टीम एबीएन, लोहरदगा। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद उरांव ने कहा प्रेस बयान जारी करते हुए कहा है कि हेमन्त सोरेन सरकार झारखण्ड में भाषा- संस्कृति पर अतिक्रमण कर रहा है। झारखण्ड के आदिवासियों-मूलवासियों हेमन्त सोरेन को झारखण्ड के बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए, माइन्स-मिनरल पर अधिकार दिलाने, ठेकेदारी में सरलीकरण करते हुए 1 रुपये में लाइसेन्स बनाकर काम दिलाने, जल- जंगल - जमीन की सुरक्षा के लिए लिए बड़ा जनादेश दिया। 2 साल बीत गया एक तरफ हेमन्त सरकार कोरोना का बहाना बनाती है और दूसरे तरफ हर जिले में जमीन की लूट हो रही है, जेपीएससी घोटाला हो रहा है, ट्रांसफर- पोस्टिंग की गोरख धंधा चल रहा है। अब तो हद ये हो गई की जिस हेमन्त सोरेन को झारखण्ड की अवाम ने भरोसा और विश्वास किया। वहीं आज झारखण्ड की भाषा-संस्कृति पर अतिक्रमण कर रही है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । अरविंद उरांव ने कहा है की झारखण्ड की माटी और भाषा-संस्कृति को हमलोगों को मिलकर बचाना है किसी भी सूरतेहाल में झारखण्ड में भोजपुरी, मगही, अंगिका, मैथिली जैसे बाहरी भाषाओं को झारखण्ड में मान्यता देना हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अरविंद उरांव सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि झारखण्डवासियों के हक एवं अधिकार के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम 13 फरवरी को सरना भवन, नगड़ा टोली रांची में होगा तथा झखरा कुंबा, वीर शिवाजी चौक लोहरदगा में 5 फरवरी 2022 , समय - 1 बजे सभी आदिवासी सामाजिक/ धार्मिक अगुवा गणों, युवा साथियों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में झारखण्ड की भाषा-संस्कृति पर हेमन्त सरकार द्वारा अतिक्रमण पर ठोस रणनीति बनाई जाएगी और सम्पूर्ण झारखण्ड में भयानक आन्दोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी ।
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