जानें क्यों और कैसे लौटाया जाता है खेल रत्न पुरस्कार

 

  • खेल रत्न पुरस्कारों के बीच खेल रत्न लौटाने की प्रक्रिया चर्चा में क्यों... जानें जब सम्मान बना बोझ

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत में खेल रत्न पुरस्कार देश के सर्वोच्च खेल सम्मान के रूप में जाना जाता है। यह पुरस्कार खिलाड़ियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह गौरवपूर्ण सम्मान विवादों में आ जाता है, जिससे खिलाड़ियों को इसे वापस करने की नौबत आती है।

कैसे लौटाया जाता है खेल रत्न पुरस्कार?

खेल रत्न पुरस्कार लौटाने की प्रक्रिया सरकार द्वारा तय की गयी है। यदि किसी खिलाड़ी को अपना पुरस्कार वापस करना हो या सरकार द्वारा रद्द किया जाये, तो उसे अपने पदक और प्रमाण पत्र को संबंधित मंत्रालय को सौंपना पड़ता है।

क्यों रद्द हो सकता है पुरस्कार

डोपिंग, अनुशासनहीनता, या नैतिकता से जुड़ी अन्य गंभीर आरोपों के कारण सरकार किसी भी खिलाड़ी का पुरस्कार रद्द कर सकती है। इसके अतिरिक्त, किसी भी अनियमितता या विवादास्पद गतिविधि के चलते भी पुरस्कार वापस लिये जा सकते हैं। हालांकि, यदि खिलाड़ी अपनी बेगुनाही साबित कर देता है या मामला सुलझ जाता है, तो सरकार इस पुरस्कार को फिर से बहाल कर सकती है।

ऐतिहासिक उदाहरण डी जयदेव का मामला

साल 2010 में प्रसिद्ध पहलवान डी. जयदेव का नाम उस समय सुर्खियों में आया, जब उन पर डोपिंग का आरोप लगा और उन्हें अपना खेल रत्न पुरस्कार वापस करना पड़ा। हालांकि, बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी और खुद को निर्दोष साबित किया। इसके बाद सरकार ने उनका पुरस्कार पुनः बहाल कर दिया।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

खेल विश्लेषकों का मानना है कि पुरस्कारों की गरिमा बनाये रखने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि केवल योग्य और ईमानदार खिलाड़ी ही इस सम्मान के हकदार रहें।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse