झारखंड भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार...

 

एबीएन डेस्क (स्वामी दिव्य ज्ञान)। देश-दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल करीब-करीब हो चुका है। ऐसे में पूरे झारखंड में भी यह कयास लगना शुरू हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा? कर्मवीर सिंह के आते ही राज्य के एक प्रसिद्ध पत्रकार ने रघुवर दास के सबसे करीबी राकेश प्रसाद या आदित्य साहू में से किसी एक के अगला प्रदेश अध्यक्ष बनने की संभावना व्यक्त कर दी। लेकिन मेरा मानना है कि अगर जगत प्रकाश नड्डा को एक्सटेंशन मिलता है तो यह संभावना है कि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश रिपीट किए जा सकते हैं। वैसे भाजपा में कई ऐसे लोग हैं, जो अभी से इस रेस में शामिल बताए जाते हैं। जो पहला नाम भाजपा के सबसे समर्पित कार्यकर्ताओं में से है, वह प्रदीप वर्मा हैं। प्रदीप वर्मा वस्तुत: संघ बैकग्राउंड से आते हैं और सबसे अधिक गोपनीय काम पार्टी में यही संभालते हैं। वर्मा का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रत्येक आयाम के साथ श्रेष्ठ संबंध है। प्रचार के पीछे भी ज्यादा नहीं भागते हैं। ऐसे में इनका और कर्मवीर सिंह का समन्वय और तालमेल सर्वश्रेष्ठ साबित हो सकता है। दूसरा नाम जो संभावित नजर आता है वह झामुमो बैकग्राउंड से आनेवाले जमशेदपुर के वर्तमान सांसद विद्युतवरण महतो हैं। वह एक समय झामुमो के थिंक टैंक रहे हैं और जैसा हेमंत सोरेन आदिवासियों से नजदीकी एवं मूल निवासियों से दूरी बना रहे हैं ऐसे मे इनका बनना एक भाजपा का एक मास्टर कहलायेगा। पूर्व भायुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीसरा नाम बोकारो विधायक विरिंची नारायण का आता है। फिलहाल, भारतीय जनता पार्टी में बयार बह रही है वह किसी ओबीसी को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाने के प्रति उन्मुख प्रतीत होती है। कुल मिलाकर ऐसे समय में अगर भाजपा किसी ओबीसी चेहरे को प्रदेश वाली नीति से अगर भाजपा हटती है तो सशक्त दावेदार के रूप में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रवींद्र कुमार राय का नाम लिया जा सकता है। आश्चर्यजनक रूप से चतरा के वर्तमान सांसद सुनील सिंह भी दावेदारों की कतार में खड़े प्रतीत होते हैं कारण है ऊपरी पदाधिकारियों के इनकी जबरदस्त पकड़। भावी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में एक महत्वपूर्ण नाम श्रेष्ठ संगठक झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव अनंत ओझा का लिया जा सकता है। बाबूलाल मरांडी जी के गुरु सखा या मित्र विनोद शर्मा भी रेस में बताए जाते हैं प्रचारक रह चुके विनोद शर्मा संथाल में एक अच्छा खासा नाम है। अनंत ओझा विद्यार्थी परिषद के कद्दावर नेता रहे और अपने क्षेत्र में विरोधी बयार के बावजूद जीतने में कामयाब रहे। इनकी संगठनिक कुशलता बेजोड़ मानी जाती है। अंत में अर्जुन मुंडा को प्रसन्न करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण नाम गंगोत्री कुजूर जी का चल रहा है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse