Featured

View All

विज्ञापन

देश

झारखंड

खेल समाचार

करियर

समाज

मनोरंजन

वर्ल्ड

हेल्थ

कानून व्यवस्था

ज्ञान विज्ञान

वन और पर्यावरण

राज काज

विचार

झारखंड

View All
Published / 2026-06-23 21:50:14
सीएम की मां रूपी सोरेन ने लिया गुरुजी का पद्मभूषण

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत मिला पद्मभूषण, पत्नी रूपी सोरेन ने किया ग्रहण 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को उनके विशिष्ट योगदान के लिए मरणोपरांत प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया है। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में आज उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया है। 

गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत किये जाने के बाद उनकी जीवन गाथा को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठने लगी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दिशोम गुरु को मिले इस सम्मान का स्वागत करते हुए कहा है कि हालांकि गुरु जी भारत रत्न के हकदार थे, मगर पद्म भूषण उन्हें मिला है इसका स्वागत है। 

केंद्र सरकार को चाहिए कि उनके योगदान की जीवन गाथा को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम शामिल करे, ताकि आनेवाली पीढ़ी भी अवगत हो सके। जेएमएम के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि गुरुजी आज हमारे बीच नहीं हैं, मगर उन्होंने जो शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी और नशामुक्ति को लेकर अभियान चलाया वह हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। 

Published / 2026-06-23 20:39:25
लोहरदगा : बदला में पूरी परंपरा के साथ हुई बलि

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आज बदला ग्राम में देशवाली स्थल में काड़ा (भैंसा) की बलि पूरी परंपरा के अनुसार दिया गया है, जिसमें बदला पड़हा अंतर्गत पड़ने वाले सात मौजा के ग्रामीण मौजूद रहे। जिसमें बदला नावाटोली, बोधाटोली, चितरौली, महादेव टोली, टंगराटोली, नवाड़ीपाड़ा, डुमरटोली, बकसीडीपा इत्यादि जगह के हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। सर्वप्रथम रामेकेश्वर पाहन और राजु पाहन ने सूप के साथ भैंसा को देशवाली स्थल गाजा-बाजा के साथ लाया गया। 

वहां पाहन ने पूरे विधि विधान से पूजा के उपरांत हजारों वर्ष से चली आ रही परंपरा के अनुसार पूर्व जमीनदार परिवार के सदस्य लाल अरुण नाथ शाहदेव ने भैंसा की बलि दी गयी। उल्लेखनीय है कि गांव की सुख-समृद्धि महामारी प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए हजारों वर्ष से यह परंपरा चली आ रही है, जो हर 12 वर्ष में एक बार होता है। 

आज के इस कार्यक्रम में शाहदेव परिवार के सदस्य डॉ अजय शाहदेव मुखिया, दिलीप उरांव पूर्व मुखिया, ऐतवा उरांव उप मुखिया, दीपक उरांव, पचु मुंडा, गोइंदा उरांव, बैचु मुंडा, अनिल उरांव, औमपाल उरांव, लाल विक्रम नाथ शाहदेव, बबलु अंसारी, लाल विक्रांत नाथ शाहदेव, संजय उरांव, गोरी सिंह, संजय शाहदेव, अशोक पांडेय, बुधवा मुंडा, बैचु मुंडा, राजकुमार उरांव, विराज उरांव, रामा उरांव, रंजीत उरांव, आशुतोष शाहदेव, औमपाल उरांव, बिशु उरांव, ललु उरांव, डब्लू अंसारी, अशोक पांडेय, बीरबल महतो, रमेश महतो, संजय रवानी, गौरीशंकर सिंह, विजय उरांव, लहसनिया उरांव, अमर सिंह, चंदन पांडेय, सुरज महतो, भोला मुंडा, संजय उरांव, गंगा उरांव, बिराज उरांव, रामा उरांव, लाल विशाल शाहदेव, दुर्गा महली, अजय महली, भीम यादव, कृष्णा यादव, रामकुमार उरांव, दिनेश उरांव, राजु उरांव, ऐतवा टाना भगत, परमेश्वर साहु, अनिल उरांव, कृष्णा उरांव, संजय रवानी, जिलानी अंसारी, कलसु खेरवार सहित हजारों ग्रामीण मौजूद थे।

बिहार

View All
Published / 2026-06-23 13:21:38
बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित

