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Published / 2026-07-12 22:54:22
रिम्स में लापरवाही का आरोप: गर्भ में मृत शिशु के बावजूद तीन दिन तक नहीं हुआ उपचार, परिजनों ने गंभीर सवाल उठाये

  • रिम्स में लापरवाही का आरोप: गर्भ में मृत शिशु के बावजूद तीन दिन तक नहीं हुआ उपचार, परिजनों ने गंभीर सवाल उठाये

टीम एबीएन, रांची। राजधानी के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) पर एक बार फिर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों के अनुसार, मरीज सरिता टेटे को 9 जुलाई को सदर अस्पताल के गायनिक लेबर वार्ड में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया, जहां 10 जुलाई को गायनिक विभाग के चौथे तल्ले स्थित सेप्टिक वार्ड में भर्ती किया गया।

परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय ही गर्भ में शिशु की मृत्यु हो चुकी थी। इसके बावजूद डॉक्टरों ने तीन दिनों तक न तो ऑपरेशन कर मृत शिशु को बाहर निकाला और न ही कोई संतोषजनक उपचार किया। उनका कहना है कि लगातार इलाज में देरी के कारण मरीज की हालत बिगड़ती चली गई।

परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए डिस्चार्ज की मांग की, तो उन्हें कथित रूप से यह कहकर मना कर दिया गया कि जब डिस्चार्ज ही कराना था तो यहां क्यों लेकर आए थे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के वरीय निजी सचिव राजेंद्र तिवारी के माध्यम से रिम्स के डीएस से संपर्क किया गया। परिजनों का दावा है कि डीएस ने फोन पर डिस्चार्ज की बात कही, लेकिन काफी देर तक उन्हें डिस्चार्ज पेपर उपलब्ध नहीं कराया गया।

परिजनों का आरोप है कि मरीज की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए आखिरकार बिना औपचारिक डिस्चार्ज प्रक्रिया पूरी हुए एंबुलेंस से उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि मरीज की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस पूरे मामले को लेकर परिजनों में भारी नाराजगी है। उन्होंने रिम्स प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

(नोट: यह समाचार परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। रिम्स प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

Published / 2026-07-12 22:03:30
रांची : श्याम मंदिर में की गयी आमसभा

टीम एबीएन, रांची। श्री श्याम मंडल रांची की एक आम सभा आज दिनांक 12 जुलाई 2026 को श्री श्याम मंदिर के सभागार में आयोजित की गयी, जिसमें झारखंड राज्य की प्राचीनतम धार्मिक संस्था श्री श्याम मंडल, रांची का 59वें चार दिवसीय वार्षिक श्री श्याम मोहत्सव आगामी 17 सितंबर 2026 से 20 सितंबर 2026 रविवार तक अत्यंत धूमधाम व उत्साह के साथ आयोजित करने का निर्णय किया गया।

 मोहत्सव के आयोजन श्री श्याम मंडल रांची द्वारा निर्मित अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में आयोजित होगा। आज की सभा में विभिन्न उपसमितियों कर उनके माध्यम से मोहत्सव की तैयारियों में समर्पण भाव से कार्य पर विचार विमर्श कर मन्दिर परिसर की साफ सफाई व रंग रोगन का कार्य पर चर्चा की गयी। 

ज्ञात हो कि प्रति वर्ष मोहत्सव में श्री श्याम दरबार का श्रृंगार एक विशिष्ठ स्थान रखता है श्री श्याम प्रभु व मंदिर में विराजमान बजरंगबली व कामना शिव परिवार के मनमोहक श्रृंगार के लिए कोलकाता से ही कुशल मालाकार से करने का निर्णय किया गया। मोहत्सव में आने वाले भग्तों को पूर्ण सुविधा मिले इस कार्य का विशेष ध्यान रखा जायेगा।  

विस्तृत कार्यक्रम 

  1. दिनांक 17 सितंबर 2026 वृहस्पतिवार - को नर - सेवा नारायण सेवा  
  2. दिनांक 18 सितम्बर 2026 शुक्रवार को भव्य एवं विराट शोभायात्रा अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मन्दिर से  
  3. दिनांक 19 सितंबर 2026, शनिवार को नयनाभिराम शृंगार, भजन संकीर्तन, अखंड ज्योत, छप्पन भोग, 59 वें प्रेम पुष्प (भजन पुस्तिका) का विमोचन 
  4. दिनांक 20 सितम्बर 2026 रविवार को प्रात: 7:30 बजे से सुन्दरकाण्ड पाठ, सवामणि भोग, संपूर्ण दिवस भजन संकीर्तन।  

आज की सभा में चंद्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, विवेक ढांढनीयां, जितेश अग्रवाल, नितेश लखोटिया, बालकिशन परसरामपुरिया, राजेश सारस्वत, मनोज सिंघानिया, विकाश पाडिया उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।

बिहार

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Published / 2026-07-02 20:45:59
सरकारी बंगला से निजी आवास में शिफ्ट हुईं राबड़ी देवी

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने खाली किया सरकारी बंगला, निजी आवास में हुईं शिफ्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बृहस्पतिवार को उस सरकारी बंगले को खाली कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह दो दशक से अधिक समय से अपने आवास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय के रूप में कर रही थीं।  

राजद के बिहार में 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के कुछ समय बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने राबड़ी को मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने तथा राजभवन के पास 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया था। 

अब राबड़ी लगभग दो किलोमीटर दूर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने चली गयी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला पार्टी नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है।  

बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक आदेश जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले को उपमुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास घोषित कर दिया था। इसके साथ ही राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते राबड़ी को दूसरा सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी ने उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले में जाने से इनकार कर दिया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह बंगला 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले की तुलना में छोटा है और इसे राजनीतिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, क्योंकि यहां अतीत में रहने वाले सभी प्रमुख नेताओं का सियासी दबदबा बाद में घट गया।  

पिछले महीने भवन निर्माण विभाग ने नया आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने और 29 जून तक 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। 

राबड़ी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाएं। सम्राट बिहार में राबड़ी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। राबड़ी की प्रतिक्रिया के कारण राजद को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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