टीम एबीएन, रांची। झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ हेमंत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बीते 10 महीने में राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच 11 मुठभेड़ (एनकाउंटर) की घटनाएं हुई है।
इन कार्रवाइयों में पुलिस की गोली लगने से पांच बड़े और कुख्यात अपराधी मारे गए हैं। जबकि सात अन्य घायल हुए हैं। मारे जाने वालों में अमन साहू, उत्तम यादव और राहुल तूरी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले रांची पुलिस ने सर्वाधिक छह मुठभेड़ों को अंजाम दिया है। झारखंड के नौ जिलों रांची, हजारीबाग, पलामू, रामगढ़, चतरा, लातेहार, गढ़वा, धनबाद और जमशेदपुर में 10 प्रमुख आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें कुल 633 अपराधी शामिल हैं।
संगठित अपराध राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि, झारखंड एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड) की हाल के महीनों में की गई ठोस और नियोजित कार्रवाइयों से संगठित अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है।
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