लोहरदगा : पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने की बाबा दुखन शाह की मजार पर चादरपोशी

 

  • पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने बाबा दुखन शाह के मजार पर चादरपोसी कर जिला के उन्नति और अमन चैन की कामना की 
  • सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक है उर्स का पवित्र त्यौहार : बलराम साहू 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता की महान विरासत को सजीव रूप प्रदान करते हुए पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने हजरत बाबा दुखन शाह (रह.) की पवित्र मजार पर आयोजित 101वें उर्स-ए-मुबारक के अवसर पर पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ अपने निवास स्थान से सैकड़ों समर्थकों के साथ चलकर बाबा दुखन शाह के मजार में चादरपोसी अर्पित की। 

इस अवसर पर उन्होंने जिले की उन्नति, सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे तथा अमन-चैन के लिए विशेष दुआ मांगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द का सशक्त संदेश भी देता नजर आया। उर्स के मौके पर मजार परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण की अद्भुत झलक देखने को मिली। 

दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर मत्था टेककर अपनी मन्नतें मांगीं और दुआओं में शामिल हुए। पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने इस अवसर पर कहा कि हजरत बाबा दुखन शाह (रह.) की शिक्षाएं मानवता, प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश देती हैं। उनकी दरगाह सदैव सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए आस्था का केंद्र रही है। 

उन्होंने कहा कि सूफी संतों की परंपरा हमें नफरत छोड़कर मोहब्बत अपनाने, भेदभाव मिटाकर एकता की राह पर चलने की प्रेरणा देती है। आज के समय में बाबा साहब की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं, जब समाज को आपसी सौहार्द और शांति की सर्वाधिक आवश्यकता है। 

बलराम साहू ने जिले के विकास को लेकर भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने दुआ मांगी कि लोहरदगा जिला शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करे तथा यहां का हर नागरिक सुख, शांति और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करे। उन्होंने कहा कि सामाजिक विकास तभी संभव है जब समाज में आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारा बना रहे। 

उर्स के अवसर पर मजार परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। कुरआनखानी, फातिहाखानी और विशेष दुआओं के साथ-साथ लंगर का भी आयोजन हुआ, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने समान रूप से भाग लिया। यह दृश्य सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत करता नजर आया। आयोजन स्थल पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 

उर्स का यह आयोजन एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि लोहरदगा की धरती धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक एकता की सशक्त पहचान रखती है। हजरत बाबा दुखन शाह (रह.) की मजार न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता, प्रेम और मानवता का जीवंत प्रतीक भी है। 101वें उर्स के इस पावन अवसर पर उठी दुआएं निश्चित ही जिले में शांति, सद्भाव और समृद्धि का संदेश लेकर आएंगी।

मौके पर लोहरदगा थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर, रुद्र कुमार, शंभू साहू, चंदन साहू, संजय प्रसाद, निश्चय वर्मा, रितेश कुमार, अमित वर्मा,जितेंद्र महतो, अवधेश पाठक, रोबिल कुमार, रवि वर्मा, असगर अंसारी, इमरोज अंसारी, अतुल कुमार गणपत, रामजतन साहू, शुभम कुमार, नीतेश वर्मा, अनुराग वर्मा, सतीश उरांव, टिंकू कुमार, कुंदन कुमार, सत्यप्रकाश साहू,दीपक अग्रवाल, सचिन कुमार, जावेद अंसारी, वासी अहमद, कलीम खलीफा, हसरत अंसारी, जमील खलीफा एवं सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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