टीम एबीएन, रांची। राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री, आजसू सुप्रीमो एवं सिल्ली के विधायक सुदेश कुमार महतो ने झारखंड में कोर्ट फीस में की गयी अप्रत्याशित वृद्धि को अव्याहारिक बताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सरकार को आम लोगों के उपर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए था। श्री महतो ने उक्त बातें आज झारखंड में कोर्ट फीस में वृद्धि को लेकर उनसे मिलने गये झारखंड के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए कही। श्री महतो ने कहा कि कोर्ट फीस में वृद्धि का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा और सस्ता और सुलभ न्याय पाने से आम लोग वंचित हो जाएंगे। श्री महतो ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इस तरह के मामलों पर विधानसभा में भी चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन विधानसभा में चर्चा न करकर सीधे कोर्ट फीस में वृद्धि किया जाना आम लोगों के हित में नहीं है। श्री महतो ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि इस तरह आमलोगों की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आगे आना सुखद संदेश है, उन्होंने प्रतिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह भी अपने स्तर से कोर्ट फीस में की गयी वृद्धि को लेकर उचित फोरम में बात रखेंगे। उन्होंने अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट का भी समर्थन करते हुए कहा कि अधिवक्ता हित अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में रांची जिला बार एसोसिएशन के सदस्य भरत चन्द्र महतो, मृत्युंजय प्रसाद, झारखंड स्टेट बार कौंसिल के संयोजक एवं धनबाद जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, नंद किशोर पाण्डेय समेत कई अधिवक्ता शामिल थे।
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