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Published / 2026-04-07 23:37:08
भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

  • भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
  • श्री राम और श्री कृष्ण ही इस सृष्टि के पालनहार है तथा श्रीमद्भागवत गीता उनके दिव्य स्वरूप का ही प्रतिरूप है: मां चैतन्य मीरा

टीम एबीएन, रांची। सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार भवन न्यास मंडल के तत्वाधान में सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन, चुटिया रांची में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। इस पावन अवसर पर नासिक की सुप्रसिद्ध कथा व्यास पूज्या मां चैतन्य मीरा जी के श्रीमुख से सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम दिन प्रातः 9 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। 

इस कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर भक्ति भाव से नृत्य करते हुए पूरे उत्साह और आनंद के साथ कथा स्थल तक यात्रा की। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर तथा अल्पाहार के माध्यम से कलश यात्रियों का स्वागत सत्कार किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।कथा स्थल पर पहुंचने के पश्चात संस्था के अध्यक्ष एवं मुख्य यजमान द्वारा विधिवत व्यासपीठ पूजन संपन्न किया गया। 

इसके उपरांत कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें मां चैतन्य मीरा जी ने श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिव्य कथा का नियमित एवं श्रद्धापूर्वक श्रवण मनुष्य के जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला एक मार्गदर्शक है, जो व्यक्ति को सदमार्ग, प्रेम, सामंजस्य और आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करता है।

गुरु मां ने अपने प्रवचन में यह भी कहा कि यदि व्यक्ति पूर्ण नियम और श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण करता है, तो उसके जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है। कथा के माध्यम से उन्होंने यह संदेश भी दिया कि प्रभु श्रीराम और प्रभु श्रीकृष्ण ही इस सृष्टि के पालनहार हैं और श्रीमद् भागवत उनके दिव्य स्वरूप का ही प्रतिरूप है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण के साथ-साथ भजन-कीर्तन का भी भरपूर आनंद लिया। 

भक्ति संगीत और हरिनाम संकीर्तन से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा, जिससे सभी भक्त भावविभोर हो गए। इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कथा में योगदा सत्संग के स्वामी श्री सत्संग आनंद जी महाराज, पूर्व सांसद महेश पोद्दार, पूर्व उपमेयर संजीव विजय वर्गीय, अनूप दधीचि सहित उनकी टीम एवं अन्य सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों का गुरु मां द्वारा अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।मुख्य यजमान रघुनंदन टिबड़ेवाल ने अपने परिवार के साथ विधिवत भागवत पूजन एवं आरती संपन्न की। आयोजन समिति द्वारा पूरे कार्यक्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 

सात दिवसीय इस श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से रांची में भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं को प्रेरणा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता रहेगा। इस अवसर पर- फतेह चंद्र अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, कमल कुमार अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, अनु पोद्दार, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी अनु पोद्दार ने दी ।

Published / 2026-04-07 23:15:50
कामख्या मंदिर में मत्था टेक सीएम हेमंत सोरेन ने मांगी राज्य की खुशहाली

सीएम हेमंत ने मां कामाख्या मंदिर में की पूजा-अर्चना, माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर किया नमन 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज असम के गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर समस्त झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि, शांति, उन्नति एवं उज्जवल भविष्य की कामना की। 

इस अवसर पर मंदिर के पुजारियों ने पूरे विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न करायी। मुख्यमंत्री सोरेन ने माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर नमन करते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास एवं जनकल्याण की प्रार्थना की। 

मौके पर सोरेन ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि एक बार पुन: मुझे माता रानी के दरबार में आने का अवसर प्राप्त हुआ है। मां कामाख्या की कृपा से झारखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो यही मेरी कामना है।

बिहार

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Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-03 21:14:01
नयी जिम्मेदारी के बाद पहली बार रांची आयेंगे तेजस्वी

राजद के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचेंगे तेजस्वी यादव 

टीम एबीएन, रांची। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार झारखंड आ रहे हैं। इसकी जानकारी देते हुए प्रदेश राजद कार्यालय में पूर्व केंद्रीय शिक्षामंत्री और झारखंड राजद प्रभारी जयप्रकाश नारायण यादव ने दी। 

राष्ट्रीय जनता दल के झारखंड प्रभारी जयप्रकाश यादव ने कहा कि राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव केरल में चुनावी दौरे पर हैं। 4 अप्रैल की शाम तक उनके रांची पहुंच जाने की उम्मीद है। जयप्रकाश नारायण यादव ने बताया कि रविवार 5 अप्रैल को रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में तेजस्वी यादव का अभिनंदन समारोह आयोजित किया जायेगा। 

इसके बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष झारखंड में राजद के संगठन विस्तार को लेकर विधायकों, प्रदेश अध्यक्ष, राजद के सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्षों और सभी जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि झारखंड में हमारा मजबूत जनाधार है और इसे और बढ़ाने की जरूरत है। 

इस दौरान राजद विधायक दल के नेता और पूर्व मंत्री सुरेश पासवान, प्रदेश उपाध्यक्ष अनीता यादव, महिला राजद की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि प्रकाश, युवा राजद अध्यक्ष रंजन यादव, महासचिव कमलेश यादव, डॉ मनोज कुमार, कैलाश यादव सहित कई नेता मौजूद थे। मीडिया ब्रिफिंग के बाद कई सामाजिक कार्यकतार्ओं ने राजद की सदस्यता ली।

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