एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। दिनांक 13 एवं 14 दिसंबर, 2023 को पटना के ज्ञान भवन में बिहार बिजनेस कनेक्ट-2023 (जो कि एक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट है) का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के 600 से भी अधिक उद्यमी और निवेशक भाग लेंगे।
मुख्य सचिवालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास के लिए अच्छा माहौल बना है। हम उद्योग जगत को बताना चाहते हैं कि बिहार में निवेश करना तथा नये उद्योग लगाना उनके लिए फायदेमंद होगा।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बिहार ने कई प्रोत्साहन नीतियां बनाने के साथ-साथ उद्योगों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना का भी विकास किया है। प्लग एण्ड प्ले इंडस्ट्रियल शेड जैसी सुविधाओं ने निवेशकों को बिहार में उद्योग लगाने के लिए आकर्षित किया है।
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि बिहार में उपलब्ध सुविधाओं तथा बिहार सरकार की औद्योगिक नीतियों के बारे में निवेशकों को बताने के लिए चेन्नई, तिरूपुर, बैंगलुरू, मुम्बई, नई दिल्ली, चंडीगढ़ और कोलकाता में इंवेस्टर्स मीट आयोजित किये गये।
संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, बांगलादेश, ताईवान तथा जापान में भी इंवेस्टर्स मीट आयोजित कर निवेशकों को बिहार में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में पटना में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री अनेक मंत्री, देश के प्रमुख निवेशक तथा उद्योगपति भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2023 में अडानी ग्रुप से प्रणव अडानी, आईओसीएल की शुक्ला मिस्त्री, नाहर गु्रप आफ इंडस्ट्रीज के कमल ओसवाल, गोदरेज गु्रप के राकेश स्वामी, माईक्रोमैक्स बायोफ्यूल्स के राजेश अग्रवाल, हाई स्पिरिट कॉमर्शियल वेंचर्स के तुषार जैन, एएमडी के हसमुख रंजन, टाईगर एनालिटिक्स के महेश कुमार, एक्सेंचर के प्रशान्त कुमार, सुपरसेवा ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की कुमुद शर्मा, देवरेब कम्पनी के धीरज पाण्डेय, रूब्रीक के अभिलाष पुरूषोतमन, सुरेश चिप्स एंड सेमिकंडक्टर के चंदन राज, सैन इनर्जी एंड सॉलुशन के आनंद प्रकाश, एरिस्टो फार्मा के उमेश शर्मा, हैदराबाद इंडस्ट्रीज लिमिटेड अक्षय सेठ, जेके लक्ष्मी सीमेंट के अरूण शुक्ला, प्रिंस पाइप एंड फिटिंगस के जयंत छेड़ा, पटेल एग्री के डॉ दिलीप पटेल, आईटीसी के बी सुमंत, भारत ऊर्जा डिस्टिलेरिज के शुभम सिंह, अनमोल फीड्स प्राइवेट लिमिटेड के अमित सरावगी, सावी लेदर्स के विजय झा, बांसवाड़ा सिंटेक्स के शालिन तोसनीवाल सहित सैंकड़ो उद्योगपति भाग लेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गयी कि बिहार देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में बिहार का सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 10.9 प्रतिशत रहा जो देश में तीसरा सबसे अधिक वृद्धि दर रहा। 2021-22 में पूरे देश के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही।
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास में बिहार देश में अग्रणी है। वर्ष 2022 में इन उद्योगों के शानदार विकास के लिए बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सबसे बेहतरीन काम करने वाले राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसी तरह फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य निष्पादन के लिए 2023 में बिहार को वर्ल्ड फूड एक्सपो के दौरान माननीय राष्ट्रपति के कर-कमलों से पुरस्कृत किया गया।
बिहार में देश का सबसे युवा और कुशल कार्यबल मौजूद है। प्रदेश की 53 प्रतिशत से अधिक की आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और बिहार को देश का सबसे युवा राज्य माना जाता है। हर जिले में तकनीकी एवं कौशल विकास की संस्थाओं के माध्यम से अच्छी ट्रेनिंग व्यवस्था बिहार में उपलब्ध है। देश की प्राय: हर बड़े औद्योगिक इकाइयों में बिहार के कुशल कारीगर कार्यरत हैं।
बिहार में टेक्सटाइल, लेदर और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए भारी मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध है। लीची, मखाना, मक्का, आम, मशरूम, आलू, सब्जी आदि के उत्पादन में बिहार देश के अग्रणी तीन राज्यों में शामिल है। बिहार में गंगा, गंडक और कोशी सहित दर्जनों ऐसी नदियां हैं जहां सालों भर पानी रहता है। हर प्रकार के उद्योग के लिए बिहार में पर्याप्त पानी उपलब्ध है।
इथेनॉल जैसे उद्योग जिसमें पानी की आवश्यकता ज्यादा होती है, के लिए बिहार देश के सबसे बेहतरीन राज्यों में एक है। 13 करोड़ की आबादी के साथ बिहार अपने आप में एक बहुत बड़ा बाजार है। बिहार में माल उत्पादन करके नेपाल, भूटान और बांगलादेश में निर्यात किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर के राज्य, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और उड़ीसा के बाजार को यदि शामिल कर लिया जाए तो बिहार में उत्पादित सामग्री को 40 करोड़ लोगों का बाजार उपलब्ध हो जाता है। पिछले एक दशक में बिहार के सड़क नेटवर्क में अभूतपूर्व सुधार आया है। किसी भी जिला से राजधानी पटना पांच घंटे में पहुंचा जा सकता है।
पिछले एक दशक में 3 लाख किलोमीटर नई सड़कें बिहार में बनायी गयी है। बिहार के हर क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की सुविधा उपलब्ध है। सभी 75 औद्योगिक क्षेत्रों में डेडिकेटेड फीडर के माध्यम से उद्योगों के लिए बिजली उपलब्ध करायी गयी है।
निवेश को आकर्षित करने के लिए बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 है जिसे उद्यमियों की मांग पर 2020 और 2022 में संशोधित भी किया गया है। टेक्सटाइल तथा लेदर, बायोफ्यूल्स, लॉजिस्टिक तथा स्टार्ट-अप के लिए हमारे पास अलग से डेडिकेटेड पॉलिसी है।
जिनके माध्यम से अनेक प्रकार के प्रोत्साहन और अनुदान दिये जाते हैं। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद को प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों की स्थापना के लिए सभी विभागों से इलेक्ट्रॉनिक क्लियरेंस की व्यवस्था की गयी है।
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