एबीएन सोशल डेस्क। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध किस कदर बढ़ रहे हैं, इसकी झलक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की वर्ष 2021 की रिपोर्ट से मिलती है। ब्यूरो के अनुसार बीते वर्ष रोजाना दुष्कर्म के 86 मामले दर्ज हुए। वहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध के हर घंटे 49 मामले दायर हुए। देश में अपराधों पर नवीनतम ताजा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 2021 में दुष्कर्म के कुल 31,677 केस दर्ज हुए। इस तरह हर घंटे औसत 86 केस कायम किए गए। जबकि हर घंटे महिलाओं के खिलाफ अपराध के औसत 49 केस दर्ज हुए। 2020 के मुकाबले 2021 में बढ़ी दुष्कर्म की घटनाएं : गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीआरबी के अनुसार 2020 में दुष्कर्म के कुल 28,046 केस दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 में 32,033। ब्यूरो ने क्राइम इन इंडिया 2021 ने यह रिपोर्ट तैयार की है। दुष्कर्म में राजस्थान आगे, मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर : रिपोर्ट के वर्ष 2021 में राजस्थान में दुष्कर्म के सर्वाधिक 6,337 मामले दर्ज हुई। वहीं, मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। मप्र में इस दौरान दुष्कर्म के 2,947 केस दर्ज हुए। महाराष्ट्र में 2,496 तो उत्तर प्रदेश में 2,845 केस दर्ज किए गए। दिल्ली में वर्ष 2021 में दुष्कर्म के 1,250 मामले दर्ज किए गए। लगातार बढ़े महिलाओं के खिलाफ अपराध : वर्ष 2021 में देश भर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,28,278 मामले दर्ज किए गए। इनमें अपराध की दर (प्रति एक लाख आबादी पर) 64.5 फीसदी रही। आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे अपराधों में आरोपियों पर आरोप पत्र दायर करने की दर दर 77.1 फीसदी थी। बात करें वर्ष 2020 की, तो तब महिलाओं के खिलाफ कुल अपराधों की संख्या 3,71,503 और 2019 में 4,05,326 दर्ज की गई थी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दुष्कर्म, दुष्कर्म व हत्या, दहेज हत्या, एसिड हमले, आत्महत्या के लिए उकसाना, अपहरण, जबरन शादी, मानव तस्करी, आॅनलाइन उत्पीड़न जैसे अपराध शामिल हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले यूपी में : 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश (56,083) में दर्ज किए गए, उसके बाद राजस्थान (40,738), महाराष्ट्र (39,526), पश्चिम बंगाल (35,884) और ओडिशा में 31,352 दर्ज किए गए। हालांकि, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर के आधार पर तुलना करें तो असम 168 फीसदी के साथ शीर्ष पर है। वहीं, दिल्ली 147 फीसदी के साथ दूसरे व ओडिशा 137 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर रहा। हर साल आने वाली एनसीआरबी की रिपोर्ट से देश में अपराधों पर नियंत्रण में मदद मिलती है। इसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां संबंधित क्षेत्रों में अपराध पर लगाम लगाने के उपाय करती हैं।
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