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Published / 2026-02-14 21:40:51
झारखंड : डेढ़ महीने में 35 लोगों की जिंदगी खा चुके हाथी

वन विभाग की सारी कोशिशें बेकार; कटघरे में हेमंत सरकार 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांवों और कस्बों में लगातार हो रहे हमलों से लोग डरे और गुस्से में हैं। इस साल की शुरुआत से अब तक राज्य में हाथियों के हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 

डेढ़ महीने में 35 से ज्यादा मौतें 

साल 2026 के पहले डेढ़ महीने में ही झारखंड के अलग-अलग जिलों से हाथियों के हमलों की कई दर्दनाक घटनाएं सामने आयी हैं। अकेले पश्चिमी सिंहभूम में एक हाथी ने 22 लोगों की जान ले ली। इसके अलावा राज्य के विभिन्न इलाकों में लगभग हर चार-पांच दिन पर किसी न किसी की मौत हाथी के हमले में हो रही है। 

पिछले पांच वर्षों में झारखंड में हाथियों के हमलों में 1400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, रामगढ़, पलामू और चतरा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। 

हेमंत सोरेन सरकार पर उठ रहे सवाल 

लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। अभी भी हाथियों को भगाने के लिए लाठी-डंडे, मशाल और पटाखों का सहारा लिया जा रहा है। वन विभाग के पास ट्रैंक्यूलाइजर गन और जरूरी उपकरणों की कमी है। 

प्रशिक्षित विशेषज्ञ भी पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। अगर किसी हाथी को बेहोश भी कर दिया जाये, तो उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए बड़े वाहन तक उपलब्ध नहीं हैं। हजारीबाग के गोंदवार गांव में हाल ही में हाथियों ने 7 लोगों को कुचल दिया।

Published / 2026-02-14 21:39:47
रांची जीपीओ में पेंशनर समाज की बैठक

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 14 फरवरी को रांची जीपीओ में गिरिजा नंद शर्मा की अध्यक्षता में आॅल इंडिया पोस्टल /आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, रांची की बैठक संपन्न हुई। 

बैठक में निर्णय लिया गया कि रांची से 10 प्रतिनिधि गुवाहाटी में  28  से 29 मार्च तक होने वाले चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रतिनिधिमंडल में एम जेड खान के अलावा गिरिजा नंद शर्मा, जयनारायण प्रसाद, मो शमीम अख्तर, त्रिलोकी नाथ साहू, देवचरण साहू, नूर मोहम्मद, बचनू साहू, सैयद अख्तर शाह और धनेश्वर गोस्वामी  शामिल होंगे। 

राज्य सचिव ने सदस्यों को अवगत कराते हुए कहा  कि झारखंड से कुल 36 डेलीगेट एवं विजीटर्स राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिसमें जमशेदपुर से 13, धनबाद से 3, पलामू से 4, हजारीबाग से 6 प्रतिनिधि होंगे। 

बैठक में वैलिडेशन संशोधन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि जब तक केंद्र सरकार पेंशन अधिनियम में किये गये ड्राकनियन अधिनियम को वापस नहीं ले लेती है। 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के लाभ सेवंचित कर दिया जायेगा। 

फोरम आफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में देशभर में इसके खिलाफ संघर्ष अनवरत जारी है तथा सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ रीट याचिका भी दाखिल की गयी है क्योंकि ये संशोधन संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन है। 

आज की बैठक में झारखंड के समस्त पेंशनर्स से एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया गया। बैठक में एस पी मंडल, त्रिलोकी नाथ साहू, देवचरण साहू, एम एन सिंह, मो शमीम अख्तर, जनार्दन प्रसाद, धनेश्वर गोस्वामी, हसीना ग्रेस तिग्गा, नूर मोहम्मद, बचनू साहू, सुखदेव राम, राजेंद्र महतो, जयराम प्रसाद, रफी अहमद, शेख शमीम अंसारी, ब्रह्मदेव मिश्रा, दीपक कुमार वर्मा, मनरखन महतो, राम लखन सिंह, अवधेश पाठक, आर बी बैठा, इसहॉक मिंज, बलदेव साहू आदि उपस्थित थे। सभा का संचालन एम जेड खान ने किया और हसीना तिग्गा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी आॅल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड के राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।

बिहार

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Published / 2026-02-13 22:02:40
सारण : देर रात छापों में छह आर्केस्ट्रा समूहों से 15 लड़कियों को मुक्त कराया, सात गिरफ्तार

  • सारण : देर रात छापों में छह आर्केस्ट्रा समूहों से 15 लड़कियों को मुक्त कराया, सात गिरफ्तार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सारण। बिहार के सारण में महज दस किलोमीटर के दायरे में देर रात हुई छापों की कार्रवाई में छह आर्केस्ट्रा समूहों से 15 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया। बिहार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई और गैरसरकारी संगठनों एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) व नारायणी सेवा संस्थान की पांच घंटे तक चली संयुक्त कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 

मुक्त कराई गई ज्यादातर लड़कियों के शरीर पर चोट के निशान थे। इन लड़कियों को ट्रैफिकिंग के जरिए पंजाब, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से लाया गया था। इस दौरान एक गाड़ी को जब्त किया गया और मुक्त कराई गई लड़कियों को आश्रय गृह भेज दिया गया। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के सहयोगी संगठन हैं।  

यह कार्रवाई बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग, सीआईडी, बिहार पुलिस मुख्यालय) डॉ. अमित कुमार जैन के दिशानिर्देशों के बाद सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हुई। छापे की कार्रवाई आधी रात शुरू हुई और भोर तक जारी रही। इसमें विभिन्न आर्केस्ट्रा परिसरों से 12 लड़कियों को मुक्त कराया गया जबकि खुशी आर्केस्ट्रा के मालिक ने तीन लड़कियों को कार में लेकर भागने की कोशिश की। आठ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया और तीनों नाबालिग लड़कियों को मुक्त करा लिया गया।

मुक्त कराई गई सभी लड़कियों ने बताया कि उन्हें शारीरिक प्रताड़ना व यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था और अश्लील गानों पर नाचने को मजबूर किया जाता था। एफआईआर के अनुसार, इन लड़कियों को रात में भीड़ के सामने अश्लील गानों पर जबरन नृत्य कराया जाता था। इन्हें पूरी तनख्वाह नहीं दी जाती थी और इनका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया जाता था।

लड़कियों के शरीर पर दिख रहे चोटों के निशान बता रहे थे कि आर्केस्ट्रा मालिकों ने उन पर कितना अत्याचार किया था। जिन आर्केस्ट्रा समूहों पर छापे मारे गए उनमें काजल आर्केस्ट्रा, सुर संगम आर्केस्ट्रा, कोपा चट्टी आर्केस्ट्रा, खुशी आर्केस्ट्रा, श्याम आर्केस्ट्रा और दिया आर्केस्ट्रा शामिल थे।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और बिहार पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, बिहार पुलिस ने जिस तरह आर्केस्ट्रा समूहों पर शिकंजा कसा है, वह एक नजीर है। ये आर्केस्ट्रा समूह बड़े ट्रैफिकिंग गिरोहों के लिए एक अहम कड़ी हैं। ये गिरोह कमजोर पृष्ठभूमि की लड़कियों को जाल में फांसते हैं और उन्हें शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन चक्र में धकेल देते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि स्थानीय पुलिस इसे संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़ा मामला समझ कर इसकी छानबीन करे और उसी के अनुरूप कानूनी कार्रवाई करे। साथ ही, हमें इन नाबालिग बच्चियों का तत्काल पुनर्वास सुनिश्चित करना होगा ताकि ये फिर से समाज की मुख्य धारा में लौट सकें।

पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं, पॉक्सो अधिनियम, 2012; किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल व संरक्षण) अधिनियम, 2015 और बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी नाबालिग लड़कियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें काउंसलिंग व पुनर्वास के लिए आश्रय गृह भेज दिया गया।

और जानकारी के लिए संपर्क करें
जितेंद्र परमार
8595950825

Published / 2026-01-31 21:20:35
पटना : चार्ली चैपलिन 2 लाइव शो आकर्षण का केंद्र

पटना में एपीआई की 81वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस एपिकोन 2026 का भव्य आयोजन 

गल्फा लेबोरेटरीज की विशेष भागीदारी, फिल्म अभिनेता राजन कुमार कर रहे हैं प्रमोशन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/बिहार। इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली विरासत की धरती पटना में एसोसिएशन आॅफ फिजिशियंस आॅफ इंडिया (एपीआई) की 81वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस एपिकोन 2026 का आयोजन 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक हो रहा है। यह प्रतिष्ठित चिकित्सा सम्मेलन पटना के हृदय स्थल पर स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रहा है। 

चार दिनों तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक उपचार पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवा में नवाचार से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जा रही है। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा उपहार है की मूल भावना के साथ इस आयोजन का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों से अवगत कराना है। 

इस वर्ष की एपिकोन 2026 में प्रमुख भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनी गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड की विशेष भागीदारी है। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता एवं गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर राजन कुमार कंपनी को प्रमोट कर रहे है। साथ ही, उनका चर्चित चार्ली चैपलिन 2 लाइव शो कॉन्फ्रेंस का मुख्य आकर्षण है। 

गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड, जिसकी स्थापना वर्ष 1986 में नवल किशोर सिंह द्वारा की गयी थी, आज भारतीय फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में एक सशक्त और भरोसेमंद नाम बन चुकी है। कंपनी के उत्पाद अपनी किफायती कीमत और उच्च गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। इसके प्रमुख प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में एंटीबायोटिक्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, एनएसएआईडीएस और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल उत्पाद शामिल हैं। 

गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड को अब तक कंपनी आॅफ द ईयर, ब्रांड आॅफ द ईयर सहित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। गल्फा लेबोरेटरीज का फोकस इनोवेटिव हेल्थकेयर सॉल्यूशंन और मजबूत वितरण नेटवर्क पर है। कंपनी की अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, विशेष रूप से बद्दी स्थित यूनिट, जीवाईएमपी और यूके एमएचआरए के अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन करती हैं। 

इस अवसर पर फिल्म अभिनेता राजन कुमार ने कहा, गल्फा लेबोरेटरीज लगभग चार दशकों की विरासत के साथ देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। कंपनी का उद्देश्य है हर वर्ग तक सस्ती और उच्च-गुणवत्ता वाली फार्मास्यूटिकल सेवाएं पहुंचाना, जो इसे भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बनाता है। 

गल्फा लेबोरेटरीज का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और कंपनी किफायती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के अपने मिशन के साथ भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग में निरंतर आगे बढ़ रही है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था गल्फा लेबोरेटरीज की वैश्विक उपस्थिति या विस्तृत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहती है, तो एपिकोन 2026 उनके लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

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