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Published / 2026-06-05 22:14:18
विश्व पर्यावरण दिवस पर बीआईटी लालपुर यूनिट में पौधरोपण

टीम एबीएन, रांची। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बी आई टी लालपुर यूनिट के तत्वावधान में निदेशक डॉ विजय कुमार झा के द्वारा सखुआ का वृक्ष लगा कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रेरित किया परिसर को हरा भरा रखने के लिए प्रत्येक वर्ष वृक्षारोपण की परंपरा रही हैं उसी निमित सखुआ का पौधा लगाते हुए निदेशक डॉ विजय कुमार झा ने कहा की इसी तरह की परंपरा से हम सभी बी आई टी परिवार ने जल जंगल जमीन की सुरक्षा के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर आने वाले पीढ़ियों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रहे है।

सहायक कुलसचिव नगेन्द्र कुमार ने वृक्षारोपण करते हुए शहरों के बीच इस प्रकार की हरियाली बनाए रखने की जो जिम्मेदारी हम सभी बी आई टी परिवार ने लिया है वह प्रेरित करने वाली हैं हर साल इस प्रकार का आयोजन होने से पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है। आज के वृक्षारोपण कार्यक्रम में परिसर में स्थित सभी पेड़ पौधो को रक्षा सूत्र बांधकर वृक्षों को अपने परिवार में शामिल किया गया।

इस आयोजन में डॉ अमृता प्रियम डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव, डॉ संदीप शाहदेव, श्री नरेन्द्र कुमार, राजेश शर्मा, राणा प्रताप मिश्रा डॉ उमेश प्रशाद, डॉ सोमित्रो, डॉ संजय कुमार, सोनी कुमारी, मिनी दुबे, अजय कुमार, डॉ प्रदीप, अनामिका कुमारी, ऐलिस टोप्पो, सरिता तिग्गा सहित शिक्षक और कर्मचारियों ने अपने हाथों से परिसर के सभी पेड़ पौधों में रक्षा सूत्र बांध कर जल जंगल जमीन की रक्षा की कामना की।

Published / 2026-06-05 22:02:09
जराटोली मिशन स्टेशन का स्वतंत्र पल्ली के रूप में ऐतिहासिक शुभारंभ

  • जराटोली मिशन स्टेशन का स्वतंत्र पल्ली के रूप में ऐतिहासिक शुभारंभ

टीम एबीएन, नामकुम, जराटोली (रांची)। आज महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने नामकुम, लाली जराटोली के मिशन स्टेशन को स्वतंत्र पल्ली का दर्जा प्रदान कर राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के इतिहास में एक नया स्वर्णिम पन्ना जोड़ दिया है। पल्लीवासी नया पल्ली पाकर अत्यंत हर्ष से भर गये एवं धन्यवाद का समारोही मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया।

महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद एवं विकार जेनरल फाo आंनद डेविड खलखो के आगमन पर उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत अद्वितीय आदिवासी परंपरा और असीम उत्साह के साथ हुआ। आदिवासी संस्कृति और आदर के प्रतीक स्वरूप दोनों गणमान्य अतिथियों को सुसज्जित पालकियों  में बिठाया गया एवं नाचते हुए नव घोषित पल्ली परिसर में लाया गया। 

स्थानीय युवाओं और विश्वासियों ने मांदर और नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए पारंपरिक नृत्य के साथ पालकी यात्रा की अगुवाई की। महिला संघ के माताओं ने अतिथियों के हाथ धोकर और गीतों के साथ उनका पल्ली परिसर में स्वागत किया।

इसके तुरंत बाद गिरजाघर में भव्य कृतज्ञता मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया। इसकी अगुवाई स्वयं महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने की, जिसमें विकार जेनरल और कई पुरोहितों ने सह-बलिदान चढ़ाया। माताओं ने प्रवेश गान के साथ भव्य जुलूस करते हुए महाधर्माध्यक्ष एवं पुरोहितों को पवित्र वेदी तक पहुँचाया। मिस्सा के पूर्व मिशन स्टेशन का इतिहास पढ़ सुनाया गया।  

तत्पश्चात राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के विकार जेनरल फ़ाo आनंद डेविड खलखो ने महाधर्माध्यक्ष द्वारा निर्गत आधिकारिक डिक्री पढ़कर इस मिशन स्टेशन को एक स्वतंत्र पल्ली घोषित किया । इस नव निर्मित पल्ली का नाम संत जोसेफ काथलिक चर्च, लाली जराटोली होगा। मिशन स्टेशन के देखभालकर्ता फाo प्रसन्न तिर्की को इस नव घोषित पल्ली के पल्ली पुरोहित के रूप में नियुक्ति की गई है। 

इस पल्ली के अंतर्गत लाली जराटोली, बजरमरा, बानपुर एवं बूढ़ीबेड़ा ग्राम शामिल किये गए हैं। घोषणा की समाप्ति पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद की अगुवाई में समारोही धन्यवादी मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया। उन्होंने अपने धर्मोपदेश में कहा कि आज संत जोसेफ काथलिक चर्च के विश्वासियों एवं राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के लोगों के लिए आनंदित होने का दिन है क्योंकि आज हमने नए पल्ली की घोषणा की है। 

फिर भी हमें राजा सुलेमान के समान ही बिना घमंड किए नम्र बने रहने की जरूरत है। पल्ली घोषणा के साथ ही आप सभी की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। आप आदर्श जीवन जी कर अन्य लोगों को भी ख्रीस्तीय जीवन का साक्ष्य प्रस्तुत करते रहें। साथ ही उन्होंने स्थानीय विश्वासियों के सुदृढ़ विश्वास और पुरोहितों के कठिन परिश्रम की सराहना की। 

उन्होंने नए पल्ली समुदाय को आध्यात्मिक रूप से और मजबूत होने तथा समाज सेवा में अग्रणी रहने का आह्वान भी किया। उपदेश के बाद नव नियुक्त पल्ली पुरोहित फाo प्रसन्न तिर्की ने कलीसिया के सम्मुख धर्मसार का पालन करने की घोषणा कर, वेदी के सम्मुख घुटने टेककर एवं पवित्र बाइबल पर हाथ रखकर पल्ली की जिम्मेदारी ईमानदारी पूर्वक निर्वाहन करने की प्रतिज्ञा ली। परमप्रसाद के बाद महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने पल्ली के रेजिस्टर, रविवारीय पाठसंग्रह एवं कुंजी प्रदान कर प्रतीकात्मक रूप से पल्ली की जिम्मेदारी फाo प्रसन्न तिर्की को सुपुर्द किया।

आध्यात्मिक मिस्सा बलिदान अनुष्ठान के समापन के बाद पल्ली प्रांगण में एक भव्य सांस्कृतिक मंच का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और महिला संघों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंच पर रंगारंग आदिवासी लोक नृत्य और सुमधुर स्वागत गीतों की प्रस्तुतियाँ हुईं। 

सर्वप्रथम उन सभी उदार व्यक्तियों को महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद सम्मानित किया गया जिन्होंने पल्ली निर्माण हेतु ज़मीन प्रदान की। राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के विकार जेनरल जिन्होंने इस पल्ली के निर्माण में अहम योगदान दिया अपने संबोधन में पल्लीवासियों को इस नए सफर की बधाई दी। 

उन्होंने पल्ली की आत्मनिर्भरता और एकता पर विशेष बल दिया और ईश्वरीय मूल्यों के अनुसार जीवन जीने का संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने भी अपने संबोधन में सभी विश्वासियों को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि पल्ली घोषणा का श्रेय स्वo तेलेस्फोर पीo कार्डिनल टोप्पो को विशेष रूप से जाता है। साथ ही उन तमाम पुरोहितों को भी जाता है जिन्होंने यहां अपनी सेवा दी है। अब आगे का भविष्य अच्छा हो इसकी जिम्मेदारी प्रत्येक विश्वासी की होगी। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने पल्ली के विश्वासियों के उत्साह की सराहना भी की।

यह दिन जराटोली पल्ली के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। स्वतंत्र पल्ली बनने से न केवल इस क्षेत्र का आध्यात्मिक विकास तेज होगा, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी प्रगति होगी। संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण, गरिमामयी और आनंदमय माहौल में संपन्न हुआ।

संत जोसेफ काथलिक चर्च लाली जराटोली के पल्ली घोषणा के पावन अवसर पर राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद, विकार जेनरल फ़ाo आनंद डेविड खलखो, पल्ली पुरोहित फाo प्रसन्न तिर्की, फाo विक्टर लकड़ा, उलुहातु के पल्ली पुरोहित और डीन फाo अल्बर्ट लकड़ा, 30 से अधिक अन्य पुरोहितगण, विभिन्न धर्मसमाज की धर्मबहनें, विभिन्न पल्ली के विश्वासीगण एवं नव घोषित पल्ली के विश्वासी हज़ारों की संख्या में उपस्थित रहे।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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