हंसराज के जन्मोत्सव पर डीएवी कपिलदेव में भव्य सामूहिक आयोजन

 

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची स्थित डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू रांची में आज डीएवी जोन एफ द्वारा प्रायोजित सामूहिक हंसराज जन्मोत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर झारखंड जोन एफ के सभी 10 स्कूलों के 800 से ज्यादा शिक्षकों ने अपने प्राचार्यों तथा छात्रों के साथ सामूहिक हवन कार्यक्रम में भाग लिया। हवन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएवी सीएमसी के कोषाध्यक्ष श्री नानक चंद जी थे उन्होंने भी हवन कार्यक्रम में भाग लिया। हवन कार्यक्रम के बाद भजन की प्रस्तुति की गई जिसमें झारखंड जोन एफ के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी एमके सिन्हा ने सुखी बसे संसार सब दुखिया रहे न कोई... भजन स्वयं गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उसके बाद डीएवी कपिलदेव के बच्चों ने तुमने हमें जगा दिया... भजन प्रस्तुत किया जबकि डीएवी पुंदाग के संगीत शिक्षक शैलेंद्र पाठक ने दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा... भजन गाकर अपनी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर आगंतुकों का स्वागत डीएवी गांधीनगर के वरिष्ठ प्राचार्य एसके सिन्हा ने किया। अपने स्वागत भाषण में श्री सिन्हा ने कहा के डीएवी की जड़ें त्याग और तपस्या पर आधारित रही हैं इसलिए किसी भी प्रकार के तूफान आने पर ये जड़ें हमारी रक्षा करती रही हैं और डीएवी संस्थाएं ज्ञान की किरणें निरंतर बिखेरने में सफल रहा है। मुख्य अतिथि श्री नानक चंद जी के बारे में बोलते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि उनके आने से झारखंड के विद्यालयों में प्रेरणा का संचार होता है और यहां के विद्यालय पूरे जोशो खरोश के साथ काम करते हैं। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डीएवी सीएमसी नई दिल्ली के कोषाध्यक्ष श्री नानक चंद जी ने कहा कि महात्मा हंसराज जी के इतने वर्षों के बाद भी हम शिक्षा का अलख जगा रहे हैं यह उन्हीं की देन है। उन्होंने कहा कि हम अपने पुरखों के मूल्यों ,उनके सिद्धांतों को याद करते हैं ।डीएवी की एक गौरवशाली परंपरा रही है, जिसमें हरगोविंद खुराना, क्रिकेटर कपिल देव, नीरज चोपड़ा जैसी अनेक विभूतियां रही हैं जिन्होंने डीएवी का नाम रोशन किया है। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप डॉक्टर बनें या इंजीनियर, प्रधानमंत्री बनें या वैज्ञानिक लेकिन आप एक अच्छे इंसान जरूर बनिएगा। आप अपने आप पर गर्व करें कि आप डीएवी के विद्यार्थी हैं और एक क्षण में आकाश पाताल नाप लेते हैं। श्री नानक चंद जी ने कहा इतिहास साक्षी है कि हम जिन पुरुषों को याद करते हैं वह एक अच्छे इंसान थे उन्होंने कहा कि सफलता का कोई संक्षिप्त मार्ग नहीं होता सीढ़ी दर सीढ़ी हमें चढ़ना पड़ता है। अंत में उन्होंने कहा कि हमें वैसे कर्म करने चाहिए जिससे किसी को दुख न पहुंचे, सब का कल्याण हो। सभा को संबोधित करते हुए डीएवी कपिलदेव के एलएमसी चेयरमैन कपिल देव गिरि ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि डीएवी कपिलदेव भारत के शीर्ष स्कूलों में गिना जाने लगा है और उसकी रैंकिंग 109वें स्कूल के रूप में की गई है उन्हें पूर्ण विश्वास है कि स्कूल भारत का पहले नंबर का स्कूल होगा। स्कूल को शीर्ष पर पहुंचाने के लिए उन्होंने प्राचार्य सिन्हा को बधाई दी। डीएवी झारखंड जोन एफ के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी एमके सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि महात्मा हंसराज जी का जन्मदिन कल 19 अप्रैल को था लेकिन सामूहिक रूप जोन के सभी 10 स्कूलों के शिक्षकों, छात्रों, प्राचार्य के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि महात्मा हंसराज जी के नाम पर पहले डीएवी में खेल की प्रतियोगिताएं हुआ करती थी जो अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता हो गई है जिसमें पूरे देश के डीएवी स्कूलों के बच्चे भाग लेते हैं और उसमें जो सर्टिफिकेट मिलता है उसे सीबीएसई की मान्यता प्राप्त है। श्री सिन्हा ने कहा कि आप किसी भी क्षेत्र में चले जाइए आपको जो अधिकारी मिलेंगे उनमें से कोई ऐसा अधिकारी जरूर होगा जिसने डीएवी से शिक्षा प्राप्त की है। श्री सिन्हा ने कहा कि आज पूरे देश में 900 से ज्यादा डीएवी संस्थाएं हैं जो अच्छे नागरिक बनाने का काम निरंतर कर रही हैं। उन्होंने शिक्षकों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आपदा के समय जिस ढंग से