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Published / 2026-07-23 19:13:22
शिक्षा मंत्री में नैतिक बल नहीं बचा, तुरंत दें इस्तीफा : सुखदेव भगत

  • नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का सरकार पर बड़ा हमला
  • शिक्षा मंत्री में नैतिक बल नहीं बचा, तुरंत दें इस्तीफा : सुखदेव भगत
  • छात्रों के भविष्य की बर्बादी और उन पर हुए लाठीचार्ज की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। देशभर में नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अब उनके पास इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने का नैतिक अधिकार नहीं बचा है। सुखदेव भगत ने कहा कि राहुल गांधी उन पहले नेताओं में रहे जिन्होंने नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा देश के सामने मजबूती से उठाया। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संवेदनहीन बनी हुई है। सांसद सुखदेव भगत ने अपने बयान में कहा कि पिछले एक दशक में देशभर में 152 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र-युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बचाने में पूरी तरह विफल रही है। 

सुखदेव भगत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा मजबूती से उठाया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने छात्रों पर हुए लाठी चार्ज और लगातार बढ़ रही आत्महत्या की घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई। 

उन्होंने कहा कि पेपर लीक से करोड़ों युवाओं के सपने टूट रहे हैं और जब वे न्याय की मांग करते हैं तो उन्हें लाठियां मिलती हैं। यह देश के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों के भविष्य की बर्बादी और उन पर हुए लाठीचार्ज की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब तक तो सिर्फ पेपर ही लीक हो रहे थे, लेकिन अब इस सरकार की जिम्मेदारी भी लीक हो चुकी है। 

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि अब उनमें इस पद पर बने रहने का नैतिक बल नहीं बचा है। सुखदेव भगत ने कहा कि पेपर लीक, छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही विफलताओं की जवाबदेही केवल शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को भी इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले पर गंभीर आत्ममंथन करते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्रों का भविष्य किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना केंद्र सरकार का दायित्व है। कांग्रेस इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाती रहेगी।

Published / 2026-07-23 18:47:03
हजारीबाग : बरकट्ठा में जंगली हाथियों ने एक को मार डाला

  • जंगली हाथियों का तांडव: खेत गये शख्स को कुचलकर मार डाला; इलाके में दहशत

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। जिले में जंगली हाथियों ने एक अधेड़ व्यक्ति को कुचलकर मार डाला। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार को बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बरकनगांगो गांव में हुई। मृत व्यक्ति की पहचान इसी गांव के निवासी चिंतामणि साव के रूप में हुई है। 

पुलिस ने बताया कि मंगलवार को उनका शव एक खेत में पड़ा मिला। बरकट्ठा थाना प्रभारी आशीष कुमार ने कहा, साव सोमवार दोपहर खेत में गए थे, तभी जंगली हाथियों ने उन्हें कुचलकर मार डाला। परिजनों ने उनकी तलाश की और अगली सुबह उनका शव मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है।

बरही वन क्षेत्र के पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के रूप में एक लाख रुपए दिए गए हैं, जबकि शेष मुआवजा औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में तीन हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों को इलाके से खदेड़ने के लिए वन विभाग ने 15 सदस्यीय त्वरित प्रतिक्रिया बल की टीम तैनात की है। झारखंड सरकार जंगली जानवरों के हमलों में होने वाली मौत के मामलों में 10 लाख रुपए का मुआवजा देती है।

बिहार

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Published / 2026-07-22 21:09:18
बिहार : नदी में डुबने से दो बच्चियों की मौत

  • चारा काटने गई थीं दो छात्राएं, पैर फिसलते ही नदी में डूबीं
  • गांव में मातम; SDRF की देरी से फूटा गुस्सा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम चंपारण। जिले के मझौलिया प्रखंड के ओझा मठिया गांव में अकड़ाहा नदी में डूबने से दो छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं, ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृतक छात्राओं की पहचान 13 वर्षीय राधा कुमारी और 12 वर्षीय गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। 

दोनों सहेलियां अन्य बच्चों के साथ पुरैना सरेह में चारा काटने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारा काटने के दौरान नदी किनारे उनका पैर फिसल गया, जिससे दोनों गहरे पानी में चली गईं। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी। 

ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एसडीआरएफ टीम काफी देर से घटनास्थल पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो दोनों बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में दोनों बच्चियों के शव नदी से बरामद किए गए। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिए गए। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने की मांग की है।

Published / 2026-06-23 13:21:38
बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित

  • बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित
  • बिहार सरकार ने सुनियोजित तरीके  षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या  कराई हैं:धनंजय तिवारी

एबीएन न्यूज, नेटवर्क, हुसैनाबाद पलामू। शहर के जेपी चौक स्थित तिवारी कॉम्प्लेक्स कांग्रेस कार्यालय में  प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव सह प्रदेश प्रतिनिधि धनंजय कुमार तिवारी की अगुवाई में एक शोक सभा आयोजित की गई। 

बैठक में बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में बुलाई गई थी। बैठक में स्व. भरत तिवारी के याद 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।मौके पर कांग्रेस नेता धनंजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्व. भरत तिवारी गरीब, शोषित और वंचितों की आवाज थे। 

वे अपने क्षेत्र के विकास व जनता के प्रति चिंतित रहते थे धीरे-धीरे उनकी छवि एक क्रांतिकारी नौजवान के रूप में बन गई थी। श्री तिवारी ने बताया कि स्व. भरत तिवारी जमनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में पुल निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। पुल न होने से हर साल बाढ़ से कई गांव प्रभावित होते थे। 

उन्होंने सरकार को कई बार आगाह किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे काफी क्षुब्ध थे। धनंजय तिवारी का आरोप है कि भरत तिवारी की बढ़ती लोकप्रियता और क्रांतिकारी छवि बिहार प्रशासन व सरकार को रास नहीं आई। अंततः एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या कर दी गई। 

बैठक में सुदामा तिवारी, विपुल तिवारी, शंभू तिवारी, जयप्रकाश उपाध्याय, मनोज वैद्य, रंजन तिवारी, जगन्नाथ गिरी, अशोक पाठक, कृपानंद पाठक, अश्वनी तिवारी, संतोष कुमार पांडेय, धनंजय पाठक, राजकुमार पांडेय, कामाख्या नारायण पाठक, अभिषेक पाठक, अनिल पाठक, राजेश तिवारी सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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