बाल विवाह की रोकथाम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : डीडीसी

 

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर कार्यक्रम आयोजित 

बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण के लिए दिलाई गयी शपथ 

बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, बाल विवाह, नशा मुक्ति, साइबर अपराध पर किया गया मंथन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह, स्कूलों में बच्चियों का ड्राप आउट आदि विषयों पर काफी दिनों से चर्चा हो रही है। बाल विवाह एवं स्कूलों से बच्चियों का ड्राप आउट होना काफी चिंताजनक है। ड्राप आउट होने का अर्थ है कि हमसभी बच्चियों को प्रोत्साहित नहीं कर पाते हैं। 

इसकी रोकथाम समाज के सभी लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह की रोकथाम में सभी की सहयोग आवश्यक है। उन्होंने सभी से उम्मीद जताया कि कार्यक्रम के तहत हुए विचार विमर्श का समाज पर सकारात्मक परिणाम आए। उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के वार्षिक कार्य योजना के अनुसार आज समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के अंतर्गत बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह, नशा की रोकथाम पर मंथन किया गया। साथ ही साईबर अपराध से समाज को सावधान रहने हेतु जागरूक करने के बिंदु पर विचार-विमर्श किया गया।  

उन्होंने कुपोषण के चक्र को तोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियां आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर सकती हैं। समाज में संतुलन बनाये रखते हुए बेटियों को सुरक्षित माहौल देना आवश्यक है। उप विकास आयुक्त ने सभी को बाल विवाह मुक्त भारत के लिए शपथ दिलाई। सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीना ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, साइबर अपराध से सावधानी तथा बाल विवाह एवं नशा की रोकथाम विषय पर जानकारी दी।  

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर कार्य चल रहा है। समाज को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। इसमें सभी की सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा बाल विवाह की रोकथाम पर बल देते हुए कहा कि इस वर्ष बाल विवाह के 13 मामले आए थे, जिसे समय पर रोके जाने मे सफलता मिली है। 

उन्होंने धार्मिक स्थलों पर हो रहे शादी के दौरान उम्र संबंधी प्रमाण पत्र लिया जाए, ताकि निर्धारित आयुवर्ग से कम आयु की स्थिति में अर्थात बाल विवाह को रोकने में मदद मिले। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साइबर थाना प्रभारी/साइबर विशेषज्ञ विश्राम उरांव साइबर अपराध से सावधान रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता ही इसका बचाव है। 

कार्यक्रम में राज्य स्तर से अधिकृत नोडल पदाधिकारी शालिनी बोराल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के तहत मंदिर/ मस्जिद/ गुरुद्वारा/ गिरजाघर एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर बाल विवाह न होने के संबंध में स्वघोषणा पत्र, विवाह संबंधित पंजी का संधारण करने, सामुदायिक भवन/ मैरेज हॉल/ विवाह भवन, कैटरर, विवाह कार्ड प्रिंटिंग प्रेस, बैंड पार्टी द्वारा बाल विवाह में अपनी सेवाएं नहीं देने हेतु स्वघोषणा पत्र एवं पंजी हेतु प्रपत्र प्रदान करते हुए इसके संबंध में वृहद जानकारी दी गई।  

कार्यक्रम में गुरूद्वारा समिति के ग्रंथी अवतार सिंह, शहर काजी शाह रजी अहमद एवं पांकी रामजानकी मंदिर के पुजारी राहुल कुमार पाठक ने अपने सुझाव दिए। मौके पर विभिन्न धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधिगणों ने अपने-अपने विचारों एवं अनुभवों को साझा किया।कार्यक्रम में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, साइबर विशेषज्ञ सहित विभिन्न समाजसेवी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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