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Published / 2026-07-10 21:22:17
गिरिडीह : तालाब में डूबने से मासूम की मौत

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कमलजोर अंबाटांड़ तालाब में गुरुवार को डूबने से आठ साल के मासूम बच्चे रेहान की मौत हो गयी। घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा दिया। हालांकि परिजन शव लेकर वापस अंबाटांड़ पहुंच गये और झगरी स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के बाहर हंगामा करने लगे।  

इस दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि आठ साल का रेहान स्कूल आया हुआ था और स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। तो ऐसे में वो स्कूल से कब तालाब चला गया। जबकि बैग स्कूल में ही रखा हुआ था। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों के लापरवाही के कारण ही उक्त घटना हुई है, अगर शिक्षक बच्चों पर ध्यान देते तो ऐसी घटना नहीं होती।

Published / 2026-07-10 21:20:56
झारखंड : मारवाड़ी सम्मेलन की पूर्ण शराबबंदी और गुटखा-तंबाकू उत्पाद पर रोक लगाने की मांग

मुख्यमंत्री से झारखंड में पूर्ण शराबबंदी एवं गुटखा, तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र प्रेषित कर झारखंड राज्य में पूर्ण शराबबंदी एवं गुटका तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि झारखंड की जनता के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य में पूर्ण शराबबंदी तथा गुटखा एवं अन्य हानिकारक चबाने वाले तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की कृपा करें। 

शराब एवं गुटखे के बढ़ते सेवन से अनेक परिवार आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं, अपराध, गंभीर बीमारियां तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि राज्य में प्रभावी रूप से पूर्ण शराबबंदी एवं गुटखा प्रतिबंध लागू किया जाता है, तो इससे लाखों परिवारों का जीवन बेहतर होगा तथा जनस्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आयेगा। 

उन्होंने पत्र में कहा है आपके पूज्य पिताजी एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन ने अपने सार्वजनिक जीवन में नशामुक्त समाज के लिए निरंतर संघर्ष किया और समाज को इस दिशा में जागरूक करने का प्रयास किया। ऐसे में यदि आपके नेतृत्व में झारखंड में पूर्ण शराबबंदी लागू होती है तथा गुटखा जैसे नशे के उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है, तो यह उनके नशामुक्त समाज के संकल्प को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उनके प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी। 

आग्रह है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए झारखंड में पूर्ण शराबबंदी लागू करने तथा गुटखा एवं अन्य हानिकारक तंबाकू उत्पादों की बिक्री, भंडारण एवं सेवन पर कठोर एवं प्रभावी प्रतिबंध लगाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की कृपा करें। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में झारखंड नशामुक्त, स्वस्थ एवं समृद्ध राज्य बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठायेगा। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

बिहार

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Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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