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Published / 2026-07-05 21:37:42
झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का अक्षरश: अनुपालन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : रांची सिटीजन फोरम

टीम एबीएन, रांची। वार्ड पार्षद मुलाकात कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 53 में से  47 वार्ड पार्षदों से उनके वार्ड क्षेत्र में जाकर मिला रांची सिटीजन फोरम का प्रतिनिधिमंडल और उनको अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचित होने पर बधाई दी तथा क्षेत्र की समस्याओं पर उनको ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के क्रम में वार्ड पार्षदों ने बताया कि 3 महीना से अधिक हो गया है उनके निर्वाचन को, लेकिन अभी तक उनको मानदेय तक नहीं मिला है और फंड की कमी बताकर विकास योजनाओं को रोक दिया गया है, वार्ड में छोटा-छोटा विकास कार्य भी नहीं करवा पा रहे हैं। 

रांची सिटीजन फोरम का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में कुल 53 वार्ड पार्षदों से मुलाकात कर रहा है, जिसके तहत अब तक कुल 53 में से 47 वार्ड पार्षदों से मुलाकात हो चुका है, जिस क्रम में आज वार्ड 23 की वार्ड पार्षद फरहा नाज, वार्ड 36 वार्ड पार्षद निहारिका कुमारी, वार्ड 33 की वार्ड पार्षद पुष्पा टोप्पो और वार्ड 45 के वार्ड पार्षद नसीम गद्दी से मुलाकात हुआ और उनको अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचन के लिए बधाई दिया गया।

 साथ ही वार्ड क्षेत्र में व्याप्त अनेकों समस्याओं जैसे स्ट्रीट लाइट की समस्या, नाली सफाई की समस्या, टूटी फूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त नाली तथा बड़े खुले नाले की समस्या और खासकर जल जमाव, इत्यादि मुद्दों पर उनको ज्ञापन देकर समाधान का मांग किया गया, जिस पर उन्होंने रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वर्तमान में रांची नगर निगम में फंड का कमी बताया जा रहा है और हमें इस कारण कोई भी नया कार्य करने नहीं दिया जा रहा है, यहां तक की निर्वाचन के बाद से लेकर अभी तक हमें मानदेय भी नहीं भुगतान हुआ है, अब तक मात्र एक बोर्ड का मीटिंग हुआ है, जिसमें भीषण गर्मी को देखते हुए पांच बोरिंग करने की अनुशंसा पर बात हुई थी लेकिन अभी बरसात आ गया है अभी तक उक्त पांच बोरिंग नहीं दिया गया है और इसी प्रकार 50 स्ट्रीट लाइट का भी बात हुआ था, वह भी अभी तक नहीं मिला है। 

अध्यक्ष दीपेश निराला ने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का अक्षरश: अनुपालन नहीं हो पा रहा है और नियमानुसार विभिन्न समितियों जैसे वार्ड समिति, क्षेत्रीय समिति, संयुक्त समिति, तदर्थ समिति, विषय समिति, स्टेट चैंबर आॅफ म्युनिसिपल काउंसिल का अभी तक गठन नहीं हुआ है और न ही नगरपालिका लोकपाल की नियुक्ति हो पाई है। 

कुछ पुराने दोबारा निर्वाचित वार्ड पार्षदों ने बताया कि सरकार ने हाल के वर्षों में निगम में अपने कई अफसरों और कर्मियों को पदस्थापित कर दिया है, जिसका वेतन रांची नगर निगम अपने नगरपालिका निधि से भुगतान कर रहा है, जबकि पहले रांची नगर निगम में इतने अफसर और कर्मचारी नहीं थे, लेकिन विगत 3 वर्षों में अफसर और कर्मचारी कई गुना बढ़ गये हैं।  

फंड की कमी पर रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल ने पूछा कि पिछले वर्ष का 100 करोड़ रुपए से अधिक का होल्डिंग टैक्स और इस त्रैमासिक में कलेक्ट 48 करोड रुपए होल्डिंग टैक्स, यूजर चार्ज का कलेक्शन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग का डेढ़ गुना पेनल्टी का करोड़ों रुपए, रांची के सभी बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, आॅटो स्टैंड का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, रांची के सभी पार्किंग स्थलों का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, इनफोर्समेंट आफिसरों के द्वारा वसूला गया जुर्माना, नक्शा पास करने के एवज में मिला रुपए, ट्रेड लाइसेंस बनाने और विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने के एवज में मिला शुल्क, पूरे रांची शहरी क्षेत्र में लगे विज्ञापन और होर्डिंग से प्राप्त टैक्स का करोड़ों रुपये, आॅटो इत्यादि से प्रतिदिन वसूला जा रहा चुंगी टोल के रुपए तथा रांची शहरी क्षेत्र के 53 वार्ड के विभिन्न सैरातों से आने वाला कमाई का अरबों रुपये कहां है?  

इस पर वार्ड पार्षदों ने बताया कि इसकी पूरी जानकारी हमारे पास नहीं है अगला बोर्ड मीटिंग में इस बात को रखेंगे। रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, सचिव रेणुका तिवारी, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सदस्य कुमार अभिषेक दुबे, सुजीत कुमार पांडेय, रविंद्र मेहता, इत्यादि उपस्थित थे। 

Published / 2026-07-05 21:31:05
दुमका : जहरीले फल खाने से एक दर्जन बच्चे बीमार

छह का फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिला में शिकारीपाड़ा के खाड़ुकदमा गांव में जहरीले फल का बीज खाने से एक दर्जन बच्चे की हालत बिगड़ गयी है। पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में इनमें से छह को बेहतर इलाज के लिए दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। अभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। 

क्या है पूरा मामला 

शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के खाड़ुकदमा गांव के करीब एक दर्जन बच्चों ने खेल खेल में जहरीले फल के बीज खा लिये, जिस कारण सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चों को इलाज के लिए शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। इनमें छह बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने पर समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दुमका फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। 

इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार है। परिजनों ने बताया कि सभी बच्चे एक साथ स्कूल गए थे। वापस लौटने के दौरान बच्चों ने काजू का फल समझकर जहरीले फल को तोड़ा और उसके अंदर के बीज को निकालकर खा लिया। जहरीला फल खाने के साथ ही सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चे अपने-अपने घर पहुंचकर पेट दर्द और शरीर में ऐंठन की शिकायत की और अर्धबेहोशी की हालत में गिर पड़े।

परिजनों ने आनन-फानन में पहले शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए भर्ती कराया पर छह की हालत नाजुक होने पर दुमका अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीमार बच्चे सभी अलग-अलग परिवार के हैं। बीमार पड़े बच्चों में अमीनुल अंसारी (8 वर्ष), शहनबाज अंसारी (7 वर्ष), जुनेद अंसारी (5 वर्ष), मो। वसीर आलम (8 वर्ष), रिजवान अंसारी (8 वर्ष) शामिल है। बाकी बच्चों का इलाज शिकारीपाड़ा के अस्पताल में चल रहा है।

बिहार

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Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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