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Published / 2026-06-13 22:05:20
झारखंड : पलामू में भीषण सड़क हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत, एक गंभीर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले के उत्तर प्रदेश के किछौछा शरीफ से वापस लौट रहे मेदिनीनगर के श्रद्धालुओं की एक कार को एक ट्रक ने भीषण टक्कर मार दी जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी और एक घायल हो गया। 

घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के देवगांव इलाके में हुई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गयी। शनिवार सुबह 8 बजे घटना की खबर मिलते ही डालटनगंज में शोक की लहर दौड़ गयी। एक जख्मी को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।  

चूड़ी कारोबारी अजमल जख्मी  

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों में डालटनगंज छोटी मस्जिद के सामने स्थित किताब घर के संचालक हाफिज रज्जाक, जनता मेडिकल से जुड़े कैश, सब्जी मंडी के व्यवसायी शोहराब राईन और वाहन चालक शामिल हैं। वहीं चूड़ी कारोबारी अजमल जख्मी हैं। उनका इलाज चल रहा है। चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। 

घटना के बाद से मृतकों के घर पर चीख पुकार मची हुई है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। डेड बॉडी का इंतजार है। पोस्टमाटर्म के बाद सभी शव लाये जाएंगे। घटना की जानकारी मिलने पर डालटनगंज से बड़ी संख्या में मृतकों के रिश्तेदार एवं अन्य लोग मौके पर रवाना हो गये हैं।   

किछौछा शरीफ में दर्शन करने गये थे श्रद्धालु 

जानकारी के अनुसार एक कार से हाफिज रज्जाक, कैश, शोहराब राईन, अजमल और वाहन चालक शुक्रवार को बिहार के डेहरी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। शादी में शामिल होने के बाद सभी लोग वहां से निकलकर किछौछा शरीफ गये थे। रात 12:30 बजे लौट रहे थे। इसी क्रम में कोतवाली थाना क्षेत्र के देवगांव इलाके में उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। 

घटना की जांच में जुटी पुलिस  

घटना के बाद मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। सभी को वाहन से निकाला गया, लेकिन चार लोगों मृत पाया गया। एक जख्मी को इलाज के लिए भेजा गया। सभी की डेड बॉडी पोस्टमाटर्म के लिए ले जायी गयी है। शाम तक पोस्टमाटर्म के बाद शव आने की संभावना है।

Published / 2026-06-13 22:03:14
सांसद सुखदेव भगत ने गुमला जिला के चार प्रखंडों में किया सांसद प्रतिनिधि का मनोनयन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत आज गुमला जिला के चार प्रखंड बसिया, चैनपुर, बिशनपुर एवं जारी में अपना सांसद प्रतिनिधि मनोनीत किया। बसिया से सुशील कुमार होता, चैनपुर प्रखंड अल्बर्ट तिग्गा, विशुनपुर प्रखंड से महात्मा उरांव एवं जारी प्रखंड से जाकिर अंसारी को प्रखंड सांसद प्रतिनिधि मनोनीत किया, जो तत्काल प्रभाव से लागू है। 

आज सांसद आवास में सांसद सुखदेव भगत ने चारों सांसद प्रतिनिधि को नियुक्ति पत्र दिया। प्रतिनिधि प्रखंड स्तरीय तथा सरकार द्वारा आयोजित बैठकों और सम्मेलनों में प्रतिनिधित्व करेंगे। विकास कार्यों के समुचित क्रियान्वयन और मूल्यांकन में प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे तथा सांसद कोष और अन्य योजनाओं  का  भी निगरानी करेंगे। 

सांसद ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र बहुत बड़ा होता है हर गांव तक मैं खुद हर दिन नहीं पहुंच सकता हूं इसलिए प्रतिनिधि मनोनीत किया हूं ताकि येजनता का काम करें। सांसद  ने सभी सांसद प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे सरकारी कार्यालय में जन समस्याओं के निपटारे में आम जनता को मदद करें। आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल लोगों की सहायता करें। प्रतिनिधियों का  मनोनयन होने से संगठन को भी बथ स्तर तक मजबूती मिलेगा। 

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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