दलित परिवार ने कुबूला इस्लाम! चेतराम बने इकराम और रेखा बन गयी रूखसार

 

नूंह में धर्मांतरण का मामला: हिंदू परिवार के इस्लाम अपनाने की खबर से हंगामा, पुलिस जांच में जुटी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क (नूंह, हरियाणा)। हरियाणा के नूंह जिले के मरोड़ा गांव में एक अनुसूचित जाति (एससी) के हिंदू परिवार द्वारा इस्लाम अपनाने का मामला मीडिया की सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परिवार के मुखिया चेतराम (45) अब मोहम्मद इकराम के नाम से जाने जाते हैं, उनकी पत्नी रेखा (39) अब रुखसार बन चुकी हैं, और उनके तीन बच्चों—शिवम (21), सोनम (18), और अरुण (8)—के नाम भी बदलकर क्रमश: मोहम्मद माहिर, शबनम और रेहान हो गये हैं। इस घटना ने स्थानीय हिंदू संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया है, और परिवार के परिजनों ने लालच व दबाव के जरिए जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया है। 

पुलिस में शिकायत और हिंदू संगठनों का हंगामा 

रिपोर्ट के मुताबिक चेतराम के छोटे भाई सतबीर ने नगीना थाने में शिकायत दर्ज करायी, जिसमें अटेरना गांव के शाहिद और राजाका गांव के सिराजुद्दीन पर लालच व दबाव देकर धर्मांतरण का आरोप लगाया गया है। सतबीर के अनुसार, 25 अगस्त को चेतराम का परिवार बिना बताये घर से गायब हो गया था। इसके बाद 26 अगस्त को चेतराम ने अपने साले को वॉट्सऐप के जरिए नोटरी सत्यापित शपथ पत्र भेजा, जिसमें इस्लाम अपनाने की बात कही थी। इस खबर के बाद हिंदू संगठनों ने नगीना थाने में जमकर हंगामा किया, जिसके चलते पुलिस ने चेतराम के परिवार को सुरक्षा में लिया। 

परिवार का बयान: स्वेच्छा से अपनाया इस्लाम 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने चेतराम और उनकी पत्नी के बयान नूंह कोर्ट में दर्ज कराये, जहां उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से बिना किसी दबाव या लालच के इस्लाम अपनाया है। परिवार ने यह भी कहा कि वे अपने पिछले धर्म और रिश्तेदारों से कोई संबंध नहीं रखेंगे। कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद से परिवार भूमिगत हो गया है, और उनका ठिकाना अज्ञात है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में चेतराम और रेखा ने दोहराया कि उन्होंने स्वेच्छा से इस्लाम अपनाया है और उसी में रहेंगे। इन वीडियो की उत्पत्ति और प्रामाणिकता की जांच अभी जारी है। 

हिंदू संगठनों का विरोध और पंचायत 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मामले के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने नूंह में पंचायत का आयोजन किया, जिसमें विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। पंचायत में आरोप लगाया गया कि नूंह में सुनियोजित तरीके से गरीब और कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। संगठनों ने 31 अगस्त को महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। हिंदू समाज की एक कमेटी ने मंगलवार को डीसी अखिल पिलानी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला किया है। 

पुलिस कार्रवाई और कानूनी स्थिति 

नगीना पुलिस ने सतबीर की शिकायत पर शाहिद और सिराजुद्दीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (इठर) की धारा 127(6) के तहत केस दर्ज किया है, जो गलत तरीके से कारावास से संबंधित है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, चेतराम का परिवार नगीना के बड़कली चौक के पास शाहिद की जमीन पर बने एक नये मकान में रह रहा था, जिसका निर्माण चेतराम ने ही किया था। 

गांव की स्थिति और पृष्ठभूमि 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मरोड़ा गांव, जहां यह घटना हुई, मुस्लिम बाहुल्य है और यहां करीब 6,000 की आबादी में केवल 200 हिंदू वोटर हैं। इनमें 15 परिवार अनुसूचित जाति के हैं, जिनमें चेतराम का परिवार शामिल है। चेतराम पिछले छह साल से अटेरना गांव में शाहिद के घर निर्माण कार्य करता था। परिजनों के अनुसार, चेतराम ने हाल के महीनों में हिंदू त्योहार मनाना बंद कर दिया था और दाढ़ी बढ़ाने लगा था, जिसे शुरू में परिवार ने नजरअंदाज किया।

जांच और विवाद जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हिंदू संगठन इसे सुनियोजित साजिश करार दे रहे हैं, जबकि चेतराम के बयान और वायरल वीडियो स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन की बात कहते हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। नूंह में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं।

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