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Published / 2026-03-29 22:08:34
श्री हनुमान मंडल का 48वां वार्षिक महोत्सव धूमधाम से संपन्न, भक्ति रस में खूब झूमे श्रद्धालु

टीम एबीएन, रांची। रांची की प्रतिष्ठित धार्मिक एवं सामाजिक संस्था श्री हनुमान मंडल द्वारा आयोजित एक दिवसीय 48वां वार्षिक महोत्सव रातू रोड स्थित श्री राणी सती मंदिर परिसर के हनुमान बक्स पोद्दार सत्संग भवन के सभागार में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। पूरे दिन चले इस आयोजन में भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित हुए। 

महोत्सव की शुरूआत प्रात: 7 बजे मुख्य यजमान द्वारा विधि-विधान के साथ श्री गणेश पूजन से हुई। इसके उपरांत सुबह 8:30 बजे श्री बालाजी महाराज की अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके साथ ही सुरेश बजाज के सानिध्य में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों बालाजी भक्तों ने एक स्वर में सहभागिता निभाई। ह्लजय हनुमान ज्ञान गुन सागर के मंत्रोच्चार से पूरा सभागार भक्तिमय हो उठा। विशेष रूप से महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई। 

इस अवसर पर श्री बालाजी का भव्य दरबार सजाया गया, जिसमें आकर्षक झांकियों और फूलों से किए गए अलौकिक श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर ओर संकट मोचन नाम तिहारो जैसे भजनों की मधुर ध्वनि गूंजती रही। दोपहर में भक्तों द्वारा श्री बालाजी महाराज को सवामणि भोग एवं छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन एवं प्रसाद ग्रहण करने के लिए लगी रहीं। भक्ति के इस आयोजन में रांची की विभिन्न धार्मिक संस्थाओं-श्री श्याम मंडल, श्री श्याम परिवार एवं श्री दुर्गा जागरण मंडली (रातू रोड) के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्होंने मेरे दरबार में आओ बालाजी और बालाजी तेरे दर पे आया हूं जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। 

महोत्सव का मुख्य आकर्षण दिल्ली से पधारी सुप्रसिद्ध भजन गायिका भावना स्वराजली एवं बरेली के प्रसिद्ध भजन गायक डी. के. राजा रहे, जिन्हें भजनों का सम्राट माना जाता है। दोनों कलाकारों ने अपने सुमधुर स्वर में श्री बालाजी महाराज के भजनों की अमृत वर्षा कर पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते और तालियां बजाते रहे। चलो बुलावा आया है, बालाजी ने बुलाया है जैसे भजनों ने पूरे कार्यक्रम को चरम पर पहुंचा दिया। रात्रि 10 बजे महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आरती के समय पूरा सभागार दीपों की रोशनी और भक्ति के उल्लास से जगमगा उठा। इसके उपरांत प्रसाद का सामूहिक वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। 

इस सफल आयोजन में संस्था के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया, मंत्री श्रवण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शिव भावसिंहका, प्रचार मंत्री निर्मल बुधिया, सहित नवल टिबड़ेवाल, निरंजन केडिया, प्रकाश धेलिया, विभोर डागा, नरेंद्र डीडवानिया, रमन बगड़िया, नितिन भावसिंहका, विजय खोवाल, संजीव विजयवर्गीय, नारायण अग्रवाल, अरुण बाजोरिया, प्रवीण मोदी, हनुमान बेड़िया, सुनील पोद्दार, संजय सर्राफ,अशोक पुरोहित, पवन शर्मा, अजय डीडवानिया, राजेंद्र अग्रवाल,रौनक हनवाला झुनझुनवाला, एवं अन्य गणमान्य सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। महोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित किया। यह आयोजन रांची के धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में स्मरणीय रहेगा। उक्त जानकारी अध्यक्ष सज्जन पाड़िया और प्रचार मंत्री निर्मल बुधिया ने दी।

Published / 2026-03-29 22:07:45
भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव पर श्री जैन श्वेतांबर संघ, रांची निकालेगा शोभायात्रा

टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर संघ, रांची ने भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में जैन श्वेतांबर मंदिर डोरंडा में 31 मार्च 26 को शोभायात्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव दिनांक 31/03/2026 को है। 

मौके पर मंगलवार को सुबह 8.30 बजे श्री जैन श्वेतांबर मंदिर डोरंडा से भगवान की शोभायात्रा धूमधाम गाजे बाजे के साथ निकलेगी, जो तुलसी चौक, मेकॉन चौक, हाइ कोर्ट होते हुए वापस 10.30 बजे मंदिर पहुंचेगी। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10:30 बजे से किया गया है ओर 1 बजे से स्वामी वात्सल्य का कार्यक्रम है। 

श्री जैन श्वेतांबर संघ के साध्वी विशालमाला श्री जी आदि ठाना 3 के महावीर जयंती के दिन डोरंडा जैन मंदिर पधार सकते हैं। साध्वियां जी सिकंदराबाद से पद विहार करते हुए शिखर जी, मधुबन पारसनाथ की ओर विहार कर रहे हैं, इस दौरान रांची 1 से 2 दिन मे पहुंचेंगे, डोरंडा जैन मंदिर रांची में कुछ दिनों के लिए उनका प्रवास होगा। 

