टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी किस्को लोहरदगा अनिल कुमार मिंज संप्रति निलंबित को निलंबन से मुक्त किया है।
तत्कालीन बीडीओ किसको लोहरदगा अनिल कुमार मिंज को निगरानी कांड संख्या 14 /2022 के आलोक में 18 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार कर दिनांक 19 अक्टूबर 2022 को माननीय विशेष न्यायाधीश निगरानी न्यायालय रांची द्वारा न्यायिक खिलासत में भेज दिया गया।
न्यायिक हिरासत से मुक्त होने के पश्चात उनके द्वारा 12 दिसंबर 2022 को कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान दिया गया है। श्री मिंज द्वारा निलंबन से मुक्त करने का संबंध में दिए गए अभ्यावेदन में उल्लेख किया गया है कि निलंबन के फलस्वरुप उनके तथा उनके परिवार को कठोर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उनकी विधवा माता लीवर की समस्या एवं हृदय रोग से ग्रसित है। आर्थिक कारणों से अपनी पत्नी का भी आपरेशन नहीं कर पा रहे हैं। फलस्वरुप अत्यधिक मानसिक तनाव में है। उक्त प्रकरण में उन्हें निराधार शिकायत के आधार पर झूठे तरीके से फंसाया गया है।
धावा दल के द्वारा ट्रैपिंग के लिए आवेदनकर्ता अजाद अंसारी के स्थान पर अशफाक अंसारी पूर्व अपराधी का उपयोग किया गया है। जबकि यह किसी भी योजना से संबंधित व्यक्ति नहीं है। बल्कि उसके द्वारा प्रखंड कर्मियों एवं आम लोगों से भया दोहन कर राशि वसूलने का कार्य किया जाता है एवं उसके विरुद्ध किसको थाना कांड संख्या 24/20 भी दर्ज है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse