टीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा अपर बाजार स्थित बैंक ऑफ़ इंडिया लोहरदगा मुख्य शाखा आरबीआई के नियम से नहीं यहां तैनात बैंकर्स के मनमौजी से चलता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने जब से दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी की घोषणा की है, तब से बैंकों में लंच का समय निश्चित नहीं है। अगर एक कर्मचारी लंच करता है, तो उसके स्थान पर दूसरे कर्मचारी को कम करना है, ताकि आम खाताधारी और ग्राहकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बावजूद लोहरदगा बैंक ऑफ़ इंडिया में दोपहर बजे सभी सामूहिक लंच पर बैठ जाते हैं। बैंकर्स द्वारा ग्राहकों को वापस भेज दिया जाता है। अगर कोई इसका प्रतिकार करता है, तो उसे वहां तैनात होमगार्ड के जवानों को बुलाकर बाहर निकलना का आदेश दिया जाता है। इससे आम खाताधारी को खुद के पैसे निकालने अथवा जमा करने के लिए जिल्लत का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को बैंक खाता धारी विनय कुमार और उसके पिताजी के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। यही नहीं मौके पर मौजूद सुमित्रा देवी के पुत्र ने बताया कि उनके वृद्धा पेंशन से जुड़े समस्या को पिछले 10 महीने से लटका कर रखा गया है। थाना टोली की माला कुमारी निशक्त है। बैंक में रैंप नहीं है जबकि बैंक शाखा ग्राउंड फ्लोर में उन्हें तीन चार बार लौटा दिया गया है। वह अपने खाते के निशक्त पेंशन को लेने के लिए गई थी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों के लंच समय के लिए कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया है। बैंक कर्मचारियों को अपने लंच ब्रेक को इस तरह से व्यवस्थित करना हैं ,कि ग्राहकों को सेवाएं मिलती रहें। आमतौर पर, दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच, कर्मचारी रोटेशन में लंच करते हैं, ताकि बैंक का काम बाधित न हो।
मैनेजर के चेंबर में ग्राहकों को काम के बैठने की भी इजाजत नहीं है, वह पुलिस को बुलाकर बाहर निकलना का आदेश देते हैं। बैंक का नियम है की बैंक खाताधारी से व्यवहार के ऊपर ही चलता है। बैंक में जो लेन देन होते हैं उसी के आधार पर बैंक का विकास होता है। बैंकर्स को वेतन मिलते हैं। लोहरदगा में जिस तरह का व्यवहार बैंकर्स के द्वारा इस शाखा में किया जा रहा है। उसे अधिकांश ग्राहक क्षुब्ध हैं।
मंजूरमती हाई स्कूल प्रबंधन के साथ भी बैंकर्स के द्वारा इसी तरह का गलत व्यवहार किया गया था। इस वजह से यहां से स्कूल और उनके व्यक्तिगत खातों को भी दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर लिया गया है। इससे साफ है, कि बैंक में ग्राहकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार नहीं किया जा रहा है?
मंगलवार को लोहरदगा बरवाटोली की एक विधवा महिला अपनी बेटी के साथ मंगलवार को बैंक शाखा पहुंची थी, उनके साथ भी गलत व्यवहार किया गया। हाल ही में उनके पति का दुर्घटना में निधन हो गया था। इस तरह के व्यवहार से महिला भी काफी नाराज दिखी, अगर कोई खाता धारी अपनी मांगों को तरीके से रखते हैं, तो सभी बैंकर्स एक साथ उन पर टूट पड़ते हैं।
बात-बात में पुलिस की धमकी दी जाती है। कई बैंकों में पुलिस तैनात रहते हैं, वह बैंक के काम करने लगते हैं, यह भी नियम विरुद्ध है। उनका काम सुरक्षा का है, न की स्लिप देने का? पर यह सब काम बैंक ऑफ़ इंडिया लोहरदगा किस शाखा में हो रहा है। इस बाबत एलडीएम से शिकायत करने पर उन्होंने कहा कि किसी के साथ दुर्व्यवहार करना कतई उचित नहीं है। ग्राहक बैंक के ऊर्जा होते हैं।
फोटो संकेत : लोहरदगा बैंक ऑफ़ इंडिया मुख्य शाखा में मंगलवार को दोपहर दो बजे तमाम कर्मचारियों के एक साथ लंच पर चले जाने के कारण जमा और निकासी काउंटर में प्रतीक्षा करता खाताधारी और अपनी समस्या को लेकर आई महिला इंतजार करतीं।
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