भगवान महावीर जयंती के कार्यक्रम के अवसर पर रांची के वर्तमान मेयर श्रीमती रोशनी खलखो एवं पूर्व डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मे भाग लेंगे। 

श्री जैन श्वेतांबर संघ के संरक्षक संपत लाल रामपुरिया, अध्यक्ष सुभाष बोथरा, सचिव विमल दस्सानी, उपाध्यक्ष घेवर चंद नाहटा ने समाज के सभी लोगों को समय से पहुंच कर कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।

बिहार

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Published / 2026-03-18 20:32:53
सीएम हेमंत से मिले बिहार विधान परिषद के सदस्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बिहार विधान परिषद समिति के सदस्यों ने की मुलाकात 

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण समिति के सदस्यों ने मुलाकात की। 

इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये जा रहे अपने कार्यों से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने बताया कि झारखंड विधानसभा के परिभ्रमण के दौरान यहां की महिला एवं बाल विकास समिति द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त हुई और दोनों राज्यों के अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया गया। 

मौके पर कल्पना सोरेन, जो झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति हैं, भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण समिति की अध्यक्ष डॉ कुमुद वर्मा, सदस्य रीना यादव, मुन्नी देवी और निवेदिता सिंह सहित अन्य शामिल थे।

Published / 2026-03-08 15:44:14
बिहार में तो सिर्फ और सिर्फ नीतीशे कुमार...

बिहार में तो सिर्फ और सिर्फ नीतीशे कुमार...

त्रिवेणी दास 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। पिछला बिहार विधानसभा का चुनाव नवंबर 2025 को हुआ था। 243 विधानसभा क्षेत्र में 89 भाजपा, 85 जदयू और 19 एलजेपी (रामविलास) तथा अन्य एनडीए गठबंधन कुल 202 सीट जीत कर बहुमत का आंकड़ा प्राप्त किया और नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। मात्र (3) सवा तीन (3:15) महीना के भीतर नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का कुर्सी छोड़कर राज्यसभा के सांसद के रूप में दिल्ली जाने का निर्णय लिया जो अचंभित भी करता है और राजनीति के लिए आश्चर्यजनक है।

बताया यह जा रहा है कि नीतीश कुमार चारों सदन की सदस्यता का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं इसीलिए उन्होंने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री पद छोड़ना स्वीकार किया; परंतु सियासत एवं वक्त में एकदम से सीधा अनोनाश्रय रिश्ता होता है जो कभी भारी पड़ता है, कभी ढीला पड़ जाता है और कभी राजनीतिज्ञ को कमजोर बना देता है। 

वक्त को भारी पड़ते हुए देख राजनीति के ट्रैक में लाइन बदलने का निर्णय नीतीश कुमार के राजनीतिक परिपक्वता का परिचायक है। आजादी के बाद से भारतीय राजनीति में परिवारवाद का प्रचलन कोई अपवाद नहीं है, विशेष कर कांग्रेस एवं क्षेत्रीय दलों में तो यही परिपाटी रही है। इस परिपाटी का अनुपालन जदयू में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 

नीतीश कुमार के सुपुत्र निशांत का जदयू के राजनीति में एंट्री हो चुका है। वह बकायदे सक्रिय हो चुके हैं और अपने बाबूजी की तरह अपनी राजनीतिक यात्रा बिहार के चंपारण से शुरू करने वाले हैं। पार्टी के जिला अध्यक्षों से उन्होंने लंबी मंत्रणा की है और पार्टी के युवा विधायकों के साथ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर लंबी चर्चा की है। 

इधर बिहार विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी लगातार अधिक सीट जीतने के बाद भी अधिकतम ऊंचाई उपमुख्यमंत्री तक ही सीमित रही है। सुशील कुमार मोदी की लंबी पारी के कारण भाजपा में कोई अन्य नेता उभर कर सामने नहीं आ पाया है। बिहार से नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पहले ही दिल्ली बुला लिया गया और अब उन्हें राज्यसभा भेज कर उनका स्थाई निवास दिल्ली बना दिया जा रहा है। 

बीजेपी के पास बिहार के राजनीति की उच्चतम पद पर काबिज होने का यह सुनहरा मौका है और वह मुख्यमंत्री बनाने के अत्यंत करीब पहुंच भी चुकी है। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा यह एक बड़ा सवाल है। हमेशा की तरह मोदीजी इस निर्णय पर भी चौंकाने का कार्य करेंगे? राजनीति के पंडितों के दिमाग में इसके उत्तर नहीं मिल पा रहे हैं। 

नीतीश कुमार का कद, काठी, प्रभाव और केंद्र की सरकार के टिकाऊ के लिए अत्यंत आवश्यक समर्थन को देखते हुए इतना तो तय है कि बिहार की राजनीति और सरकार में उनके सुपुत्र निशांत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है।

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