एबीएन एडिटोरियल डेस्क (मुरलीधर)। देश की राजनीति में कांग्रेस का साथ छोड़ने वालों में कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नवी आजाद का नाम भी शुमार हो गया। आजाद के कांग्रेस छोड़ने से कांग्रेस में एक बड़ा स्थान खाली हो गया है। निश्चित तौर पर कांग्रेस के लिये इसे एक बड़ा झटका माना जा सकता है। उनके कांग्रेस से इस्तीफा के बाद असम के मुख्यमंत्री विस्व शर्मा ने सबसे बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मैंने जिन कारणों से कांग्रेस का त्याग किया था ठीक वही स्थिति आज भी बनी है या कहें कि आज स्थिति और बदत्तर हो गयी है। गुलाम नवी ने राहुल गांधी को एक अपरिपक्व और चापलूसों से धिरे कांग्रेस उपाध्यक्ष बताते हुए कहा कि अब वह कांग्रेस नहीं रही जिसमें सभी का सम्मान था। कांग्रेस में एक ऐसा ग्रुप है जो लगातार कांग्रेस में पार्टी के नीतियों और हार को लेकर सवाल खड़ा करता रहा है। अभी अध्यक्ष के चुनाव का मामला हो या फिर कश्मीर का विषय कांग्रेस कहीं भी मजबूती से खड़ी होती दिखाई नहीं दे रही है। आजाद ने अपने इस्तीफे में कई गंभीर आरोप लगाये है और संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि वे कश्मीर में अपनी पार्टी बना कर चुनाव की तैयारी कर सकते हैं। 1977 से पार्टी में सक्रिय रहे इंदिरा गांधी, राहुल गांधी, संजय गांधी सहित वर्तमान में सोनिया गांधी के साथ रहे आजाद कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उनके जाने से कांग्रेस में जो जगह खाली होगी उसे भरा जाना कठिन होगा। 2024 के चुनाव के पहले अगर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपने आप को अपने दल से मजबूती से नहीं जोड़ पाता है तो कांग्रेस की स्थिति जो एक क्षेत्रिय दल जैसी होती जा रही है वह और अधिक खराब होगी। शीर्ष नेताओं की खींचतान और दल छोड़ने से पार्टी लगातार कमजोर हो रही है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse