंधक ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यव्रत सहित 100 से भी ज्यादा सदस्य आयोजन को सफल बनाने में लगे है।

तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। झारखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी आत्मनिर्भरता का भब्य संगम राज्य में पहली बार हो रहा है हमारा उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना झारखंड की लोक संस्कृति परंपरा एवं आदिवासियों के गौरव को मंच प्रदान कर उनको भरपूर सम्मान देना है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के संग स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना लक्ष्य है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, महापौर रोशनी खलको, उप महापौर नीरज कुमार, सांस्कृतिक महोत्सव के संयोजक अजय मलकानी, स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा, ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यब्रत,नीरज चौधरी, रमेंद्र कुमार, शंकर दुबे, बलराम, कमलजीत सिंह (संटी), राजीव सहाय, अमित चौधरी, मनीष लोधा, पूनम आनंद, नीतू सिंह,सीमा, एस डी सिंह, आनंद संजीव साहू, नयन मयूर परमार,आनंद कुंवर, रोहित कटारुका, पवन जोडन, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, ललन श्रीवास्तव ,रवि कुमार वर्मा, संजय गोयल, प्रदीप कुमार,भीष्म सिंह, मनोज कुमार,नीलम  चौधरी , राजीव वर्मा, गौरव मित्तल, राहुल सिंहा,  सहित काफी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य लगे है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।

बिहार

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Published / 2026-04-15 20:49:10
वाह काका नीतीश कुमार...

त्रिवेणी दास 

वाह काका नीतीश कुमार  

नैतिकता से भरपूर, 

पिता पुत्र दोनों बिहारी 

परिवारवाद से दूर 

जो रहा नहीं कभी दस्तूर..  

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। ...और देखते ही देखते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी वादा पूरी करते हुए कि सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनायेंगे, दिल्ली कूच कर गये... ...सम्राट चौधरी के पिताजी स्वर्गीय शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 

राजद, कांग्रेस, जदयू और हिंदुस्तानी आवाम पार्टी (हम) में सक्रिय रहते हुए बिहार के तारापुर से विधायक और खगड़िया से सांसद रहे। सम्राट चौधरी ने भी राजद, जदयू और अब भारतीय जनता पार्टी में कार्य करते हुए परिवारवाद को आगे बढ़ाया; अब तो शानदार मुख्यमंत्री...। 

भारतीय राजनीति में जब परिवारवाद के तथाकथित नैतिक प्रचलन जो शुद्ध रूप से राजतंत्र का ही प्रयाय है, स्वीकृति प्राप्त हो ऐसे मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौता बेटा निशांत कुमार ने एक अलग ही नजीर पेश किया है और उन्होंने अनुकूल परिवेश होते हुए भी उपमुख्यमंत्री बनना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह अभी किसी  सदन के सदस्य नहीं हैं और इसलिए उपमुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। 

एनडीए के घटक दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा का बेटा मंत्री बन गये जबकि वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। हिंदुस्तान आवाम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी तो परिवारवाद के माल वाहक ट्रक ही चला रहे हैं। परिवारवाद के इंजन लालू प्रसाद यादव की गाड़ी राजनीति के पटरी में सबसे लंबी है। राजनीति में परिवारवाद के  इतिहास का किताब नेहरू गांधी परिवार का सबसे मोटा है जो वर्तमान तक यथावत चला आ रहा है। 

दक्षिण भारतीय राजनीति का तो आधार ही परिवारवाद रहा है। बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह.. अब तो प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के राजनीति में परिवारवाद का करिश्मा देखने का सौभाग्य एवं शुभ अवसर प्राप्त हो रहा है। सब प्रकार से अनुकूल परिस्थिति और कूवत होते हुए भी श्रीमान नीतीश कुमार तथा उनके पुत्र श्रीमान निशांत कुमार ने जो आदर्श प्रस्तुत किया है उसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।

Published / 2026-04-05 19:44:26
राजद को फिर राष्ट्रीय पार्टी बनायेंगे कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव

  • कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे तेजस्वी यादव
  • भव्य अभिनंदन समारोह में बोले- राजद को फिर राष्ट्रीय पार्टी बनाएंगे
  • राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के तेजस्वी यादव पहली बार रांची पहुंचे, यहां उनका भव्य स्वागत किया गया

