दो साल के अगवा बच्चे को चंद घंटे में छुड़ाया, बच्चों की ट्रैफिकिंग के संगठित गिरोह का पर्दाफाश

 

  • दूध में नशीली दवा से बेहोश कर झाड़ियों में छिपाया
  •  ट्रैफिकिंग गिरोह के कब्जे से दो साल के बच्चे को मुक्त कराया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों के नीचे सो रहे दो वर्षीय बच्चे के अपहरण के चंद घंटों बाद ही दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन (मुगलसराय) पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और गैर सरकारी संस्था एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) ने उसे सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को दूध में नशीली दवा देकर मुजफ्फरपुर ले जाया जा रहा था। 

इसी दौरान अधिकारियों को उन पर शक हुआ और पूछताछ के बाद ट्रेन रवाना होने से कुछ ही मिनट पहले उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए इस संगठित गिरोह के चार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है और कुल छह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एवीए बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। 

आरपीएफ के साथ एक समझौते के तहत एवीए बच्चों की रेलों के जरिए होने वाली ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए काम कर रहा है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों पर सो रहे एक परिवार के इस बच्चे को अगवा किया और ट्रेन आने तक उन्होंने बच्चे को झाड़ियों में छिपाए रखा। बच्चे को सुलाने के लिए उन्होंने उसे नशीली दवा मिला दूध पिला दिया था ताकि उसके रोने की आवाज सुनकर कोई चौकन्ना न हो जाए।  

एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने कबूल किया कि वे एक संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह के सदस्य हैं और चुराए गए बच्चों को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक नर्सिंग होम में बेचते थे जहां उन्हें हर बच्चे के लिए कम से कम बीस हजार या इससे ज्यादा रकम भी मिलती थी। उन्होंने बताया कि अब तक वे आठ बच्चों को यहां बेच चुके थे।  

आरपीएफ, जीआरपी और एवीए के सदस्यों ने सुबह साढ़े दस बजे के करीब इन चारों को देखा और उनकी गतिविधियों पर शक होने के बाद उनसे बच्चे के बारे में सख्ती से पूछताछ शुरू की। टालमटोल करने के बाद आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने इस बच्चे को सुबह पांच बजे के आस पास अगवा किया था और वे इसे लेकर दस मिनट में बिहार जाने वाली ट्रेन पकड़ने वाले थे।

पूछताछ में पता चला कि बच्चे को बेहोश करने के लिए आरोपियों ने उसे दूध में एक नशीली दवा अल्प्रासेन मिला कर पिलाई थी। किसी को शक नहीं हो, इसके लिए आरोपी यात्रा के दौरान बच्चों को नए कपड़े पहनाते थे और सुलाए रखने के लिए उन्हें नशीली दवा पिलाते थे। अल्प्रासेन अवसाद संबंधी समस्याओं में वयस्कों को दी जाने वाली दवा है जिसे बच्चों को देना जानलेवा साबित हो सकता है। आरोपियों के कब्जे से डायपर, ऊनी टोपी, दूध पिलाने वाली बोतल, बच्चे के लिए एक जोड़ी नया कपड़ा, दूध के पैकेट और अल्प्रासेन के दो टेबलेट बरामद हुए। सभी आरोपी बिहार के आरा जिले में किराए के कमरों में रहते हैं।

इस तरह के ट्रैफिकिंग गिरोहों की धरपकड़ के लिए आरपीएएफ के सतत और मुस्तैद प्रयासों का आभार जताते हुए एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, बच्चों की ट्रैफिकिंग एक बहुत ही जटिल और संगठित अपराध है जिसमें अंतरराज्यीय ट्रैफिकिंग गिरोह बच्चों को अगवा करने और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने में एक दूसरे का साथ देते हैं। इन बच्चों को वेश्यालयों में बेच दिया जाता है, जबरन विवाह कर दिया जाता है, अवैध तरीके से गोद लिया जाता है। इन बच्चों के अंगों का व्यापार किया जाता है और उन पर अकल्पनीय अत्याचार किए जाते हैं। हमें छानबीन करनी होगी और ट्रैफिकिंग के पीछे की मंशा का पता लगाना होगा।

उन्होंने कहा, पहले भी इस तरह के मामलों में मुजफ्फपुर के अस्पतालों का नाम आने के मद्देनजर इसकी तत्काल और गहन छानबीन की जरूरत है। जब तक सभी आरोपियों को न्याय के कठघरे में नहीं लाया जाता और उन पर कानून का शिकंजा नहीं कसा जाता, ट्रैफिकिंग और शोषण से तिजोरी भरने वाले ये गिरोह बेखौफ चलते रहेंगे।

अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस बच्चे को रेलवे स्टेशन के उस छोर पर गई जहां से उसे अगवा किया गया था। वहां बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले बच्चे के माता-पिता ने उसे तुरंत पहचान लिया। आगे की कार्रवाई के लिए बच्चे को चंदौली जिले की बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया गया और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन की जीआरपी ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल व सुरक्षा) अधिनियम, 2015 और एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

For more information, please contact
Jitendra Parmar
8595950825

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse