गुमला : घाघरा केलाबगान में लोगों को खेती का तरीका नि:स्वार्थ बताने वाले दो व्यक्तियों की हत्या

 

घाघरा। घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित केला बागान के संचालक कृषि बैज्ञानिक लोकेश पुत्तास्वामी व सहयोगी एम देवा वासु की हत्या अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से गला रेत कर सोमवार की रात्रि कर दी। घटना की जानकारी घाघरा पुलिस को मिलते ही इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल और थाना प्रभारी आकाश कुमार पांडेय, एसआई कौशलेंद्र कुमार, प्रवीण महतो, एएसआई नागमणि सिंह दल बल के घटना घटनास्थल पहुंचे और शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम हेतु गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही पुलिस हर पहलू पर जांच में जुट गई। जानकारी के अनुसार कर्नाटक मैसूर जिला निवासी लोकेश पुत्तास्वामी 2011 में घाघरा आकर केला बागान में आधुनिक तरीके से खेती बाड़ी का काम कर रहा था। बीते 3 महीने पूर्व अपने सहयोगी के रुप में अपने गांव से ही एम देवा दासु नामक युवक को मछली पालन हेतु बुलाया था। उक्त दोनों केला बागान स्थित घर में ही रहते थे। वही मंगलवार की सुबह जब आॅटो ड्राइवर खीरा ले जाने के लिए केला बागान आया, तो देखा कि घर के बाहर एम देवा दासु का शव खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद घाघरा थाना प्रभारी को सूचना दी गयी। जिसके बाद इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल थानेदार आकाश कुमार पांडे दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और घर के अंदर जाकर देखा तो पता चला कि लोकेश का भी शव कमरे के अंदर खून से लथपथ पड़ा है। घटनास्थल पहुंच इंस्पेक्टर व थानेदार हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगे हुए हैं। वही लोकेश की एक पैशन प्रो बाइक भी गायब मिली। इस संबंध में इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल ने कहा शिवकुमार भगत के केला बागान में कर्नाटक के मैसूर जिला निवासी लोकेश पुत्तास्वामी व उसके सहयोगी एम देवा दासु की हत्या अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से कर दी है। हर पहलू पर पुलिस जांच कर रही है। जल्द हत्यारों का पता चल जायेगा। सभी सलाखों के पीछे होंगे। वहीं एक बाइक भी लोहरदगा जिला के सेन्हा क्षेत्र में जली पायी गयी है। संभावना है कि उक्त गायब बाइक लोकेश की ही है। हालांकि इसपर भी जांच की जा रही है। 2011 में लोकेश पुत्तास्वामी जिओ मैक्स कंपनी में फार्मिंग का काम करने घाघरा आए थे, पर किसी कारणवश कंपनी पूर्ण रूप से स्थापित नहीं हो सकी और कंपनी के सभी लोग वापस लौट गये। इसी दौरान लोकेश ने निर्णय लिया कि मैं वापस नहीं जाऊंगा। इसी जमीन पर खेती करूंगा। इसके बाद से लोकेश घाघरा में ही रुक गया और आधुनिक तरीके से खेती करने लगा। लोकेश कृषि साइंटिस्ट भी है। घाघरा प्रखंड क्षेत्र के अलावा दूसरे जिला से आकर किसान लोकेश की खेती का अवलोकन कर खेती करने का तरीका पूछते थे। निस्वार्थ भाव से लोकेश सभी किसानों को खेती का आधुनिक तरीका बड़े ही सरल माध्यम से बताता था। लोकेश की खेती से प्रभावित होकर सैकड़ों युवा किसान बड़े पैमाने पर खेती करना शुरू कर दिए हैं। अब लोकेश की हत्या के बाद सभी युवा किसानों का मनोबल टूट चुका है। लोकेश की हत्या की खबर सुनते ही बीडीओ विष्णुदेव कच्छप व सीओ धनंजय पाठक घटनास्थल पहुंच गहरा शोक प्रकट किया। बीडीओ ने कहा, हम सभी आए दिन लोकेश की खेती का अवलोकन करते थे और इनसे खेती का तरीका सीख कर गांव में जाकर किसानों को बताते थे। इनकी मौत से कृषि जगत को भारी क्षति हुई है। पुलिस फोरेंसिक जांच टीम का सहयोग ले रही है। इस बाबत हत्या स्थल के कई जगहों पर पैर के निशान और सैंपल ली है। समाचार लिखे जाने तक दोनों व्यक्तियों की हत्या के कारणों का कोई पता नहीं चला सका था। हालांकि लोकेश का व्यवहार काफी सरल और सूझबूझ वाला बताया गया, जिससे लोग यह भी कहते नजर आए कि लोकेश की किसी से लड़ाई नहीं हो सकती। वह बहुत ही सीधा साधा व्यक्ति था।

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