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Published / 2026-03-22 21:50:42
झारखंड में शासन तंत्र कमजोर, अफसरशाही हावी : सरयू राय

  • झारखंड में शासन तंत्र कमजोर, अफसरशाही हावी : सरयू राय

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को बाघमारा दौरे के दौरान राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में शासन तंत्र कमजोर पड़ गया है और अफसरशाही पूरी तरह हावी हो गई है, जिसके कारण योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। विधायक श्री राय कतरास तिलाटांड़ स्थित दीपक केसरी के पुत्र के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। 

इसके बाद वे लेढ़ीडूमर स्थित आशु सिंह के आवास पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों द्वारा उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है। घोषणाएं बड़ी-बड़ी होती हैं, लेकिन उनका धरातल पर कोई असर नहीं दिखता उन्होंने कहा।

उन्होंने राज्य की विधि-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो चुकी है और प्रशासनिक तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है। सरकार को केवल घोषणा नहीं, बल्कि परिणाम भी दिखाना चाहिए। युवा मुख्यमंत्री से जनता को काफी उम्मीदें हैं, लेकिन उन पर खरा उतरना जरूरी है उन्होंने जोड़ा।
विधानसभा के प्रश्नकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने से बचती है।

बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के लेढ़ीडूमर में बाउंड्री वॉल से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार संतोषजनक जवाब देने में विफल रही है। दो बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि बाउंड्री वॉल तोड़ने का आदेश बाघमारा अंचल अधिकारी द्वारा दिया गया था, लेकिन एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा हाईकोर्ट में मामला ले जाने के कारण यह मामला लंबित हो गया। 

इस प्रकरण को लेकर उन्होंने धनबाद उपायुक्त पर अवमानना का मामला विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाया है, जो फिलहाल विचाराधीन है। इसके अलावा उन्होंने झारखंड की नदियों के संरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बाघमारा क्षेत्र में अवैध उत्खनन के कारण जमुनिया नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

Published / 2026-03-22 19:27:31
मारवाड़ी समाज अब राजनीति में जाग चुका है एक शक्ति के रूप में उभरेगा : बन्ना गुप्ता

  • नगर निकाय प्रतिनिधियों व प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, समाज को एकजुट रहने का संदेश
  • मारवाड़ी समाज अब राजनीति में जाग चुका है एक शक्ति के रूप में उभरेगा : बन्ना गुप्ता

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन की आतिथ्य में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वाधान में मारवाड़ी भवन, रांची के बहुउद्देशीय सभागार में भव्य नगर निकाय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह में नगर निकाय चुनाव में विजयी जनप्रतिनिधियों तथा यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाली प्रतिभा को सम्मानित कर समाज के गौरव को बढ़ाया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बन्ना गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि चंद्रशेखर अग्रवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। समारोह की अध्यक्षता झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल ने की।

इस अवसर पर नगर निकाय चुनाव में विजयी होने वाले एक मेयर, दो अध्यक्ष,तीन उपाध्यक्ष, एवं 18 वार्ड पार्षदों,मानगो की मेयर सुधा गुप्ता, सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी,राजधनवार के अध्यक्ष विनय सिंथोलिया, मधुपुर के उपाध्यक्ष नरेश भारद्वाज, चाईबासा के उपाध्यक्ष विकास शर्मा, सिमडेगा के उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, झरिया की पार्षद सुमन अग्रवाल, फुसरो के पार्षद कुमार विनायक, जुगसलाई के पार्षद सत्यानारायण अग्रवाल, जुगसलाई के पार्षद सुरेश शर्मा (लिपु), जुगसलाई के पार्षद अनिल मोदी, जुगसलाई की पार्षद शिला तापड़िया चितलांगिया, साहिबगंज की पार्षद रश्मि चौधरी, साहिबगंज के पार्षद सुशील जी भरतिया, दुमका के पार्षद विकास ठाकुर, दुमका के पार्षद राज कुमार मोदी, देवघर के पार्षद विशाल सर्राफ, कोडरमा की पार्षद पिंकी जैन, कोडरमा की पार्षद चंदा शर्मा, सिमडेगा के पार्षद मनोज कुमार अग्रवाल, मधुपुर की पार्षद बीना देवी बथवाल, चाकुलिया की पार्षद इंदु देवी शर्मा, रांची के पार्षद प्रदीप कुमार अग्रवाल, बरहरवा, साहिबगंज के पार्षद अमित कुमार भारती और यूपीएससी की सफल अभ्यर्थी ईशा जैन को अंगवस्त्र, मोमेंटो, पौधे, पुष्प गुच्छ एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह समाज के उभरते नेतृत्व और युवाओं की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने का एक सराहनीय प्रयास रहा। 

मुख्य अतिथि बन्ना गुप्ता ने अपने संबोधन में कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज का मनोबल ऊंचा होता है और नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने समाज को एकजुट रहने, मुख्यधारा से जुड़े रहने तथा सामाजिक कुरीतियों, विशेषकर दहेज प्रथा से मुक्ति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज राजनीतिक में भी जाग चुका है और अब एक शक्ति के रूप में उभरेगा। 

विशिष्ट अतिथि चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि पार्षद का चुनाव अत्यंत कठिन होता है और इसमें जीत हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित और मजबूत होगा, तभी उसका प्रभाव भी व्यापक होगा। उन्होंने सभी को समाज के मनोबल को बढ़ाने और एकजुटता को बनाए रखने का आह्वान किया।

समारोह में जुगसलाई से नवनिर्वाचित मेयर सुधा गुप्ता सहित कई पार्षद, प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, जिला अध्यक्ष सज्जन पाड़िया एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समरसता पर जोर दिया।

कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजक सुभाष पटवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने दिया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर किया गया।यह समारोह न केवल जनप्रतिनिधियों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि समाज में एकता, जागरूकता और प्रेरणा का संदेश भी देकर गया। 

उक्त जानकारी देते हुए मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर-ओम प्रकाश अग्रवाल, पवन पोद्दार, संजीव विजयवर्गीय,कौशल राजगढ़िया, मनोज चौधरी, निर्मल बुधिया, अनिल अग्रवाल, अशोक नारसरिया,प्रमोद अग्रवाल, राजेंद्र केडिया, रमन बोडा, संजय सर्राफ, प्रमोद सारस्वत, चंडी प्रसाद डालमिया, डॉ ओमप्रकाश प्रणव, किशन साबू, शिव शंकर साबू, रवि शर्मा, कृष्णा अग्रवाल, मुकेश मित्तल, गोविंद मेवाड़, विनोद महलका, शिवकुमार सर्राफ, नंदकिशोर अग्रवाल, प्रमोद छावछरिया, सुमेर सेठी, नरेश बंका, प्रदीप मिश्रा, अशोक डालमिया, मुकेश काबरा, सुरेश जैन, नेहा पटवारी, अनु पोद्दार, उषा सिंघानिया, कमल शर्मा, विजय खोवाल, सुनील पोद्दार सज्जन सर्राफ,अजय डीडवानिया, सुमित महलका, रोहित पोद्दार, रिंकू अग्रवाल, अरुण जोशी, किशन शर्मा, राजेश कौशिक, विवेक चौधरी, कृष्ण अग्रवाल, आर के चौधरी, श्याम सुंदर शर्मा, विजय सरायका, अजय खेतान सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

बिहार

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Published / 2026-03-18 20:32:53
सीएम हेमंत से मिले बिहार विधान परिषद के सदस्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बिहार विधान परिषद समिति के सदस्यों ने की मुलाकात 

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण समिति के सदस्यों ने मुलाकात की। 

इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये जा रहे अपने कार्यों से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने बताया कि झारखंड विधानसभा के परिभ्रमण के दौरान यहां की महिला एवं बाल विकास समिति द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त हुई और दोनों राज्यों के अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया गया। 

मौके पर कल्पना सोरेन, जो झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति हैं, भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण समिति की अध्यक्ष डॉ कुमुद वर्मा, सदस्य रीना यादव, मुन्नी देवी और निवेदिता सिंह सहित अन्य शामिल थे।

Published / 2026-03-08 15:44:14
बिहार में तो सिर्फ और सिर्फ नीतीशे कुमार...

