पोखरण परमाणु परीक्षण की 24वीं वर्षगांठ पर वैज्ञानिकों को पीएम का सलाम, अटल जी के नेतृत्व को किया याद

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने 11 मई 1998 को परमाणु परीक्षण कर सबको चौंका दिया था। इस दिन को दुनिया कभी नहीं भूल पाएगी। राजस्थान के जैसलमेर जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूर स्थित पोखरण फिल्ड फायरिंग रेंज में हुए धमाकों ने भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों की श्रेणी में खड़ा कर दिया था। भारत के इतिहास में 11 मई 1998 का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पोखरण परमाणु परीक्षण की 24वीं वर्षगांठ पर देश के वैज्ञानिकों को याद किया है। उन्होंने वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से पोखरण में परमाणु परीक्षण सफल हो पाया। 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में दूसरी बार परमाणु परीक्षण सफल हुआ था। न्यूक्लियर टेक्नॉलजी में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि को याद करने के लिए 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत के इतिहास में ऐतिहासिक क्षण पीएम मोदी ने ट्वीट किया कर कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर हमारा राष्ट्र उन सभी को सलाम करता है जो दूसरों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठा रहे हैं। हमें 1998 में इसी दिन हमारे वैज्ञानिकों की असाधारण उपलब्धि याद है। यह भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण था। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के नेतृत्व को भी याद किया। 24 साल पहले हुआ परमाणु परीक्षण-2 भारत में इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 1974 में पहला परमाणु परीक्षण हुआ था। फिर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में पोखरण में 11 व 13 मई 1998 को दूसरा परमाणु परीक्षण हुआ। उस उपलब्धि की याद में हर साल 11 मई को राष्ट्रीय तकनीक दिवस मनाया जाता है। 24 साल पहले पोखरण के लोगों के जेहन में इन दिन की यादें हमेशा ताजा रहेंगी।

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