Featured

View All

विज्ञापन

देश

झारखंड

खेल समाचार

करियर

समाज

मनोरंजन

वर्ल्ड

हेल्थ

कानून व्यवस्था

ज्ञान विज्ञान

वन और पर्यावरण

राज काज

झारखंड

View All
Published / 2026-08-08 21:44:29
छात्र आंदोलन को पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाया का मिला समर्थन

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय का दावा, जेपीएससी आंदोलन निर्णायक दौर में, 24 घंटे में सरकार से फैसला करने की अपील 

टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी में कथित अनियमितताओं को लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच शनिवार की देर शाम पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय और उनकी बेटी यशस्विनी सहाय पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने छात्रों को अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। 

सुबोध कांत सहाय ने कहा कि जेपीएससी छात्रों का आंदोलन अब अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। अब इस आंदोलन को निर्णायक परिणाम तक ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर कई तरह की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन छात्रों से बातचीत के बाद जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद गंभीर और बर्दाश्त से बाहर हैं। 

सुबोध कांत के अनुसार जेपीएससी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान और राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत की पहल की गयी है, वह सकारात्मक कदम है। छात्रों की ओर से सरकार के समक्ष जो प्रमुख सवाल और मांगें रखी गयी हैं, उन सभी पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। 

युवाओं के भविष्य और राज्य के हित की लड़ाई: सुबोधकांत सहाय 

सुबोध कांत सहाय ने सरकार से अगले 24 घंटे के भीतर निर्णायक फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने बातचीत की जो पहल की है, उसे अब ठोस निर्णय में बदलने की जरूरत है। 

उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे का समाधान नहीं कर पाती है तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ये लड़ाई किसी कीमत पर हारनी नहीं चाहिए। यह सिर्फ छात्रों की लड़ाई नहीं है, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य और राज्य के हित की लड़ाई है।

Published / 2026-08-08 20:22:10
रांची जीपीओ में आल इंडिया पोस्टल/ आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड की बैठक

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 8 अगस्त को रांची जीपीओ में के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में आॅल इंडिया पोस्टल/ आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड की बैठक हुई, जिसमें मुख्यालय के निर्देश पर 10 अगस्त को अपराह्न 3 बजे रांची जीपीओ के प्रांगण 11सूत्री मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जायेगा तथा सचिव डाक विभाग, नई दिल्ली को 11सूत्री मांगों का ज्ञापन भेजा जायेगा। 

इस ज्ञापन में आरटीपी कर्मचारियों जो डाक विभाग में 1981  और  1983 की अवधि के बीच   नियुक्त किये गये थे, उनकी सेवा अवधि को नियमित करना, डाक विभाग के मुख्य डाक घरों से संचालित पेंशन संबंधित   कार्यों को डाक लेखा निदेशक कार्यालय में मनमाने ढंग से हस्तांतरित करने के आदेश का निरस्तीकरण, इंडक्शन ट्रेनिंग की अवधि की गणना कर प्रोन्नति में शामिल कर लाभ देना, कर्मचारियों की तर्ज पर पारिवारिक पेंशन को वेतन वृद्धि का लाभ देना, पारिवारिक पेंशन की मंजूरी में अप्रत्याशित विलंब को  समाप्त करना, अनुशासनिक मामले का अविलंब निपटारा करना आदि शामिल है।

सीजीएचएस में व्याप्त गड़बड़ियां को लेकर भी चिंता व्यक्त की गयी। जन औषधि की आपूर्ति पर भी प्रश्न उठाये गये और इसकी आपूर्ति को सीमित करने की बात कही गयी। काफी वर्षों के बाद सर्कल स्तरीय पेंशन अदालत का आयोजन 11 अगस्त को दिन के  11: 30 बजे मुख्य डाक महाध्यक्ष कार्यालय में किया जा रहा है जिसमें पेंशन से संबंधित मामले का निपटारा किया जायेगा। एसोसिएशन इस राज्य स्तरीय, पेंशन अदालत में  पेंशनर्स का प्रतिनिधित्व करेगा। 

31 जुलाई को रांची में अंतिम कार्यदिवस पर पेंशन भुगतान न किये जाने पर रोष व्यक्त किया गया । कहा गया कि पेंशन मंत्रालय के आदेशानुसार अंतिम कार्य दिवस को पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया जाय अन्यथा एसोसिएशन रोष दिवस मनाए जाने पर विवश हो जायेगा। आज की मीटिंग को राज्य सचिव एम जेड खान, साधन कुमार सिंहा,राज्य अध्यक्ष, जीएन शर्मा, त्रिवेणी ठाकुर, एस पी मंडल, अशोक कुमार आदि ने संबोधित किया। 

मौके पर त्रिलोकी नाथ साहू, डी एन साहू, हसीना तिग्गा, अमिता तिर्की, इसाक मिंज, बलदेव साहू, सुखदेव राम, राजेंद्र महतो, परीक्षित सेठ, रंग नाथ पांडे, धनेश्वर गोस्वामी, रामचंद्र प्रसाद, अवधेश पाठक रमेश सिंह, जयराम प्रसाद, अख्तर शाह, मो रफी अहमद, एस पी सिंहा, जी डी साहू, तुलसी उरांव, शिव सेवक पाठक, रमेश काशी आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी आॅल इंडिया पोस्टल/ आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन  झारखंड, रांची के राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।

बिहार

View All
Published / 2026-07-25 13:34:23
पटना : बिहार बंद का व्यापक असर, हाई अलर्ट

  • नीट पेपर लीक मामले में विपक्षी दलों के बिहार बंद का व्यापक असर, हाई अलर्ट घोषित

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीट पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे बिहार में बंद का व्यापक असर देखने को मिला।

राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, आरा, बेगूसराय, पूर्णिया, छपरा और सासाराम समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया है। 

संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि कई जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद रखने और इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया।

Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse