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Published / 2026-09-06 22:03:53
गिरिडीह पहुंच धनबाद डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने दी श्रद्धांजलि

  • गिरिडीह पहुंचकर धनबाद डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने दी श्रद्धांजलि

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने आज गिरिडीह पहुंचकर दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। 

उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और लोगों से उनका जुड़ाव हमेशा याद किया जाएगा।

Published / 2026-09-06 19:26:51
सुदिव्य सोनू के निधन से झारखंड स्तब्ध : निशीथ जायसवाल

  • सुदिव्य सोनू के निधन से झारखंड स्तब्ध, जनसेवा के एक समर्पित प्रहरी को खो दिया राज्य ने : निशीथ जायसवाल

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। झारखंड सरकार के मंत्री एवं गिरिडीह सदर के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। हृदयाघात के बाद गिरिडीह के अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर लोहरदगा के विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके असामयिक निधन से झारखंड ने एक समर्पित, जुझारू और कर्मठ जनसेवक को खो दिया है। निशीथ जायसवाल ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन झारखंड के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना से जुड़ा रहा। 

उनका सरल व्यवहार, संघर्षशील व्यक्तित्व और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। उनका निधन झारखंड की राजनीति के साथ-साथ राज्य के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और मंत्री का अचानक चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है। उनके निधन से उत्पन्न रिक्तता की भरपाई आसान नहीं होगी।

निशीथ जायसवाल ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि ईश्वर शोकाकुल परिवार, उनके समर्थकों एवं शुभचिंतकों को इस कठिन घड़ी में दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू द्वारा जनसेवा और झारखंड के विकास के लिए किए गए कार्यों को प्रदेशवासी सदैव स्मरण करते रहेंगे।

बिहार

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Published / 2026-09-02 14:16:23
जहानाबाद : 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा दरधा और मोरहर का जलस्तर

  • जहानाबाद में उफान पर दरधा और मोरहर नदियां: 24 घंटे में 6 फीट बढ़ा जलस्तर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जहानाबाद। जिले में लगातार बारिश के बाद दरधा और मोरहर नदी उफान पर हैं। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों का जलस्तर छह फीट से अधिक बढ़ गया है। शहर के कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। जाफरगंज और एसएस कॉलेज पुल पर तेज बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जबकि कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है।

24 घंटे में छह फीट से ज्यादा बढ़ा जलस्तर

लगातार हो रही बारिश के कारण जहानाबाद जिले में दरधा और मोरहर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में छह फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

जाफरगंज पुल पर तीन फीट पानी, फिर भी आवाजाही जारी 

शहर को जाफरगंज, गोरक्षनी और धनगामा से जोड़ने वाले जाफरगंज पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के बावजूद लोग पुल पार करने को मजबूर हैं। कोई पानी के बीच से गुजर रहा है तो कोई पुल की रेलिंग पकड़कर दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोग नदी में जमा जलकुंभी के सहारे भी निकलते दिखाई दिए, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जाफरगंज पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद अब तक न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल पुल पर आवाजाही रोकनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी

दरधा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जाफरगंज के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया, जिसके बाद लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कुछ परिवार अपने घरों की ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं।

एसएस कॉलेज पुल भी डूबा, स्कूल जाने का रास्ता बंद

श्याम नगर के पास दरधा नदी पर बने एसएस कॉलेज पुल के ऊपर भी करीब ढाई फीट पानी बह रहा है। इसके कारण एसएस कॉलेज, डीएवी स्कूल, अंबेडकर छात्रावास और साईं मंदिर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। अब लोगों को करीब 10 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

स्कूली बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
शहर और स्टेशन क्षेत्र के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एसएस कॉलेज और डीएवी स्कूल आते-जाते हैं। दोनों प्रमुख पुलों पर पानी चढ़ने से उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है और बच्चों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
गोरक्षनी मंदिर जाने में भी बढ़ी परेशानी
ठाकुरबाड़ी स्थित दरधा-जमुना संगम घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है। 

गोरक्षनी इलाके के कई घरों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। संगम घाट का पैदल पुल पहले ही हटाया जा चुका था। अब जाफरगंज पुल पर पानी चढ़ जाने के कारण श्रद्धालुओं को गोरक्षनी देवी मंदिर पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

Published / 2026-07-22 21:09:18
बिहार : नदी में डुबने से दो बच्चियों की मौत

  • चारा काटने गई थीं दो छात्राएं, पैर फिसलते ही नदी में डूबीं
  • गांव में मातम; SDRF की देरी से फूटा गुस्सा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम चंपारण। जिले के मझौलिया प्रखंड के ओझा मठिया गांव में अकड़ाहा नदी में डूबने से दो छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं, ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृतक छात्राओं की पहचान 13 वर्षीय राधा कुमारी और 12 वर्षीय गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। 

दोनों सहेलियां अन्य बच्चों के साथ पुरैना सरेह में चारा काटने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारा काटने के दौरान नदी किनारे उनका पैर फिसल गया, जिससे दोनों गहरे पानी में चली गईं। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी। 

ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एसडीआरएफ टीम काफी देर से घटनास्थल पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो दोनों बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में दोनों बच्चियों के शव नदी से बरामद किए गए। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिए गए। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने की मांग की है।

abnnews24

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