एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन के खिलाफ रूस का सैन्य अभियान लगातार जारी है। रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव में शुक्रवार को हमला कर दिया और सरकारी क्वार्टरों के निकट गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें गूंज रही थी। इस युद्ध में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रूस की इस कार्रवाई से यूरोप में व्यापक युद्ध की आशंकाएं पैदा हो गई है और साथ ही उसे रोकने के लिए दुनियाभर में प्रयास भी शुरू हो गए हैं। इस बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की संपत्तियां जल्द जब्त हो सकती हैं। 27 देशों वाला यूरोपीय संघ इस संबंध में सहमति के बेहद करीब है। लग्जमबर्ग के विदेश मंत्री जीन एसेलबोर्न ने शुक्रवार को यह दावा किया। आपको यह भी बता दें क यूक्रेन सरकार ने शुक्रवार को दावा किया कि रूस ने पिवडेन्नी के ब्लैक सी बंदरगाह के पास दो विदेशी जहाजों पर गोलीबारी की। +++++++++++ पानी की टंकी गोल क्यों बनाई जाती है, चौकोर या तिकोनी क्यों नहीं होती पानी की टंकियां तो आपने भी देखी होंगी। नगर निगम की बड़ी पानी की टंकी हो, जो करीब 100 फुट ऊंचाई पर स्थापित की जाती है या फिर घर के बाथरूम में सप्लाई के लिए रखी जाने वाली 500 लीटर की टंकी, एक बात समान होती है कि सब-के-सब गोल होती है। जबकि जिस स्थान पर वह रखी होती है यदि चौकोर होती तो स्थापित करने के लिए शायद ज्यादा अच्छा होता है। सवाल यह है कि पानी की टंकी गोल क्यों बनाई जाती है। टंकी गोल क्यों होती है : विषय विशेषज्ञ ने बताया भारतीय नौसेना से रिटायर परिमल कुमार घोष बताते हैं कि यह केवल पानी की टंकियॉ आकार की बात नहीं है परन्तु अधिक से अधिक वस्तुओं के आकार गोल होने के पीछे भौतिकी विज्ञान की सूत्र व पदार्थ के मौलिक आकार पर बाहरी प्रभाव, दबाव, एवं पारिपार्शिक परिस्थिति की प्रतिक्रियॉ आदि के सिद्धान्त पर ही आधारित हैं। गोलाकार वस्तु के कोई कोण नहीं होता है, बल्कि हरेक बिन्दु सम दूरत्य व समानुपातिक तरीके से विन्यास होने के कारण उन पर घर्षण व दबाव बराबर, एवं समपरिमान क्षेत्र में समानुपातिक विस्तारित व वितरित हो जाते हैं। इसके परिणाम स्वरूप गोलाकार वस्तु के किसी भी एक स्थान पर दबाव या प्रतिक्रिया सीमित नहीं रहती हैं। सरल शब्दों में समझिए यदि पानी की टंकी को चौकोर बना दिया जाएगा तो उसके चार कोण स्थापित हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में जब टंकी के अंदर पानी भरा जाएगा और जब टंकी से पानी निकाला जाएगा तब पानी में हलचल होगी और कोण होने के कारण हलचल थोड़ा तेज हो जाएगी। इसके चलते टंकी की उम्र कम होती चली जाएगी। कुछ कंपनियां ग्राहकों की मांग पर चौकोर पानी की टंकी बनाती है परंतु ऐसी टंकियों के निर्माण और विक्रय की प्रक्रिया बहुत धीमी होती है।
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