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Published / 2026-09-02 21:00:56
सांसद सुखदेव भगत के आवास पर आजीविका आल कैडर संघ का महाजुटान

सैकड़ों महिला-पुरुषों ने सौंपा ज्ञापन, मौके पर सेही सांसद ने मंत्री दीपिका पांडे सिंह से की बात, एक माह में सकारात्मक निर्णय का आश्वासन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत के आवास पर झारखंड राज्य आजीविका आल कैडर संघ, पलाश, रांची का सैकड़ों महिला एवं पुरुष सदस्यों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल सांसद से मिला और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। 

ज्ञापन में संघ ने बताया कि आजीविका कैडर के सदस्य विगत 2016-17 से ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत जेएसएलपीएस के माध्यम से प्रखंड के वीओ स्तर, पंचायत स्तर एवं संकुल स्तर पर कार्य कर रहे हैं। 

ये सभी कैडर समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने, कृषि, पशुपालन, सोशल डेवलपमेंट, नन फार्म, फूलो-झानो, स्वास्थ्य-पोषण, बैंक लिंकेज, बीमा, कौशल विकास,  रजिस्टर अपडेट और सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। 

प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें  

  • मानदेय 800 गुणा 26 दिन = 20,800/- प्रति माह किया जाये। 
  • कम्युनिकेशन भत्ता 3000/- प्रति माह (यात्रा, स्टेशनरी, पेट्रोल, मोबाइल रिचार्ज) 
  • एफटीए में शामिल कर एचआर पॉलिसी का लाभ दिया जाये। 
  • भविष्य निधि (पीएफ) में पंजीकृत कर लाभ दिया जाये। 
  • मानदेय का भुगतान व्यक्तिगत बैंक खाते में किया जाये। 
  • हर साल 10-15% मानदेय वृद्धि का प्रावधान हो। 
  • जेएसएलपीएस की सभी वेकेंसियों में बीआरपी एलएचसी को 60% आरक्षण दिया जाये। 
  • बीमा सुरक्षा का लाभ दिया जाये।  

प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद सांसद ने कहा आप सभी 56 हजार आजीविका दीदी-भैया हमारे झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। आप लोगों ने झारखंड की लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। आपकी मांगों के साथ हूं और आपको न्याय दिलाने के लिए समुचित प्रयास करूंगा। 

सांसद ने मौके पर ही ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह से दूरभाष पर वार्ता कर प्रतिनिधिमंडल की सभी समस्याओं से अवगत कराया और इसे दूर करने का आग्रह किया। 

मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने सांसद को बताया कि पूरे राज्य में 56,000 आजीविका कैडर कार्य कर रहे हैं, उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल करेगी। इस संबंध में निर्णय खरछढर की बोर्ड मीटिंग में लिया जायेगा। एक माह के अंदर इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जायेगा। 

मंत्री के इस आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल में हर्ष का माहौल है। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद सुखदेव भगत का आभार व्यक्त किया। मौके पर संघ के प्रदेश एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी और सैकड़ों कैडर उपस्थित थे।

Published / 2026-09-02 20:44:32
पंच परगना क्षेत्र में पहुंची देवेंद्र नाथ महतो की छात्र यात्रा

भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का 11वां दिन रहा जारी 

टीम एबीएन, रांची। भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों की राज्यव्यापी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा लगातार जारी है। यात्रा के माध्यम से अब तक झारखंड के लगभग आधे भौगोलिक क्षेत्र का परिभ्रमण किया जा चुका है। इसी क्रम में बुधवार को यात्रा पंच परगना क्षेत्र में पहुंची, जहां छात्र नेता एवं यात्रियों ने छात्रों तथा आम लोगों से जनसंपर्क कर नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही कथित धांधली एवं अनियमितताओं के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया। 

यात्रा के 11वें दिन झारखंड मोड़, सिल्ली में शहीद निर्मल महतो जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा की शुरूआत की गई। इसके बाद बुंडू मोड़, बंता चौक, पतराहातु, सोनाहातू बाजारटांड़, जमुदाग एवं जाडैया चौक समेत विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया गया। 

यात्रा का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पंच परगना क्षेत्र के छात्रों एवं आम लोगों में यात्रा को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से सरकार की नाकामी का पदार्फाश होता जा रहा है। सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता की गारंटी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि राज्य के युवाओं को उनका हक मिल सके। 

