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Published / 2026-06-14 20:43:47
शहीद बुली महतो के संघर्ष और बलिदान को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता : देवेन्द्र नाथ महतो

  • शहीद बुली महतो के संघर्ष और बलिदान को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता : देवेन्द्र नाथ महतो

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सोनाहातू। स्वतंत्रता सेनानी एवं कोल विद्रोह के महानायक अमर शहीद बुली महतो जी के शहादत दिवस के अवसर पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी  मोर्चा सोनाहातू  के तत्वावधान में सोनाहातू स्थित पार्टी कार्यालय से बुली महतो चौक तक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया।

पदयात्रा के दौरान पुराना प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित भगवान बिरसा मुंडा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इसके पश्चात कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बुली महतो चौक तक पदयात्रा करते हुए पहुंचे, जहाँ अमर शहीद बुली महतो जी की प्रतिमा के समक्ष पारंपरिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर माल्यार्पण किया गया तथा उनके अद्वितीय बलिदान को स्मरण किया गया।

इस अवसर पर शहीद बुली महतो के वंशज प्रसिद्ध महतो, संजय महतो, अर्जुन महतो, भीमसेन महतो, लक्ष्मण महतो, भागीरथ महतो, साधुचरण महतो,  मोहिनी देवी, सरस्वती देवी,  उमावति देवी, द्रौपदी देवी एवं गणेश महतो सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में जेएलकेएम के केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो, महासचिव पंचम एक्का, मांडर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी गुना भगत, संगठन महासचिव मनीष साहु, केंद्रीय सचिव निवेदिता महतो, जिला अध्यक्ष पार्वती महतो, जिला उपाध्यक्ष शिल्पा महतो एवं दीपिका रजक सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

इस अवसर पर केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि अमर शहीद बुली महतो जी का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और जन-अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। उनका बलिदान हमें अपनी संस्कृति, इतिहास और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। 

हमें उनके विचारों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि समाज अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति को जीवित रखना और उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। समाज में शिक्षा, संगठन, जागरूकता और एकता को मजबूत बनाकर ही शहीदों के सपनों का झारखंड बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में गदाधर महतो, रंजीत महतो, अजय महतो, बिनोद महतो, भागीरथ महतो सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन शहीद बुली महतो जी के सम्मान में नारे लगाते हुए तथा उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।

Published / 2026-06-14 20:33:20
झारखंड : आकाशीय बिजली से प्रदेश में 24 घंटे में सात की मौत

  • झारखंड में आकाशीय बिजली बनी जानलेवा: प्रदेश में 24 घंटे में सात लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच की गई ये अपील

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं और एक 10 वर्षीय बच्चे समेत कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

मृतकों में दो-दो लोग रांची और गढ़वा जिलों से हैं, जबकि अन्य घटनाएं चतरा, गिरिडीह और सरायकेला-खरसावां जिलों में हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "पिछले 24 घंटों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई है।

मृतकों में दो-दो लोग रांची और गढ़वा जिलों से हैं, जबकि अन्य घटनाएं चतरा, गिरिडीह और सरायकेला-खरसावां जिलों में हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "पिछले 24 घंटों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई है।

पिठौरिया थाना के सब-इंस्पेक्टर सत्यदेव प्रसाद ने बताया कि रांची जिले में मृतकों की पहचान बाढ़ू गांव निवासी जीतू महली (55) और कटमकुली गांव निवासी निराशो देवी (33) के रूप में हुई है। दोनों अपने खेतों में काम कर रहे थे, तभी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।

गढ़वा में दो लोगों की हुई मौत

पुलिस ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गढ़वा जिले में भी आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई। मृतकों की पहचान खरौंधी थाना क्षेत्र के सुंडी गांव निवासी रीना देवी (30) और केतार थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव निवासी राम अवतार पाल (65) के रूप में हुई है। 

पुलिस अन्य जिलों में हुई घटनाओं की भी जांच कर रही है। लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के बीच प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में जाने से बचने की अपील की है।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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