टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। कोडरमा जिले के डीवीसी बड़ाकर नदी मे दामोदर वेल्ली कारपोरेशन (डीवीसी) एवं एनटीपीसी के संयुक्त तत्वाधान मे लगभग 250 करोड़ से ऊपर की लागत से बनाने वाले 155 मेगावाट सोलर प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। डैम में तैरते हुए बिजली का निर्माण सोलर एनर्जी का निर्माण सूर्य की किरणें प्राप्त कर सोलर पैनल की मदद से किया जायेगा। पिछले कुछ समय से भारत मे सोलर एनर्जी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बन रहा है।
बिजली के क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाने की कवायद की जा रही है, जिसमें कोडरमा थर्मल पवार प्रोजेक्ट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में 10 मेगावाट सोलर बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया है, जिसे ग्रिड से भी जोड़ कर बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही है। इसमें लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च लगा।
इधर, केटीपीएस के परियोजना प्रमुख दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि तिलैया डेम में 155 मेगावाट सोलर प्लांट मार्च 2026 तक बन कर तैयार हो जायेगा और इसकी बिजली भी ग्रिड के जरिये ही उपलब्ध होगी। उन्होंने ये भी बताया कि केटीपीएस मे हीरोडीह स्टेशन से प्रतिदिन 3 से 4 रैक कोयला की आपूर्ति होती है।
लगभग 12 किलोमीटर का यह फासला अभी 30 मिनट में पहुंचती है वर्तमान में इसकी गति सीमा 15 किलोमीटर प्रति घंटा है। जो बढ़कर 30 किलोमीटर हो जायेगी और रैक 1 जुलाई से प्लांट में 15 मिनट मे पहुंचने लगेगा। वहीं पिपराडीह साइडिंग से एसपोंड की ढुलाई की शुरुआत होगी। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद यह कार्य शुरू हो जायेगा।
केटीपीएस में 14 हजार करोड़ की लागत से 800-800 मेगावाट की दो नयी परियोजना लगेगी, परियोजना शुरू होने के लगभग 50 महीने में कार्य पूरा हो जायेगा। वर्तमान में यहां 500-500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। केटीपीएस की अधिगरिहित भूमि का प्लांट के मौजूदा परिसर में 463.96 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। पानी की अवश्यकता के लिए 1,67,423 केएलडी अवश्यकता होगी, जो बढ़ाकर नदी तिलैया डैम बांध से पूरी की जायेगी।
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