उन्होंने कहा कि भर्ती व्यवस्था में सुधार और नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर यह यात्रा पूरे राज्य में जनजागरण का अभियान चला रही है। जब तक युवाओं के हित में ठोस एवं भरोसेमंद व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया जाता रहेगा। 

आज की यात्रा के दौरान केसी मेहता, कृष्णा महतो, जाकिर खान, वीरेंद्र महतो, कुलदीप महतो, मदन महतो, राधिका कुमारी, अनूप महतो, अनिता कुमारी, राजेश प्रसाद समेत बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। बताते चलें कि गुरुवार को भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा कोल्हान क्षेत्र में प्रवेश करेगी।

बिहार

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Published / 2026-09-02 14:16:23
जहानाबाद : 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा दरधा और मोरहर का जलस्तर

  • जहानाबाद में उफान पर दरधा और मोरहर नदियां: 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा जलस्तर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जहानाबाद। जिले में लगातार बारिश के बाद दरधा और मोरहर नदी उफान पर हैं। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों का जलस्तर छह फीट से अधिक बढ़ गया है। शहर के कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। जाफरगंज और एसएस कॉलेज पुल पर तेज बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जबकि कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है।

24 घंटे में छह फीट से ज्यादा बढ़ा जलस्तर

लगातार हो रही बारिश के कारण जहानाबाद जिले में दरधा और मोरहर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में छह फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

जाफरगंज पुल पर तीन फीट पानी, फिर भी आवाजाही जारी 

शहर को जाफरगंज, गोरक्षनी और धनगामा से जोड़ने वाले जाफरगंज पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के बावजूद लोग पुल पार करने को मजबूर हैं। कोई पानी के बीच से गुजर रहा है तो कोई पुल की रेलिंग पकड़कर दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोग नदी में जमा जलकुंभी के सहारे भी निकलते दिखाई दिए, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जाफरगंज पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद अब तक न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल पुल पर आवाजाही रोकनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी

दरधा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जाफरगंज के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया, जिसके बाद लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कुछ परिवार अपने घरों की ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं।

एसएस कॉलेज पुल भी डूबा, स्कूल जाने का रास्ता बंद

श्याम नगर के पास दरधा नदी पर बने एसएस कॉलेज पुल के ऊपर भी करीब ढाई फीट पानी बह रहा है। इसके कारण एसएस कॉलेज, डीएवी स्कूल, अंबेडकर छात्रावास और साईं मंदिर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। अब लोगों को करीब 10 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

स्कूली बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
शहर और स्टेशन क्षेत्र के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एसएस कॉलेज और डीएवी स्कूल आते-जाते हैं। दोनों प्रमुख पुलों पर पानी चढ़ने से उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है और बच्चों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
गोरक्षनी मंदिर जाने में भी बढ़ी परेशानी
ठाकुरबाड़ी स्थित दरधा-जमुना संगम घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है। 

गोरक्षनी इलाके के कई घरों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। संगम घाट का पैदल पुल पहले ही हटाया जा चुका था। अब जाफरगंज पुल पर पानी चढ़ जाने के कारण श्रद्धालुओं को गोरक्षनी देवी मंदिर पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

Published / 2026-07-22 21:09:18
बिहार : नदी में डुबने से दो बच्चियों की मौत

  • चारा काटने गई थीं दो छात्राएं, पैर फिसलते ही नदी में डूबीं
  • गांव में मातम; SDRF की देरी से फूटा गुस्सा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम चंपारण। जिले के मझौलिया प्रखंड के ओझा मठिया गांव में अकड़ाहा नदी में डूबने से दो छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं, ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृतक छात्राओं की पहचान 13 वर्षीय राधा कुमारी और 12 वर्षीय गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। 

दोनों सहेलियां अन्य बच्चों के साथ पुरैना सरेह में चारा काटने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारा काटने के दौरान नदी किनारे उनका पैर फिसल गया, जिससे दोनों गहरे पानी में चली गईं। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी। 

ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एसडीआरएफ टीम काफी देर से घटनास्थल पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो दोनों बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में दोनों बच्चियों के शव नदी से बरामद किए गए। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिए गए। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने की मांग की है।

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