जोशीमठ : सेना की बैरक तक पहुंची दरारें

 

  • तीन हजार परिवारों को मिलेगी राहत 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जोशीमठ में जमीन धंसने की वजह से कई लोग बेघर हो गए हैं, कुछ लोग परिवारों के साथ राहत शिविर में दिन गुजार रहे हैं। वहीं लगातार नए मकानों में भी दरार आने की खबरें सामने आ रही हैं। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए शासन-प्रशासन लगातार लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं और उन्हें हर संभव मदद देने की कोशिश भी कर रहे हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को प्रभावित लोगों से बात भी की है और गुरुवार सुबह राहत पैकेज राशि की घोषणा भी की है।

  1. जोशीमठ में जमीन धंसने के मामले में प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर में पूजा अर्चना से दिन की शुरूआत करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार प्रभावितों के साथ है और सभी अधिकारियों को लोगों को हर संभव मदद देने के आदेश दिए गए हैं। 
  2. चमोली, कर्णप्रयाग सहित अन्य स्थानों में भी भवनों में दरारें आने के संबंध में पूछे जाने पर धामी ने कहा उन सभी पर पहले से काम किया जा रहा है। सीएम धामी ने इस दौरान प्रत्येक प्रभावित परिवार को डेढ़ लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीएम ने आपदा से निपटने के लिए 45 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है। यह पैकेस 3000 परिवारों को दिया जायेगा। 
  3. जोशीमठ नगर क्षेत्र में 723 भवनों को भू-धंसाव प्रभावित के तौर पर चिह्नित किया गया है जिनमें से अब तक 145 परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में भेजा गया है। इस बीच, जोशीमठ के प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम पैकेज के वितरण और पुनर्वास पैकेज की दर निर्धारित करने को लेकर चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गयी है। 
  4. जोशीमठ में धंसाव की वजह से सेना की कई बिल्डिंग्स में भी दरार देखने को मिल रही है। इस पर इंडियन आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने बताया है कि 25-28 में छोटे-छोटे क्रेक दिखाई दे रहे हैं। जिन जगहों पर यह क्रेक दिखाई दिए हैं वहां से सैनिकों को सुरक्षित जगह भेजा गया है। आर्मी चीफ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो प्रभावित सैनिकों को पर्मनेंट तरीके से औली शिफ्ट कर दिया जायेगा। 
  5. आर्मी चीफ ने कहा, उत्तराखंड के जोशीमठ में जहां तक बाईपास रोड का मामला है, काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। लेकिन अग्रिम इलाकों तक हमारी पहुंच और परिचालन संबंधी तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। 
  6. समिति के अध्यक्ष खुराना ने बताया कि जोशीमठ में खतरनाक भवनों को हटाने के लिए रूडकी स्थित केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान की मदद ली जा रही है और उनके चिह्नीकरण और तकनीकी मार्गदर्शन में यह कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि खतरनाक भवनों का ध्वस्तीकरण लोगों को विश्वास में लेकर ही किया जाएगा और इसके लिए प्रभावित परिवारों के साथ बातचीत की जा रही है। 
  7. जोशीमठ में दो होटल-सात मंजिला मलारी इन और पांच मंजिला माउंट व्यू दरारें आने के कारण एक दूसरे की ओर खतरनाक तरीके से झुक गए हैं और उनके नीचे स्थित करीब एक दर्जन घर खतरे की जद में हैं। होटलों को यांत्रिक तरीके से ढहाने का निर्णय किया गया है । कड़ी सुरक्षा के बीच होटल मलारी इन को गिराने के लिए टीम पहुंच गई है। 
  8. उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि अधिकारी जोशीमठ में जमीन धंसने के कारण प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर रहे हैं। अदालत को बताया गया कि क्षेत्र में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल को तैनात किया गया है। राज्य सरकार ने कहा कि पुनर्वास पैकेज भी तैयार किया जा रहा है और काफी राहत कार्य चल रहा है। 
  9. हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ को यह जानकारी दी गई जो जोशीमठ में जमीन धंसने के मुद्दे को देखने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए केंद्र को एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जल्द समिति गठित करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 
  10. हाई कोर्ट में अलगी सुनवाई इस पर 3 फरवरी को की जाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी इससे संबंधित याचिका दायर की गई है जिस पर 16 जनवरी को सुनवाई हो सकती है।

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