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Published / 2026-06-15 20:29:18
पूर्वी सिंहभूम : जेएलकेएम संगठन विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

जल्द घोषित होंगे 51 जिला स्तरीय पदाधिकारी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गालूडीह (घाटशिला), पूर्वी सिंहभूम। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के कोल्हान प्रमंडल अंतर्गत पूर्वी सिंहभूम जिला संगठन विस्तार एवं पुनर्गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आज मनोज महतो भवन, गालूडीह घाटशिला में संपन्न हुई। 

बैठक में कोल्हान प्रमंडल जिला पुनर्गठन प्रभारी देवेन्द्र नाथ महतो केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष, संतोष महतो केंद्रीय सचिव,  मार्शल महतो, संतोष सिंह एवं रवि महतो सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

बैठक के दौरान संगठन विस्तार प्रभारियों ने संगठन के नीति-सिद्धांत, उद्देश्य एवं जनाधार को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं में निहित है, इसलिए प्रत्येक पंचायत एवं बूथ तक संगठन को सशक्त और सक्रिय बनाने की दिशा में कार्य किया जायेगा। 

मौके पर जानकारी दी गयी कि पूर्वी सिंहभूम जिला संगठन के पुनर्गठन के तहत जिलाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, वरीय उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता एवं कार्यकारिणी सदस्य सहित कुल 51 जिला स्तरीय पदाधिकारियों की सूची शीघ्र जारी की जायेगी। 

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी 11 प्रखंडों एवं 6 विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जायेगा तथा समर्पित एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन में जिम्मेदारी प्रदान की जायेगी। 

वक्ताओं ने कहा कि संगठन का लक्ष्य जनता की आवाज को मजबूती देना, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ना तथा झारखंड के स्वाभिमान, अधिकार और विकास के मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाना है।

Published / 2026-06-15 20:24:37
एसआईआर : कल्पना सोरेन ने कार्यकर्ताओं को किया सतर्क

एसआईआर को लेकर गिरिडीह में झामुमो का शक्ति प्रदर्शन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रविवार को गिरिडीह के उत्सव उपवन सभागार में बीएलए-दो प्रशिक्षण शिविर सह बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। 

जिलाध्यक्ष संजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के प्रखंडों से बड़ी संख्या में बीएलए-दो, बूथ कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न कटे और एक भी फर्जी मतदाता सूची में शामिल न हो। 

उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि विवाह के कारण महिलाओं का निवास और पहचान संबंधी दस्तावेज बदलते रहते हैं। ऐसे में बूथ कमेटियां अभी से आवश्यक दस्तावेजों को व्यवस्थित कराने में जुट जायें, ताकि किसी महिला मतदाता को परेशानी न हो। 

नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि एसआईआर के इस अभियान में बूथ स्तर पर पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि झामुमो संगठन अपनी मजबूत जमीनी पकड़ के बल पर इस चुनौती का भी सफलतापूर्वक सामना करेगा। 

पार्टी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह गंभीर 

झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि पार्टी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह गंभीर है। बूथ कमेटियों से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक हर स्तर पर इसकी निगरानी की जा रही है, ताकि कोई पात्र मतदाता वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो सके।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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