बढ़ता भारत : अब भारत में ही बनेगा तेजस का इंजन

 

  • मोदी ने यूएस में की बायुसेने की बूस्टर डील, थर्रायेगा पाक और चीन 

टीम एबीएन, नयी दिल्ली। पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा कई मायनों में निर्णायक साबित हुई है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक डील हुई है। इन दो देशों के बीच जीइ-एफ 14 इंजन को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ है और इसे मील का पत्थर माना जा रहा है। इस डील के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जायेगी।  

भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के इंजन का उत्पादन अब भारत में ही होगा। इसके लिए अमेरिकी कंपनी जीइ एरोस्पेस ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ समझौता किया है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार  भारत में लड़ाकू विमानों के इंजन के संयुक्त उत्पादन के लिए गुरुवार को जीइ एरोस्पेस ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये।   

रूस, ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस ये दुनिया के वो देश हैं जिनके पास लड़ाकू विमानों में खास तरह के इंजन को बनाने की महारत हासिल है। अमेरिका और भारत के बीच एक ऐसी डील हुई है जिसके बाद भारत के पास खास भी ऐसे घातक जेट इंजन होंगे। इस डील के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत आने वाले वक्त में कई गुना बढ़ जाएगी। 

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार  भारत में लड़ाकू विमानों के इंजन के संयुक्त उत्पादन के लिए गुरुवार को जीइ एरोस्पेस ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये।  अब दोनों मिल कर भारतीय वायु सेना के हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए)-एमके-2 तेजस के जेट इंजन के संयुक्त उत्पादन के लिए समझौता किया।  

इस डील के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत आने वाले वक्त में कई गुना बढ़ जायेगा।  यह डील भारत के लिए कितनी फायदेमंद है और इस डील के बाद चीन और पाकिस्तान टेंशन में हैं। भारत और एचएएल के साथ गठजोड़ के कारण यह संभव हुआ है। यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत अभी तक रूस और यूरोपीय गठजोड़ से सैन्य जेट प्राप्त करता रहा है। 

क्या है इसकी खासियत 

जीइ-एफ 14  मिलिट्री एयरक्राफ्ट इंजन का हिस्सा है। अमेरिका में इसका 30 सालों से इस्तेमाल हो रहा है। जनरल इलेक्ट्रिक एयरोस्पेस की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक कंपनी अब तक 1600 से अधिक इंजन को डिलीवर कर चुकी है। इसमें फुल अथाॉरिटी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम लगा हुआ है। साथ ही लेटेस्ट एयरक्राफ्ट इग्नीशन सिस्टम भी लगा है। 

यह इंजन को काफी पावरफुल बनाता है। दूसरे इंजन के मुकाबले अधिक चलता है। भारत ने क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन बनाने में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है लेकिन इस तरह की टेक्नोलॉजी नहीं है। जिन देशों के पास इसे बनाने की तकनीक है वह इसे दूसरे देशों के साथ शेयर नहीं करते। ऐसे में यह भारत और अमेरिका के बीच यह डील काफी महत्वपूर्ण है। 

इस डील के बाद भारतीय वायु सेना के पास अधिक समय तक चलने वाले जेट इंजन होंगे। भारत अभी तक रूस से जो जेट इंजन लेता है उसमें जल्द ओवरहाल की जरूरत होती है। वहीं जेट इंजन को कई हजार घंटो के बाद ओवरहाल की जरूरत पड़ेगी। डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि जीई इंजन हल्के और अधिक शक्तिशाली हैं। 

एमओयू के बारे में घोषणा गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता से पहले हुई। जीई के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जीई एयरोस्पेस के सीईओ एच लॉरेंस कल्प जूनियर ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समझौता है जो भारत और एचएएल के साथ हमारी दीर्घकालिक साझेदारी से संभव हुआ है। 

उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रपति बिडेन और प्रधान मंत्री मोदी के दोनों देशों के बीच घनिष्ठ समन्वय के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाने पर गर्व है।  

मोदी ने वाइडेन को झारखंड का हाथ से बना तसर कपड़ा उपहार दिया 

पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दूसरे दिन उन्होंने राष्‍ट्रपति वाइडेन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन के साथ एक कार्यक्रम में शिरकत की।  इसके बाद मोदी व्हाइट हाउस पहुंचे, जहां राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को भारत की कुछ खास चीजें भेंट की हैं। इसमें पीएम मोदी ने झारखंड से प्राप्त हाथ से बुना हुआ बनावट वाला तसर रेशम का कपड़ा उपहार स्वरूप सौंपा।  

साथ ही जो बाइडेन ने भी पीएम मोदी को कुछ उपहार दिये। मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति  झारखंड के तसर के अलावा पंजाब का घी, राजस्थान का हाथ से बनाया हुआ 24 कैरेट हॉलमार्क वाला सोने का सिक्का,  उत्तराखंड का चावल, गुजरात का नमक, महाराष्ट्र का गुड़, तमिलनाडु का तिल, कर्नाटक के मैसूर का चंदन का टुकड़ा, पश्चिम बंगाल के कुशल कारीगरों द्वारा हस्तनिर्मित चांदी का नारियल और भगवान गणेश की मूर्ति के साथ दीपक गिफ्ट किया है।

पीएम मोदी ने फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन को 7.5 कैरेट का हरा हीरा गिफ्ट किया है।  उन्होंने ट्वीट कर बताया कि कौशल विकास से जुड़े एक कार्यक्रम में फर्स्ट लेडी के साथ शामिल होना सम्मान की बात है। हमारे लिए कौशल विकास शीर्ष प्राथमिकता है।

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