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Published / 2026-07-03 21:30:29
संपूर्ण सामाजिक समरसता के साथ संगठन : जयराम महतो

प्रमंडलीय अध्यक्ष बनने के बाद कृष्णा चिक बड़ाइक ने केंद्रीय अध्यक्ष से की औपचारिक मुलाकात 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की उभरती राजनीतिक पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा अपनी सक्रिय राजनीतिक कार्यशैली के कारण राज्य की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी इन दिनों राज्यभर में संगठनात्मक पुनर्गठन एवं विस्तार अभियान को गति दे रही है। 

इसी क्रम में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल अध्यक्ष नवनियुक्त होने के बाद कृष्णा चिक बड़ाइक ने आज शुक्रवार को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो से उनके आवासीय कार्यालय, तोपचांची में शिष्टाचार एवं औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान संगठन की भावी रणनीति, राजनीतिक गतिविधियों तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। 

इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष जयराम कुमार महतो ने कहा कि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा संपूर्ण सामाजिक समरसता के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है। पार्टी सभी जाति, वर्ग एवं समुदाय के सहयोग से झारखंड के अधिकार, सम्मान और जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करती रहेगी। 

मुलाकात के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए कृष्णा चिक बड़ाइक ने कहा कि वे केंद्रीय अध्यक्ष के निर्देशों एवं पार्टी के सिद्धांतों का पालन करते हुए रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा एवं सिमडेगा जिलों में संगठनात्मक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से संगठन को पारदर्शी, मजबूत एवं जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। 

बताते चलें कि गुमला बिशुनपुर निवासी कृष्णा चिक बड़ाइक पिछले तीन वर्षों से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बुटी डॉक्टर हॉस्पिटल, लोहरदगा में पीड़ित मरीज को न्याय दिलाने, हिंडालको पाखर क्षेत्र में रैयतों को नियोजन दिलाने, ज्ञानचंद अग्रवाल माइंस, गुमला में कर्मियों के मुआवजा दिलवाने सहित विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय योगदान दिया है। 

आज के शिष्टाचार मुलाकात के दौरान संगठन पदाधिकारी लक्की रामू राज, जयराम महतो, बजरंग महतो, प्रदीप कुमार महतो, खुदीराम महतो, मदन कुशवाहा, केसी मेहता आदि सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद है। 

Published / 2026-07-03 21:29:12
हेसल साइडिंग में परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए हिंडाल्को उचित कदम उठाये

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा-गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन लोहरदगा गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन की एक बैठक हिंडाल्को कंपनी के साथ संपन्न हुई। बैठक में हेसल साइडिंग पर चर्चा करते हुए एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि आम नागरिकों को परेशानी ना हो, इसकी जिम्मेवारी भी हम लोगों की है। 

इसलिए कंपनी हेसल मे ट्रकों के लिए पार्किंग की जगह दे और व्यवस्था को सुचारू करे। नहीं तो तब तक हेसल में चलने वाले सभी ट्रकों का परिवहन बंद रहेगा और एसोसिएशन ने दो दिन पूर्व ही अमतीपानी, कुजाम, चिरोड़ीह, भैंसबथान माइंस में चलने वाले ट्रक जो की हेसल साइडिंग में खाली करते थे, सभी का परिचालन बंद कर दिया है। 

एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि हेसल में सड़कों पर ट्रक खड़ा करने के कारण यात्री एवं आम जनता को भी परेशानी होती है। हम लोगों के चालक, उपचालक भी दो से तीन दिन भूखे प्यासे सड़क पर खड़े रहते हैं। ऐसी स्थिति में हम परिवहन नहीं करेंगे, कंपनी इसका वैकल्पिक रास्ता ढूंढे। या तो कंपनी लोहरदगा साइडिंग मैं काफी स्थान है यहीं पर माल गिरवा ले या कंपनी लोहरदगा स्टेशन यार्ड में माल गिरा ले या कंपनी आधा माल हेसल, आधा माल लोहरदगा गिरा ले। 

कंपनी अपनी व्यवस्था को जैसे भी हो दुरुस्त करें और हेसल में जगह नहीं होने के कारण हेसल प्लांट में जाम लगता है, तो कंपनी हेसल में पार्किंग की जगह बनाएं और नहीं तो कंपनी लोहरदगा साईडिंग के अंदर ट्रकों की लाइन लगाए। यहां से हेसल के लिए में 10-10 ट्रक करके रवाना करें क्योंकि आम जनता भी अपनी है, ट्रक भी अपने हैं, लोग भी अपने हैं, इसलिए किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

कंपनी से स्पष्ट किया गया है कि समझौते के मुताबिक हमलोगो को ट्रिप नहीं दे रहे हैं और अगर शीघ्र व्यवस्था में आप सुधार नहीं करते हैं तो हम लोग आपसे डिटेंशन चार्ज (हर्जाना) लेंगे। विमरला माइंस के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि पिछले कई महीनो से विमरला माइंस में ट्रिप नहीं हो रहे हैं इसके लिए दोषी रेंजिंग कॉन्टैक्टर को बदली नहीं किया गया तो हम लोग बाकी माइंस में भी चलने वाले ट्रक बंद कर देंगे। 

क्योंकि विमरला की स्थिति सबसे खराब है। वहां के आॅनर ड्राइवर सब परेशान हैं। इन सब मुद्दों पर कंपनी की ओर से आश्वस्त किया गया कि हम लोगों को सप्ताह से 10 दिन समय दीजिए। हम लोग व्यवस्था को दुरुस्त कर रहे हैं और जिला प्रशासन से भी सहयोग ले रहे हैं और आप लोग की भी सहयोग की अपेक्षा है। 

इस बैठक में मुख्य रूप से एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष कवलजीत सिंह, सचिव मुंद्रिका यादव, सचिव रहमान अंसारी, कोषाध्यक्ष अभय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष इम्तियाज उर्फ बबलू, तबरेज खान, सहसचिव रहमत अंसारी, महताब आलम उर्फ गुड्डू, राजेश विश्वकर्मा, अनिल उरांव, मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा, सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य संतोष साहू एवं कंपनी की ओर से महाप्रबंधक राजेश ठाकरे, लॉजिस्टिक्स हेड अभिषेक कुमार सिंह, सिक्योरिटी हेड सतनाम सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे। 

विमरला के मुद्दे पर एसोसिएशन के संरक्षक सह पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को भी अवगत कराया गया। श्री साहू ने तुरंत वरीय उपाध्यक्ष हिंडालको से दूरभाष पर बात की और कहा कि अविलंब विमरला की स्थिति में आप सुधार करें। वरना 10 दिन के बाद एसोसिएशन अपना फैसला लेगी और हम एसोसिएशन के फैसले के साथ खड़े रहेंगे।

बिहार

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Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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