एबीएन सोशल डेस्क। नवम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्वामी मुक्तरथ अपने केन्द्र में योग अनुयायियों को बिहार योग पद्धति के अनुसार योगाभ्यास, ध्यान और कीर्तन को कराये। स्वामी मुक्तरथ ने कहा जिस तरह से योग के प्रति लोगों में उत्साह को देखा जा रहा है यह वर्तमान समय की मांग है। आज भारत के हर न्याय परिसर में योग को बढ़ावा मिल रहा है।
पुरा विश्व आज एक प्लेटफार्म पर आ गया है और वह है भारत का योग। यह भगवान शिव की विद्या महामुनि मत्स्येंद्रनाथ और महर्षि पतञ्जलि की योग साधना तथा आधुनिक योग के जनक परमहंस स्वामी सत्यानंद सरस्वती का योगअनुसंधान,उनकी तपस्या और उनके संकल्प का परिणाम है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उन्हीं के संकल्पों का मूर्त रूप है।
केंद्र के संचालक शांति रॉय, अंजना जी, साकेत जी, योगाचार्य मनीष कुमार, पियुष कुमार और सभी योग प्रशिक्षुओं ने आचार्य मुक्तरथ का स्वागत किया। रांची में यह केंद्र पूर्णरूप से बिहार योग विद्यालय मुंगेर के पैटर्न पर योग की शिक्षा देता है।
यहां राजयोग, हठयोग, भक्तियोग, कर्मयोग तथा रोगियों के लिए योगा हेल्थ मैनेजमेंट, ध्यान सत्र, बच्चों के लिए योग एवं भगवतगीता, उपनिषद,रामायण जैसे शास्त्रों की भी शिक्षा दी जाती है। डॉ श्रीमती रेणु तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मुंगेर विश्व योग पीठ एवं स्वामी मुक्तरथ के प्रति आभार जताया।
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