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Published / 2026-06-07 21:28:45
सेवा भारती का समर कैंप सह नगर वार्षिकोत्सव संपन्न

टीम एबीएन, रांची। सेवा भारती, रांची भाग- 3 का समर कैंप सह नगर वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मौके पर रांची महानगर के अंतर्गत भाग- 3 के तीन नगरों के बाल संस्कार केंद्र के बच्चे, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की महिलाओं सहित 310 की संख्या रही। यह कार्यक्रम चुटिया के साईं कॉलोनी स्थित श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया था। 

कार्यक्रम का उद्घाटन भारत माता के चित्र के समक्ष अतिथियों ने पुष्पार्पण कर किया। इस अवसर पर बच्चों ने सामूहिक ब्रह्मानाद, गायत्री मंत्रोच्चार एवं मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता श्लोक, भजन-नृत्य के साथ सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की बहनों ने स्वागत गान प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। मौके पर नृत्य मास्टर शुभम कुमार ने बच्चों को भिन्न-भिन्न मुद्रा में नृत्य कला सीखाकर आनंदित कर दिया। 

मौके पर श्रीराम नगर में संचालित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की प्रशिक्षित आठ बहनों को अतिथियों ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। मौके पर सेवा भारती के हितचिंतक व समाज सेवी सी ए विनोद बांका ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवा भारती बच्चों को बाल मन से ही संस्कारित करने का कार्य कर रही है एवं अभावग्रस्त महिलाओं को स्वावलंबन का प्रशिक्षण देकर समाज का नवनिर्माण कर रही हैं। 

इस अवसर पर समाजसेवी रोहित प्रसाद ने कहा कि ऐसे सेवा के पवित्र कार्य में समाज को आगे आकर अधिक सहयोग करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में पूर्व अपर आयुक्त, कोयला खान भविष्य निधि के एके सिन्हा एवं जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली, रांची के पूर्व उप प्राचार्य संजय कुमार ने भी अपने महत्वपूर्ण विचारों से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। 

कार्यक्रम का सफल संचालन किशोरी विकास आयाम की महानगर प्रमुख सपना सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन रांची भाग-3 के अध्यक्ष परमानंद कुजारा ने किया। कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों को कॉपी-कलम, बिस्किट प्रदान किया गया। इस अवसर पर भाग-3 के उपाध्यक्ष सुमित कुमार सिंह, ओम प्रकाश जलान, रश्मि मिश्रा, महावीर प्रसाद सहित नगर निरीक्षिका, शिक्षिकाओं व स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।

Published / 2026-06-07 21:27:51
हजारीबाग : भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक-युवती की मौत

हजारीबाग में भीषण सड़क हादसा: बाइक सवार युवक-युवती की दर्दनाक मौत; परिजनों में मचा कोहराम 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में रांची-पटना मुख्य मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गयी। हादसा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोरांगी के समीप हुआ, जहां तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ट्रक की चपेट में आ गयी।

मृतकों की पहचान केशुरा घुघलिया निवासी तौफिक अंसारी (पिता- रियासत अंसारी) और रेशमा (पिता- जेनुअल) के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गयी और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गये। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक तेज गति से हजारीबाग की ओर जा रही थी। मोरांगी के पास अचानक संतुलन बिगड़ने से बाइक ट्रक से टकरा गयी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सवार सड़क पर गिरकर ट्रक के नीचे आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। 

परिजनों के मुताबिक, रेशमा हजारीबाग के केबी महिला महाविद्यालय में पढ़ाई कर रही थी और अपनी बहन के घर रह रही थी। वहीं तौफिक अंसारी अपने पिता के इलाज के सिलसिले में हजारीबाग आया था। बताया जाता है कि दोनों किसी काम से मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। 

मुफस्सिल थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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