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Published / 2026-03-24 20:33:56
जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करें : आयुक्त

  • जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करें : आयुक्त
  • भूमि विवादों के त्वरित समाधान से क्षेत्र में शांति और विकास को मिलेगा बढ़ावा
  • प्रमंडलीय आयुक्त ने मनिका अंचल कार्यालय का किया निरीक्षण, अभिलेख एवं लंबित मामलों पर दिए सख्त निर्देश

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मनिका/लातेहार, (पलामू)। प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय आज मनिका अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यों, राजस्व संग्रहण एवं अभिलेख संधारण की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। परंतु इस उपलब्धि को निरंतर बनाये रखते हुए भविष्य में भी अंचल को अव्वल बनाये रखने की दिशा में ठोस प्रयास करने का निर्देश दिया। 

आयुक्त ने ई-रेवेन्यू कोर्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का आकलन कर शीघ्र निष्पादन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में देरी नहीं किया जाये। आम जनता से जुड़े मामलों में देर होना प्रशासन के प्रति लोगों के विश्वास को कमजोर करती है। इसलिए सभी लंबित मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करें। 

उन्होंने सर्टिफिकेट केस एवं भूमि सीमांकन (लैंड डिमार्केशन) की स्थिति की जानकारी लेते हुए राजस्व वसूली से जुड़े मामलों में तेजी लाने और सीमांकन कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों के त्वरित समाधान से क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कार्यालय के आगत-निर्गत पंजी, सेवा पुस्तिका, रोकड़ बही, रक्षित संचिका सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की बारीकी से जांच की। कई अभिलेखों में अद्यतन की आवश्यकता पाई गई, जिस पर उन्होंने संबंधित कर्मियों को चेतावनी देते हुए अद्यतन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। 

आयुक्त ने राजस्व संग्रहण में निरंतर प्रगति बनाये रखते हुए लक्ष्य से आगे बढ़ने का प्रयास करने, ई-रेवेन्यू कोर्ट के लंबित मामलों का शीघ्र और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने, सर्टिफिकेट केस में तेजी लाकर राजस्व वसूली को प्रभावी बनाने, भूमि सीमांकन कार्य को प्राथमिकता देते हुए विवादों का त्वरित समाधान करने, सभी अभिलेख/पंजी, सेवा पुस्तिका, रोकड़ बही आदि को अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने का निर्देश दिया। 

आयुक्त ने जनहित से जुड़े कार्यों में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाने तथा सरकार की योजनाओं का लाभ हरेक जरूरतमंद  व्यक्तियों को देने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, अपर समाहर्ता रामा रविदास, प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप कुमार, अंचल अधिकारी अमन कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Published / 2026-03-24 20:25:05
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की द्वितीय कार्य समिति की बैठक संपन्न

  • झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की द्वितीय कार्य समिति की बैठक संपन्न
  • सभी प्रमंडल में शीघ्र ही होगा प्रमंडलीय बैठक,  संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर

टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन कार्य समिति की द्वितीय प्रांतीय बैठक रांची हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन के सभागार में प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। बैठक का आयोजन रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन की आतिथ्य में किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के पारंपरिक स्वागत से हुई, जिसमें सभी आगंतुकों को पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान संगठन के प्रति समर्पण और एकजुटता की भावना स्पष्ट रूप से झलकती रही। बैठक में पूर्व में किये गये कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गयी, जिसमें उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही आगामी सामाजिक, शैक्षणिक एवं सेवा कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गयी। बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। 

सदस्यता विस्तार, युवा एवं महिला सहभागिता बढ़ाने तथा समाज के हर वर्ग तक संगठन की पहुंच सुनिश्चित करने परविचार-विमर्श हुआ। इसी क्रम में संगठनात्मक विस्तार के तहत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए धनबाद के कृष्णा अग्रवाल को प्रांतीय उपाध्यक्ष, विवेक चौधरी कार्यकारिणी सदस्य एवं सांवर लाल शर्मा को परामर्श दात्री समिति सदस्य के रूप में शामिल किया गया। वहीं धनबाद में चेतन गोयनका को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गयी। 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि झारखंड के सभी प्रमंडलों में शीघ्र ही प्रमंडलीय बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जा सके। साथ ही यह भी तय किया गया कि प्रत्येक तीन माह में राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यकारिणी की प्रांतीय बैठक आयोजित की जायेगी, जिससे संगठन की सक्रियता और निरंतरता बनी रहे। इस अवसर पर महामंत्री विनोद कुमार जैन ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें संगठन की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया। 

बैठक का संचालन भी उन्होंने ही कुशलतापूर्वक किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने किया।
अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की मजबूती समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से सक्रिय भूमिका निभाने और समाजहित में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। बैठक का समापन सकारात्मक संकल्पों और भविष्य की योजनाओं के साथ हुआ।