शिक्षकों ने धैर्यपूर्वक आॅनलाइन ठीक पढ़ाई की, उसमें झारखंड जोन एफ अपने सबसे अच्छे ढंग से काम किया है और इसके लिए वह शिक्षकों को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि एलएमसी के चेयरमैन कपिल देव गिरि जी की आयु लंबी हो और उनका आशीर्वाद लंबे समय तक विद्यालय को प्राप्त होता रहे। श्री सिन्हा ने कहा कि वर्तमान प्रधान पद्मश्री आर्य रत्न पूनम सूरी जी तथा डॉ जेपी शूर निदेशक डीएवी पब्लिक स्कूल नई दिल्ली (पीएस 1) के सफल नेतृत्व में डीएवी विद्यालय निरंतर अच्छे से अच्छा कार्य कर रहे हैं। इन दोनों के सफल निर्देशन में डीएपी के विद्यालय निरंतर सफलता के नए सोपान पर चढ़ते चले जा रहे हैं। खेलकूद, चिकित्सा, विज्ञान, शिक्षण समेत सभी क्षेत्र में छात्र छात्राएं निरंतर डीएवी का नाम रोशन कर रहे हैं जो हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि डीएवी पब्लिक स्कूल जोन एक (पीएस-1) नई दिल्ली के निदेशक डॉ जेपी शूर हमेशा झारखंड में शिक्षा के विकास को लेकर बातचीत करते रहते हैं और हमेशा प्रयास करते रहते हैं कि झारखंड में स्थित डीएवी विद्यालयों की शिक्षा को और ज्यादा ऊंचाई पर कैसे ले जाया जाए जिससे यह और ज्यादा नाम कर सकें और सभी क्षेत्रों में अपना नाम फैला सके। डीएवी के प्रधान आर्य रत्न डॉ पूनम सूरी जी के बारे में बोलते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ आर्य समाज की गतिविधियों को निरंतर संचालित करने के लिए प्रयासरत रहते हैं और उनकी इच्छा है कि सभी सच्चे और अच्छे आर्य बनें। श्री सिन्हा ने कहा कि दोनों विभूति माननीय प्रधान जी आर्य रत्न पद्मश्री पूनम सूरी जी तथा निदेशक जेपी शूरजी हमेशा सत्कर्म, आदर्श वैदिक चेतना तथा निरंतर स्वाध्याय के लिए प्रेरित करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ही विभूतियां डीएवी को निरंतर प्रकाशित कर रहे हैं जिससे लाखों छात्र ज्ञान की गंगा में स्नान कर स्नातक हो चुके हैं। श्री सिन्हा ने कहा कि दोनों सफल मार्गदर्शन के कारण झारखंड के डीएवी नित अपना नाम रोशन करते चले जा रहे हैं। सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी ने कहा कि महात्मा हंसराज जी और महात्मा नारायण दास ग्रोवर जी के अधूरे कार्यों को हमें पूरा करना है और हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि डीएवी संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि देश पर जब भी कोई आपदा आती है तो डीएवी प्रधानमंत्री कोष में करोड़ों रुपए दान करता है। श्री सिन्हा ने डीएवी पब्लिक स्कूल्स पीएस एक के निदेशक डॉ जेपी शूर के बारे में बोलते हुए कहा कि उनका झारखंड पर सदा ध्यान रहता है और उन्होंने झारखंड के स्कूलों को विकसित करने के लिए हर संभव मदद देने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हम सबों को महात्मा हंसराज जी, महात्मा नारायण दास ग्रोवर युद्ध के मार्ग पर चलना चाहिए ।श्री सिन्हा ने कहा कि हम सब मिलकर कार्य करें तो झारखंड के विद्यालय पूरे देश में पहले नंबर पर गिने जा सकते हैं उन्होंने कहा कि हमें आर्य समाज का झंडा सदा ऊंचा बनाए रखना चाहिए। उल्लेखनीय है कि झारखंड के डीएवी स्कूलों में झारखंड जोन एफ ने पहली बार ऐसा भव्य आयोजन किया, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और प्राचार्य ने सम्मिलित रूप से एक ही परिसर में महात्मा हंसराज को याद किया। हवन कार्यक्रम में जिन स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों तथा बच्चों ने भाग लिया। उनमें प्रायोजक डीएवी कपिलदेव, डीएवी गांधीनगर, डीएवी पुंदाग, डीएवी नीरजा सहाय, डीएवी बारियातू, डीएवी बरही, डीएवी खूंटी, डीएवी बिष्टुपुर, डीएवी गिद्दी, डीएवी डाल्टनगंज और डीएवी चतरा शामिल है। मौके पर डीएवी झारखंड जोन एफ के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी तथा डीएवी कपिल देव के प्राचार्य एमके सिन्हा, डीएवी गांधीनगर के प्राचार्य एसके सिन्हा, डीएवी नीरजा सहाय के प्राचार्य टीके मिश्रा, डीएवी पुंदाग के प्राचार्य एसके मिश्रा, डीएवी गिद्दी के प्राचार्य आरके सिंह, डीएवी बरही के प्राचार्य एके सिंह, डीएवी खूंटी के प्राचार्य टीपी झा, मुख्य अतिथि नई दिल्ली सीएमसी के कोषाध्यक्ष नानक चंद जी, डीएवी डाल्टनगंज के प्राचार्य जीएम खान, एलएमसी चेयरमैन कपिल देव गिरि जी समेत अन्य लोग मौजूद थे। सभा का संचालन वरिष्ठ शिक्षक पीएन झा ने किया। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के मीडिया प्रभारी आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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