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Published / 2026-04-23 23:42:50
पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे

  • पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे
  • हैदराबाद में शुरू हुई एनयूजेआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक
  • तेलंगाना श्रम विभाग मंत्री गड्डम विवेक वेंकटस्वामी ने किया उद्घाटन 
  • 26 राज्यों से पहुंचे मीडिया प्रतिनिधि

एबीएन सेंट्रल डेस्क (हैदराबाद)। नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन तेलंगाना स्टेट जर्नलिस्ट यूनियन (टीएसजेयू) के  तत्वावधान में हैदराबाद में भव्य रूप से आरंभ हुआ। गुरुवार को शहर के चिक्कडपल्ली स्थित होटल श्री वेदा प्रीमियम में आयोजित इस बैठक में तेलंगाना राज्य के श्रम एवं खान विभाग के मंत्री डॉ. गड्डम विवेक वेंकटस्वामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर मंत्री विवेक ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा में मीडिया चौथा स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देशभर के पत्रकार कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इन समस्याओं पर चर्चा के लिए इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की बैठक का आयोजन एक शुभ संकेत है।

उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए मीडिया प्रतिनिधि पत्रकारों की समस्याओं पर दो दिनों तक विस्तृत चर्चा करेंगे। इस बैठक में आमंत्रित किये जाने पर मंत्री ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

मंत्री ने कहा कि योग्य पत्रकारों को जल्द ही तेलंगाना सरकार की ओर से एक्रिडिटेशन कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही भविष्य में पत्रकारों के लिए और अधिक कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनके कल्याण के लिए कांग्रेस सरकार विशेष कदम उठा रही है।

इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष हनुमान्ला झांसी रेड्डी, एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण,  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक मुखर्जी व बडे प्रभाकर पूर्व अध्यक्ष अशोक मल्लिक बलदेव प्रसाद शर्मा बलबीर ठाकुर, हरियाणा के दीपक, मध्यप्रदेश से आभा निगम उडिसा के कैलाश नायक जेटीएसजेयू के राज्य अध्यक्ष  नागेश्वर एवं महासचिव पुरुषोत्तम नारगौनी और तोकला अनिल कुमार, स्कूल आॅफ जर्नलिज्म के चेयरमैन नागेश्वर राव, एनयूजे (आई) के सचिव मेरुगु चंद्रमोहन, राजू पटेल, अरुण कुमार, पावुशेट्टी श्रीनिवास, कंदिकोंडा मोहन, चिर्रगोनी उदय दीर, उप्पलांची नरेंद्र, पोचमपल्ली रजिता, नागराजु, श्रीनाथ, अवुनुरी संपत, गट्टू महेश गौड़ सहित  पंद्रह राज्यों के  सदस्य उपस्थित थे।

Published / 2026-04-23 23:40:19
एसआईआर पर मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर रहे हेमंत : आदित्य साहू

  • एसआईआर पर मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर रहे हेमंत : आदित्य साहू
  • अपने घुसपैठिये फर्जी वोटरों  को बचाने के लिए गरीबों के नाम का उपयोग कर अपनी रोटी सेंक रहे हैं मुख्यमंत्री
  • झारखंड सरकार का वोट बैंक दांव पर, इसलिए छटपटा रहे हैं हेमंत सोरेन 

टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एसआईआर पर झारखंड के मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर अपनी राजनीति रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। गरीब गुरबा, आदिवासी, मूलवासी का नाम लेकर मुख्यमंत्री अपने हिडन एजेंडा को साध रहे हैं। 

श्री साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान को पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन बतलाया है जिसमें उन्होंने बीजेपी पर एसआईआर की आड़ में आदिवासी, मूलवासी, पिछड़ों को उनके मताधिकार एवं राशन और पेंशन से वंचित करने की बात कही है। 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह बौखला गये हैं। अपने कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए मतदाताओं का पत्ता साफ हो जाने के ख्याल मात्र से ही उनकी नींद उड़ी हुई है। इसलिए वे अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। श्री साहू ने कहा कि देश में एसआईआर कोई पहली बार  नहीं हो रहा है। देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर एक पार्ट है।

