एबीएन सेंट्रल डेस्क। जस्टिस उदय उमेश ललित शनिवार को देह के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लिए। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट के कामकाज में तीन मुख्य सुधार करने का एलान किया है। उन्होंने कहा, मेरा प्रयास रहेगा मामलों को सूचीबद्ध करने में पारदर्शिता हो। ऐसी व्यवस्था बना सकूं, जिसमें जरूरी मामले संबंधित पीठों के सामने स्वतंत्रता पूर्वक उठाये जा सकें। जस्टिस ललित ने कहा, प्रयत्न किया जाएगा कि कम से कम एक संविधान पीठ सालभर काम करती रहे। उक्त बातें जस्टिस ललित शुक्रवार को निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण के कार्यकाल के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित विदाई समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, हमें निश्चित रूप से मामलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया को यथासंभव स्वच्छ और पारदर्शी बनाने का प्रयत्न करना है। साथ ही, लोग जल्द ही जरूरी मामलों की त्वरित सुनवाई के मामले में भी एक स्पष्ट व्यवस्था देखेंगे। जहां तक तीसरे विषय का प्रश्न है, मेरा हमेशा से मानना है कि सुप्रीम कोर्ट को कानूनों को पूरी स्पष्टता के साथ सामने रखना चाहिए। ऐसा करने के लिए बड़ी पीठ की जरूरत है, ताकि मुद्दे तत्काल स्पष्ट हो सकें। इसलिए हम पूरा प्रयास करेंगे कि हमारे पास पूरे साल कम से कम एक संविधान पीठ उपलब्ध हो। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में तीन सदस्यीय पीठ सबसे बड़ी होती है और किसी मामले में सांविधानिक स्थिति का फैसला करने के लिए अलग से संविधान पीठ का गठन किया जाता है। शपथ लिये जस्टिस ललित : जस्टिस यूयू ललित शनिवार को देश के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लिये। वह भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश बने और उनका कार्यकाल सिर्फ 74 दिन का होगा। वह 8 नवंबर, 2022 को अवकाश ग्रहण करेंगे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse