एबीएन सेंट्रल डेस्क। जानलेवा कोरोना वायरस के कारण हॉन्गकॉन्ग में स्थिति भयावह हो गई है। यहां रोजाना 20 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं और 250 से अधिक मौतें हो रही हैं। स्थिति यह हो गई है कि शवों को रेफ्रिजेरेटेड शिपिंग कंटेनरों में रखना पड़ रहा है क्योंकि यहां ताबूत खत्म हो गए हैं या बहुत मुश्किल से मिल रहे हैं। बढ़ते संकट को देखते हुए लोगों को घर में रहने की सलाह दी गई है। डराने वाली बत यह है कि यहां 97 फीसदी केस पांंचवीं लहर में आई है।हॉन्गकॉन्ग की आबादी के औसत से निकाला जाए तो यह माना जा सकता है कि भारत जितनी आबादी होने पर वहां मौजूदा हालात में हर रोज 35 लाख से ज्यादा पॉजिटिव केस आ रहे होते। हॉन्गकॉन्ग में संक्रमितों की कुल संख्या 10 लाख के पार : हॉन्गकॉन्ग के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को संक्रमण के 20,079 नए मामले सामने आए, जिसके बाद शुरू से लेकर अब तक कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10,16,944 हो गई है। हॉन्गकॉन्ग में कुल संक्रमितों में से 97 फीसदी मामले दिसंबर महीने में शुरू हुई इस लहर में सामने आए हैं। हॉन्गकॉन्ग में नौ फरवरी से अब तक करीब 5200 लोगों की कोविड-19 के कारण मौत हो चुकी है। हॉन्गकॉन्ग में अब तक कोविड-19 के कारण 5,401 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि चीन में महामारी के कारण 4,636 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग मरीज : हॉन्गकॉन्ग में कोरोना से मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग मरीज थे और ज्यादातर को पूरी तरह से टीका नहीं लगाया गया था। वास्तव में, हॉन्गकॉन्ग ने हाल के सप्ताहों में विश्व स्तर पर प्रति 10 लाख लोगों पर सबसे अधिक मौतें दर्ज की हैं। सिंगापुर की तुलना में 24 गुना अधिक - क्योंकि इसके अधिकांश बुजुर्ग नागरिक या तो आंशिक रूप से या पूरी तरह से असंबद्ध रहते हैं।
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