जो देश की आजादी के बाद से अब तक 13 बार किया जा चुका है। अंतिम बार 2004 में किया गया है। मोदी सरकार तो 2014 में बनी। इसके पूर्व जितने बार एसआईआर हुए, एक बार को छोड़कर सदैव देश में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की सरकार रही। तब इस नियमित एसआईआर पर किसी ने कभी आपत्ति नहीं जताई। 

आखिर अब केंद्र में मोदी सरकार के दौरान प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति क्यों? उस पर भी यह पूरी तरह चुनाव आयोग का काम है, इसमें किसी राजनीतिक पार्टी का कोई भी दखल नहीं होता। चुनाव आयोग इस गहन पुनरीक्षण के तहत यह सुनिश्चित करता है कि देश में  कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र मतदाता, इस में सूची में फर्जीवाड़ा कर अपना नाम नहीं शामिल कर सके। 

इसके लिए मतदाता सूची में 18 साल पूरा करने वाले मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 तथा सुधार अथवा करेक्शन के लिए फॉर्म 8 भरना आवश्यक किया गया है। श्री साहू ने कहा कि बिहार और बंगाल में विपक्षी दलों द्वारा भ्रामक बयान की सारी कलई खुल चुकी है। इन राज्यों में किसी वास्तविक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटा।

 स्वाभाविक है कि झारखंड में भी किसी वास्तविक वोटर का नहीं कटेगा। जो वास्तविक वोटर हैं, जो देश की नागरिकता होने की अहर्ता रखते हैं उनमें कहीं कोई घबराहट नहीं है। सारा भ्रम विपक्षी पार्टियां फैला रही हैं। श्री साहू ने कहा कि दरअसल हेमंत सोरेन की बेचैनी और चिंता अपने कथित कोर घुसपैठिए वोटर को लेकर है जो इनके कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए हैं। 

यह किसी से छिपा नहीं है कि इस सरकार के कार्यकाल में पूरे झारखंड की डेमोग्राफी चेंज हुई है। विपक्ष ने अपने वोट बैंक के लिए इन घुसपैठियों को देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बसाया, लेकिन अब एसआईआर उनकी पहचान कर रहा है तो कांग्रेस, झामुमो, राजद सहित अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनका वोट बैंक दांव पर है। हेमंत सोरेन इसी कारण भयभीत हैं कि अब उनकी पोल पट्टी खुलने वाली है।

राज्य में जो लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी वोटर बने हुए हैं और वास्तविक लाभुकों की हकमारी कर रहे हैं। उन्हें ही फिल्टर कर हटाना तो एसआईआर का उद्देश्य है। श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले भी कहा है कि हेमंत सरकार बांग्लादेशी, रोहंगिया को बसा रही है। अपने वोट बैंक की खातिर यहां के आदिवासी मूलवासी का हक इन्हें दे रही है। 

साल 2014 से 2019 के बीच देश भर में मतदाताओं में 9.3% की वृद्धि के मुकाबले झारखंड में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि होती है। जबकि 2019 से 2024 के बीच देश में मत प्रतिशत में 10.1% वृद्धि के मुकाबले झारखंड में यह वृद्धि 16.7% होती है। इस दौरान झारखंड में राष्ट्रीय ग्रोथ से भी अधिक मत प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि 2019 से 2024 के बीच यहां किसकी सरकार थी। 

भाजपा के शासनकाल में अवैध घुसपैठियों के लिए कोई जगह होती। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में फर्जी लोगों को वोटर बनाकर बसाया जा रहा है। श्री साहू ने कहा कि एक और उदाहरण देखिए कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के हैदरजोड़ी पंचायत में एक भी मुस्लिम आबादी नहीं है। लेकिन यहां मंईयां सम्मान योजना के तहत 174 मुस्लिम महिलाओं के नाम पर 2500 रुपए की राशि दी गयी। 

इसी प्रकार पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया स्थित एक गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, फिर भी वहां 3000  मुस्लिम बच्चों का आधार कार्ड बन जाता है। कहने का तात्पर्य यह है कि किस बेदर्दी तरीके से हेमंत सरकार आदिवासियों मूलवासियों का हक बांग्लादेशी घुसपैठियों पर लूटा रही है। इसलिए प्रदेश में एसआईआर रूपी फिल्टर होना आवश्यक है। 

अब घुसपैठियों को पालने पोसने वाले ऐसे दलों की बैचेनी को साफ समझा जा सकता है। यह एक ऐसा फिल्टर है जो हर राज्य में होना जरूरी है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। एसआईआर से यहां के वास्तविक अल्पसंख्यक भी खुश हैं क्योंकि उनके हिस्से का लाभ बांग्लादेशी, रोहंगिया जो अब तक डकारते रहे हैं, उस पर लगाम लगेगी।

बिहार

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Published / 2026-04-15 20:49:10
वाह काका नीतीश कुमार...

त्रिवेणी दास 

वाह काका नीतीश कुमार  

नैतिकता से भरपूर, 

पिता पुत्र दोनों बिहारी 

परिवारवाद से दूर 

जो रहा नहीं कभी दस्तूर..  

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। ...और देखते ही देखते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी वादा पूरी करते हुए कि सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनायेंगे, दिल्ली कूच कर गये... ...सम्राट चौधरी के पिताजी स्वर्गीय शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 

राजद, कांग्रेस, जदयू और हिंदुस्तानी आवाम पार्टी (हम) में सक्रिय रहते हुए बिहार के तारापुर से विधायक और खगड़िया से सांसद रहे। सम्राट चौधरी ने भी राजद, जदयू और अब भारतीय जनता पार्टी में कार्य करते हुए परिवारवाद को आगे बढ़ाया; अब तो शानदार मुख्यमंत्री...। 

भारतीय राजनीति में जब परिवारवाद के तथाकथित नैतिक प्रचलन जो शुद्ध रूप से राजतंत्र का ही प्रयाय है, स्वीकृति प्राप्त हो ऐसे मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौता बेटा निशांत कुमार ने एक अलग ही नजीर पेश किया है और उन्होंने अनुकूल परिवेश होते हुए भी उपमुख्यमंत्री बनना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह अभी किसी  सदन के सदस्य नहीं हैं और इसलिए उपमुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। 

एनडीए के घटक दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा का बेटा मंत्री बन गये जबकि वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। हिंदुस्तान आवाम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी तो परिवारवाद के माल वाहक ट्रक ही चला रहे हैं। परिवारवाद के इंजन लालू प्रसाद यादव की गाड़ी राजनीति के पटरी में सबसे लंबी है। राजनीति में परिवारवाद के  इतिहास का किताब नेहरू गांधी परिवार का सबसे मोटा है जो वर्तमान तक यथावत चला आ रहा है। 

दक्षिण भारतीय राजनीति का तो आधार ही परिवारवाद रहा है। बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह.. अब तो प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के राजनीति में परिवारवाद का करिश्मा देखने का सौभाग्य एवं शुभ अवसर प्राप्त हो रहा है। सब प्रकार से अनुकूल परिस्थिति और कूवत होते हुए भी श्रीमान नीतीश कुमार तथा उनके पुत्र श्रीमान निशांत कुमार ने जो आदर्श प्रस्तुत किया है उसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।

Published / 2026-04-05 19:44:26
राजद को फिर राष्ट्रीय पार्टी बनायेंगे कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव

  • कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे तेजस्वी यादव
  • भव्य अभिनंदन समारोह में बोले- राजद को फिर राष्ट्रीय पार्टी बनाएंगे
  • राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के तेजस्वी यादव पहली बार रांची पहुंचे, यहां उनका भव्य स्वागत किया गया

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में रविवार को भव्य अभिनंदन किया गया। पटना से उनके साथ राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, विधायक ओसामा शाहाब, पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड प्रभारी जयप्रकाश यादव, भोला यादव, झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, महिला राजद की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि प्रकाश, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, उपाध्यक्ष अनिता यादव सहित सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष, जिला सचिव और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने का संकल्प

