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Published / 2026-05-21 18:12:07
भाई को नमन कर भावुक हुए सीएम हेमंत सोरेन

भाई दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर भावुक हुए सीएम हेमन्त सोरेन, बोले- इनकी बदौलत मिला अलग झारखंड 

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं पूर्व विधायक और अपने भाई दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर लोवाडीह, नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन स्मारक स्थल पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। 

इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्वर्गीय दुर्गा सोरेन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुर्गा सोरेन ने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। 

हर वर्ष श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं लोग 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लोग एकत्रित होकर स्वर्गीय दुर्गा सोरेन को याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा सोरेन एक दूरदर्शी, संघर्षशील और जनभावनाओं से जुड़े नेता थे, जिनका पूरा जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्वर्गीय दुर्गा सोरेन के विचार और आदर्श हमेशा सभी को प्रेरित करते रहेंगे। 

उन्होंने कहा कि दुर्गा सोरेन जैसे संघर्षशील लोगों की शहादत और आंदोलन के बदौलत ही झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े भाई स्वर्गीय दुर्गा सोरेन जैसे कर्मठ और युवा नेताओं पर पूरे राज्य को गर्व है। 

उन्होंने उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन किया। दुर्गा सोरेन स्मारक स्थल पर कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकतार्ओं और गणमान्य लोगों ने भी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया।

Published / 2026-05-21 18:02:47
लोहरदगा : जिला राजी पड़ाह व्यवस्था ने जताया सबों का आभार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिला राजी पड़ाह व्यवस्था, लोहरदगा के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय विशु सेंदरा महापर्व के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन हेतु हम समस्त सहयोगियों, सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं ग्रामीण जनता के प्रति हृदय की गहराइयों से हार्दिक आभार एवं धन्यवाद प्रकट करते हैं। 

यह आयोजन हमारी आदिवासी परंपरा, संस्कृति, सामाजिक एकता एवं पूर्वजों की विरासत को सहेजने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा, जिसे सफल बनाने में समाज के हर वर्ग ने तन, मन और सहयोग की भावना से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। 

सबसे पहले हम लोहरदगा जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पेयजल विभाग एवं चिकित्सा प्रशासन के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हैं, जिनके सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा एवं पेयजल व्यवस्था के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सका। साथ ही प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी पत्रकार बंधुओं का भी विशेष आभार, जिन्होंने इस सांस्कृतिक एवं पारंपरिक आयोजन को समाज और जनमानस तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। 

मीडिया के सहयोग से हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपरा को व्यापक पहचान मिली है। हम 23 पड़हा से पधारे सभी बेल, दीवान, कोटवार, पहान, पुजार एवं महतो समाज के सम्मानित अगुवाओं के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनकी उपस्थिति, मार्गदर्शन एवं सहभागिता ने इस आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। 

विशेष रूप से झाल जमीरा, जामुन दीपा एवं टाना टोली के समस्त ग्रामीणों का हृदय से धन्यवाद, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर अतिथियों के स्वागत, व्यवस्था एवं सहयोग में अपनी अहम भूमिका निभायी। आप सभी के समर्पण और एकजुटता के बिना यह आयोजन सफल नहीं हो सकता था। 

इसके अतिरिक्त लोहरदगा जिला के सभी आदिवासी सामाजिक संगठनों के अगुआ, बुद्धिजीवी, युवा साथियों, मातृशक्ति एवं समस्त आदिवासी ग्रामीणों का भी हम हार्दिक अभिनंदन एवं धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने सामाजिक एकता, अनुशासन एवं सहयोग की भावना के साथ इस महापर्व को ऐतिहासिक सफलता दिलायी। 

हम सभी से यही अपेक्षा करते हैं कि भविष्य में भी अपनी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक व्यवस्था एवं पूर्वजों की धरोहर को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए इसी प्रकार एकजुट होकर कार्य करते रहेंगे। अंत में, जिला राजी पड़ाह व्यवस्था, लोहरदगा की ओर से पुन: सभी सहयोगियों, ग्रामीणों, प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया बंधुओं एवं समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सफल आयोजन हेतु हार्दिक धन्यवाद एवं जोहार। 

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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