गुरुजी को नमन कर भावुक हुआ पूरा झारखंड
टीम एबीएन, रांची। दिशोम गुरु पद्मभूषण स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को रामगढ़ जिले के लुकैया टांड़ स्थित सोबरन मांझी स्मृति परिसर में श्रद्धांजलि सभा, प्रतिमा अनावरण, विकास मेला सह पुरस्कार वितरण कार्यक्रम तथा करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मंत्रीमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे झारखंड तथा देशभर के आदिवासी, दलित, पिछड़े और शोषित समाज के लिए अत्यंत भावुक और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले आज ही के दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अंतिम सांस ली थी और पंचतत्व में विलीन हुए थे। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्व कभी समाप्त नहीं होते, वे अपने विचारों, सिद्धांतों और संघर्षों के माध्यम से हमेशा लोगों के बीच जीवित रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लुकैया टांड़ में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण इसलिए किया गया है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास, संघर्ष और बलिदान को कभी न भूलें। उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों को यह जानना चाहिए कि किस प्रकार शोषण के खिलाफ उनके पूर्वजों ने लंबा संघर्ष किया और उसी संघर्ष का परिणाम अलग झारखंड राज्य के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर ही भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
अपने दादा स्वर्गीय सोबरन मांझी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक शिक्षक थे, जिनकी असामाजिक तत्वों ने निर्मम हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके जन्म से पहले हुई थी, लेकिन आज भी समाज में ऐसे तत्व नए रूप में मौजूद हैं। उन्होंने चिंता जताई कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन आज भी गांवों और कस्बों में ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो समाज में भय और अशांति का माहौल बनाने का प्रयास करती हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि झारखंड वीरों की धरती है और यहां के लोग वीरों के वंशज हैं। उन्होंने कहा कि अपनी ताकत का उपयोग समाज और राज्य के विकास के लिए करना होगा तथा समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा। उन्होंने लोगों से राज्य की अस्मिता, अधिकार और एकता की रक्षा के लिए संगठित रहने की अपील की।
इससे पहले कार्यक्रम में विधायक ममता देवी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के आंदोलन तथा झारखंड राज्य निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और शोषित-वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लगभग 102.50 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। साथ ही विकास मेला सह पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का स्नेह और विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बताए रास्ते पर चलकर झारखंड को विकास और सामाजिक न्याय के पथ पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया तथा सभी को जोहार के साथ धन्यवाद दिया।