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Published / 2026-05-10 23:09:08
आरएसएस रांची महानगर ने चिन्मय मिशन परिसर में की मातृ शक्ति प्रमुख जन गोष्ठी

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रांची महानगर द्वारा चिन्मय मिशन परिसर में मातृ शक्ति प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी परिपूर्णानंद जी ने की। गोष्ठी में परिवार, समाज एवं राष्ट्र निर्माण में मातृ शक्ति की भूमिका पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वामी परिपूर्णानंद जी ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे समय में परिवार को सशक्त बनाने के लिए गृहिणी एवं मातृ शक्ति का जागरूक और सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल की लत से बचाते हुए उनमें संस्कार, सेवा और त्याग की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुष समाज के सामान्य लोगों के बीच से ही निकलकर समाज को दिशा प्रदान करते हैं तथा सनातन परंपरा में संतों एवं संन्यासियों ने अपने ज्ञान और वाणी से समाज को निरंतर जागृत किया है।

उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि समाज में सेवा भाव को दृढ़ करना आवश्यक है। त्याग और समर्पण से ही परिवार टिके रहते हैं। आज हिंदू समाज में बढ़ती तलाक की प्रवृत्ति चिंता का विषय है, इसलिए भारतीय परिवार व्यवस्था एवं संस्कारों को सुरक्षित रखना आवश्यक है। भारतीय संस्कृति हमें केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए जीना सिखाती है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने मातृ दिवस के अवसर पर सभी मातृ शक्तियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झारखंड प्रांत प्रचारक श्री गोपाल जी ने कहा कि संघ की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी तथा वर्ष 2025 में संघ ने अपने 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन एवं उनके राष्ट्र निर्माण के संकल्प पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, संगठन शक्ति और समाज जागरण का प्रेरणादायी उदाहरण है।

बाल्यकाल से ही उनके मन में मातृभूमि के प्रति गहरा प्रेम था। अंग्रेजी शासन के दौरान उन्होंने देश की दयनीय स्थिति को निकट से देखा और अनुभव किया कि केवल राजनीतिक स्वतंत्रता पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज का संगठित, संस्कारित एवं चरित्रवान होना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने समाज में व्याप्त जाति, भाषा, प्रांत एवं ऊँच-नीच के भेदभाव को राष्ट्र की कमजोरी माना। उनका विश्वास था कि जब तक हिंदू समाज संगठित और जागरूक नहीं होगा, तब तक भारत पुनः विश्वगुरु नहीं बन सकेगा। इसी विचार के साथ वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना था।

उन्होंने आगे कहा कि डॉ. हेडगेवार ने अनुशासन, सेवा, संस्कार एवं संगठन को समाज परिवर्तन का आधार बनाया। उन्होंने स्वयंसेवकों को केवल भाषण देने के बजाय अपने आचरण से समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी। उनका मानना था कि राष्ट्र निर्माण का कार्य किसी एक व्यक्ति या संस्था से नहीं, बल्कि जागरूक एवं चरित्रवान नागरिकों के सामूहिक प्रयास से संभव है।

श्री गोपाल जी ने कहा कि भारत कोई सामान्य देश नहीं, बल्कि वह पवित्र भूमि है जहाँ भगवान अवतरित होते हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि इतनी समृद्ध परंपरा, ज्ञान एवं संस्कृति होने के बावजूद देश की दुर्दशा क्यों हुई। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत में शत-प्रतिशत साक्षरता थी तथा यहाँ की शिक्षा व्यवस्था मनुष्य निर्माण पर आधारित थी। न्यूटन के नियम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सत्य और विज्ञान पहले से विद्यमान होते हैं, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने की होती है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति प्रत्येक जीव में शिव का भाव देखती है। वृक्षों, नदियों एवं पर्वतों में देवत्व का बोध कर उनकी पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है तथा जिन मूल्यों और परंपराओं को समाज भूलता जा रहा है, उन्हें पुनः स्मरण कराने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारतीयों के मन में अपनी संस्कृति, धर्म एवं शिक्षा व्यवस्था के प्रति अविश्वास उत्पन्न किया। इसके बावजूद भारत में संत-समाज एवं कुटुंब व्यवस्था के कारण भारतीय संस्कृति सुरक्षित बनी रही। उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन विषय को विस्तार से समझाते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में भजन, भोजन, भ्रमण, भाषा एवं स्व-बोध को अपनाने की आवश्यकता है। बच्चों को स्व-आधारित जीवन पद्धति एवं भारतीय संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

अधिकार और कर्तव्य के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली प्राप्त करना हमारा अधिकार है, किंतु उसकी बचत करना हमारा कर्तव्य है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पॉलीथिन का उपयोग एवं उसका अनुचित निस्तारण पशुओं और प्रकृति दोनों के लिए हानिकारक है।

