एबीएन सेंट्रल डेस्क। फ्रांस में पेंशन सुधारों पर बड़े स्तर पर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। फ्रांस में पेंशन सुधारों में सेवानिवृत्ति आयु को दो वर्ष बढ़ाकर 64 वर्ष कर दी गई है, जिसके विरोध में विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, और इस पर सोमवार को वोटिंग होनी है।
वोटिंग के दौरान विपक्ष सरकार पर गुस्सा दिखा सकते हैं। हालांकि, मैंको इन सुधारों को वापस लिए जाने के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। मालूम हो कि विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद में दो बार अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देश में पेंशन सुधारों के खिलाफ पेरिस के साथ-साथ अन्य शहरों में एक सप्ताह से प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन देश में येलो वेस्ट आंदोलन की याद दिलाती है, जिसमें फ्रांस में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद प्रदर्शनकारी पीले रंग की जैकेट पहनकर सड़कों पर उतर आये थे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान नीस के दक्षिणी शहरलेस रिपब्लिक में एक नेता एरिक सियोटी के राजनीतिक कार्यालय में रात भर लूटपाट की गई और प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने पर टैग्स को दंगों की धमकी देते हुए उन्हें छोड़ दिया गया। सियोटी ने कहा कि सोमवार को होने वाले वोटिंग में प्रदर्शनकारी हिंसा के माध्यम से मेरा वोट लेना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मैं इनके आगे नहीं झुकूंगा। मालूम हो कि देश में पेंशन सुधारों में सेवानिवृत्ति आयु को दो वर्ष बढ़ाकर 64 वर्ष कर दी गयी है। वहीं, कर्मचारी इस आयु को 62 वर्ष ही रखना चाहते हैं। देश में 10 में से आठ लोग चाहते हैं कि पेंशन सुधारों का फैसला संसद में मतदान से हो।
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