पोषाहार और मानदेय नहीं मिलने का असर : 26 से आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं मिलेगा बच्चों को पोषाहार

 

टीम एबीएन, कोडरमा। झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका पोषण सखी संघ (सीटू) ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3-6 वर्ष के बच्चों को 26 अप्रैल से पोषाहार बंद करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आंगनबाड़ी संघ की ओर से सेविका सहायिकाओं ने निदेशक, समाज कल्याण, झारखंड सरकार, उपायुक्त, नोडल पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को आवेदन पत्र के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। आंगनबाड़ी संघ (सीटू) की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने बताया कि पिछले नौ माह से हम सभी बाजार से उधार लेकर आंगनबाड़ी केंद्र चला रहे हैं, अब दुकानदार ने भी उधार देने से मना कर दिया है। ऊपर से एफसीआई से मिलने वाला चावल भी पिछले छह महीने से नहीं मिला है, जिसके कारण आंगनबाड़ी केंद्र चलाने में काफी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ पिछले पांच माह से केन्द्र सरकार का मानदेय भी नहीं मिला है, जबकि मार्च में ही आवंटन जिला में आ गया है। सेविका सहायिका पोषण सखी काफी आर्थिक दिक्कतों से गुजर रही है, आर्थिक संकट के कारण ईलाज के अभाव में दो सेविका की मृत्यु भी हो गई। ऐसे में हम सभी सेविका उधार लेकर आंगनबाड़ी चलाने में असमर्थ हैं और इसलिए न चाहते हुए भी 26 अप्रैल से पोषाहार (खिचड़ी) बंद करने का निर्णय लिया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि इस पर जिला प्रशासन गंभीर होगी और बच्चों का पोषाहार बंद करने की नौबत नहीं आएगी।

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