स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मात्र 29 वर्ष की आयु में शिकागो धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने विश्व को भारतीय संस्कृति एवं जीवन जीने की कला का संदेश दिया था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया है। यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।

गोष्ठी में सेवा भारती की उपाध्यक्ष रंजना श्रीवास्तव, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. जिज्ञासा ओझा, शालिनी सचदेव, डॉ. देबरोती, डॉ. शुभ्रा बंदोपाध्याय, रंजना पांडेय सहित बड़ी संख्या में मातृ शक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य परिवार प्रबोधन, भारतीय संस्कारों के संरक्षण एवं समाज में सकारात्मक जागरण का संदेश देना रहा। उक्त जानकारी रांची महानगर के प्रचार प्रमुख स्निग्ध कुमार रंजन ने दी ।

Published / 2026-05-10 21:57:00
जमशेदपुर : स्कूल परिसर से नाबालिग का शव मिलने से सनसनी

सरकारी स्कूल के परिसर से मिला नाबालिग लड़की का शव, इलाके में फैली दहशत 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जिले में एक सरकारी स्कूल के परिसर से शनिवार सुबह एक नाबालिग लड़की का शव बरामद किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार के अनुसार, पीड़िता की उम्र करीब 17 वर्ष हो सकती है। उन्होंने बताया कि मृतका की पहचान करने के प्रयास किये जा रहे हैं।  

पुलिस के अनुसार, स्कूल परिसर में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र के संचालक ने शव देखा और पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया। 

कुमार ने बताया, हमने मृतका की पहचान के लिए पड़ोसी थानों से उनके क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान करने को कहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार, लड़की सोपोडेरा गांव की रहने वाली नहीं थी।  

अधिकारी ने बलात्कार और हत्या की आशंका को लेकर कहा कि अब तक यौन उत्पीड़न का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा, मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पायेगा।

बिहार

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Published / 2026-04-15 20:49:10
वाह काका नीतीश कुमार...

त्रिवेणी दास 

वाह काका नीतीश कुमार  

नैतिकता से भरपूर, 

पिता पुत्र दोनों बिहारी 

परिवारवाद से दूर 

जो रहा नहीं कभी दस्तूर..  

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। ...और देखते ही देखते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी वादा पूरी करते हुए कि सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनायेंगे, दिल्ली कूच कर गये... ...सम्राट चौधरी के पिताजी स्वर्गीय शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 

राजद, कांग्रेस, जदयू और हिंदुस्तानी आवाम पार्टी (हम) में सक्रिय रहते हुए बिहार के तारापुर से विधायक और खगड़िया से सांसद रहे। सम्राट चौधरी ने भी राजद, जदयू और अब भारतीय जनता पार्टी में कार्य करते हुए परिवारवाद को आगे बढ़ाया; अब तो शानदार मुख्यमंत्री...। 

भारतीय राजनीति में जब परिवारवाद के तथाकथित नैतिक प्रचलन जो शुद्ध रूप से राजतंत्र का ही प्रयाय है, स्वीकृति प्राप्त हो ऐसे मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौता बेटा निशांत कुमार ने एक अलग ही नजीर पेश किया है और उन्होंने अनुकूल परिवेश होते हुए भी उपमुख्यमंत्री बनना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह अभी किसी  सदन के सदस्य नहीं हैं और इसलिए उपमुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। 

एनडीए के घटक दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा का बेटा मंत्री बन गये जबकि वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। हिंदुस्तान आवाम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी तो परिवारवाद के माल वाहक ट्रक ही चला रहे हैं। परिवारवाद के इंजन लालू प्रसाद यादव की गाड़ी राजनीति के पटरी में सबसे लंबी है। राजनीति में परिवारवाद के  इतिहास का किताब नेहरू गांधी परिवार का सबसे मोटा है जो वर्तमान तक यथावत चला आ रहा है। 

दक्षिण भारतीय राजनीति का तो आधार ही परिवारवाद रहा है। बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह.. अब तो प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के राजनीति में परिवारवाद का करिश्मा देखने का सौभाग्य एवं शुभ अवसर प्राप्त हो रहा है। सब प्रकार से अनुकूल परिस्थिति और कूवत होते हुए भी श्रीमान नीतीश कुमार तथा उनके पुत्र श्रीमान निशांत कुमार ने जो आदर्श प्रस्तुत किया है उसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।

Published / 2026-04-05 19:44:26
राजद को फिर राष्ट्रीय पार्टी बनायेंगे कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव

  • कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे तेजस्वी यादव
  • भव्य अभिनंदन समारोह में बोले- राजद को फिर राष्ट्रीय पार्टी बनाएंगे
  • राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के तेजस्वी यादव पहली बार रांची पहुंचे, यहां उनका भव्य स्वागत किया गया

