टीम एबीएन, रांची। अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला और संस्कृति न्यास साहित्योदय और उसके संस्थापक पंकज प्रियम का साहित्य कला संस्कृति के क्षेत्र उल्लेखनीय कार्य हेतु यूएन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया। गत 21-22 मार्च को 24 घंटे के दुर्गायन अखंड काव्यार्चन के आयोजन और पांचवें महाकाव्य ग्रंथ दुर्गायन के लिए यह सम्मान दिया गया है।
गौरतलब है कि दुर्गायन अखंड काव्यार्चन में दुनियाभर के ढाई सौ से अधिक रचनाकारों ने प्रस्तुति दी। जिसमें विश्व कल्याण और मौजूदा वैश्विक संकट के निदान हेतु कामना की गयी थी। इस आयोजन में सभी रचनाकारों को आद्याशक्ति और वीणा दीप सम्मान दिया गया। साहित्योदय पिछले कई वर्षों दुनियाभर में साहित्य कला संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत है। अबतक 5 हजार से अधिक रचनाकार और कलाकारों को मंच प्रदान कर चुका है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अबतक अनेक कार्यक्रम कर साहित्य क्षितिज पर अपना परचम लहरा चुका है। साहित्योदय नवोदित साहित्य प्रतिभाओं को वैश्विक पहचान दे रहा है। अबतक दर्जनों पुस्तकों का प्रकाशन कर चुका है, जिसमें 5 महाकाव्य ग्रन्थ शामिल हैं। पंकज प्रियम ने यह सम्मान साहित्योदय परिवार के समस्त रचनाकारों को समर्पित करते हुए कहा कि सबके सम्मिलित प्रयास से पांचवी बार वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने में सफल हुआ।
साहित्योदय के बैनर तले इसी साल नवंबर में गुवाहाटी में 3 दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन कर सभी रचनाकारों को सम्मानित किया जायेगा। पंकज प्रियम विगत कई बर्षो से लेखन व पत्रकारिता से जुड़े रहे। उन्होंने 50 से अधिक पुस्तकों का लेखन और सम्पादन किया है। इससे पूर्व उन्हें 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड पुरस्कार मिल चुका है।
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