Featured

View All

विज्ञापन

देश

झारखंड

खेल समाचार

करियर

समाज

मनोरंजन

वर्ल्ड

हेल्थ

कानून व्यवस्था

ज्ञान विज्ञान

वन और पर्यावरण

राज काज

झारखंड

View All
Published / 2026-07-24 20:27:56
कल 25 जूलाई से बापू वाटिका मोरहाबादी में सत्याग्रह धरना

  • जेपीएससी, जेएसएससी के खिलाफ छात्रों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना
  • कल 25 जूलाई से बापू वाटिका मोरहाबादी में सत्याग्रह धरना
  • सीबीआई जांच करते हुए परीक्षा रद्द करने तक आंदोल का ऐलान

टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग के 14 वीं सिविल सेवा परीक्षा पर जांच टीम का तार जेएसएससी तक पहुंच गया है। जेएसएससी सीजीएल व अन्य परीक्षाओं पर भी सवाल उठने लगी है। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी द्वारा परीक्षा आयोजन किए जाने की पुष्टि हुई है। एजेंसी के अधिकारी पुलिस हिरासत में है। 

दोनों नियुक्ति आयोग की कई अधिकारी जांच के घेरे में आ चुकी है। जिससे छात्र एवं अभिभावकों में भारी नाराजगी है। आज छात्रों के मंडली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जेएसएससी जेपीएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महा अभियान का ऐलान किया। इसके तहत चरणबद्ध आंदोलन किए जाने की बात कही। 

आंदोलन के प्रथम चरण में कल 25 जूलाई (शनिवार) से मोराबादी स्थित बापू वाटिका के समक्ष अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। जिसकी प्रशासनिक सूचनार्थ प्रदान कर दिया गया है। छात्र मंडली के मीडिया वार्ता में छात्र दीनबंधु मंडल ने कहा कि जांच टीम को धांधली का कई अहम तथ्यो पर हाथ लगी है। फिर भी राज्य सरकार अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। 

राज्य सरकार को दोनो आयोग को विवादित परीक्षाओं का सीबीआई से जांच करते हुए रद्द किया जाए। आज के मीडिया कांफ्रेंस के दौरान राम अवतार महतो, दीनबंधु मंडल,  बृजभूषण झा, संदिप कुमार गुप्ता, रवि कुमार, संजय साहू आदि छात्र मंडली मौजूद रहे।

Published / 2026-07-24 20:17:58
जमशेदपुर : MGM के दो जूनियर डॉक्टर डिमना लेक में डूबे

  • डिमना लेक में डूबे MGM अस्पताल के 2 जूनियर डॉक्टर, सहकर्मियों में शोक

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जिले स्थित डिमना लेक में आज हुए एक दर्दनाक हादसे में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से अस्पताल परिसर, मेडिकल कॉलेज और पूरे चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 

पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एमजीएम अस्पताल के तीन जूनियर डॉक्टर देर रात डिमना लेक घूमने गए थे। तीनों लेक के किनारे बैठे हुए थे। इसी दौरान एक डॉक्टर का मोबाइल फोन अचानक पानी में गिर गया।

मोबाइल निकालने के प्रयास में एक डॉक्टर पानी में उतरा लेकिन गहराई का सही अंदाजा नहीं होने के कारण वह डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा डॉक्टर भी पानी में कूद गया लेकिन दोनों गहरे पानी में समा गए। घटना के समय उनके साथ मौजूद तीसरे डॉक्टर यश किसी तरह सुरक्षित बच निकले। उन्होंने तुरंत एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी। 

सूचना मिलते ही पुलिस, अस्पताल के अधिकारी और बड़ी संख्या में डॉक्टर मौके पर पहुंचे। रात में गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया लेकिन अंधेरा और गहराई अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। आज सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों डॉक्टरों के शव डिमना लेक से बाहर निकाले।

मृतकों की पहचान काशीडीह निवासी 26 वर्षीय डॉ. समीर और पलामू के डाल्टनगंज स्थित बिनेका गांव निवासी 22 वर्षीय डॉ. सक्षम सिंह के रूप में हुई है। घटना की खबर मिलते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शोक का माहौल बन गया। साथी डॉक्टरों और कर्मचारियों ने दोनों दिवंगत डॉक्टरों को श्रद्धांजलि दी। अस्पताल प्रशासन ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

ग्रामीण एसपी ने बताया कि तीनों जूनियर डॉक्टर आधी रात के बाद डिमना लेक क्यों गए थे और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और तीसरे डॉक्टर से भी पूछताछ की जा रही है। पोस्टमाटर्म के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

बिहार

View All
Published / 2026-07-22 21:09:18
बिहार : नदी में डुबने से दो बच्चियों की मौत

  • चारा काटने गई थीं दो छात्राएं, पैर फिसलते ही नदी में डूबीं
  • गांव में मातम; SDRF की देरी से फूटा गुस्सा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम चंपारण। जिले के मझौलिया प्रखंड के ओझा मठिया गांव में अकड़ाहा नदी में डूबने से दो छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं, ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृतक छात्राओं की पहचान 13 वर्षीय राधा कुमारी और 12 वर्षीय गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। 

दोनों सहेलियां अन्य बच्चों के साथ पुरैना सरेह में चारा काटने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारा काटने के दौरान नदी किनारे उनका पैर फिसल गया, जिससे दोनों गहरे पानी में चली गईं। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी। 

ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एसडीआरएफ टीम काफी देर से घटनास्थल पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो दोनों बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में दोनों बच्चियों के शव नदी से बरामद किए गए। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिए गए। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने की मांग की है।

Published / 2026-06-23 13:21:38
बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित

  • बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित
  • बिहार सरकार ने सुनियोजित तरीके  षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या  कराई हैं:धनंजय तिवारी

एबीएन न्यूज, नेटवर्क, हुसैनाबाद पलामू। शहर के जेपी चौक स्थित तिवारी कॉम्प्लेक्स कांग्रेस कार्यालय में  प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव सह प्रदेश प्रतिनिधि धनंजय कुमार तिवारी की अगुवाई में एक शोक सभा आयोजित की गई। 

बैठक में बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में बुलाई गई थी। बैठक में स्व. भरत तिवारी के याद 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।मौके पर कांग्रेस नेता धनंजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्व. भरत तिवारी गरीब, शोषित और वंचितों की आवाज थे। 

वे अपने क्षेत्र के विकास व जनता के प्रति चिंतित रहते थे धीरे-धीरे उनकी छवि एक क्रांतिकारी नौजवान के रूप में बन गई थी। श्री तिवारी ने बताया कि स्व. भरत तिवारी जमनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में पुल निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। पुल न होने से हर साल बाढ़ से कई गांव प्रभावित होते थे। 

उन्होंने सरकार को कई बार आगाह किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे काफी क्षुब्ध थे। धनंजय तिवारी का आरोप है कि भरत तिवारी की बढ़ती लोकप्रियता और क्रांतिकारी छवि बिहार प्रशासन व सरकार को रास नहीं आई। अंततः एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या कर दी गई। 

बैठक में सुदामा तिवारी, विपुल तिवारी, शंभू तिवारी, जयप्रकाश उपाध्याय, मनोज वैद्य, रंजन तिवारी, जगन्नाथ गिरी, अशोक पाठक, कृपानंद पाठक, अश्वनी तिवारी, संतोष कुमार पांडेय, धनंजय पाठक, राजकुमार पांडेय, कामाख्या नारायण पाठक, अभिषेक पाठक, अनिल पाठक, राजेश तिवारी सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse