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Published / 2026-07-08 11:31:10
शिव शंकर मंडल, रांची की कांवड़ यात्रा 25 जुलाई से होगी प्रारंभ

  • शिव शंकर मंडल, रांची की कांवड़ यात्रा 25 जुलाई से होगी प्रारंभ

टीम एबीएन, रांची। देवाधिदेव भगवान शिव का परम प्रिय श्रावण (सावन) मास इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो रहा है। इस पावन अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा, सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव स्वयं अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। सच्चे मन से अर्पित गंगाजल एवं श्रद्धा से किए गए जलाभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

इसी क्रम में शिव शंकर मंडल, रांची के श्रद्धालु विगत कई वर्षों से उत्तरवाहिनी गंगा, सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा के माध्यम से पैदल देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं। इस वर्ष यह यात्रा 25 जुलाई 2026 को प्रारंभ होकर 30 जुलाई 2026 को संपन्न होगी।

लगभग 40 कांवड़िया रांची से रेल मार्ग द्वारा सुल्तानगंज के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां से पवित्र गंगाजल भरकर सभी श्रद्धालु 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे। संपूर्ण यात्रा का नेतृत्व श्री बसंत मूंदड़ा करेंगे।

यात्रा में प्रमुख रूप से श्री मनोज पोद्दार, मनोज काबरा, दीपक अग्रवाल, अखिल पोद्दार, गौरव काबरा, शिखिल तनेजा, विकास काबरा, जयप्रकाश शर्मा, ऋषभ जैन, विकास लोहिया, रोहन अग्रवाल, प्रेम कुमार अग्रवाल, मुकुल अग्रवाल, राजेश जायसवाल, संदीप कुमार चितलांगिया, विष्णु कुमार अग्रवाल, अनिल नारानोली, विकास अग्रवाल, मिलन अग्रवाल, सुनील चौधरी, कमल मोदी, शिवम पोद्दार, रमन बगड़िया, ललित तुलसियान, रवि प्रकाश अग्रवाल, शुभम अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु शामिल होंगे।

इस अवसर पर श्री मनोज पोद्दार ने बताया कि वे पिछले लगभग 40 वर्षों से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के दरबार में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ पहुंचता है तथा भगवान शिव अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते। उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।

Published / 2026-07-07 20:51:21
लोहरदगा : वार्ड 5 के लापतागंज की सुध लेनेवाला कोई नहीं

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। नगर क्षेत्र के वार्ड नं. 5 में भी है एक लापतागंज जिसकी सुध लेने वाला कोई नही. शांति आश्रम किस्को मोड के पीछे 20 से 25 घरों का एक छोटा सा मुहल्ला है जिसका नाम मानसरोवर नगर भी बोला जा सकता है।

सड़क के नाम पर सिर्फ कच्ची सड़क है और वह भी बारिश के समय कीचड़ वाली सड़क में तब्दील हो जाता है जहां बाईक, साईकल, पैदल चलना भी दूभर है। बिजली वाले पोल के नाम पर सिर्फ एक पोल और अन्य जगह के लिए बांस या पेड़, जलश्रोत को सही रखने के लिए एक तालाब है। 

वह भी सिर्फ बरसात के समय ही पता चल पाता है कि यह तालाब है अन्य समय तो सूखा जो सुंदरीकरण की आस में दम तोड़ रहा है। इस मुहल्ला से सटकर एक ढोढहा (छोटा नदी) बहता है वह भी ढोढहा से सटे हुवे घर वालों एवम जमीन दलालों की कृपा से सिकुड़कर नाली बन रही है लोग अपने घरों का कूड़ा या गंदा पानी सीधा नदी में डाल रहें है। 

इन सारी जनसमस्याओं की ओर जनप्रतिनिधियों एवम प्रशासन को यथा शीघ्र ध्यान देने की जरूरत है ताकि प्राकृतिक जल स्रोत को बचाया  जा सके। और जमीन दलालों के द्वारा नदी के ऊपर पुल बनाने हेतु नदी को पतला कर पुल बनाकर जमीन बेचने का काम भी किया जा रहा है उस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रतीक्षारत सरकारी सुविधा हेतू वार्ड 5 शांति आश्रम के पीछे निवास करने वाले निवासी ।

बिहार

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Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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