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Published / 2026-06-06 21:35:01
झारखंड : एनडीए को मजबूत करने पर दो दिन मंथन करेंगे भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से मिले एनडीए के नेता, अनौपचारिक मुलाकात के बहाने हुई राज्यसभा चुनाव पर चर्चा 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड दौरे पर आये भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने एनडीए के घटक दलों के नेताओं के साथ बैठक की। प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई इस अनौपचारिक बैठक में मुलाकात के दौरान एनडीए नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष के झारखंड आगमन पर उनका स्वागत और अभिनंदन किया। 

एनडीए को मजबूत करने की बात 

भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात करने वालों में आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, जदयू विधायक सरयू राय, आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो, लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र प्रधान, विधायक जनार्दन पासवान शामिल थे। अनौपचारिक मुलाकात के बहाने राज्यसभा चुनाव को लेकर आंशिक चर्चा हुई और एनडीए की मजबूती पर भी बात की गयी 

गौरव वल्लभ का नाम लगभग तय : सरयू राय 

जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि अनौपचारिक इस मुलाकात के दौरान बीते समय की बातों के साथ-साथ वर्तमान राजनीति की स्थिति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में एनडीए एकजुट है और गौरव वल्लभ के नाम पर करीब-करीब मुहर लग चुकी है। भाजपा द्वारा इसकी औपचारिक घोषणा करना अभी बाकी है। 

आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ आपसी संबंधों को भी मजबूती मिली है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल इसपर कोई विचार नहीं किया है। 

संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव को लेकर बैठक 

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के दो दिवसीय झारखंड दौरे के पहले दिन भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी के सांसद और विधायकों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में संगठनात्मक मजबूती को लेकर खास तौर पर चर्चा होती रही। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने झारखंड में संगठन को मजबूत करने और कमल खिलाने के लिए स्पष्ट संदेश दिया है। 

2029 में झारखंड में भाजपा बनायेगी सरकार : सीपी सिंह 

विधायक सीपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हुई इस बैठक में मुख्य रूप से संगठनात्मक मजबूती पर ही जोर दिया गया और हम लोगों को उम्मीद है कि 2029 के चुनाव में झारखंड में भाजपा की सरकार बनेगी।

Published / 2026-06-06 21:31:17
विश्व योगासन चैंपियनशिप में रोशन थापा ने रचा इतिहास

विश्व योगासन चैंपियनशिप में रोशन थापा ने रचा इतिहास

ट्रेडिशनल इंडिविजुअल इवेंट में भारत के लिए जीता शानदार स्वर्ण पदक

टीम एबीएन, रांची। झारखंड और पूरे देश के खेल जगत के लिए आज का दिन अत्यंत ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धियों भरा रहा। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में झारखंड के बेहतरीन योगासन खिलाड़ी रोशन थापा ने वैश्विक मंच पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर देश का मान बढ़ाया है।

अत्यंत गर्व का क्षण: विश्व पटल पर गूंजा भारत का नाम 

यह हम सभी के लिए, विशेषकर रांची और पूरे झारखंड के लिए असीम गर्व का विषय है कि विश्व योगासन चैंपियनशिप के कड़े मुकाबलों के बीच रोशन थापा जी ने अपने उत्कृष्ट कौशल, अद्भुत शारीरिक संतुलन और कठिन आसनों के बेहतरीन प्रदर्शन से जजों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने इस वैश्विक प्रतियोगिता के सीनियर बी कैटेगरी के ट्रेडिशनल इंडिविजुअल इवेंट (Traditional Individual Event) में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) अपने नाम किया और विश्व चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस अद्भुत उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित है।

एसोसिएशन में खुशी की लहर और हार्दिक शुभकामनाएं

रोशन थापा की इस जादुई और ऐतिहासिक वैश्विक सफलता पर झारखंड योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपार हर्ष व्यक्त किया है। एसोसिएशन के सचिव चंदू कुमार, अध्यक्ष मनोज तिवारी, कोषाध्यक्ष प्रशांत सिंह, मुख्य सलाहकार बिपिन पांडे, कुणाल, ब्रजेश सिंह, संतोष शर्मा, डॉ. संतोषी साहू और पूजा सिंह ने पूरे एसोसिएशन की ओर से रोशन थापा को उनकी इस अद्भुत उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

इसके साथ ही, रांची जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. एस. के. घोषाल, अध्यक्ष डॉ. संतोषी साहू, कोषाध्यक्ष राहुल सिंह, आर्य प्रहलाद भगत, प्रेम प्रकाश तिवारी, शंकर राणा, अम्या अंशु, राहुल रंजन और मधु शर्मा, ऊषा शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से बधाई दी।

बधाई संदेश में कहा, विश्व स्तर पर रोशन थापा का स्वर्ण पदक जीतना राज्य के लिए सबसे बड़े सम्मान की बात है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने झारखंड के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है, जो आने वाले हजारों युवाओं और खेल प्रेमियों को हमेशा प्रेरित करेगा।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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