एबीएन डेस्क। जब भी सब्जी या कोई अन्य डिश बनाई जाती है तो अक्सर उसमें हींग का इस्तेमाल किया जाता है। हींग के इस्तेमाल से आपने खाने का स्वाद बढ़ जाता है और इसकी खुशबू लोगों को काफी पसंद आती है। आपको घरों में पाए जाने वाला हींग मिट्टी की तरह होता है, ऐसा लगता है कि जैसे किसी पत्थर को पीस कर पाउडर बनाया गया हो। वैसे कई घरों में पत्थर के टुकड़ों वाला हींग भी मिलता है, जिसमें काफी ज्यादा खुशबू होती है और हल्का सा हींग ही काफी होता है। हो सकता है आपको भी हर सब्जी में हींग पसंद हो, लेकिन कभी आपने सोचा है आपके खाने की वैल्यू बढ़ाने वाले हींग आखिर ये बनता कैसे है? ये कोई पौधे पर लगता है या पहाड़ों में मिलता है या फिर ये फैक्ट्री में तैयार होता है। अगर आपको इस सवाल का पता नहीं है तो आज हम आपको इस सवाल का जवाब देने वाले हैं कि आखिर हींग कैसे बनाया जाता है और आखिर ये इतना महंगा क्यों होता है। कैसे बनता है हींग : दरअसल, सब्जी में डलने वाला हींग एक पौधे के जरिए बनता है। जी हां, हींग का पौधा होता है और हींग के पौधे से पाउडर वाला हींग बनता है। दरअसल, हींग का पौधा सौंफ वाले पौधों की श्रेणी में आता है, जो करीब एक मीटर तक होता है। इसमें पीले रंग के फूल होते हैं, जो दूर से दिखने में सरसों के पौधे की तरह लगता है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये बनता कैसे है। बता दें कि हींग पौधे पर लगता नहीं है और ना ही इसके कोई फूल होते हैं। खाने वाला हींग इस पौधे की जड़ से बनता है, इसलिए कई लोग इसे गाजर, मूली के पौधे की श्रेणी में भी रखते हैं, क्योंकि यह जड़ से तैयार होता है। वैसे इस पौधे की जड़ हींग नहीं होती है। अब प्रोसेस के जरिए इस जड़ के माध्यम से खाने वाला हींग तैयार किया जाता है। पूरी दुनिया में हींग की करीब 130 किस्में हैं। बीज बोने के बाद चार से पांच साल बाद वास्तविक उपज होती है और एक पौधे से करीब आधा किलो हींग निकलता है और इसमें करीब चार साल लगते हैं। हींग इस पौधे के जड़ से निकाले गए रस से तैयार किया जाता है। एक बार जब जड़ों से रस निकाल लिया जाता है तब हींग बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। खाने लायक गोंद और स्टार्च को मिलाकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तैयार किया जाता है। इस तरह हींग बनता है। बता दें कि हींग दो तरह का होता है, काबुली सफेद और हींग लाल। सफेद हींग पानी में घुल जाता है जबकि लाल या काला हींग तेल में घुलता है। सफेद व पीला पानी में घुलनशील होता है जबकि गहरे व काले रंग वाला तेल में ही घुलता है, स्टार्च व गोंद मिला कर ईंट के रूप में बेचा जाता है। कहां पैदा होता है हींग : आपको ये जानकर हैरान होगी कि भारत के हर घर में इस्तेमाल होने वाले हींग की खेती भारत में ना के बराबर होती है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह हींग भारत के बाहर से ही मंगाया जाता है और भारत में इस्तेमाल होने वाला हींग ईरान, अफगानिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे देशों से मंगाया जाता है। अफगानिस्तान से काफी मात्रा में हींग आता है। भारत में भी अब हींग की खेती होने लगी है और यह खेती हिमाचल के कुछ पहाडी इलाकों में की जा रही है। क्यों होता है महंगा : हींग भारत में इसलिए महंगा होता है, क्योंकि एक तो इस भारत में पैदावार नहीं है और इसे विदेश से निर्यात करना पड़ता है। इसके अलावा इसे बनाने का प्रोसेस काफी लंबा है, क्योंकि 4 साल तक पौधे को उगाने के बाद इसकी जड़ से हींग प्राप्त होने लगता है। इस वजह से यह काफी महंगा होता है, लेकिन भारत में इसकी डिमांड काफी ज्यादा है।
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