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में रविवार को भव्य अभिनंदन किया गया। पटना से उनके साथ राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, विधायक ओसामा शाहाब, पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड प्रभारी जयप्रकाश यादव, भोला यादव, झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, महिला राजद की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि प्रकाश, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, उपाध्यक्ष अनिता यादव सहित सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष, जिला सचिव और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने का संकल्प

अभिनंदन समारोह में गद्गद हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पार्टी को फिर से राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजद केरल में तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहा है और वहां लेफ्ट अलायंस के साथ गठबंधन में है। तेजस्वी ने कहा, देश में जहां-जहां हमारी ताकत है, वहां-वहां हम चुनाव लड़ेंगे। पार्टी को बढ़ाना, विस्तार करना और मजबूत करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

झारखंड के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से उन्होंने आह्वान किया कि हर जिले और हर विधानसभा की एक-एक बूथ पर मजबूत तैयारी करें। तेजस्वी यादव बोले, आप सभी 81 विधानसभा सीटों पर तैयारी रखें। जब गठबंधन की बात होगी, तब देखा जाएगा. पिछली बार हमें सात सीटें मिलीं, जिनमें से दो पर फ्रेंडली फाइट हुई। पांच में से चार पर हम जीते। अगर ज्यादा सीटें मिलती तो और बेहतर प्रदर्शन होता।

फिर्कापरस्त ताकतों का विरोध और संगठन मजबूत करने पर जोर

तेजस्वी यादव ने कहा कि देश और राज्य में फिर्कापरस्त ताकतों को रोकना राजद की पहली प्राथमिकता है। बिरसा मुंडा की जमीन पर भाजपा को रोकने में झामुमो, कांग्रेस और माले के साथ राजद की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्यकर्ता ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहते हैं, लेकिन गठबंधन में समझौता भी करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि झारखंड में संगठन को मजबूत करेंगे तो सहयोगी दलों से ज्यादा सीटों की मांग भी कर पाएंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव में हार का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, हम जनता के वोट से नहीं हारे, बल्कि मशीन तंत्र और धनतंत्र की वजह से हारे। उन्होंने बताया कि राजद को 2025 के चुनाव में 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले, जो 2020 से 20 लाख ज्यादा हैं। महिलाओं को 10 हजार रुपये देने के बावजूद वोट बढ़ा। तेजस्वी ने कहा, जितना भी छल-बेमानी कर लें, सच सामने आएगा। बिहार की जनता ने हमें पूरा प्यार दिया। हमारा समय कमजोर था, हम नहीं।

धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा

तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि राजद लालू प्रसाद यादव की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है। किसी में इतना दम नहीं कि राजद को तोड़ दे। अन्नपूर्णा देवी के पार्टी छोड़ने का कोई फर्क नहीं पड़ा। ईडी-सीबीआई जैसे मामलों के बावजूद राजद कमबैक करेगी और बिहार व केंद्र में सत्ता में आएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हर दिन कम से कम एक घंटा पार्टी को सशक्त बनाने में लगाएं। पार्टी में सबको बराबरी का मौका मिले और सभी विंग मजबूत हों।

तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में लड़ रहे हैं, जबकि हम केरल में लड़ रहे हैं। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन का आदर-सम्मान व्यक्त किया। परिसीमन के बाद बढ़ने वाली सीटों के लिए अभी से जिला स्तर पर तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।

अन्य नेताओं ने क्या कहा

राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा कि देश में दो धाराएं हैं एक आरक्षण और संविधान खत्म करने की, दूसरी बाबा साहेब अंबेडकर के अरमानों को बचाने की। तेजस्वी यादव केरल से परचम लहराकर आए हैं। अगले चुनाव नई परिसीमन पर होंगे। 

झारखंड में विधानसभा सीटें बढ़कर 120 और लोकसभा 20 हो जाएंगी। एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, इसलिए महिलाओं को सक्रिय करें। बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर संगठन मजबूत करें अकेला लड़ने जैसी तैयारी रखें।

वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता यादव ने कहा यूजीसी संशोधन जरूरी है। शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों का शोषण रोकें। SIR के दौरान सजग रहें ताकि किसी का नाम न कटे।

राजद के राष्ट्रीय महासचि अभय सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव हैं। बूथ जीतो कार्यक्रम में संगठन की कमजोरी हार की वजह बनी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि झारखंड राजद बिहार के साथ कदम मिलाकर चलेगा और पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने संगठन विस्तार, बूथ स्तर की तैयारी और आगामी चुनावों (परिसीमन के बाद) पर जोर दिया। यह कार्यक्रम राजद को झारखंड में मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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