बिहार में तो सिर्फ और सिर्फ नीतीशे कुमार...

त्रिवेणी दास 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। पिछला बिहार विधानसभा का चुनाव नवंबर 2025 को हुआ था। 243 विधानसभा क्षेत्र में 89 भाजपा, 85 जदयू और 19 एलजेपी (रामविलास) तथा अन्य एनडीए गठबंधन कुल 202 सीट जीत कर बहुमत का आंकड़ा प्राप्त किया और नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। मात्र (3) सवा तीन (3:15) महीना के भीतर नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का कुर्सी छोड़कर राज्यसभा के सांसद के रूप में दिल्ली जाने का निर्णय लिया जो अचंभित भी करता है और राजनीति के लिए आश्चर्यजनक है।

बताया यह जा रहा है कि नीतीश कुमार चारों सदन की सदस्यता का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं इसीलिए उन्होंने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री पद छोड़ना स्वीकार किया; परंतु सियासत एवं वक्त में एकदम से सीधा अनोनाश्रय रिश्ता होता है जो कभी भारी पड़ता है, कभी ढीला पड़ जाता है और कभी राजनीतिज्ञ को कमजोर बना देता है। 

वक्त को भारी पड़ते हुए देख राजनीति के ट्रैक में लाइन बदलने का निर्णय नीतीश कुमार के राजनीतिक परिपक्वता का परिचायक है। आजादी के बाद से भारतीय राजनीति में परिवारवाद का प्रचलन कोई अपवाद नहीं है, विशेष कर कांग्रेस एवं क्षेत्रीय दलों में तो यही परिपाटी रही है। इस परिपाटी का अनुपालन जदयू में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 

नीतीश कुमार के सुपुत्र निशांत का जदयू के राजनीति में एंट्री हो चुका है। वह बकायदे सक्रिय हो चुके हैं और अपने बाबूजी की तरह अपनी राजनीतिक यात्रा बिहार के चंपारण से शुरू करने वाले हैं। पार्टी के जिला अध्यक्षों से उन्होंने लंबी मंत्रणा की है और पार्टी के युवा विधायकों के साथ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर लंबी चर्चा की है। 

इधर बिहार विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी लगातार अधिक सीट जीतने के बाद भी अधिकतम ऊंचाई उपमुख्यमंत्री तक ही सीमित रही है। सुशील कुमार मोदी की लंबी पारी के कारण भाजपा में कोई अन्य नेता उभर कर सामने नहीं आ पाया है। बिहार से नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पहले ही दिल्ली बुला लिया गया और अब उन्हें राज्यसभा भेज कर उनका स्थाई निवास दिल्ली बना दिया जा रहा है। 

बीजेपी के पास बिहार के राजनीति की उच्चतम पद पर काबिज होने का यह सुनहरा मौका है और वह मुख्यमंत्री बनाने के अत्यंत करीब पहुंच भी चुकी है। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा यह एक बड़ा सवाल है। हमेशा की तरह मोदीजी इस निर्णय पर भी चौंकाने का कार्य करेंगे? राजनीति के पंडितों के दिमाग में इसके उत्तर नहीं मिल पा रहे हैं। 

नीतीश कुमार का कद, काठी, प्रभाव और केंद्र की सरकार के टिकाऊ के लिए अत्यंत आवश्यक समर्थन को देखते हुए इतना तो तय है कि बिहार की राजनीति और सरकार में उनके सुपुत्र निशांत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है।

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