अभिनंदन समारोह में गद्गद हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पार्टी को फिर से राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजद केरल में तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहा है और वहां लेफ्ट अलायंस के साथ गठबंधन में है। तेजस्वी ने कहा, देश में जहां-जहां हमारी ताकत है, वहां-वहां हम चुनाव लड़ेंगे। पार्टी को बढ़ाना, विस्तार करना और मजबूत करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

झारखंड के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से उन्होंने आह्वान किया कि हर जिले और हर विधानसभा की एक-एक बूथ पर मजबूत तैयारी करें। तेजस्वी यादव बोले, आप सभी 81 विधानसभा सीटों पर तैयारी रखें। जब गठबंधन की बात होगी, तब देखा जाएगा. पिछली बार हमें सात सीटें मिलीं, जिनमें से दो पर फ्रेंडली फाइट हुई। पांच में से चार पर हम जीते। अगर ज्यादा सीटें मिलती तो और बेहतर प्रदर्शन होता।

फिर्कापरस्त ताकतों का विरोध और संगठन मजबूत करने पर जोर

तेजस्वी यादव ने कहा कि देश और राज्य में फिर्कापरस्त ताकतों को रोकना राजद की पहली प्राथमिकता है। बिरसा मुंडा की जमीन पर भाजपा को रोकने में झामुमो, कांग्रेस और माले के साथ राजद की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्यकर्ता ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहते हैं, लेकिन गठबंधन में समझौता भी करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि झारखंड में संगठन को मजबूत करेंगे तो सहयोगी दलों से ज्यादा सीटों की मांग भी कर पाएंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव में हार का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, हम जनता के वोट से नहीं हारे, बल्कि मशीन तंत्र और धनतंत्र की वजह से हारे। उन्होंने बताया कि राजद को 2025 के चुनाव में 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले, जो 2020 से 20 लाख ज्यादा हैं। महिलाओं को 10 हजार रुपये देने के बावजूद वोट बढ़ा। तेजस्वी ने कहा, जितना भी छल-बेमानी कर लें, सच सामने आएगा। बिहार की जनता ने हमें पूरा प्यार दिया। हमारा समय कमजोर था, हम नहीं।

धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा

तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि राजद लालू प्रसाद यादव की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है। किसी में इतना दम नहीं कि राजद को तोड़ दे। अन्नपूर्णा देवी के पार्टी छोड़ने का कोई फर्क नहीं पड़ा। ईडी-सीबीआई जैसे मामलों के बावजूद राजद कमबैक करेगी और बिहार व केंद्र में सत्ता में आएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हर दिन कम से कम एक घंटा पार्टी को सशक्त बनाने में लगाएं। पार्टी में सबको बराबरी का मौका मिले और सभी विंग मजबूत हों।

तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में लड़ रहे हैं, जबकि हम केरल में लड़ रहे हैं। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन का आदर-सम्मान व्यक्त किया। परिसीमन के बाद बढ़ने वाली सीटों के लिए अभी से जिला स्तर पर तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।

अन्य नेताओं ने क्या कहा

राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा कि देश में दो धाराएं हैं एक आरक्षण और संविधान खत्म करने की, दूसरी बाबा साहेब अंबेडकर के अरमानों को बचाने की। तेजस्वी यादव केरल से परचम लहराकर आए हैं। अगले चुनाव नई परिसीमन पर होंगे। 

झारखंड में विधानसभा सीटें बढ़कर 120 और लोकसभा 20 हो जाएंगी। एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, इसलिए महिलाओं को सक्रिय करें। बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर संगठन मजबूत करें अकेला लड़ने जैसी तैयारी रखें।

वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता यादव ने कहा यूजीसी संशोधन जरूरी है। शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों का शोषण रोकें। SIR के दौरान सजग रहें ताकि किसी का नाम न कटे।

राजद के राष्ट्रीय महासचि अभय सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव हैं। बूथ जीतो कार्यक्रम में संगठन की कमजोरी हार की वजह बनी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि झारखंड राजद बिहार के साथ कदम मिलाकर चलेगा और पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने संगठन विस्तार, बूथ स्तर की तैयारी और आगामी चुनावों (परिसीमन के बाद) पर जोर दिया। यह कार्यक्रम राजद को झारखंड में मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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