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Published / 2026-05-26 21:39:55
झारखंड : तपती गर्मी से हाउसफुल चल रहे अस्पताल

गर्मी से झारखंड बेहाल, तपती रातों व लू के बीच अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की भीड़ 

टीम एबीएन, रांची। गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि अब सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। लगातार बढ़ते तापमान और उमस ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है, जिसके कारण रातें भी गर्म बनी हुई हैं। 

रांची समेत कई शहरों में सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगी हैं। सुबह 9 बजे के बाद ही लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जा रहा है। दोपहर होने से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। जहां आम दिनों में वाहनों की भीड़ रहती थी, वहां अब इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आ रहे हैं। पैदल चलने वाले लोग सिर और चेहरे को गमछे से ढंककर धूप और लू से बचने की कोशिश कर रहे हैं। 

डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान भी 28.4 डिग्री तक पहुंच गया है। बोकारो थर्मल में न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा है। रांची में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया। 

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास बने साइक्लोनिक सकुर्लेशन का असर झारखंड पर पड़ रहा है। इसके कारण पलामू, गढ़वा और चतरा समेत उत्तर-पश्चिमी जिलों में हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई है, लेकिन इससे उमस और बढ़ गयी है। 
भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 

गर्म हवाओं की चपेट में आने से बुखार, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रिम्स के मेडिसिन ओपीडी में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ओपीडी में आने वाले करीब 40 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं। इनमें उल्टी-दस्त के मरीज सबसे ज्यादा हैं। 

अस्पतालों में हार्ट, किडनी और शुगर के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गयी है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को एहतियातन भर्ती करना पड़ रहा है। बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए रिम्स फामेर्सी में ओआरएस और मौसमी बीमारियों से जुड़ी दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक रखा गया है। 

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज हवा और वज्रपात की संभावना जतायी है। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। रांची समेत कई जिलों में 27 मई से बादल छाने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Published / 2026-05-26 21:36:28
जनसेवा के प्रतीक थे राजेंद्र बाबू : सुखदेव भगत

सांसद सुखदेव भगत ने पूर्व मंत्री स्व. राजेंद्र प्रसाद सिंह को दी श्रद्धांजलि, बोले- राजेंद्र बाबू जनसेवा के प्रतीक थे... 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत  झारखंड के पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि पर ढोरी स्थित स्टाफ क्वार्टर, बेरमो पहुंचे। वहां उन्होंने स्व. राजेंद्र बाबू के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके ज्येष्ठ पुत्र विधायक कुमार जयमंगल, बहू अनुपमा सिंह, पत्नी एवं अन्य परिजनोंसे मुलाकात कर अपनी ओर से संवेदना व्यक्त किये। 

मौके पर सांसद भगत ने कहा, राजेंद्र बाबू झारखंड की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मजदूरों, किसानों और आम जनता की सेवा में लगा दिया। मंत्री रहते हुए उन्होंने झारखंड के विकास के लिए ऐतिहासिक काम किए। उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसरोकारों से जुड़ाव हम सबके लिए प्रेरणा है। 

सांसद ने कहा कि स्व. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने हमेशा शोषित-पीड़ित वर्ग की आवाज बुलंद की। ट्रेड यूनियन से लेकर विधानसभा तक, उन्होंने मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को बेरमो सहित  झारखंड की जनता कभी नहीं भूल सकती।

राजेंद्र बाबू केवल नेता नहीं, बल्कि हमारे अभिभावक थे। उनके बताये रास्ते पर चलकर ही हम सच्ची श्रद्धांजलि उन्हें दे सकते हैं। मौके पर राजेश रुद्रा, शाहिद अहमद वेलू एवं अन्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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