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Published / 2026-02-04 21:31:05
लोहरदगा : वार्ड आठ से अविनाश कौर ने किया नामांकन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा नगर परिषद क्षेत्र में भ्रष्टाचार मुक्त वार्ड नंबर 8 हमारा है और हमें अपने वार्ड वासियों पर गर्व है। उक्त बातें अविनाश कौर ने कही। वार्ड 8 की प्रत्याशी अविनाश कौर ने आज अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के पश्चात प्रेस मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल से मैं वार्ड पार्षद हूं और उस बीच में 2019 में कोरोना काल भी आया। 

लगभग 2 साल चुनाव टल गया और  2 साल बाद चुनाव हो रहा है, लेकिन हमने अपने कार्यकाल में सैकड़ों आवास योजना का लाभ गरीबों, जरूरतमंदों को दिलाया। लेकिन कोई भी लाभार्थी यह नहीं कह सकता है कि हमने उनसे घूस लिया। दूसरा सबका साथ और सबका विकास अविनाश कौर का यही प्रयास के तर्ज पर हमने काम किया। जात-पात को किनारे करते हुए हमने सबका विकास किया है। चाहे वह आवास योजना हो, नाली हो, स्ट्रीट लाइट हो, जलमीनार हो, चापाकल हो, नाली हो, रोड का निर्माण हो, स्लैब का निर्माण हो, पेंशन योजना हो चाहे वृद्धा पेंशन हो, दिव्यांग पेंशन हो, मंईयां सम्मान योजना हो, या महिला मंडल को रोजगार दिलाने के लिए कोई भी योजना हो, नये राशन कार्ड बनवाने का कार्य हो।

हमने सभी तरह की योजना के लिए हमेशा काम किया है और भ्रष्टाचार मुक्त वार्ड रखा है। पिछले 10 सालों से नगर परिषद में भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार विरोध किया। आंदोलन भी किया है और हमने अपने वार्ड में पिछले 22 सालों से जहां बिजली के खंभे नहीं थे, कवर तार नहीं थे, जहां स्ट्रीट लाइट नहीं लगी थी, सभी योजनाओं का हमने कार्य कराया है और निस्वार्थ भाव से सेवा की है। 

उसके अलावा सड़क, नाली, सफाई, यह रोजाना कार्य है जो हम लोग 10 साल तक कराते रहे हैं और आने वाले समय में अपने वार्ड में जहां पानी सप्लाई पाइपलाइन नहीं बिछी है वहां पाइपलाइन लगवाने का प्रयास करूंगी और पिछले कार्यकाल में हमारे वार्ड 8 में जहां-जहां पाइपलाइन नहीं हैं, इसके लिए आवाज उठायी थी, उसका डीपीआर राज्य सरकार को चला गया है। 

आने वाले कार्यकाल में सभी जगह पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हो जायेगा और हमारे वार्ड में 2 सड़कें ऐसी है जिसको हमने पारित कराया था। चुनाव खत्म होने के पश्चात शीघ्र उन सड़कों पर भी काम शुरू हो जायेगा। जहां-जहां नाली में स्लैब नहीं है, उसको लगाने की प्राथमिकता हमारी है। पिछले कार्यकाल में बिजली के तीन नये ट्रांसफार्मर लगवाया है। 

हमारा उद्देश्य जन सेवा करनी है। हमने सभी तरह के सरकारी लाभ वार्ड वासियों को दिलाने का प्रयास किया और वार्ड नंबर 8 की जनता  हमेशा हमारे साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी, यह पूर्ण विश्वास है। आज हमने नामांकन किया है और उम्मीद है और उम्मीद ही नहीं भरोसा की वार्ड 8 नंबर की  जनता हमें विजयी बनायेगी। इस बार विजयी होने के बाद इस वार्ड को आदर्श वार्ड के रूप में स्थापित करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। 

आज नामांकन के मौके पर प्रस्तावक अरुण कुमार, समर्थक रेणू सिंह के अलावा कंवलजीत सिंह, कुणाल वर्मा, राजू यादव, सत्येंद्र शर्मा, राहुल कुमार, राजेश शर्मा, संजीव शर्मा, सोहन साहू, करमन सिंह, जितेंद्र सिंह सहित वार्ड वासी उपस्थित थे।

Published / 2026-02-04 21:30:01
निकाय चुनाव में दिख रही भाजपा आरएसएस की एकता में अनेकता...

झारखंड नगर निकाय चुनाव में हुए बड़े खेल, भाजपा और आरएसएस में निकले कई बागी, चला दल बदल का सिलसिला 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चल रहे नगर निकाय चुनाव भले ही औपचारिक रूप से दलीय आधार पर नहीं हो रहे हों। लेकिन राजनीति का असर इन चुनावों में साफ नजर आ रहा है। चुनाव चिह्न भले ही पार्टियां नहीं दे रही हैं, पर प्रत्याशियों को समर्थन देकर वे अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। इसी वजह से इस बार नगर निकाय चुनाव भी दलबदल से अछूता नहीं रहा है। 

राज्य के अलग-अलग राजनीतिक दलों ने नगर निगमों में महापौर और नगर परिषद व नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद को लेकर खास रणनीति बनायी। कई दलों ने जिलाध्यक्षों से संभावित उम्मीदवारों के नाम मंगवाये और आपसी मंथन के बाद समर्थन देने का फैसला किया। समर्थन पाने की होड़ में कई नेताओं ने पार्टी बदलने से भी परहेज नहीं किया। 

पार्टी ने संजीव अग्रवाल को समर्थन देने की घोषणा की 

धनबाद नगर निगम इसका बड़ा उदाहरण है। यहां के पूर्व मेयर और बीजेपी नेता चंद्रशेखर अग्रवाल ने नामांकन के पहले ही दिन पर्चा भर दिया था, जबकि बीजेपी ने उस समय किसी को समर्थन देने का फैसला नहीं किया था। बाद में पार्टी ने संजीव अग्रवाल को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इसके बाद चंद्रशेखर अग्रवाल ने तुरंत झामुमो की सदस्यता ले ली। 

झामुमो विधायक के भाई को पार्टी में किया गया शामिल 

एक अन्य मामले में भाजपा ने झामुमो विधायक दशरथ गगरई के भाई विजय गगरई को पार्टी में शामिल किया और बाद में उन्हें समर्थन भी दिया। इससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गयी। रांची नगर निगम में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। बीजेपी ने महापौर पद के लिए रोशनी खलखो को समर्थन देने का निर्णय लिया। लेकिन इससे पहले ही पार्टी के एसटी मोर्चा के मीडिया प्रभारी और कार्यालय मंत्री राजेंद्र मुंडा अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल कर चुके थे। 

देवघर नगर निगम में देखने को मिला उलटफेर 

देवघर नगर निगम में भी उलटफेर देखने को मिला। बीजेपी ने महापौर पद के लिए रीता चौरसिया को समर्थन देने का फैसला किया, जबकि पार्टी के ही नेता बाबा बलियासे ने भी नामांकन भर दिया। पहले चर्चा थी कि पार्टी बाबा बलियासे को समर्थन दे सकती है। इन सभी घटनाओं से साफ है कि दलीय चुनाव न होने के बावजूद नगर निकाय चुनाव पूरी तरह राजनीति से जुड़े हुए हैं। समर्थन, रणनीति और दलबदल ने इन चुनावों को रोचक बना दिया है।

बिहार

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Published / 2026-02-04 21:19:06
दरभंगा : गांव के सभी ब्राह्मणों पर एक साथ केस

  • दिल्ली में काम करने वाले भी बने आरोपी, बिहार में अनोखा मामला 
  • दरभंगा के एक गांव में लगभग हर ब्राह्मण परिवार को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने 70 नामजद लोगों और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पूरे ब्राह्मण समुदाय ने मिलकर एक परिवार का शोषण किया। 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के दरभंगा में कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में दर्ज एक प्राथमिकी आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। इसका कारण यह है कि इस एक ही प्राथमिकी में पूरे गांव के ब्राह्मण समुदाय के सभी सदस्यों को आरोपी बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई लोग सालों से अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में काम कर रहे हैं, फिर भी उनके नाम भी आरोपियों की लिस्ट में शामिल हैं। 

