एबीएन नॉलेज डेस्क। बरमूडा ट्राएंगल को दुनिया की सबसे रहस्यमय जगहों में गिना जाता है। कहा जाता है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाला जहाज गायब हो जाता है। उसे अदृश्य शक्तियां अपनी तरफ खींच लेती हैं। पिछले 100 सालों के इतिहास में यहां करीब 75 हवाई जहाज (अ्र१ ढह्णंल्ली) गुम हो चुके हैं और 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दशकों से यह क्षेत्र वैज्ञानिकों के बीच बहस का मुद्दा रहा है। कई वैज्ञानिक इसका कारण तलाशने जुटे हैं। इसी क्रम में आॅस्ट्रेलिया वैज्ञानिक ने अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि यहां पर होने वाली दुर्घटनाओं की वजह क्या है। क्या है बरमुडा ट्राएंगल, कहां है यह क्षेत्र, इसे इतना रहस्यमय क्यों माना जाता है और वैज्ञानिकों ने कैसे सुलझाई इसकी गुत्थी? जानिये इन सवालों के जवाब... कहां है बरमुडा ट्राएंगल : बरमुडा ट्राएंगल को कई और नामों से भी जाना जाता है। जैसे होडो सी, डेविल्स ट्राएंगल और लिम्बो आॅफ द लॉस्ट। यह आॅस्टेलिया का प्रवासी क्षेत्र है। सबसे पहले इसकी जानकारी क्रिस्टोफर कोलंबस ने दी थी। उनका कहना था, यह इलाका एलियंस के बेस तक जाता है। इसे हमेशा से ही एक रहस्यमय माना जाता रहा है। अटलांटिक महासागर का 7 लाख स्क्वायर किलोमीटर वाला हिस्सा बरमुडा ट्राएंगल। कहा जाता है कि इसका आकार एक तिकोना है, इसलिए इसे ट्राएंगल का नाम दिया। हालांकि इसके आकार की पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है। यहां कई घटनाएं होने के कारण इसे डेविल्स ट्राएंगल भी नाम दिया गया। 3 प्वाइंट में समझें अब तक क्या कुछ कहा गया है इसके बारे में : 1. यहां से गुजरने वाले जहाज क्यों गायब हो जाते हैं, इस पर कई रिसर्च हुई हैं। रिसर्च में इसका कोई पुख्ता कारण सामने नहीं आ पाया है। वैज्ञानिकों का कहना है, यहां का मौसम अब तक हुई घटनाओं की एकमात्र वजह है। 2. वैज्ञानिकों का कहना है, यहां 270 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती हैं। जब भी कोई जहाज इन हवाओं के सम्पर्क में आता है तो उसका संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना हो जाती है। आम लोगों का मानना है कि यहां कोई अदृश्य शक्ति है जो भारी से भारी चीजों को खींचने की ताकत रखती है। 3. ऐसा क्यों होता है, इस पर वैज्ञानिकों का कहना है, बरमुडा ट्राएंगल में भारी चीजों को खींचने की ताकत बादलों में बनने वाले षटभुजाकार आकृति से मिलती है। यही दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार होती है। बादल और तेज हवाओं से जब जहाज टकराते हैं तो उसे खींचकर समुद्र में ले जाते हैं। नई रिसर्च में क्या दावा किया गया है, अब इसे समझते हैं : मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, आॅस्ट्रेलियाई शोधकतार्कार्ल क्रुजेलनिकिक का कहना है, यहां से गायब हुए विमानों और मौतों के पीछे मानवीय गलतियां और खराब मौसम जिम्मेदार है। बरमुडा ट्राएंगल समुद्र के 700,000 वर्ग किमी के ऐसे क्षेत्र में फैला है जहां सबसे ज्याद एयर ट्रैफिक है। अमेरिका से इसकी दूरी कम होने के कारण ट्रैफिक का असर समझा जा सकता है। क्रुजेलनिकिक का कहना है, बरमूडा ट्राएंगल के रहस्य की शुरूआत फ्लाइट-19 के पांच विमानों के लापता होने से हुई थी। उस दिन समुद्र में उठने वाली 15 मीटर ऊंची लहरें विमानों के लिए खतरा बनी थीं। रेडियो ट्रांसक्रिप्ट से यह बात साफ हुई थी कि वह विमान अपनी वास्तविक लोकेशन से भटक गया था।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse