सिर्फ सुरक्षा ही नहीं कई भूमिका निभा रहा आरपीएफ, 2021 में 25 बालक बालिकाओं को बरामद कर चाइल्डलाइन को सौंपा

 

कोडरमा। खाकी वर्दी पहनने वाले आरपीएफ यात्रियों को सिर्फ सुरक्षा देने का कार्य ही नहीं कर रहे, बल्कि बाल मित्रों की भूमिका भी बखूबी निभा रहे है। पिछले 3 वर्षों में खाकी का अर्थ बहुत हद तक बदला-बदला सा देखने को मिला है। जिससे उनकी विश्वसनीयता में काफी इजाफा हुआ है। जहां अकेली महिला और बालिकाओं को रेलवे सफर के दौरान अपने गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाने में आरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका मेरी सहेली के अंतर्गत निभा रही है। धनबाद रेल मंडल के आरपीएफ कमांडेंट हेमंत कुमार ने बताया कि धनबाद रेल मंडल के धनबाद कोडरमा के रास्ते होकर चलने वाली ट्रेनों में यदि कोई महिला और युवती सफर कर रही हो और उन्हें समस्या आ रही हो तो वह तत्काल आरपीएफ के टोल फ्री नंबर या किसी भी पोस्ट में सूचना दें। उन्हें शुरुआत के स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक मेरी सहेली के तहत सुरक्षा दी जा रही है। वही बीते वर्ष 2021 में रेलवे सुरक्षा बल ने सुरक्षित व सुखद यात्रा को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। यही नहीं समय-समय पर नशा खुरानी गिरोह के अलावे शराब तस्करी करने वाले को भी नहीं बख्शा। यही कारण है कि कोडरमा के बाद बिहार की सीमा प्रारंभ होती है और यहां से ट्रेनों के माध्यम से शराब की तस्करी जोरों पर होती है। गत वर्ष 571 अंग्रेजी बोतल एवं 1059 लीटर देसी शराब बरामद किया गया, साथ ही संलिप्त 15 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई कोडरमा उत्पाद विभाग को जब्त शराब सुपुर्द किया गया। जब्त किए शराब की कीमत 334218 आंकी गई। वह 1 वर्ष के दौरान कोडरमा स्टेशन से 25 लड़के एवं लड़कियों को रेस्क्यू करते हुए बरामद कर चाइल्डलाइन को सौंपा गया। यही नहीं आरपीएफ की महिला कर्मियों द्वारा सफर कर रही गर्भवती महिलाओं को सफर के दौरान प्रसव पीड़ा होने के पर उन्हें अविलंब अस्पताल पहुंचाया गया जहां सुरक्षित बच्चे का जन्म हो सका। तस्करी में ले जा रहे 118 जीवित कछुए को छापामारी के दौरान बरामद कर उन्हें वन विभाग को सौंपने की कार्यवाही आरपीएफ कोडरमा ने की। जब्त कछुए की कीमत दो लाख 53 हजार बताई जाती है। वहीं ट्रेनों एवं प्लेटफार्म पर लोगों को यह शिकायत पर अमल करते हुए 52 लगेज, मोबाइल, लैपटॉप सहित अन्य सामग्री को संबंधित यात्री तक पहुंचाने का कार्य भी किया गया। कोडरमा आरपीएफ ने सीसीटीवी कैमरा एवं गस्ती एवं छापेमारी के दौरान मादक पदार्थ गांजा 94.31 किलोग्राम के साथ दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था जिसकी कीमत 9.5 लाख आंकी गई है। धनबाद रेल मंडल के कोडरमा और हजारीबाग में पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से गांजा बरामदगी का मामला दो बार हो चुका है। वही आरपीएफ द्वारा सुरक्षा और संरक्षा के लिए कई अभियान भी चलाए जा रहे हैं। 1122 लोगों से विभिन्न मामलों में 5 लाख 69 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। आरपीएफ ने वाणिज्य विभाग के साथ कोडरमा स्टेशन एवं विभिन्न ट्रेनों में चेन पुलिंग करने, बिना टिकट यात्रा करने, महिला एवं दिव्यांग बोगी में सामान्य लोगों के सफर करने, पायदान पर बैठकर सफर करने वाले तथा सिगरेट पीने के जुर्म में कुल 1122 लोगों को विभिन्न धाराओं के अंतर्गत पकड़ा गया और इन्हें धनबाद तथा गया रेल न्यायालय भेजा गया। बिना बिना टिकट यात्रा एवं अन्य मामलों में यात्रा कर रहे लोगों को यात्रियों को जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया। वही 5 लोग पूरे साल में जेल भेजे गए। इससे रेलवे को जुर्माना के रूप में 5 लाख 69 हजार 5 सौ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। आरपीएफ के कोडरमा निरीक्षक प्रभारी जवाहरलाल ने बताया कि सुरक्षा व संरक्षण के साथ-साथ एक मित्र के रुप में जवान काम कर रहे हैं। रेल आईजी सर्वप्रिय मयंक एवं सीनियर कमांडेंट हेमंत कुमार के निर्देश पर बीते वर्ष अपराधिक घटनाओं के रोकथाम के लिए रेलवे में विशेष रूप से कार्य किया गया। वहीं नए वर्ष 2022 में आरपीएफ का सुरक्षित यात्रा सुखद यात्रा अभियान अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कोविड-19 के नियम कानून का पालन करने सामाजिक दूरी, मास्क लगाने, समय-समय पर सेनीटाइजर का उपयोग करने का भी आह्वान किया।

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