टीम एबीएन, खूंटी/रांची (मुरलीधर)। रांची-संबलपुर एक्सप्रेस वे बनने की खुशी लेकिन मुआवजा की दर कम हाने से हताश इंदर मुंडा कहते हैं कि लोधमा में स्टेशन के पास हमारी 88 डिसीमल जमीन है। जलधारा कार्यक्रम के तहत 3 लाख बीस हजार रुपये का सरकारी कुंआ बना तो उम्मीद जगी कि अब सब्जी, गेंहू उपजा सकूंगा। लेकिन अब हमारी जमीन जा रही है। सड़क बने अच्छा है लेकिन 35 हजार रुपये का सरकार दर और तीन लाख का बाजार दर के बीच का अंतर को भी केन्द्र और राज्य की सरकार समझें। यह अर्जुन मुंडा का संसदीय क्षेत्र है और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा का भी क्षेत्र है। देश के विकास में सड़कों का महत्वपूर्ण योगदान है। पहली अटल बिहारी बाजपेयी की राजग सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी सड़क परियोजना स्वर्णिम चतुर्भुज की शुुरुआत की। इससे देश की आर्थिक विकास का नया दौर आंरभ हुआ। वर्तमान सरकार ने भी भारत माला परियोजना के माध्यम से सड़कों के विस्तार की योजना को रुप दिया। झारखंड में भी कई सड़क परियोजना चल रही है जिसमें रांची से संबलपुर एक्सपे्रस वे एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इस योजना के तहत सड़क का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़का का प्रस्तावित नक्शा जारी कर दिया गया है। रांची से यह सड़क रिंग रोड के सीटीओ धुर्वा से आंरभ होकर संबंलपुर तक जायेगी। यह सड़क रांची, खूंटी, गुमला और सिमडेगा जिले से गुजरेगी। ये सभी जिले नक्सल प्रभावित हैं। साथ ही विकास विरोधी गतिविधियों के लिये चर्चा में रहें है। लेकिन विगत दिनों इस सड़क को लेकर केन्द्र सरकार की मिशनरी और जिला प्रशासन गंभीर हो गयी है। भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए खूंटी में जमीन अधिग्रहण होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 75ए के अंतर्गत किमी 21.340 से किमी 22.552 के अलावा किमी 22.887 से किमी 65.700 इकोनॉमिक कॉरिडोर के बीच जमीन ली जानी है। इसका चौड़ीकरण किया जाएगा। यह कॉरिडोर रांची-जयंतगढ-पारादीप के अंतर्गत आता है। अभी 13 मौजा में 200 एकड़ से भी अधिक इस प्रोजेक्ट के लिए खूंटी प्रशासन को लेने की जरूरत है। फिलहाल जमीन अधिग्रहण के संबंध में खूंटी जिला प्रशासन को केंद्र से प्रस्ताव मिल चुका है। प्रशासन इसके लिए अब संबंधित रैयतों संग ग्राम सभा में बैठेगा। उनसे अधिग्रहण के मसले पर पूरी जानकारी देते सहयोग मांगेगा। कब होगी ग्राम सभा : जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, खूंटी द्वारा जारी सूचना के मुताबिक खूंटी अंचल के 13 मौजा में जमीन अधिग्रहण होना है। इसके लिए 8 सितंबर से 1 अक्टूबर तक अलग-अलग डेट को विभिन्न स्थलों पर दोपहर 12 बजे से ग्राम सभा होगी। डुंगरा मौजा में चबुतरे पर 8 सितंबर को, कालामाटी में चबुतरे पर 10 सितंबर को, जियारप्पा में अखड़ा में 12 सितंबर को, कानाडीह में 14 सितंबर को अखड़ा में, हुटार में 16 सितंबर को अखड़ा में ग्राम सभा तय है। बिरहू में पंचायत सचिवालय में 19 सितंबर, जामुनदाग में 21 सितंबर को सामुदायिक भवन में, एरेंडा में 23 सितंबर को अखड़ा में, बगडू में चबुतरे पर 24 सितंबर को, बेलवादाग में 27 सितंबर को सामुदायिक भवन में, सोसोटोली में 29 सितंबर को सामुदायिक भवन में, चालम बरटोली में 30 सितंबर को पंचायत भवन में और फुदी में पंचायत सचिवालय में 1 अक्टूबर को ग्राम सभा का डेट निर्धारित किया गया है। क्या है समस्या : भू-अर्जन के लिये पर्याप्त और सही सीमांकन के साथ ही जमीनों के मोटेशन का नहीं होना एक बड़ी समस्या है। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास विरोधी वातावरण के कारण किसी भी निर्माण को लेकर राष्ट्र विरोधी तत्व सक्रिय हैं। इन सब से निपटना राज्य सरकार का दायित्व है। प्रखंड स्तर परभूमि संबंधित कार्य के लिये कर्मचारियों का अभाव है। इस क्षेत्र में बन रहें इन दो राष्ट्रीय मार्गो से क्षेत्र का विकास तेज हो सकता है लेकिन आवश्यकता है कि परियोजना समय से पूरा हो जाये।
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