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Published / 2026-06-03 17:58:06
रामगढ़ : बर्थडे के दिन दो दोस्तों की मौत, परिवार में मातम

जन्मदिन के दिन मिली मौत: दोस्त के साथ केक काटा, जश्न मनाया और फिर सड़क हादसे ने छीन ली दोनों की जिंदगी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। जिले के बासल थाना क्षेत्र स्थित सियारी टोला में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गयी। मृतकों की पहचान सौंदा डी निवासी 28 वर्षीय अभिषेक कुमार शर्मा और 30 वर्षीय राहुल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गयी है।  पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक कुमार शर्मा का जन्मदिन था। जन्मदिन के मौके पर वह अपने मित्र राहुल कुमार के साथ बाइक से पतरातू डैम घूमने गए थे। 

बताया जा रहा है कि दोनों ने एक रेस्टोरेंट में जन्मदिन का जश्न मनाया और देर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान सियारी टोला के पास उनकी बाइक तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित हो गयी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बाइक सड़क किनारे बनी बाउंड्री को तोड़ते हुए करीब 100 फीट अंदर तक चली गयी। 

हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गये। अंधेरा और सुनसान इलाका होने के कारण दुर्घटना की जानकारी किसी को नहीं मिल सकी और दोनों घंटों तक घटनास्थल पर ही पड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सहायता मिल जाती तो शायद उनकी जान बचायी जा सकती थी। देर रात तक दोनों युवकों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।  

काफी खोजबीन के बाद बुधवार सुबह दुर्घटनास्थल से दोनों के शव बरामद किये गये। घटना की सूचना मिलते ही बासल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। बासल थाना प्रभारी कैलाश ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण बाइक की तेज रफ्तार माना जा रहा है। घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक जन्मदिन का जश्न कुछ ही घंटों में दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।

Published / 2026-06-03 17:18:51
ईटखोरी : चर्चित उद्योगपति अभय और शिवकुमार सिंह को पितृशोक

  • पूर्व प्रमुख ऋषिबाला के ससुर, नवादा पंचायत के मुखिया विकास सिंह, समाजसेवी योगेन्द्र सिंह, उद्योगपति शिवकुमार सिंह एवं अभय सिंह के पिता का निधन
  • इटखोरी में शोक की लहर, आज कंजिया मुक्तिधाम में होगा अंतिम संस्कार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, इटखोरी। क्षेत्र के सम्मानित बुजुर्ग, पूर्व प्रमुख ऋषिबाला के ससुर, समाजसेवी योगेन्द्र सिंह, उद्योगपति शिवकुमार सिंह तथा अंतरराष्ट्रीय होटल व्यवसायी अभय सिंह के पिता का आज प्रातः लगभग 4 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही इटखोरी सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई।

दिवंगत अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे अपने सरल व्यक्तित्व, सामाजिक सरोकारों और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन को समाज और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे कंजिया मुक्तिधाम में किया जाएगा। 

उनके निधन पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायिक जगत से जुड़े लोगों एवं शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।

बिहार

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Published / 2026-05-12 20:21:01
गोपालगंज : आर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग मुक्त, 22 गिरफ्तार

गोपालगंज में आर्केस्ट्रा समूहों से मुक्त करायी गयी 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां, 22 गिरफ्तार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के गोपालगंज जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में नाबालिग लड़कियों के शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ हालिया समय की सबसे बड़ी छापे की कार्रवाई में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। जिले के कुचायकोट थानाक्षेत्र में रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तकरीबन 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई इस कार्रवाई में ट्रैफिकिंग व बच्चों के शोषण के आरोप में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 

यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन हैं। 

मुक्त करायी गयी लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उनको सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। मुक्त करायी गयी लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों को झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लाया गया था।  

बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। 

इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है। एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें।     

मुक्त कराये जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।   

ऐसे मामलों में जवाबदेही व तत्काल कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह देखना दुखद है कि संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए शोषण के इरादे से विभिन्न राज्यों में बच्चों को निशाना बना रहे हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि एक संगठित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करती है जो बच्चों की लाचारी, आर्केस्ट्रा जैसे धंधों में उनकी मांग और कानूनी सख्ती में कमी की वजह से फल-फूल रहा है। 

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी कड़े कानून हैं और हालिया समय में बिहार पुलिस की सख्ती बताती है कि वे ट्रैफिकिंग और बच्चों के शोषण के खात्मे के लिए गंभीर हैं। फिर भी राज्यों में आपसी समन्वय, शादी-ब्याह के मौसमों के दौरान इन पर सख्त निगरानी व जवाबदेही तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इसका हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

Published / 2026-04-07 19:28:02
किशनगंज : नाबालिग की पिटाई कर जबरन बाल विवाह कराया, सात पर एफआईआर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के किशनगंज जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग को मारपीट कर उसका 20 साल की युवती से जबरन विवाह करा दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना की रात रिजवान (बदला हुआ नाम) अपनी मां के साथ घर में था और पिता मजदूरी के लिए बाहर गये हुए थे। रात करीब नौ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया और रिजवान की मां को धमकाते हुए उसका विवाह 20 साल की एक युवती से करने को कहा। 

मां के इनकार से नाराज आरोपी रिजवान को जबरन उठाकर एक होटल में ले गए। वहां उसे बंद कर मारा-पीटा गया इससे डरकर वह बेहोश हो गया। इसी दौरान बेहोशी की हालत में शादी की रस्में पूरी की गयीं। होश आने पर लड़के ने आरोपियों से उसका विवाह नहीं कराने की विनती की लेकिन इसी बीच उन्होंने मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह पढ़ा दिया और निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिये। 

दबाव बनाने की गर्ज से आरोपियों ने पीड़ित परिवार से छह लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। रिजवान की मां अपने बेटे के जबरन बाल विवाह की शिकायत लेकर बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जन निर्माण केंद्र तक पहुंची। संगठन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जिले के एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचित किया। 

प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल लड़का अपनी मां के पास सुरक्षित है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन जन निर्माण केंद्र के राकेश कुमार ने कहा बाल विवाह की बहस हमेशा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है और यह गलत भी नहीं, क्योंकि वे सबसे बड़ी पीड़ित होती हैं। लेकिन लड़कों के साथ होने वाले ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाते हैं। 

समाज सोचता है लड़का है, झेल लेगा। जबकि बच्चा तो बच्चा होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। बिहार में एक दौर जबरन विवाहों जिसे पकड़ुआ विवाह कहते हैं, का भी रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन चौकस रहे क्योंकि आम तौर पर इसके पीड़ित नाबालिग किशोर ही होते हैं। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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