दो वर्षों में 59 लाख ग्रामीण घरों को नल से जल : राज्यपाल

 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने आज यहां कहा कि उनकी सरकार राज्य में वर्ष 2024 तक कुल 5923320 ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है और अब तक 1089904 घरों तक ग्रामीण घरों में यह सुविधा पहुंचा दी गयी है। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा, उनकी सरकार झारखंड के ग्रामीण घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रही है और 2024 तक कुल 59,23,320 ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 10,89,904 घरों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने करीब 45 मिनट के अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य के सुदूर ग्रामीण टोला में जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 4374 पंचायतों में पांच नलकूप प्रति पंचायत स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। शहरों और गांवों के बीच की दूरी को कम करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 4533 ग्राम पंचायतों तक आॅप्टिकल फाइबर केबल की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक दो लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 836।57 करोड़ रुपये स्थानांतरित कर चुकी है। रमेश ने बताया कि राज्य में युवक-युवतियों को सॉफ्ट स्किल की नि:शुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है और इस साल से राज्य के बेरोजगार अध्ययनरत युवकों और युवतियों के लिए मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है। राज्यपाल ने बताया कि उनकी सरकार झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों के कल्याण के लिए पांच योजनाएं चला रही है। राज्य में रेशम उत्पादन से जुड़े बुनकरों और शिल्पकारों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है और रांची में एनआईडी, अहमदाबाद के सहयोग से झारखंड इंस्टीट्यूट आफ क्राफ्ट एंड डिजाइन संस्थान की स्थापना की जा रही है।

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