एबीएन सेंट्रल डेस्क। मानसून की बारिश ने कई राज्यों में तबाही मचा दी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और बिहार में पिछले 48 घंटे से भारी बारिश हो रही है। राजस्थान में 200 और मध्य प्रदेश में करीब 60 छोटे-बड़े डैम ओवरफ्लो हो गये हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है और बिहार में ये खतरे के निशान के करीब है। हिमाचल प्रदेश में लैंड स्लाइड के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। इन सभी राज्यों में मंगलवार के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले 2 दिन बारिश से कोई राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आज रतलाम, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं बडवानी, खरगोन, खंडवा, देवास, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में नदियां, नाले और अन्य जल स्त्रोत उफान पर हैं और पानी छोड़ने के लिए कई बांधों के द्वार खोल दिये गये हैं। खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई सड़कों पर कम दृश्यता के कारण वाहनों की आवाजाही कम हो गई है। प्रदेश के कुछ निचले इलाकों में जलजमाव की खबरें हैं। आईएमडी ने लोगों को मूसलाधार बारिश के बीच यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। वहीं सोमवार को भारी बारिश के चलते भोपाल, हरदा, सीहोर, रतलाम, उज्जैन और इंदौर समेत 11 जिलों में स्कूल बंद रहे। जबकि सीहोर में 24 अगस्त तक स्कूल बंद रहेंगे। राजस्थान के कोटा, झालावाड़ और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और बाद में बांधों से अत्यधिक पानी छोड़े जाने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जिला प्रशासन ने कोटा, झालावाड़ और बूंदी में सरकारी और निजी स्कूलों में मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया है। इन जिलों में सोमवार को भी स्कूल बंद रहे। तीनों जिलों में कोटा सबसे ज्यादा प्रभावित है। कोटा के जिला कलेक्टर ओ पी बुनकर ने बताया कि लगभग 3500 लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों और अस्थायी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित कर दिया गया है क्योंकि निचले इलाकों में पानी में डूब गए हैं। उन्होंने बताया कि कोटा बैराज के 19 में से 14 गेट खोलकर अब तक करीब 3.83 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। अधिकारियों ने कोटा बैराज से 5.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की योजना बनाई है। कोटा और झालावाड़ के अलावा, बूंदी, बारां, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, दौसा और करौली के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान में व्यापक बारिश हुई है। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी जयपुर में भी कल शाम से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। 6 लोग अब भी लापता हैं जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मंडी जिले में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को स्थिति से अवगत करा दिया गया है और नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय दल राज्य का दौरा करेगा। इस बीच तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने सीएम जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर राज्य में भारी बारिश से जानमाल को हुए नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। दलाई लामा ने पत्र में लिखा, मैं आपके प्रति और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। हिमाचल में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई है। लाहुल स्पीति को छोड़ बाकी सभी जिलों में आंधी चलने, बिजली गिरने और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 24 और 25 को भी भारी वर्षा की आशंका है। 26 से मानसून कुछ कमजोर होगा। झारखंड में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया : शुक्रवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और बांधों के उफान पर होने के चलते निचले इलाकों में बाढ़ के हालात बनने पर झारखंड के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि चांडिल और तेनुघाट जैसे बांधों से छोड़े गये पानी के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे खासतौर पर पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर शहर समेत विभिन्न क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए।
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