  • बिहार में भरत तिवारी कांड पर झारखण्ड में भी विरोध कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा आयोजित
  • बिहार सरकार ने सुनियोजित तरीके  षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या  कराई हैं:धनंजय तिवारी

एबीएन न्यूज, नेटवर्क, हुसैनाबाद पलामू। शहर के जेपी चौक स्थित तिवारी कॉम्प्लेक्स कांग्रेस कार्यालय में  प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव सह प्रदेश प्रतिनिधि धनंजय कुमार तिवारी की अगुवाई में एक शोक सभा आयोजित की गई। 

बैठक में बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में बुलाई गई थी। बैठक में स्व. भरत तिवारी के याद 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।मौके पर कांग्रेस नेता धनंजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्व. भरत तिवारी गरीब, शोषित और वंचितों की आवाज थे। 

वे अपने क्षेत्र के विकास व जनता के प्रति चिंतित रहते थे धीरे-धीरे उनकी छवि एक क्रांतिकारी नौजवान के रूप में बन गई थी। श्री तिवारी ने बताया कि स्व. भरत तिवारी जमनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में पुल निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। पुल न होने से हर साल बाढ़ से कई गांव प्रभावित होते थे। 

उन्होंने सरकार को कई बार आगाह किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे काफी क्षुब्ध थे। धनंजय तिवारी का आरोप है कि भरत तिवारी की बढ़ती लोकप्रियता और क्रांतिकारी छवि बिहार प्रशासन व सरकार को रास नहीं आई। अंततः एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या कर दी गई। 

बैठक में सुदामा तिवारी, विपुल तिवारी, शंभू तिवारी, जयप्रकाश उपाध्याय, मनोज वैद्य, रंजन तिवारी, जगन्नाथ गिरी, अशोक पाठक, कृपानंद पाठक, अश्वनी तिवारी, संतोष कुमार पांडेय, धनंजय पाठक, राजकुमार पांडेय, कामाख्या नारायण पाठक, अभिषेक पाठक, अनिल पाठक, राजेश तिवारी सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

Published / 2026-04-15 20:49:10
वाह काका नीतीश कुमार...

त्रिवेणी दास 

वाह काका नीतीश कुमार  

नैतिकता से भरपूर, 

पिता पुत्र दोनों बिहारी 

परिवारवाद से दूर 

जो रहा नहीं कभी दस्तूर..  

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। ...और देखते ही देखते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी वादा पूरी करते हुए कि सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनायेंगे, दिल्ली कूच कर गये... ...सम्राट चौधरी के पिताजी स्वर्गीय शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 

राजद, कांग्रेस, जदयू और हिंदुस्तानी आवाम पार्टी (हम) में सक्रिय रहते हुए बिहार के तारापुर से विधायक और खगड़िया से सांसद रहे। सम्राट चौधरी ने भी राजद, जदयू और अब भारतीय जनता पार्टी में कार्य करते हुए परिवारवाद को आगे बढ़ाया; अब तो शानदार मुख्यमंत्री...। 

भारतीय राजनीति में जब परिवारवाद के तथाकथित नैतिक प्रचलन जो शुद्ध रूप से राजतंत्र का ही प्रयाय है, स्वीकृति प्राप्त हो ऐसे मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौता बेटा निशांत कुमार ने एक अलग ही नजीर पेश किया है और उन्होंने अनुकूल परिवेश होते हुए भी उपमुख्यमंत्री बनना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह अभी किसी  सदन के सदस्य नहीं हैं और इसलिए उपमुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। 

एनडीए के घटक दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा का बेटा मंत्री बन गये जबकि वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। हिंदुस्तान आवाम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी तो परिवारवाद के माल वाहक ट्रक ही चला रहे हैं। परिवारवाद के इंजन लालू प्रसाद यादव की गाड़ी राजनीति के पटरी में सबसे लंबी है। राजनीति में परिवारवाद के  इतिहास का किताब नेहरू गांधी परिवार का सबसे मोटा है जो वर्तमान तक यथावत चला आ रहा है। 

दक्षिण भारतीय राजनीति का तो आधार ही परिवारवाद रहा है। बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह.. अब तो प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के राजनीति में परिवारवाद का करिश्मा देखने का सौभाग्य एवं शुभ अवसर प्राप्त हो रहा है। सब प्रकार से अनुकूल परिस्थिति और कूवत होते हुए भी श्रीमान नीतीश कुमार तथा उनके पुत्र श्रीमान निशांत कुमार ने जो आदर्श प्रस्तुत किया है उसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse