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Published / 2026-06-21 21:07:02
आजसू पार्टी के 41वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कई कार्यक्रम

  • आजसू पार्टी के 41वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कई कार्यक्रम

टीम एबीएन, रांची। आजसू पार्टी के 41वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर छात्र आजसू ने निर्मल महतो चौक में दीप प्रज्ज्वलित किया। आजसू के 41वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर छात्र आजसू के तत्वावधान में रांची स्थित निर्मल महतो चौक पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर छात्र आजसू के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर संगठन के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और झारखंडी अस्मिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने आजसू आंदोलन के प्रेरणास्रोत एवं झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेताओं के योगदान को स्मरण करते हुए उनके सपनों के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास और युवाओं के सशक्तिकरण का संकल्प लिया। 

निर्मल महतो चौक पर दीप प्रज्ज्वलित कर संगठन के 41 वर्षों की संघर्षशील यात्रा को नमन किया गया। छात्र आजसू के नेताओं ने कहा कि आजसू पार्टी ने अपने स्थापना काल से ही झारखंड के हक, अधिकार, पहचान और युवाओं के भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष किया है।

संगठन का 41वां स्थापना दिवस कार्यकर्ताओं के लिए नये उत्साह, ऊर्जा और संकल्प का अवसर है। छात्र आजसू आने वाले समय में छात्र-युवा हितों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों को और मजबूती से उठाने का कार्य करेगा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी कार्यकतार्ओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा झारखंड के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। 

इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, प्रदेश सचिव अंजू तिर्की, राजेश सिंह, सक्षम झा, अनुष्का सिन्हा, महानगर अध्यक्ष अमन साहू, सौरभ यादव, खुशबू, रवि रोशन, राज दुबे, ईश्वर चंद्र, अमित इत्यादि उपस्थित थे। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।

Published / 2026-06-21 21:04:33
देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस प्रशासन ने आंदोलन स्थल से हिरासत में लिया

  • देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस प्रशासन ने आंदोलन स्थल से हिरासत में लिया
  • मगध परियोजना, सीसीएल लातेहार में मृतक बच्चों के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चल रहा था धरना

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। मगध परियोजना, सीसीएल लातेहार क्षेत्र में स्थानीय निवासी श्री द्वारिका गोंझू के तीन मासूम बच्चों- माही, दीपिका एवं आर्यन की शुक्रवार को हुई दर्दनाक मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो को रविवार देर शाम पुलिस प्रशासन ने आंदोलन स्थल से हिरासत में ले लिया।

ज्ञात हो कि उक्त तीनों बच्चों की मृत्यु अवैध उत्खनन से बने जलाशय में डूबने के कारण हुई थी। घटना के बाद मृतक परिवार को उचित मुआवजा, दोषियों पर कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग को लेकर देवेंद्र नाथ महतो पिछले 48 घंटों से आंदोलनरत थे। वे कंपनी के परिवहन कार्य को रोककर मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।

आज रविवार शाम लगभग 7 बजे पुलिस प्रशासन ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर देवेंद्र नाथ महतो को हिरासत में ले लिया। उनकी हिरासत की खबर फैलते ही आंदोलन स्थल पर मौजूद समर्थकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया तथा कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बालूमाथ एवं आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने प्रशासन से देवेंद्र नाथ महतो की शीघ्र एवं सकुशल रिहाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गयी, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जायेगा।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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