रांची : लापता बच्चों के परिजनों से मिलीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी

 

टीम एबीएन, रांची। रांची के धुर्वा से लापता बच्चों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी धुर्वा स्थित लापता बच्चों के आवास पर पहुंचीं और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और उनकी पीड़ा को गंभीरता से सुना। 

बातचीत के दौरान बच्चों की मां भावुक हो उठीं और अपने बच्चों की जल्द व सकुशल बरामदगी की गुहार लगायी। इस दौरान माहौल बेहद संवेदनशील हो गया, जिसे देखते हुए मंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। 

केंद्रीय मंत्री ने मौके पर ही झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने न केवल स्थिति की जानकारी ली, बल्कि लापता बच्चों की मां और परिजनों की भी सीधे डीजीपी से बात करवायी, ताकि उनकी आवाज शीर्ष स्तर तक पहुंचे और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। 

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि संबंधित प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लगातार समन्वय बनाकर बच्चों की जल्द से जल्द तलाश और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जायेगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाये जायेंगे। 

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि घटना के पहले 24 घंटे में स्थानीय पुलिस ने गंभीरता और तत्परता दिखाई होती तो शायद आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने दो टूक कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। 

मंत्री ने यह भी कहा कि जिस स्थान पर यह घटना हुई है, वहां से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर राज्य का पुलिस मुख्यालय स्थित है। इसके अलावा राज्य के सभी मंत्री और मुख्यमंत्री भी चंद मिनटों की दूरी पर कार्य करते हैं। इसके बावजूद राजधानी में इतनी गंभीर घटना हो जाना और लंबे समय तक किसी ठोस कार्रवाई का न होना, राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। 

मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और बच्चों की शीघ्र बरामदगी की मांग की। लोगों का कहना था कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

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