लोहरदगा : महाअष्टमी पर कला समिति रघुनंदन लेन ने करायी भव्य अस्त्र-शस्त्र चालन प्रतियोगिता
पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल
धार्मिक एकता का मंच है कला समिति : बलराम साहू
ऐसे पारंपरिक आयोजन समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं: किशुन महतो
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करते हैं: दिवाकर पाठक
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। रामनवमी महा अष्टमी के पावन अवसर पर कला समिति रघुनंदन लेन द्वारा भव्य अस्त्र-शस्त्र चालन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू, विशिष्ट अतिथि किशुन महतो, दिवाकर पाठक, कुमार अभिषेक एवं अतिथि उमेश कास्यकार, रितेश साहू, निश्चय वर्मा, रितेश कुमार, रुद्र कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में रामभक्तों, अखाड़ा समितियों और स्थानीय युवाओं की भागीदारी से आयोजन स्थल पूरी तरह राममय हो गया। कार्यक्रम का मंच संचालन अजय कुमार प्रजापति ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से संचालित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं समस्त अतिथियों द्वारा बजरंगबली की पूजा-अर्चना के साथ की गई। पूजा के उपरांत मुख्य अतिथि बलराम साहू एवं विशिष्ट अतिथि किशुन महतो के द्वारा पारंपरिक लाठी खेल कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। इसके बाद विभिन्न अखाड़ा समितियों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र चालन, लाठी, तलवार, डंडा एवं बाजा-गाजा के साथ अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं ने अनुशासन, साहस और समर्पण के साथ अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और रामनवमी की परंपरा को जीवंत रूप प्रदान किया।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न अखाड़ा समितियों के बीच सीनियर एवं जूनियर वर्ग में मुकाबला आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी कला, अनुशासन और पारंपरिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। सीनियर वर्ग, जूनियर वर्ग तथा बाजा प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ना तथा समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देना रहा।
मुख्य अतिथि पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने अपने संबोधन में कहा कि रामनवमी का पर्व हमारी आस्था और परंपरा का प्रतीक है और इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र और समाज की असली ताकत है, इसलिए युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ अपनी संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने कला समिति रघुनंदन लेन के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी लोगों से शांति, भाईचारा और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि किशुन महतो ने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं तथा युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी जैसे पर्व हमें आपसी प्रेम, भाईचारा और अनुशासन का संदेश देते हैं और इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
वहीं विशिष्ट अतिथि दिवाकर पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ना बहुत आवश्यक है, ताकि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके और आने वाली पीढ़ी अपनी विरासत को समझ सके। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए समिति के सभी सदस्यों को बधाई दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रामनवमी महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अखाड़ा समितियों, अतिथियों, युवाओं और स्थानीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कला समिति रघुनंदन लेन के सदस्यों ने कहा कि आगे भी इस तरह के भव्य और सांस्कृतिक आयोजन लगातार किए जाएंगे, ताकि समाज में एकता, भाईचारा और परंपरा की भावना मजबूत बनी रहे। आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।