Featured

View All

विज्ञापन

देश

झारखंड

खेल समाचार

करियर

समाज

मनोरंजन

हेल्थ

कानून व्यवस्था

ज्ञान विज्ञान

वन और पर्यावरण

राज काज

झारखंड

View All
Published / 2026-09-04 21:22:50
जन्माष्टमी पर दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन

टीम एबीएन, रांची। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रीश्री मां काली मंदिर एवं शिव मंदिर समिति ट्रस्ट, साउथ रेलवे कॉलोनी, रांची की ओर से मंदिर परिसर में दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 9 से 12 वर्ष की बच्चियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 

प्रतियोगिता के दौरान बच्चियों ने पूरे जोश और उमंग के साथ दही हांडी फोड़ने का प्रयास किया। कार्यक्रम में बच्चों के उत्साह को देखते हुए मंदिर परिसर में भक्तिमय एवं उत्सवपूर्ण माहौल बना रहा। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और त्योहारों के प्रति रुचि एवं सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। 

इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सभी प्रतिभागी बच्चियों का उत्साहवर्धन किया तथा जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। समिति की ओर से कहा गया कि ऐसे आयोजन बच्चों को हमारी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें टीम भावना और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देते हैं। 

कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री श्री मां काली मंदिर एवं शिव मंदिर समिति ट्रस्ट, साउथ रेलवे कॉलोनी, रांची के अध्यक्ष राम कुमार सिंह, सचिव उज्ज्वल आनंद, कोषाध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, मीडिया प्रभारी अनीश कुमार, संतोष कुमार सिंह, शशि मुखी, राजू राम, उमा शंकर तांती, प्रदीप साहा, राजेंद्र गोराई, जीतू मंडल, गौरचन्द्र, भीम शर्मा, आशुतोष राहुल एवं श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। 

Published / 2026-09-04 21:22:12
रांची : रिनपास में मनाया गया 101वां फाउंडेशन डे

मनोरोगियों की सेवा का लिया संकल्प 

टीम एबीएन, रांची। रिनपास में संस्थान का 101वां फाउंडेशन डे समारोहपूर्वक मनाया गया। मौके पर संस्थान के कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी और संस्थान की गौरवशाली यात्रा को याद किया। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि रिनपास पूर्व की तरह आगे भी मनोरोगियों को बेहतर चिकित्सा एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। 

गौरतलब है कि रिनपास ने पिछले वर्ष अपने 100 वर्ष पूरे किये थे। इसी के साथ संस्थान ने अब 101वें वर्ष में प्रवेश किया है। एक सदी से अधिक समय से रिनपास मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा है।

बिहार

View All
Published / 2026-09-02 14:16:23
जहानाबाद : 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा दरधा और मोरहर का जलस्तर

  • जहानाबाद में उफान पर दरधा और मोरहर नदियां: 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा जलस्तर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जहानाबाद। जिले में लगातार बारिश के बाद दरधा और मोरहर नदी उफान पर हैं। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों का जलस्तर छह फीट से अधिक बढ़ गया है। शहर के कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। जाफरगंज और एसएस कॉलेज पुल पर तेज बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जबकि कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है।

24 घंटे में छह फीट से ज्यादा बढ़ा जलस्तर

लगातार हो रही बारिश के कारण जहानाबाद जिले में दरधा और मोरहर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में छह फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

जाफरगंज पुल पर तीन फीट पानी, फिर भी आवाजाही जारी 

शहर को जाफरगंज, गोरक्षनी और धनगामा से जोड़ने वाले जाफरगंज पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के बावजूद लोग पुल पार करने को मजबूर हैं। कोई पानी के बीच से गुजर रहा है तो कोई पुल की रेलिंग पकड़कर दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोग नदी में जमा जलकुंभी के सहारे भी निकलते दिखाई दिए, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जाफरगंज पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद अब तक न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल पुल पर आवाजाही रोकनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी

दरधा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जाफरगंज के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया, जिसके बाद लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कुछ परिवार अपने घरों की ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं।

एसएस कॉलेज पुल भी डूबा, स्कूल जाने का रास्ता बंद

श्याम नगर के पास दरधा नदी पर बने एसएस कॉलेज पुल के ऊपर भी करीब ढाई फीट पानी बह रहा है। इसके कारण एसएस कॉलेज, डीएवी स्कूल, अंबेडकर छात्रावास और साईं मंदिर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। अब लोगों को करीब 10 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

स्कूली बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
शहर और स्टेशन क्षेत्र के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एसएस कॉलेज और डीएवी स्कूल आते-जाते हैं। दोनों प्रमुख पुलों पर पानी चढ़ने से उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है और बच्चों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
गोरक्षनी मंदिर जाने में भी बढ़ी परेशानी
ठाकुरबाड़ी स्थित दरधा-जमुना संगम घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है। 

गोरक्षनी इलाके के कई घरों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। संगम घाट का पैदल पुल पहले ही हटाया जा चुका था। अब जाफरगंज पुल पर पानी चढ़ जाने के कारण श्रद्धालुओं को गोरक्षनी देवी मंदिर पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

Published / 2026-07-22 21:09:18
बिहार : नदी में डुबने से दो बच्चियों की मौत

  • चारा काटने गई थीं दो छात्राएं, पैर फिसलते ही नदी में डूबीं
  • गांव में मातम; SDRF की देरी से फूटा गुस्सा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम चंपारण। जिले के मझौलिया प्रखंड के ओझा मठिया गांव में अकड़ाहा नदी में डूबने से दो छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं, ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृतक छात्राओं की पहचान 13 वर्षीय राधा कुमारी और 12 वर्षीय गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। 

दोनों सहेलियां अन्य बच्चों के साथ पुरैना सरेह में चारा काटने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारा काटने के दौरान नदी किनारे उनका पैर फिसल गया, जिससे दोनों गहरे पानी में चली गईं। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी। 

ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एसडीआरएफ टीम काफी देर से घटनास्थल पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो दोनों बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में दोनों बच्चियों के शव नदी से बरामद किए गए। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिए गए। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने की मांग की है।

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse