टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर सदन के बीच में खूब हंगामा और नारेबाजी किया जिसके कारण प्रश्न काल नहीं हो पाया। गोड्डा में सामाजिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की मुठभेड़ में मौत और संविधान के 130वें संशोधन के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने जमकर नारेबाजी की।
भाजपा के सदस्य पंपलेट लेकर सदन के बीच में पहुंचे और रिम्स टू वायस लो का नारा लगाने लगे। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहली बार दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी गई। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपनी-अपनी मांगों को लेकर वेल में पहुंच गये और हंगामा करने लगे।
स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने प्रश्नकाल चलाने का आग्रह किया, पर शोर-शराबे में उनकी आवाज दब गई। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक के लिए रोक दी।
सदन की बैठक जब दोबारा शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक का झारखंड में एकीकृत वित्तीय प्रणाली पर प्रतिवेदन (झारखंड सरकार वर्ष 20 25 का प्रतिवेदन संख्या एक) 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वर्ष की राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन एवं भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक का मार्च 2023 को समाप्त हुए अवधि के लिए प्रतिवेदन, झारखंड सरकार वर्ष 25 का प्रतिवेदन संख्या तीन (निष्पादन एवं अनुपालन लेखा परीक्षा सिविल) को सदन पटल पर रखा।
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने अनुपूरक बजट में सम्मिलित अनुदान मांग रखा। बाद में भाजपा के सत्येंद्र तिवारी ने कटौती का प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कारर्वाई भोजन अवकाश के लिए 2:00 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी। भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर धरना देते हुए राज्य में कानून व्यवस्था खराब होने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गोड्डा में चार बार चुनाव लड़ चुके सूर्या हांसदा को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार डाला।
सरकार इस मामले को दबाने में जुटी है। पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों ने सदन के बाहर 130वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तानाशाही बंद करो और वोट चोरी करना बंद करो जैसे नारे लगाए। विपक्ष ने रांची के नगड़ी में रिम्स-टू के लिए किसानों की जमीन जबरन छीनने का आरोप भी लगाया और वेल में पोस्टर फाड़कर फेंके।
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