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Published / 2026-07-06 21:59:28
धनबाद : अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से मरीजों की जा रही जान

धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड सरकार को पत्र लिखकर कह कि धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यंत चिंताजनक स्थिति में है। कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से हाल ही में इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर चिकित्सक के समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण एक मरीज की मृत्यु होने का मामला सामने आया है। 

परिजनों के अनुसार काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए, जिससे अक्सर मरीजों की जान चली जाती है, यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दशार्ती है। मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख सरकारी अस्पताल में यदि आपातकालीन सेवा के दौरान चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से विश्वास उठना स्वाभाविक है। 

सरकार से विनम्र अनुरोध किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करायी जाये तथा दोषी अस्पताल प्रबंधन ओर अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की कृपा करेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाये कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थित रहे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Published / 2026-07-06 21:06:19
झारखंड इंटक को मिला अनुभवी नेतृत्व, संगठन होगा और मजबूत, मजदूरों को मिलेगा उनका अधिकार : निश्चय वर्मा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष के रूप में डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू की नियुक्ति पर कांग्रेस के युवा नेता निश्चय वर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. बालमुचू के नेतृत्व में झारखंड इंटक नयी ऊर्जा, नयी दिशा और मजबूत संगठनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा तथा राज्य के मजदूरों की आवाज को और अधिक प्रभावी ढंग से उठायेगा। 

निश्चय वर्मा ने कहा कि डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू लंबे राजनीतिक एवं सामाजिक अनुभव के धनी हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। उनका अनुभव, संघर्षशील व्यक्तित्व और श्रमिक हितों के प्रति समर्पण निश्चित रूप से झारखंड इंटक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन गांव से लेकर उद्योगों तक अपनी मजबूत पकड़ बनायेगा और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी ढंग से संघर्ष करेगा। 

उन्होंने कहा कि आज के समय में असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के मजदूरों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे दौर में एक अनुभवी और संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता थी, जिसकी पूर्ति डॉ. बालमुचू की नियुक्ति से हुई है। उनके नेतृत्व में मजदूरों को उनका उचित सम्मान, अधिकार और न्याय दिलाने की दिशा में इंटक और अधिक मजबूती से कार्य करेगा। 

मौके पर निश्चय वर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू तथा केंद्रीय नेतृत्व के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे श्रमिक बहुल राज्य के लिए अनुभवी नेतृत्व का चयन संगठन को नयी गति देने वाला निर्णय है। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय नेतृत्व बधाई के पात्र हैं। 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू के नेतृत्व में झारखंड इंटक संगठनात्मक रूप से और अधिक सशक्त होगा, मजदूरों के हितों की प्रभावी पैरवी करेगा तथा श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक भूमिका निभायेगा। उन्होंने एक बार फिर डॉ. बालमुचू को नयी जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल की कामना की।

बिहार

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Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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