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Published / 2026-07-04 22:00:28
लोहरदगा : रिटायर्ड प्रिंसिपल राज किशोर भारती के निधन पर शोक की लहर

आज कुडू के रूद्र गांव में होगा अंतिम संस्कार  

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा शांति नगर निवासी सेवानिवृत्ति प्रधानाध्यापक राज किशोर भारती का निधन चार जुलाई की शाम को इलाज के दौरान हृदय गति रुक जाने के कारण रांची में हो गया। वह 72 वर्ष के थे। उन्होंने अपने पीछे अजय भारती बंटी, अभय भारती पम्मी और निर्भय भारती चंकी समेत तीन पुत्र और पत्नी समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं। राज किशोर भारती 2014 में लोहरदगा प्रखंड के मन्हो मिडिल स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद से सेवानिवृत हुए थे। इसके पूर्व वह किस्को प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव छोटचोरगाई मिडिल स्कूल में अपनी सेवा दी थी। 

मृदुभाषी, मिलनसार और सबों के साथ समभाव रखने वाले राजकिशोर भारती के निधन से पूरे शहर में शोक किला है। उनके पुत्र अभय भारती न केवल हिंडालको के कनीय अधिकारी हैं, बल्कि पतंजलि योग समिति के जिला अधिकारी और जिला स्तरीय योग शिक्षक भी हैं। उनकी पोती खुशी भारती जिला स्तरीय योग प्रशिक्षिका है। 

राजकिशोर भारती के निधन पर हिंडालको के कंट्री हेड बिजेश कुमार झा, एच आर अधिकारी नीरज कुमार, श्रीमती मोहंती लाल, लालनवल किशोर नाथ शाहदेव,बालकिशोर नाथ शाहदेव,शिक्षक विजय शंकर दुबे, शैलेंद्र कुमार सुमन, गुरुकुल शांति आश्रम के आचार्य शरच्चंद्र आर्य, वैद्यनाथ मिश्र, राजू गुप्ता, विनोद सिंह, अरुण बर्मा,राजेश साहू, रामनारायण प्रसाद,प्रभात भगत,आशीष आर्य, भूषण प्रसाद, ओमप्रकाश सिंह, मनोज गुप्ता मन्ना,निधिकांत प्रसाद, प्रवीण भारती, शिव शंकर सिंह, कृपा प्रसाद सिंह, अजय मधुर, संजय मधुर सावित्री मधुर समेत तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार रविवार को सुबह नौ बजे लोहरदगा शांति नगर से अंतिम यात्रा कुडू प्रखंड के रूद्र गांव में के लिए निकलेगी। उनका अंतिम संस्कार रूद्र गांव में किया जायेगा। 

Published / 2026-07-04 21:59:44
चलती ट्रेन बनी अस्पताल, महिला ने दिया बच्चे को जन्म

चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, 25-वर्षीय महिला ने दिया बच्चे को जन्म 

एबीएन सोशल डेस्क। देवघर जिले के मधुपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक 25-वर्षीय एक महिला ने शुक्रवार को एक चलती रेलगाड़ी में बच्चे को जन्म दिया। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।  

मधुपुर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक राज शेखर ने बताया कि फराह नशीन नामक महिला अपने भाई आफताब आलम के साथ हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस के वातानुकूलित डिब्बे में सवार होकर हावड़ा से बिहार के जमुई स्थित अपने मायके जा रही थी। रेलवे अधिकारी ने बताया, नशीन को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। 

जब उनकी हालत बिगड़ने लगी, तो दूसरे यात्रियों ने उनकी निजता और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कपड़ों से एक अस्थायी आड़ बना दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद, कोच अटेंडेंट ने रेलवे नियंत्रण कक्ष को मामले की जानकारी दी, जिसने मधुपुर स्टेशन मास्टर को सूचित किया और यात्री के लिए उचित चिकित्सा सुविधा का प्रबंध करने का निर्देश दिया। स्टेशन मास्टर ने मधुपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सतर्क किया।

अधिकारी ने बताया कि जैसे ही रेलगाड़ी स्टेशन पर रुकी, स्वास्थ्यकर्मी डिब्बे में दाखिल हुए। हालांकि, चलती रेलगाड़ी में ही महिला का सुरक्षित प्रसव हो चुका था। उन्होंने बताया कि चिकित्सा दल ने तुरंत मां और नवजात शिशु को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की।

अधिकारी ने बताया, मधुपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर, आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने चिकित्सा टीम और पैरामेडिक कर्मी के साथ महिला और बच्चे की जांच की और इलाज के लिए दोनों को मधुपुर उपमंडल अस्पताल पहुंचाया।

बिहार

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Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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