जराटोली मिशन स्टेशन का स्वतंत्र पल्ली के रूप में ऐतिहासिक शुभारंभ
- जराटोली मिशन स्टेशन का स्वतंत्र पल्ली के रूप में ऐतिहासिक शुभारंभ
टीम एबीएन, नामकुम, जराटोली (रांची)। आज महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने नामकुम, लाली जराटोली के मिशन स्टेशन को स्वतंत्र पल्ली का दर्जा प्रदान कर राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के इतिहास में एक नया स्वर्णिम पन्ना जोड़ दिया है। पल्लीवासी नया पल्ली पाकर अत्यंत हर्ष से भर गये एवं धन्यवाद का समारोही मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया।
महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद एवं विकार जेनरल फाo आंनद डेविड खलखो के आगमन पर उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत अद्वितीय आदिवासी परंपरा और असीम उत्साह के साथ हुआ। आदिवासी संस्कृति और आदर के प्रतीक स्वरूप दोनों गणमान्य अतिथियों को सुसज्जित पालकियों में बिठाया गया एवं नाचते हुए नव घोषित पल्ली परिसर में लाया गया।
स्थानीय युवाओं और विश्वासियों ने मांदर और नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए पारंपरिक नृत्य के साथ पालकी यात्रा की अगुवाई की। महिला संघ के माताओं ने अतिथियों के हाथ धोकर और गीतों के साथ उनका पल्ली परिसर में स्वागत किया।
इसके तुरंत बाद गिरजाघर में भव्य कृतज्ञता मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया। इसकी अगुवाई स्वयं महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने की, जिसमें विकार जेनरल और कई पुरोहितों ने सह-बलिदान चढ़ाया। माताओं ने प्रवेश गान के साथ भव्य जुलूस करते हुए महाधर्माध्यक्ष एवं पुरोहितों को पवित्र वेदी तक पहुँचाया। मिस्सा के पूर्व मिशन स्टेशन का इतिहास पढ़ सुनाया गया।
तत्पश्चात राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के विकार जेनरल फ़ाo आनंद डेविड खलखो ने महाधर्माध्यक्ष द्वारा निर्गत आधिकारिक डिक्री पढ़कर इस मिशन स्टेशन को एक स्वतंत्र पल्ली घोषित किया । इस नव निर्मित पल्ली का नाम संत जोसेफ काथलिक चर्च, लाली जराटोली होगा। मिशन स्टेशन के देखभालकर्ता फाo प्रसन्न तिर्की को इस नव घोषित पल्ली के पल्ली पुरोहित के रूप में नियुक्ति की गई है।
इस पल्ली के अंतर्गत लाली जराटोली, बजरमरा, बानपुर एवं बूढ़ीबेड़ा ग्राम शामिल किये गए हैं। घोषणा की समाप्ति पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद की अगुवाई में समारोही धन्यवादी मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया। उन्होंने अपने धर्मोपदेश में कहा कि आज संत जोसेफ काथलिक चर्च के विश्वासियों एवं राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के लोगों के लिए आनंदित होने का दिन है क्योंकि आज हमने नए पल्ली की घोषणा की है।
फिर भी हमें राजा सुलेमान के समान ही बिना घमंड किए नम्र बने रहने की जरूरत है। पल्ली घोषणा के साथ ही आप सभी की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। आप आदर्श जीवन जी कर अन्य लोगों को भी ख्रीस्तीय जीवन का साक्ष्य प्रस्तुत करते रहें। साथ ही उन्होंने स्थानीय विश्वासियों के सुदृढ़ विश्वास और पुरोहितों के कठिन परिश्रम की सराहना की।
उन्होंने नए पल्ली समुदाय को आध्यात्मिक रूप से और मजबूत होने तथा समाज सेवा में अग्रणी रहने का आह्वान भी किया। उपदेश के बाद नव नियुक्त पल्ली पुरोहित फाo प्रसन्न तिर्की ने कलीसिया के सम्मुख धर्मसार का पालन करने की घोषणा कर, वेदी के सम्मुख घुटने टेककर एवं पवित्र बाइबल पर हाथ रखकर पल्ली की जिम्मेदारी ईमानदारी पूर्वक निर्वाहन करने की प्रतिज्ञा ली। परमप्रसाद के बाद महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने पल्ली के रेजिस्टर, रविवारीय पाठसंग्रह एवं कुंजी प्रदान कर प्रतीकात्मक रूप से पल्ली की जिम्मेदारी फाo प्रसन्न तिर्की को सुपुर्द किया।
आध्यात्मिक मिस्सा बलिदान अनुष्ठान के समापन के बाद पल्ली प्रांगण में एक भव्य सांस्कृतिक मंच का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और महिला संघों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंच पर रंगारंग आदिवासी लोक नृत्य और सुमधुर स्वागत गीतों की प्रस्तुतियाँ हुईं।
सर्वप्रथम उन सभी उदार व्यक्तियों को महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद सम्मानित किया गया जिन्होंने पल्ली निर्माण हेतु ज़मीन प्रदान की। राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के विकार जेनरल जिन्होंने इस पल्ली के निर्माण में अहम योगदान दिया अपने संबोधन में पल्लीवासियों को इस नए सफर की बधाई दी।
उन्होंने पल्ली की आत्मनिर्भरता और एकता पर विशेष बल दिया और ईश्वरीय मूल्यों के अनुसार जीवन जीने का संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने भी अपने संबोधन में सभी विश्वासियों को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि पल्ली घोषणा का श्रेय स्वo तेलेस्फोर पीo कार्डिनल टोप्पो को विशेष रूप से जाता है। साथ ही उन तमाम पुरोहितों को भी जाता है जिन्होंने यहां अपनी सेवा दी है। अब आगे का भविष्य अच्छा हो इसकी जिम्मेदारी प्रत्येक विश्वासी की होगी। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने पल्ली के विश्वासियों के उत्साह की सराहना भी की।
यह दिन जराटोली पल्ली के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। स्वतंत्र पल्ली बनने से न केवल इस क्षेत्र का आध्यात्मिक विकास तेज होगा, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी प्रगति होगी। संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण, गरिमामयी और आनंदमय माहौल में संपन्न हुआ।
संत जोसेफ काथलिक चर्च लाली जराटोली के पल्ली घोषणा के पावन अवसर पर राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद, विकार जेनरल फ़ाo आनंद डेविड खलखो, पल्ली पुरोहित फाo प्रसन्न तिर्की, फाo विक्टर लकड़ा, उलुहातु के पल्ली पुरोहित और डीन फाo अल्बर्ट लकड़ा, 30 से अधिक अन्य पुरोहितगण, विभिन्न धर्मसमाज की धर्मबहनें, विभिन्न पल्ली के विश्वासीगण एवं नव घोषित पल्ली के विश्वासी हज़ारों की संख्या में उपस्थित रहे।