एक प्राथमिकी, पूरा गांव कटघरे में 

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाने में दर्ज इस प्राथमिकी में हरिनगर गांव के करीब 70 ब्राह्मणों के नाम हैं, जबकि 100 से 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता, असरफी पासवान का आरोप है कि पूरे गांव ने मिलकर उनके परिवार पर हमला किया और उन्हें परेशान किया। इसी आधार पर पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 
जैसे ही यह मामला सामने आया, गांव में हंगामा मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार है कि किसी विवाद में पूरे समुदाय को आरोपी बनाया गया है। 

दिल्ली और मुंबई में काम करने वाले भी आरोपी 

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आवेदन में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें से कई सालों से गांव में नहीं रह रहे हैं। कुछ दिल्ली और मुंबई में मजदूरी करते हैं, जबकि कुछ प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करते हैं। परिवार वालों का कहना है कि घटना के समय ये लोग गांव में मौजूद नहीं थे, फिर भी उन्हें आरोपी बनाया गया है।

Published / 2026-01-17 18:43:24
120 एकड़ के प्रांगण में विराजमान होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग

2 लाख किलो वजनी, 33 फीट लंबा... मोतिहारी में विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग को देख हो जायेंगे हैरान 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मोतिहारी/ पटना। आज बिहार के मोतिहारी में केसरिया के कठौलिया गांव में बन रहे विराट रामायण मदिर के प्रांगण में दुनिया की सबसे बड़ी शिवलिंग की स्थापना की गयी। यह मंदिर 120 एकड़ के प्रांगण में स्थापित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे विराट रामायण मंदिर है। 

यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 2500 किमी और 40 दिन से ज्यादा की यात्रा तय करके बिहार आया है। इसे बनाने में 10 साल का वक्त लगा है, इस शिवलिंग को ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है, जिसमें 1008 छोटे शिवलिंग को उकेरा गया है और इसे बनाने में 1008 कारीगरों ने अपना योगदान दिया है।

पूर्व आईपीएस और महावीर न्यास बोर्ड के पूर्व सचिव आचार्य कुणाल का सपना था यह विराट रामायण मंदिर। इसकी नींव उन्होंने अपने जीवन में रखी थी, लेकिन आज वह हमारे बीच नहीं है। लेकिन उनके बेटे सयान कुणाल से आज उनके सपने को पूरा करते हुए पूरे विधि विधान से इस शिवलिंग को मंदिर प्रांगण में स्थापित किया है। 

उन्होंने बताया है कि इस मंदिर के बनने से इस जगह का विकास भी तेजी से होगा। अयोध्या के बाद यह सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनेगा। यहां होटल्स, एयरपोर्ट और हाईवे बनेंगे और इस पूरे इलाके का विकास तेजी से होगा। इस विशाल शिवलिंग का वजन 200 मैट्रिक टन (2,00,000 किलोग्राम) है और जो 33 फीट लंबा है। 

इसे स्थापित करना बेहद ही मुश्किल कार्य था, लेकिन इंजीनियर्स की टीम ने इसे बेहद सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस शिवलिंग को 30 फीट से ऊंचे गुंबद पर स्थापित किया गया, जिसके बाद इसके कुल उचाई 60 फीट से भी ज्यादा हो गयी है। इसे स्थापित करने में लगभग आधे घंटे का वक्त लगा है और इसे 2 भारी-भरकम क्रेन की मदद से स्थापित किया गया है। 

शिवलिंग को क्रेन की मदद से पहले हवा में लिफ्ट किया गया, फिर ऊंचाई पर ले जाकर इसे स्थापित किया गया। शिवलिंग बनाने वाली टीम के मॉडरेटर वेंकटेश विनायक ने बताया कि इस शिवलिंग को 10 साल में बनाया गया और अब इसे विराट रामायण मंदिर के प्रांगण में स्थापित किया गया है।

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