टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद आज कैबिनेट की पहली बैठक हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट मीटिंग में कुल 8 एजेंडों पर मुहर लगी। इस बैठक में सबसे अहम फैसला बालू घाटों की निलामी और शिक्षकों को लेकर लिया गया। नीतीश सरकार ने राज्य में बालू की बंदोबस्ती दर को दोगुना कर दिया है, जिससे बालू की कीमत बढ़नी तय मानी जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार ने शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी दी है। शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए कैबिनेट में 9400 करोड़ की राशि की स्वीकृति दी गई है। इसमें बकाया वेतन भुगतान के लिए राशि भी शामिल है। इससे राज्य के 2.64 लाख शिक्षकों को फायदा होगा। इसके अलावा बिहार के अधीन अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों को विनियमित करने हेतु बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में शिक्षक (नियुक्ति, प्रोन्नति, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2022 के गठन की स्वीकृति दी गई है। वहीं राज्य स्कीम मद से वित्तीय वर्ष 2022-23 में सब मिशन ऑन Agriculture Extension के कार्यान्वयन के लिए संविदा आधारित नियोजित कर्मियों के नियत मानदेय एवं ईपीएफ की राशि, बामेती परिसर का प्रबंधन, सुरक्षा एवं प्रसार कार्यक्रम हेतु कुल तैंतीस करोड़ बासठ लाख छियानवे हजार छः सौ अड़सठ रुपए की लागत पर योजना कार्यान्वयन तथा निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गयी।
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