श्री हनुमान मंडल का 48वां वार्षिक महोत्सव धूमधाम से संपन्न, भक्ति रस में खूब झूमे श्रद्धालु
टीम एबीएन, रांची। रांची की प्रतिष्ठित धार्मिक एवं सामाजिक संस्था श्री हनुमान मंडल द्वारा आयोजित एक दिवसीय 48वां वार्षिक महोत्सव रातू रोड स्थित श्री राणी सती मंदिर परिसर के हनुमान बक्स पोद्दार सत्संग भवन के सभागार में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। पूरे दिन चले इस आयोजन में भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
महोत्सव की शुरूआत प्रात: 7 बजे मुख्य यजमान द्वारा विधि-विधान के साथ श्री गणेश पूजन से हुई। इसके उपरांत सुबह 8:30 बजे श्री बालाजी महाराज की अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके साथ ही सुरेश बजाज के सानिध्य में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों बालाजी भक्तों ने एक स्वर में सहभागिता निभाई। ह्लजय हनुमान ज्ञान गुन सागर के मंत्रोच्चार से पूरा सभागार भक्तिमय हो उठा। विशेष रूप से महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।
इस अवसर पर श्री बालाजी का भव्य दरबार सजाया गया, जिसमें आकर्षक झांकियों और फूलों से किए गए अलौकिक श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर ओर संकट मोचन नाम तिहारो जैसे भजनों की मधुर ध्वनि गूंजती रही। दोपहर में भक्तों द्वारा श्री बालाजी महाराज को सवामणि भोग एवं छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन एवं प्रसाद ग्रहण करने के लिए लगी रहीं। भक्ति के इस आयोजन में रांची की विभिन्न धार्मिक संस्थाओं-श्री श्याम मंडल, श्री श्याम परिवार एवं श्री दुर्गा जागरण मंडली (रातू रोड) के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्होंने मेरे दरबार में आओ बालाजी और बालाजी तेरे दर पे आया हूं जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण दिल्ली से पधारी सुप्रसिद्ध भजन गायिका भावना स्वराजली एवं बरेली के प्रसिद्ध भजन गायक डी. के. राजा रहे, जिन्हें भजनों का सम्राट माना जाता है। दोनों कलाकारों ने अपने सुमधुर स्वर में श्री बालाजी महाराज के भजनों की अमृत वर्षा कर पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते और तालियां बजाते रहे। चलो बुलावा आया है, बालाजी ने बुलाया है जैसे भजनों ने पूरे कार्यक्रम को चरम पर पहुंचा दिया। रात्रि 10 बजे महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आरती के समय पूरा सभागार दीपों की रोशनी और भक्ति के उल्लास से जगमगा उठा। इसके उपरांत प्रसाद का सामूहिक वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई।
इस सफल आयोजन में संस्था के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया, मंत्री श्रवण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शिव भावसिंहका, प्रचार मंत्री निर्मल बुधिया, सहित नवल टिबड़ेवाल, निरंजन केडिया, प्रकाश धेलिया, विभोर डागा, नरेंद्र डीडवानिया, रमन बगड़िया, नितिन भावसिंहका, विजय खोवाल, संजीव विजयवर्गीय, नारायण अग्रवाल, अरुण बाजोरिया, प्रवीण मोदी, हनुमान बेड़िया, सुनील पोद्दार, संजय सर्राफ,अशोक पुरोहित, पवन शर्मा, अजय डीडवानिया, राजेंद्र अग्रवाल,रौनक हनवाला झुनझुनवाला, एवं अन्य गणमान्य सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। महोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित किया। यह आयोजन रांची के धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में स्मरणीय रहेगा। उक्त जानकारी अध्यक्ष सज्जन पाड़िया और प्रचार मंत्री निर्मल बुधिया ने दी।