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Published / 2026-07-28 20:52:14
सरकार दिशाहीन, कानून सिर्फ दिखावा, ट्रैक ही गलत है तो फास्ट-ट्रैक किस काम का : सुखदेव भगत

लोकसभा सांसद सुखदेव भगत का केंद्र सरकार पर तीखा हमला 

कानून-व्यवस्था, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य पर उठाये सवाल; सही नीयत के बिना कोई भी कानून नहीं होगा प्रभावी, सरकार जवाबदेही से बच रही है 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली/लोहरदगा। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की नीतियों, कानून-व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नये कानून बनाने और फास्ट-ट्रैक व्यवस्था की बात कर रही है, जबकि सबसे बड़ी जरूरत सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली में सुधार की है। उनका कहना है कि जब तक शासन की दिशा और मंशा सही नहीं होगी, तब तक कोई भी कानून अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पायेगा। 

अपने बयान में सांसद सुखदेव भगत ने देश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल और बिहार में खुलेआम एके-47 जैसे हथियारों के प्रदर्शन की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। 

उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। सरकार की फास्ट-ट्रैक न्याय व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि केवल तेज गति से फैसले लेने की बात करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि जब ट्रैक ही गलत हो, तो फास्ट-ट्रैक का क्या मतलब? पहले सरकार अपनी दिशा और नीयत ठीक करे, तभी न्याय व्यवस्था प्रभावी हो सकेगी। 

सांसद ने महात्मा गांधी के साधन और साध्य के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य तक पहुंचने के साधन शुद्ध नहीं होंगे तो परिणाम भी सकारात्मक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे परीक्षा में धांधली रोकने के लिए नया कानून लाए या किसी अन्य अपराध पर कठोर अधिनियम बनाए, यदि उसकी नीयत साफ नहीं होगी तो ऐसे कानून जनता को अपेक्षित न्याय नहीं दिला पायेंगे। 

पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय केवल घोषणाएं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार मंत्री संसद और जनता के सामने स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

सुखदेव भगत ने कहा कि देश को केवल नए कानूनों की नहीं, बल्कि पारदर्शी शासन, ईमानदार नीयत और जवाबदेह प्रशासन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अपनी सोच और कार्यशैली में बदलाव नहीं लाएगी, तब तक कानूनों का वास्तविक लाभ आम जनता और देश के युवाओं तक नहीं पहुंच सकेगा।

Published / 2026-07-28 18:50:09
धनबाद : बाबनदिहा जंगल से लगभग 50 टन अवैध कोयला जब्त

  • बाबनदिहा जंगल में CISF की बड़ी कार्रवाई, लगभग 50 टन अवैध कोयला जब्त

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विभिन्न स्थानों पर चल रही छापेमारी के बीच  CISF ने भी अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। 

BCCL एरिया-3 के अंतर्गत बाबनदिहा जंगल स्थित हिलटॉप आउटसोर्सिंग क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाकर लगभग 50 टन अवैध कोयला जब्त किया गया।जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर BCCL और CISF की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान जंगल में अवैध रूप से जमा किए गए करीब 50 टन कोयले को बरामद किया गया। इसके बाद जब्त कोयले को BCCL हवाले कर दिया गया। 

अभियान के दौरान अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले अधिकांश लोग मौके से फरार हो गए। अवैध खनन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।BCCL और CISF ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन एवं कोयला तस्करी के खिलाफ आगे भी इस तरह की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

बिहार

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Published / 2026-07-25 13:34:23
पटना : बिहार बंद का व्यापक असर, हाई अलर्ट

  • नीट पेपर लीक मामले में विपक्षी दलों के बिहार बंद का व्यापक असर, हाई अलर्ट घोषित

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीट पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे बिहार में बंद का व्यापक असर देखने को मिला।

राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, आरा, बेगूसराय, पूर्णिया, छपरा और सासाराम समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया है। 

संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि कई जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद रखने और इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया।

Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

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