जंग की आग : बुरी तरह झुलसा यूक्रेन, अब तक 9,000 से ज्यादा सैनिकों की मौत

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया था। खबर के मुताबिक, हमला करने के बाद से करीब 9 हजार यूक्रेनी सैनिक युद्ध में मारे जा चुके हैं। जनरल वेलेरी जालुज्नी के मुताबिक, यूक्रेन के कई बच्चों की देखभाल करने की जरूरत है क्योंकि उनके पिता अग्रिम पंक्ति पर तैनात हैं और उनमें से करीब 9,000 सैनिक जान गवां चुके हैं। रूस और यूक्रेन में जंग खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। पुतिन की सेना ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है। यूरोप की रोटी की टोकरी कहे जाने वाले देश की हालत जर्जर हो गई है। वहीं, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दो हफ्ते पहले अनुमान लगाया था कि रूस ने 70 हजार से 80 हजार सैनिकों को जंग में गंवा दिया है। इनमें मरने और घायलों को जोड़ा गया है। वहीं, अल जज़ीरा का कहना है कि, युद्धक्षेत्र के आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना असंभव है। जंग के बीच हजारों नागरिकों के मरने की खबरें भी प्राप्त हुई थीं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के दौरान 5,587 नागरिक मारे गए हैं और 7,890 घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी ने जंग की बदसूरत दास्तां बताते हुए कहा कि रूस के हमले के बाद से अब तक कम से कम 972 यूक्रेनी बच्चे मारे गए हैं या घायल हुए हैं। यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने कहा कि ये संयुक्त राष्ट्र द्वारा सत्यापित आंकड़े हैं, लेकिन संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। नाइपर नदी पर बसे इस शहर में 12 जुलाई से रूसी हमले तेज होने के बाद हालात खराब हैं, यहां 850 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और उसकी करीब आधी आबादी शहर छोड़कर जा चुकी है। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा युद्ध अभी तक जारी है। दोनों देशों के बीच इस साल फरवरी माह में युद्ध शुरू हुआ था, अभी तक हजारों लोगों की इस युद्ध में मौत हो चुकी है। लेकिन अभी भी यह युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा था कि तब तक कोई शांति नहीं हो सकती है जबतक रूस अपनी सेना को वापस नहीं बुलाता है। ऐसे में स्पष्ट है कि रूस और यूक्रेन के बीच अभी यह टकराव और लंबा चल सकता है। जेलेंस्की ने साफ कहा था है कि जब तक रूस अपने सैनिक वापस नहीं बुलाता है शांति की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शांति की संभावना की अपेक्षा तबतक नहीं की जा सकती है कि जबतक रूसी सैनिक वापस नहीं जाते हैं। इसके साथ ही जेलेंस्की ने व्लादिमीर पुतिन के साथ शांति वार्ता को लेकर बातचीत करने से भी इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जबतक सैनियों की वापसी नहीं होती है इसपर चर्चा नहीं होगी।

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