एबीएन न्यूज नेटवर्क, केरेडारी (हजारीबाग)। केरेडारी इन दिनों सवालों की आग में जल रहा है। सीबी कोल परियोजना क्षेत्र में जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके को दहला दिया है। ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनके समर्थकों पर खुलेआम आतंक फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है।
आरोप है कि आंदोलन की आड़ में हाइवा चालकों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। हाइवा चालकों के अनुसार, माइंस क्षेत्र में एक हाइवा चालक अपनी गाड़ी में सोने की तैयारी कर रहा था।
तभी पूर्व मंत्री के साथ आंदोलन में शामिल कुछ लोग, कथित तौर पर शराब के नशे में, धरना स्थल पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान गुजर रहे वाहन चालक को जबरन पकड़ लिया गया और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया। युवक के माथे पर गंभीर चोटें आईं, प्राथमिक इलाज के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए हजारीबाग रेफर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शी चालकों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी। आंदोलनकारियों ने कई अन्य हाइवा चालकों के साथ भी मारपीट की। चौंकाने वाली बात यह रही कि पहचान छुपाने के लिए कुछ लोगों ने कंबल ओढ़ रखा था, मानो पूरी घटना सुनियोजित हो। घायल चालकों में एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, उसके सिर की नस कट गई है।
वहीं घायल चालक की पहचान कांग्रेस नेता सुरेश साव के चालक के रूप में बताई जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन है या भय का तांडव? और केरेडारी आखिर किस दिशा में धकेला जा रहा है। कंबल में छुपा चेहरा, हाथों में लाठी और सड़क पर खून, केरेडारी में आंदोलन या खुला आतंक?
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