टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची के पुंदाग में झारखंड राज्य के सबसे बड़ा राधा- कृष्ण मंदिर का उद्घाटन 5 जनवरी को करने जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी एवं मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने संयुक्त रूप से बताया कि 5 जनवरी को प्रात: 10:30 बजे श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम मंदिर का शुभ उद्घाटन ट्रस्ट के संस्थापक एवं संरक्षक संत शिरोमणि स्वामी श्री सदानंद महाराज के कर-कमलों द्वारा होगा।
श्री राधा- कृष्ण का भव्य मंदिर परमहंस भागवत भास्कर डॉ संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के अथक प्रयास एवं गुरुजी राधिका दास जी महाराज के आशीर्वाद से विगत 8 वर्षों में मंदिर बनकर तैयार हुआ है। उद्घाटन के साथ मंदिर पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जायेगा। 5 जनवरी को राज्य मे एक ऐतिहासिक क्षण आने वाला है, क्योंकि राज्य का सबसे बड़ा राधा कृष्ण मंदिर उद्घाटन के लिए तैयार है।
तैयारीयां पूरी कर ली गयी है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां का वातावरण भक्ति, शांति और एकता का प्रतीक होगा। यह भव्य मंदिर राधा और कृष्ण के दिव्य मिलन का प्रतीक है, जो भक्तों को परमात्मा से जुड़ने की राह दिखायेगा। इस मंदिर का निर्माण उन आस्थावान लोगों के लिए एक आदर्श स्थल होगा, जो भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को प्रकट करना चाहते हैं।
मंदिर के भीतर की भव्य वास्तुकला और धार्मिक चित्रकला श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और आंतरिक संतुलन प्रदान करेगी। यहां पर आयोजित होने वाली आरतियां, पूजाएं और भजन-कीर्तन भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति की ओर मार्गदर्शन करेंगे।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं निर्मल जालान ने बताया कि राधा कृष्ण के भव्य मंदिर के अंदर शीश महल मे भगवान राधा कृष्ण विराजमान होंगे। मंदिर की नयनाभिराम अलौकिक श्रृंगार किया जा रहा है। मंदिर में श्री कृष्ण की जन्म से लेकर महाभारत कल तक की झांकियां दिखायी गयी है। जो मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा।
देश एवं विदेश के प्रमुख आचार्यगण और संत-महात्मा इस उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होंगे, और मंदिर के उद्घाटन के साथ-साथ भगवान राधा कृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति को समर्पित होने वाली इस अर्चना में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम एक अद्वितीय अवसर होगा, जहां धर्म, संस्कृति और भक्ति का संगम देखने को मिलेगा।
यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि यहां आने वाले भक्तों के लिए यह एक शिक्षण केंद्र भी बनेगा, जहां धार्मिक संस्कार और जीवन जीने के उच्चतम सिद्धांतों की शिक्षा दी जायेगी। तथा मंदिर के पहले तल्ले में सद्गुरु कृपा अपना घर सत्य प्रेम सभागार बनाया गया है जहां मानसिक रूप से कमजोर एवं निराश्रय और दिव्यांग प्रभु जी की सेवा की जाती है। निश्चित ही, यह मंदिर राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस भव्य उद्घाटन के साथ, राज्य की धार्मिकता और सांस्कृतिक धरोहर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse