टीम एबीएन, लोहरदगा। शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय विद्यालयी वार्षिक कार्यशाला के दूसरे दिन उद्घाटन सत्र का शुभारंभ आगत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। अतिथि परिचय शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडेय ने कराया।
मौके पर उपस्थित शिक्षाविद कृष्णा प्रसाद ने अपने संबोधन में बाल विकास एवं आचार्य विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों को पुस्तकीय शिक्षा देना ही नहीं है अपितु उनका चरित्र निर्माण करना एवं उन्हें समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए सफल बनाना भी है।
विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल ने संकुल योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संकुल के सभी विद्यालयों में एक समान योजना लागू होती है और वहां के सभी विद्यालयों का संपूर्ण विकास आपसी सामंजस्य एवं सहयोग से संभव हो पाता है। संकुल केंद्र का विद्यालय आदर्श विद्यालय हो। इसके लिए यहां के सभी आचार्य मनोयोग से कार्य करें।
पुष्कर महतो ने शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक विषय पर अपना विचार रखते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज की मांग है। विद्यालय के प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास ने कहा कि भैया बहनों के विकास के लिए प्रोजेक्ट कार्य देकर उनके अंदर के गुण को निखारा जा सकता है। विद्यालय के आचार्य राजीव कुमार सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विस्तृत चर्चा की।
गुमला विभाग के विभाग प्रमुख अखिलेश कुमार ने हमारा विद्यालय आदर्श कैसे बने इस विषय पर अनेक सूत्र दिये। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार्य बनकर आदर्श विद्यालय बनाया जा सकता है। विद्या मंदिर में आचार्य सेवा भाव से कार्य करते हैं। आचार्यों के संकल्प से ही विद्यालय आदर्श बन सकता है।
सफल कक्षाचार्य के लिए नये-नये सूत्र दिये जो आगामी सत्र में विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनाने में सहायक होंगे। अगले सत्र के लिए आचार्यों के बीच विभागों का दायित्व दिया गया। दूसरे दिन की कार्यशाला का समापन संघ प्रार्थना के साथ हुआ।
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