 बैठक में-मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल, ललित कुमार पोद्दार, पवन शर्मा, राजेंद्र कुमार केडिया,नवल किशोर अग्रवाल, सुमर सेठी, प्रमोद छावछरिया, सुभाष पटवारी, कौशल कुमार राजगढ़िया, अनिल अग्रवाल, संजय सर्राफ, प्रमोद सारस्वत,सज्जन पाड़िया, निर्मल बुधिया, कृष्णा अग्रवाल, मुकेश मित्तल, रमन बोडा,प्रमोद अग्रवाल, अजय डीडवानिया, सुनील पोद्दार, नारायण विजयवर्गीय, गोविंद मेवाड़, रमेश बोंदिया, विनोद महलका, मनोज कुमार चौधरी, शिवकुमार सर्राफ, प्रदीप मिश्रा विमल अग्रवाल, विजय गोयल, आकाश शाह, सुरेश अग्रवाल, दिलीप गोयल,उमेश कावटियां श्रवण देबूका, धर्मचंद पोद्दार, संतोष अग्रवाल, अशोक डालमिया, नरेश बंका, विजय खोवाल,अंजय कुमार, कमल शर्मा, नेहा पटवारी के अलावा बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे। यह जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

बिहार

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Published / 2026-03-18 20:32:53
सीएम हेमंत से मिले बिहार विधान परिषद के सदस्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बिहार विधान परिषद समिति के सदस्यों ने की मुलाकात 

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण समिति के सदस्यों ने मुलाकात की। 

इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये जा रहे अपने कार्यों से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने बताया कि झारखंड विधानसभा के परिभ्रमण के दौरान यहां की महिला एवं बाल विकास समिति द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त हुई और दोनों राज्यों के अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया गया। 

मौके पर कल्पना सोरेन, जो झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति हैं, भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण समिति की अध्यक्ष डॉ कुमुद वर्मा, सदस्य रीना यादव, मुन्नी देवी और निवेदिता सिंह सहित अन्य शामिल थे।

Published / 2026-03-08 15:44:14
बिहार में तो सिर्फ और सिर्फ नीतीशे कुमार...

बिहार में तो सिर्फ और सिर्फ नीतीशे कुमार...

त्रिवेणी दास 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। पिछला बिहार विधानसभा का चुनाव नवंबर 2025 को हुआ था। 243 विधानसभा क्षेत्र में 89 भाजपा, 85 जदयू और 19 एलजेपी (रामविलास) तथा अन्य एनडीए गठबंधन कुल 202 सीट जीत कर बहुमत का आंकड़ा प्राप्त किया और नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। मात्र (3) सवा तीन (3:15) महीना के भीतर नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का कुर्सी छोड़कर राज्यसभा के सांसद के रूप में दिल्ली जाने का निर्णय लिया जो अचंभित भी करता है और राजनीति के लिए आश्चर्यजनक है।

बताया यह जा रहा है कि नीतीश कुमार चारों सदन की सदस्यता का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं इसीलिए उन्होंने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री पद छोड़ना स्वीकार किया; परंतु सियासत एवं वक्त में एकदम से सीधा अनोनाश्रय रिश्ता होता है जो कभी भारी पड़ता है, कभी ढीला पड़ जाता है और कभी राजनीतिज्ञ को कमजोर बना देता है। 

वक्त को भारी पड़ते हुए देख राजनीति के ट्रैक में लाइन बदलने का निर्णय नीतीश कुमार के राजनीतिक परिपक्वता का परिचायक है। आजादी के बाद से भारतीय राजनीति में परिवारवाद का प्रचलन कोई अपवाद नहीं है, विशेष कर कांग्रेस एवं क्षेत्रीय दलों में तो यही परिपाटी रही है। इस परिपाटी का अनुपालन जदयू में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 

नीतीश कुमार के सुपुत्र निशांत का जदयू के राजनीति में एंट्री हो चुका है। वह बकायदे सक्रिय हो चुके हैं और अपने बाबूजी की तरह अपनी राजनीतिक यात्रा बिहार के चंपारण से शुरू करने वाले हैं। पार्टी के जिला अध्यक्षों से उन्होंने लंबी मंत्रणा की है और पार्टी के युवा विधायकों के साथ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर लंबी चर्चा की है। 

इधर बिहार विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी लगातार अधिक सीट जीतने के बाद भी अधिकतम ऊंचाई उपमुख्यमंत्री तक ही सीमित रही है। सुशील कुमार मोदी की लंबी पारी के कारण भाजपा में कोई अन्य नेता उभर कर सामने नहीं आ पाया है। बिहार से नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पहले ही दिल्ली बुला लिया गया और अब उन्हें राज्यसभा भेज कर उनका स्थाई निवास दिल्ली बना दिया जा रहा है। 

बीजेपी के पास बिहार के राजनीति की उच्चतम पद पर काबिज होने का यह सुनहरा मौका है और वह मुख्यमंत्री बनाने के अत्यंत करीब पहुंच भी चुकी है। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा यह एक बड़ा सवाल है। हमेशा की तरह मोदीजी इस निर्णय पर भी चौंकाने का कार्य करेंगे? राजनीति के पंडितों के दिमाग में इसके उत्तर नहीं मिल पा रहे हैं। 

नीतीश कुमार का कद, काठी, प्रभाव और केंद्र की सरकार के टिकाऊ के लिए अत्यंत आवश्यक समर्थन को देखते हुए इतना तो तय है कि बिहार की राजनीति और सरकार में उनके सुपुत्र निशांत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है।

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