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Published / 2026-05-13 22:02:57
लातेहार : कई पेट्रोल पंप में ईंधन संकट गहराया

लातेहार में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया

एक ही दिन में तीनों पेट्रोल पंपों का तेल खत्म; बंद हुई टंकी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। महुआडांड़ प्रखंड इन दिनों गंभीर पेट्रोल-डीजल संकट से जूझ रहा है। बुधवार को स्थिति तब और चिंताजनक हो गई, जब प्रखंड के तीनों पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल पूरी तरह खत्म हो गया। 

तेल समाप्त होते ही पंप संचालकों ने सुरक्षा के मद्देनजर पंप परिसरों को लाल रिबन लगाकर बंद कर दिया। अचानक उत्पन्न इस संकट से वाहन चालकों, व्यवसायियों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, महुआडांड़ के तीनों पेट्रोल पंपों पर बुधवार को सामान्य दिनों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक बिक्री हुई। 

अनुमान है कि एक ही दिन में करीब 36 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल की खपत हो गई, जिसके चलते कुछ ही घंटों में पूरा स्टॉक समाप्त हो गया। कई पंपों पर सुबह करीब सात बजे तक तेल उपलब्ध था, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों के कारण दोपहर तक सभी पंप खाली हो गए।

बताया जा रहा है कि आसपास के कई इलाकों में पहले से ही तेल की कमी बनी हुई है। इसी कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग लगभग 70 किलोमीटर तक की दूरी तय कर महुआडांड़ पहुंच रहे थे। 

सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर बाइक, कार, ऑटो, बस, पिकअप और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन कई वाहन चालकों को बिना तेल लिए ही लौटना पड़ा। इस तेल संकट का असर अब आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। 

यात्री वाहनों का परिचालन धीमा पड़ गया है, वहीं छोटे व्यवसायियों और किसानों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है, क्योंकि कई गांवों से महुआडांड़ पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और अब वहां भी तेल उपलब्ध नहीं है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और तेल कंपनियों से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। खासकर एंबुलेंस सेवा, यात्री परिवहन और कृषि कार्यों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के कारण उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म हो गया। उनके अनुसार, नए तेल टैंकर पहुंचने के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकेगी। संचालकों ने यह भी बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं के कारण तेल कंपनियों से नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिससे क्षेत्र में बार-बार तेल संकट की स्थिति बन रही है।

Published / 2026-05-13 21:25:01
एसआर डीएवी पुंदाग के खिलाड़ियों का उम्दा प्रदर्शन

  • एसआर डीएवी पुंदाग के खिलाड़ियों का उम्दा प्रदर्शन

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला ताइक्वांडो संघ की ओर से शारदा ग्लोबल स्कूल कांके में आयोजित दो  दिवसीय रांची जिला ताइक्वांडो प्रतियोगिता में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।

बेहतर प्रदर्शन करते हुए ग्यारह स्वर्ण पदक, तीन रजत पदक तथा एक कांस्य पदक सहित कुल 15 पदकों पर अपना कब्जा जमाया। विद्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को प्राचार्य डॉक्टर तापस घोष की ओर से मेडल पहनाकर सम्मान किया गया।

विद्यालय की खिलाड़ी जैना फारुकी, सिमरन रानी, आराधना, साक्षी कुमारी, सुभाश्री धोर्य, दीक्षांत खलखो, रुद्र देव, आयुष तिर्की, सूरज भगत, आर्यन मुंडा शौर्य कुमार ने स्वर्ण पदक साथ ही वैष्णवी कुमारी, लक्षिका राज, रितेश महली ने रजत पदक तथा आयुर्धा बनर्जी, ने कांस्य पदक प्राप्त किया।

खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य  ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि खेलकूद जीवन का अभिन्न अंग हैं।वर्तमान समय में इसका महत्त्व दिन - प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसके अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहा जा सकता है तथा खेल - कूद के क्षेत्र  में सुनहरे भविष्य की भी संभावनाएं हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ये खिलाड़ी आगे चल कर राज्य  तथा राष्ट्रीय स्तर पर भी विद्यालय का नाम रोशन करेंगे। विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर तापस घोष ने सभी खिलाड़ियों उनके अभिभावकों सहित खेल शिक्षक राजेश प्रसाद सिन्हा एवम् आशीष जायसवाल को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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