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में रविवार को भव्य अभिनंदन किया गया। पटना से उनके साथ राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, विधायक ओसामा शाहाब, पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड प्रभारी जयप्रकाश यादव, भोला यादव, झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, महिला राजद की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि प्रकाश, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, उपाध्यक्ष अनिता यादव सहित सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष, जिला सचिव और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने का संकल्प

अभिनंदन समारोह में गद्गद हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पार्टी को फिर से राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजद केरल में तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहा है और वहां लेफ्ट अलायंस के साथ गठबंधन में है। तेजस्वी ने कहा, देश में जहां-जहां हमारी ताकत है, वहां-वहां हम चुनाव लड़ेंगे। पार्टी को बढ़ाना, विस्तार करना और मजबूत करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

झारखंड के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से उन्होंने आह्वान किया कि हर जिले और हर विधानसभा की एक-एक बूथ पर मजबूत तैयारी करें। तेजस्वी यादव बोले, आप सभी 81 विधानसभा सीटों पर तैयारी रखें। जब गठबंधन की बात होगी, तब देखा जाएगा. पिछली बार हमें सात सीटें मिलीं, जिनमें से दो पर फ्रेंडली फाइट हुई। पांच में से चार पर हम जीते। अगर ज्यादा सीटें मिलती तो और बेहतर प्रदर्शन होता।

फिर्कापरस्त ताकतों का विरोध और संगठन मजबूत करने पर जोर

तेजस्वी यादव ने कहा कि देश और राज्य में फिर्कापरस्त ताकतों को रोकना राजद की पहली प्राथमिकता है। बिरसा मुंडा की जमीन पर भाजपा को रोकने में झामुमो, कांग्रेस और माले के साथ राजद की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्यकर्ता ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहते हैं, लेकिन गठबंधन में समझौता भी करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि झारखंड में संगठन को मजबूत करेंगे तो सहयोगी दलों से ज्यादा सीटों की मांग भी कर पाएंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव में हार का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, हम जनता के वोट से नहीं हारे, बल्कि मशीन तंत्र और धनतंत्र की वजह से हारे। उन्होंने बताया कि राजद को 2025 के चुनाव में 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले, जो 2020 से 20 लाख ज्यादा हैं। महिलाओं को 10 हजार रुपये देने के बावजूद वोट बढ़ा। तेजस्वी ने कहा, जितना भी छल-बेमानी कर लें, सच सामने आएगा। बिहार की जनता ने हमें पूरा प्यार दिया। हमारा समय कमजोर था, हम नहीं।

धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा

तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि राजद लालू प्रसाद यादव की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है। किसी में इतना दम नहीं कि राजद को तोड़ दे। अन्नपूर्णा देवी के पार्टी छोड़ने का कोई फर्क नहीं पड़ा। ईडी-सीबीआई जैसे मामलों के बावजूद राजद कमबैक करेगी और बिहार व केंद्र में सत्ता में आएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हर दिन कम से कम एक घंटा पार्टी को सशक्त बनाने में लगाएं। पार्टी में सबको बराबरी का मौका मिले और सभी विंग मजबूत हों।

तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में लड़ रहे हैं, जबकि हम केरल में लड़ रहे हैं। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन का आदर-सम्मान व्यक्त किया। परिसीमन के बाद बढ़ने वाली सीटों के लिए अभी से जिला स्तर पर तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।

अन्य नेताओं ने क्या कहा

राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा कि देश में दो धाराएं हैं एक आरक्षण और संविधान खत्म करने की, दूसरी बाबा साहेब अंबेडकर के अरमानों को बचाने की। तेजस्वी यादव केरल से परचम लहराकर आए हैं। अगले चुनाव नई परिसीमन पर होंगे। 

झारखंड में विधानसभा सीटें बढ़कर 120 और लोकसभा 20 हो जाएंगी। एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, इसलिए महिलाओं को सक्रिय करें। बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर संगठन मजबूत करें अकेला लड़ने जैसी तैयारी रखें।

वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता यादव ने कहा यूजीसी संशोधन जरूरी है। शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों का शोषण रोकें। SIR के दौरान सजग रहें ताकि किसी का नाम न कटे।

राजद के राष्ट्रीय महासचि अभय सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव हैं। बूथ जीतो कार्यक्रम में संगठन की कमजोरी हार की वजह बनी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि झारखंड राजद बिहार के साथ कदम मिलाकर चलेगा और पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने संगठन विस्तार, बूथ स्तर की तैयारी और आगामी चुनावों (परिसीमन के बाद) पर जोर दिया। यह कार्यक्रम राजद को झारखंड में मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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