टीम एबीएन, रांची। कुड़मी को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने की मांग को लेकर बुधवार पांच अप्रैल, 2023 से शुरू हुआ आंदोलन तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में कुड़मी समाज के लोग खड़गपुर मंडल के खेमाशुलि स्टेशन और आद्रा मंडल के कुसतौर स्टेशन पर रेल पटरियों पर बैठे हुए हैं।
इस कारण दक्षिण-पूर्व रेलवे (दपूरे) को अब तक 244 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। इससे रेलवे को करोड़ों का नुकसान हुआ है। अकेले खड़गपुर मंडल को 25 करोड़ रुपये नुकसान होने की खबर है। इस दौरान हजारों यात्री अपने गंतव्य स्टेशनों पर जा नहीं पा रहे हैं।
लोग स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। शुक्रवार को दपूरे की 71 ट्रेनों को रद्द कर देना पड़ा। आठ अप्रैल (शनिवार) को 72 ट्रेनों को रद्द करने की सूची जरी की गयी है। इनमें लंबी दूरी के साथ कई लोकल ट्रेनें भी शामिल हैं।
कई ट्रेनों के मार्ग में भी परिवर्तन किया गया है। चक्का जाम के दूसरे दिन गुरुवार को दपूरे की 88 मेल, एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों को रद्द किया गया था। दपूरे के अधिकारियों का कहना है कि लिंक ट्रेनों के विभिन्न स्टेशनों पर फंसे होने के कारण हावड़ा, खड़गपुर और सांतरागाछी स्टेशनों तक पहुंच नहीं पा रही हैं।
स्थिति काफी चिंताजनक है। खड़गपुर मंडल की ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कई दौर की बैठकों के बाद भी प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हैं। कुड़मी आंदोलन की वजह से चौथे दिन भी रांची रेल मंडल से चलनेवाली 14 ट्रेनें शनिवार को रद्द रहेंगी।
इधर, शुक्रवार को ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होने की वजह से रांची रेलवे स्टेशन यात्री घंटों फंसे रहे। सीनियर डीसीएम निशांत कुमार ने बताया कि आंदोलन के कारण 22 ट्रेनें शुक्रवार को प्रभावित रहीं।
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