एबीएन सेंट्रल डेस्क (बेतूल)। सतलोक आश्रम उड़दन, बैतूल में संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में मंगलवार से शुरू हुए तीन दिवसीय महाविशाल दिव्य धर्म यज्ञ दिवस में लाखों लोग उमड़ रहे है व नि:शुल्क भंडारा प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कबीर साहेब जी द्वारा काशी (उ. प्र.) में 18 लाख साधु संतों को दिये गये अटूट भंडारे के उपलक्ष्य में जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार यह समागम मनाया जा रहा है।
चूंकि संत रामपाल जी महाराज समाज सुधार के कार्यों में हमेशा अग्रसर रहते है इसी कड़ी में सतलोक आश्रम उड़दन में समागम के दूसरे दिन 25 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह बड़े ही सादगीपूर्ण तरीके से कराया गया जिसमें किसी प्रकार का कोई आडंबर व पाखंड नहीं किया गया बल्कि मात्र 17 मिनिट में गुरुवाणी से पूर्ण परमात्मा की स्तुति से विवाह संपन्न हो गया, इसी के साथ संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने गरीब असहाय व घायल पुलिस कर्मियों के लिए जिला चिकित्सालय बैतूल की टीम को 273 यूनिट रक्तदान कर मानवता की मिशाल पेश की।
इस महाविशाल समागम में लाखों की तादाद में भक्तगण हिस्सा ले रहे है जिनका सेवा भाव देखते ही बनता है जो दिन रात अपनी सेवाओं में बिना थके लगे रहते हैं। समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध देशी घी से निर्मित लड्डू, जलेबी, हलवा, सब्जी, पूड़ी, दाल, चावल के साथ आचार सलाद की प्रसादी चौबीसों घंटे लगातार चल रही है। आश्रम में लगाई गई दिव्य धर्म यज्ञ दिवस की आध्यात्मिक प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
संत गरीबदास जी महाराज द्वारा लिखित अमर ग्रंथ साहेब की वाणी के अखंड पाठ का कल समापन होगा। सेवादारों ने बताया कि पूर्ण संत के सान्निध्य में अमर ग्रन्थ साहिब की वाणी का श्रवण करने से मन,चित्त व आत्मा के साथ वातावरण भी शुद्ध होता है और हमारे पापों का नाश होता है और वर्तमान में वो पूर्ण संत केवल जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ही है जिनके सानिध्य में दिव्य धर्म यज्ञ दिवस के उपलक्ष्य में पुरे विश्व को खुला निमंत्रण देकर महाविशाल भंडारे का आयोजन हो रहा है।
3075 लोगो में देहदान का संकल्प फार्म भरकर संत रामपाल जी महाराज जी के समाज सुधार के कार्यों में अपना योगदान दिया। आश्रम में धार्मिक सदग्रंथो से प्रमाण देखकर व संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से प्रभावित होकर 2133 लोगो ने नि:शुल्क नामदीक्षा लेकर समस्त बुराइयों को छोड़ने का संकल्प लिया। समागम से वापस घर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भंडारा प्रसाद के पैकेट भी वितरित किये गये।
कार्यक्रम में आये श्रद्धालुओं ने बताया कि ऐसे महाविशाल कार्यक्रम पूर्ण परमात्मा ही करवा सकते है, अमरवाणी को सुनने मात्र से ही हमारे पापकर्मों का नाश हो जाता है और ये भंडारा साधारण नही पापनाशक भंडारा है। गुरुवार 6 नवंबर को इस महाविशाल समागम का भोग की वाणी के साथ समापन होगा।
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